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सीतापुर में 35 लाख की अफीम बरामद, कोयले से लदे ट्रक में छिपाकर ले जा रहा था तस्कर; पंजाब का आरोपी गिरफ्तार! सीतापुर में 35 लाख रुपये की अफीम बरामद, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार। बिहार से पंजाब ले जाई जा रही थी 6 किलो 240 ग्राम अवैध अफीम। कोयले से लदे टाटा ट्रक के केबिन में बने गुप्त स्थान से बरामद हुई अफीम। खैराबाद थाना पुलिस और सहारनपुर ANTF की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंजाब के मोहाली निवासी 46 वर्षीय गुरदीप सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने ट्रक, 2 स्मार्टफोन और 2,300 रुपये नकद भी किए बरामद। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
Alok yadav
सीतापुर में 35 लाख की अफीम बरामद, कोयले से लदे ट्रक में छिपाकर ले जा रहा था तस्कर; पंजाब का आरोपी गिरफ्तार! सीतापुर में 35 लाख रुपये की अफीम बरामद, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार। बिहार से पंजाब ले जाई जा रही थी 6 किलो 240 ग्राम अवैध अफीम। कोयले से लदे टाटा ट्रक के केबिन में बने गुप्त स्थान से बरामद हुई अफीम। खैराबाद थाना पुलिस और सहारनपुर ANTF की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंजाब के मोहाली निवासी 46 वर्षीय गुरदीप सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने ट्रक, 2 स्मार्टफोन और 2,300 रुपये नकद भी किए बरामद। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
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- छंटनी के बाद बहाली में देरी से भड़के संविदा बिजली कर्मचारी, मुख्य अभियंता कार्यालय पर दिया धरना छंटनी के बाद बहाली में देरी से भड़के संविदा बिजली कर्मचारी, मुख्य अभियंता कार्यालय पर दिया धरना 14 से 18 घंटे तक काम कराने और ईएसआई कार्ड न मिलने का उठाया मुद्दा, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी संवाददाता,, नरेश गुप्ता सीतापुर। संविदा बिजली कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने विभागीय व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए छंटनी के बाद अब तक बहाली न होने, लंबे समय तक ड्यूटी कराने और ईएसआई कार्ड उपलब्ध न कराए जाने सहित कई गंभीर मुद्दे उठाए। धरने पर मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि छंटनी के चलते बिजली विभाग में कर्मचारियों की संख्या कम हो गई है। इसका अतिरिक्त दबाव कार्यरत संविदाकर्मियों पर पड़ रहा है। आरोप है कि उनसे लगातार 14 से 18 घंटे तक ड्यूटी कराई जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कर्मचारियों ने ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराने, हटाए गए कर्मचारियों की जल्द बहाली, निर्धारित कार्य अवधि लागू करने और श्रम कानूनों के अनुरूप सुविधाएं देने की मांग की। उनका कहना है कि बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में संविदा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। गौरतलब है कि सीतापुर में संविदा बिजली कर्मचारी पहले भी छंटनी, वेतन में असमानता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के विरोध में आंदोलन कर चुके हैं। मई 2025 में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने लगातार धरना दिया था। वहीं जून 2026 में भी कर्मचारी संघ ने मांगें पूरी न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। Sitapur News +1 धरना दे रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों से समस्याओं का शीघ्र समाधान कर सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और सुरक्षा सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की।1
- गड़वाखेड़ा में फिर दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत वन विभाग की निष्क्रियता पर उठे सवाल, आखिर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार क्यों? पीलीभीत जिले में थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांव गड़वाखेड़ा में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी सामने आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लगातार तेंदुए के दिखाई देने की घटनाओं से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण आशंकित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बार-बार तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाएं मिलने के बावजूद वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। तेंदुए की मौजूदगी के चलते लोग घरों से बाहर निकलने में भी भय महसूस कर रहे हैं। शाम होते ही ग्रामीणों में अनहोनी की आशंका बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कब तक उन्हें डर के साये में जीवन गुजारना पड़ेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे? ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में तत्काल वन विभाग की टीम तैनात कर नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं, जिससे किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अब ग्रामीणों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी कार्रवाई का इंतजार है। ऐसे में वन विभाग और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।2
- लखीमपुर खीरी मैलानी भीरा हाईवे पार कर किशनपुर अभ्यारण्य मैलानी रेंज के मडहा जंगल पहुंचे दो टस्कर हाथी लखीमपुर खीरी मैलानी भीरा हाईवे पार कर किशनपुर अभ्यारण्य मैलानी रेंज के मडहा जंगल पहुंचे दो टस्कर हाथी1
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- नेपाल के माउंट एवरेस्ट क्षेत्र में बड़ा हादसा, लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकराए, एक यात्री की मौत नेपाल के माउंट एवरेस्ट क्षेत्र से एक दुखद हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह नेपाल के सोलुखुम्बू जिले के बर्फीले इलाके में लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। इस हादसे में एक यात्री की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब दोनों हेलीकॉप्टर लैंडिंग की प्रक्रिया में थे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे को लेकर विस्तृत जानकारी और अन्य संभावित हताहतों का ब्योरा सामने आने का इंतजार है। #Nepal #HelicopterAccident #MountEverest #BreakingNews #Solukhumbu1
- जमीन पर बाउंड्रीवाल बनाने को लेकर लालकुर्ती में हंगामा, सड़क पर उतरे सैकड़ों मोहल्लेवासी जमीन पर बाउंड्रीवाल बनाने को लेकर लालकुर्ती में हंगामा, सड़क पर उतरे सैकड़ों मोहल्लेवासी 50 साल पुराने रास्ते को बंद किए जाने का आरोप, पीएसी की कार्रवाई का किया विरोध; एसडीएम ने मंगलवार को पैमाइश कराने का दिया आश्वासन संवाददाता,, नरेश गुप्ता सीतापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के लालकुर्ती मोहल्ले में सोमवार देर रात करीब 10:30 बजे जमीन विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। खाली पड़ी जमीन पर 11वीं वाहिनी पीएसी की ओर से बाउंड्रीवाल बनाने और पिलर गाड़कर कंटीले तार लगाने की कार्रवाई शुरू किए जाने पर मोहल्लेवासियों ने विरोध जताया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए और पीएसी की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि प्रस्तावित बाउंड्रीवाल बनने से उनका करीब 50 साल पुराना आवागमन का रास्ता बंद हो जाएगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस रास्ते की चौड़ाई करीब 15 से 20 फीट है और इसका इस्तेमाल मोहल्ले के लोग पांच दशक से अधिक समय से करते आ रहे हैं। जमीन पर दावा नहीं, सिर्फ रास्ता छोड़ने की मांग प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि उन्हें विवादित जमीन के मालिकाना हक से कोई लेना-देना नहीं है। जमीन नगरपालिका की हो या पीएसी की, उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उनकी एकमात्र मांग है कि बाउंड्रीवाल निर्माण के दौरान मोहल्लेवासियों के आवागमन के लिए वर्षों पुराने रास्ते को सुरक्षित रखा जाए। पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारी, डेढ़ घंटे तक चली बातचीत हंगामे की सूचना पर एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन, सीओ और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे तक चली बातचीत के बाद एसडीएम ने मोहल्लेवासियों और पीएसी कर्मियों को आश्वस्त किया कि मंगलवार सुबह जमीन की पैमाइश कराई जाएगी। इसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद मोहल्लेवासी शांत हुए और मौके से लौट गए। सभासद बोलीं- पीएसी अपनी जमीन पर बनाए बाउंड्रीवाल, लेकिन रास्ता न हो बंद स्थानीय सभासद कुसुम लता ने कहा कि मोहल्ले के लोग जमीन पर कब्जा नहीं करना चाहते हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि वर्षों से इस्तेमाल हो रहे रास्ते को बंद न किया जाए। पीएसी अपनी जमीन पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराए, लेकिन मोहल्लेवासियों के आवागमन के लिए रास्ता जरूर छोड़ा जाए।1