यह योजनाएं घर-घर तक पहुंचे लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो राज्य मंत्री श्री पटेल आगामी तीन वर्षों में दुग्ध उत्पादन 50 लाख लीटर प्रति दिन तक ले जाने का लक्ष्य ग्राम रमगढ़ा में दुग्ध उत्पादन निर्माण इकाई का हुआ शुभारंभ रमगढ़ा में दुग्ध प्रसंस्करण इकाई का भव्य शुभारंभ: राज्य मंत्री लखन पटेल ने किया उद्घाटन पटेरा । ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन की दिशा में गुरुवार को पटेरा तहसील के ग्राम रमगढ़ा में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा। मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं अध्यक्षता में नवीन दुग्ध उप-उत्पाद निर्माण इकाई (पनीर, घी एवं खोया) का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बजरंग महिला दुग्ध उत्पादन समूह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री लखन पटेल ने कहा कि आने वाले समय में यह इकाई क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं की तकदीर बदलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दूध के सीधे विक्रय की तुलना में पनीर, घी और खोया जैसे उप-उत्पाद बनाने से पशुपालकों की आय में दो गुनी वृद्धि होगी। यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साझा प्रयासों से समृद्धि इस परियोजना में प्रदान संस्था, आजीविका मिशन तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग का विशेष तकनीकी व प्रबंधकीय सहयोग रहा है। इकाई का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करना और दूध के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बाजार तक पहुँचाना है। ग्राम रमगढ़ा में महिलाओं ने दूध, घी, पनीर और खोवा के उत्पादन एवं कलेक्शन का जो सराहनीय कार्य प्रारंभ किया है, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्य में और अधिक महिलाओं को जोड़कर इसे और आगे बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि दुग्ध व्यवसाय में अपार संभावनाएं हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ग्राम रमगढ़ा पटेरा में दुग्ध उत्पाद निमार्ण ईकाई ( पनीर, घी एवं खोवा ) के शुभारंभ करते हुए गरिमामय समारोह को संबोधित कर रहे थे, उन्होनें ग्राम रमगढ़ा में कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा दुग्ध उत्पादन से जुड़े कार्यों की सराहना की। राज्यमंत्री श्री पटेल ने आश्वस्त किया कि साँची डेयरी से जुड़ी जो भी सुविधाएं समूहों को आवश्यक होंगी, उन्हें उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप साँची द्वारा दूध कलेक्शन को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। जहाँ पहले प्रतिदिन 8 से 8.5 लाख लीटर दूध का कलेक्शन होता था, वहीं वर्तमान में यह 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। आगामी तीन वर्षों में इसे 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा, योजनाओं की जानकारी के अभाव में कई लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं। जब दमोह में 18 भैंसें हितग्राहियों को वितरित की गईं और यह समाचार पत्रों, टीवी व सोशल मीडिया में प्रसारित हुआ, तब लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूकता मिली। वर्तमान में कामधेनु योजना के अंतर्गत 25 से 200 गायों एवं 200 भैंसों तक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए निर्धारित 296 के लक्ष्य के विरुद्ध अभी केवल 50 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पोर्टल पुनः खोला गया है और योजना में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। उनका उद्देश्य है कि यह योजनाएं घर-घर तक पहुंचें, लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो। जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में गंगाराम पटेल जनपद अध्यक्ष हटा राजेश पटेल जनपद उपाध्यक्ष पटेरा समाजसेवी भरत पटेल दिलीप पटेल चित्रर सिंह गणेश पटेल विजय पटेल दूध डेयरी गोपाल पटेल हरिश्चंद्र पटेल किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष संजय शुक्ला देवेंद्र ताम्रकार पटेरा पुष्पेंद्र सोनी बेनी चौरसिया पटेरा मुन्ना अवधिया संचालन कैलाश पटेल शिक्षक सरपंच टी आर पटेल ग्राम पंचायत रमगढ़ा उपस्थित रही। लखन पटेल ने कहा कि इस इकाई से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनेंगी, जिससे पूरे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पशुपालक, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं क्षेत्रीय जनमानस उपस्थित रहा। समारोह के अंत में बजरंग महिला समूह की सदस्यों ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
यह योजनाएं घर-घर तक पहुंचे लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो राज्य मंत्री श्री पटेल आगामी तीन वर्षों में दुग्ध उत्पादन 50 लाख लीटर प्रति दिन तक ले जाने का लक्ष्य ग्राम रमगढ़ा में दुग्ध उत्पादन निर्माण इकाई का हुआ शुभारंभ रमगढ़ा में दुग्ध प्रसंस्करण इकाई का भव्य शुभारंभ: राज्य मंत्री लखन पटेल ने किया उद्घाटन पटेरा । ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन की दिशा में गुरुवार को पटेरा तहसील के ग्राम रमगढ़ा में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा। मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं अध्यक्षता में नवीन दुग्ध उप-उत्पाद निर्माण इकाई (पनीर, घी एवं खोया) का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बजरंग महिला दुग्ध उत्पादन समूह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री लखन पटेल ने कहा कि आने वाले समय में यह इकाई क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं की तकदीर बदलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दूध के सीधे विक्रय की तुलना में पनीर, घी और खोया जैसे उप-उत्पाद बनाने से पशुपालकों की आय में दो गुनी वृद्धि होगी। यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साझा प्रयासों से समृद्धि इस परियोजना में प्रदान संस्था, आजीविका मिशन तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग का विशेष तकनीकी व प्रबंधकीय सहयोग रहा है। इकाई का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करना और दूध के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बाजार तक पहुँचाना है। ग्राम रमगढ़ा में महिलाओं ने दूध, घी, पनीर और खोवा के उत्पादन एवं कलेक्शन का जो सराहनीय कार्य प्रारंभ किया है, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्य में और अधिक महिलाओं को जोड़कर इसे और आगे बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि दुग्ध व्यवसाय में अपार संभावनाएं हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ग्राम रमगढ़ा पटेरा में दुग्ध उत्पाद निमार्ण ईकाई ( पनीर, घी एवं खोवा ) के शुभारंभ करते हुए गरिमामय समारोह को संबोधित कर रहे थे, उन्होनें ग्राम रमगढ़ा में कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा दुग्ध उत्पादन से जुड़े कार्यों की सराहना की। राज्यमंत्री श्री पटेल ने आश्वस्त किया कि
साँची डेयरी से जुड़ी जो भी सुविधाएं समूहों को आवश्यक होंगी, उन्हें उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप साँची द्वारा दूध कलेक्शन को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। जहाँ पहले प्रतिदिन 8 से 8.5 लाख लीटर दूध का कलेक्शन होता था, वहीं वर्तमान में यह 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। आगामी तीन वर्षों में इसे 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा, योजनाओं की जानकारी के अभाव में कई लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं। जब दमोह में 18 भैंसें हितग्राहियों को वितरित की गईं और यह समाचार पत्रों, टीवी व सोशल मीडिया में प्रसारित हुआ, तब लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूकता मिली। वर्तमान में कामधेनु योजना के अंतर्गत 25 से 200 गायों एवं 200 भैंसों तक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए निर्धारित 296 के लक्ष्य के विरुद्ध अभी केवल 50 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पोर्टल पुनः खोला गया है और योजना में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। उनका उद्देश्य है कि यह योजनाएं घर-घर तक पहुंचें, लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो। जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में गंगाराम पटेल जनपद अध्यक्ष हटा राजेश पटेल जनपद उपाध्यक्ष पटेरा समाजसेवी भरत पटेल दिलीप पटेल चित्रर सिंह गणेश पटेल विजय पटेल दूध डेयरी गोपाल पटेल हरिश्चंद्र पटेल किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष संजय शुक्ला देवेंद्र ताम्रकार पटेरा पुष्पेंद्र सोनी बेनी चौरसिया पटेरा मुन्ना अवधिया संचालन कैलाश पटेल शिक्षक सरपंच टी आर पटेल ग्राम पंचायत रमगढ़ा उपस्थित रही। लखन पटेल ने कहा कि इस इकाई से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनेंगी, जिससे पूरे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पशुपालक, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं क्षेत्रीय जनमानस उपस्थित रहा। समारोह के अंत में बजरंग महिला समूह की सदस्यों ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
- अनुभूति कार्यक्रम मे छात्रों ने जंगल की सैर और वन की सुरक्षा का कर्तव्य निभाएंगे कुम्हारी - वन विभाग के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन सलैया वन चौकी मे हुआ जिसमें छात्र-छात्राओं ने जंगल में 5 किलोमीटर तक पेड़ पौधे जंगली जानवर पेड़ों की प्रजाति आदि से जुड़ी हुई जानकारी वन विभाग की टीम के द्वारा उन्हें बताई गई वन हमारे लिए जीवन देने वाले मानव सभ्यता में वन की अहम भूमिका है | वन से ही पर्यावरण वर्षा निर्भर होती है वनों की सुरक्षा का दायित्व हमारा मुख्य उद्देश्य होता है अधिक से अधिक हम पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे ताकि पर्यावरण का संतुलन सही रहे अनुभूति कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर बी एल रोहित रिटायर्ड शिक्षक जिन्हें 2013 में राष्ट्रपति, राज्यपाल, पुरस्कार दोनों से सम्मानित जिन्होंने छात्र-छात्राओं को वन सभ्यता से जुड़ी जानकारी और वातावरण को दूषित करने में प्लास्टिक की अहम भूमिका होती है जो 400 वर्षों तक जीवित रहती है जो हमारी मिट्टी को भी दूषित करती है उसका उपयोग हम बिल्कुल भी ना करें1
- Post by RAJENDRA SINGH1
- एक छोटी सी पहल समाजसेवियों का मनोबल बढ़ा देती है मुक्ति धाम समिति1
- सिविल अस्पताल हटा में बहिन को उपचार के लिए लाए भाई ने डॉक्टर के साथ की अभद्रता1
- https://youtu.be/9slbnEpTuxs?si=mgCiy73z7CaCFuPM पूरा वीडियो यूट्यूब चैनल पर... 1 से 3 लाख रुपए तक की यह फसल प्रति एकड़ में निकलती है।1
- भट्टा मोहल्ला में भूजल पर हमला! इंडियन कॉफी हाउस के पीछे खदान को मलबे से भरने का खेल, प्रशासनिक आदेशों की उड़ाई धज्जियां कटनी। भट्टा मोहल्ला स्थित इंडियन कॉफी हाउस के पीछे मौजूद पुरानी खदान को सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे से भरा जा रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी हैं कि खदानों को पाटना पूर्णतः प्रतिबंधित है। कारण साफ है—ये खदानें वॉटर चार्जिंग जोन के रूप में कार्य करती हैं और भूजल संचयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद नगर निगम क्षेत्र में खुलेआम खनन स्थल को डंपिंग यार्ड में तब्दील किया जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आने वाले समय में जल संकट को भी न्योता दे सकता है। ⚠️ भूजल संचयन खत्म करने की साजिश? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खदानें वर्षा जल को धरती में समाहित कर जलस्तर बनाए रखने में सहायक होती हैं। इन्हें मलबे से भरना सीधे तौर पर भूजल स्रोतों की हत्या के समान है। 🤝 नगर निगम–नेता गठजोड़ की बू? स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे को जानबूझकर खदान में डलवाया जा रहा है, जो नगर निगम के कुछ अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यदि प्रशासन के आदेश स्पष्ट हैं, तो फिर यह कार्य किसकी अनुमति से हो रहा है—यह बड़ा सवाल है। ❓ प्रशासन की चुप्पी क्यों? क्या पर्यावरण नियम केवल कागजों तक सीमित हैं? क्या खदान भरने के बदले किसी प्रकार का लाभ लिया जा रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? 📢 जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल हस्तक्षेप, मलबा डालने पर तुरंत रोक और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका खामियाजा पूरे शहर को जल संकट के रूप में भुगतना पड़ेगा।1
- लंच टाइम हो गया है लंच कर रहे हैं सब लोग1
- अनुभूति कार्यक्रम मे छात्रों ने जंगल की सैर और वन की सुरक्षा का कर्तव्य निभाएंगे कुम्हारी - वन विभाग के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन सलैया वन चौकी मे हुआ जिसमें छात्र-छात्राओं ने जंगल में 5 किलोमीटर तक पेड़ पौधे जंगली जानवर पेड़ों की प्रजाति आदि से जुड़ी हुई जानकारी वन विभाग की टीम के द्वारा उन्हें बताई गई वन हमारे लिए जीवन देने वाले मानव सभ्यता में वन की अहम भूमिका है | वन से ही पर्यावरण वर्षा निर्भर होती है वनों की सुरक्षा का दायित्व हमारा मुख्य उद्देश्य होता है अधिक से अधिक हम पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे ताकि पर्यावरण का संतुलन सही रहे अनुभूति कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर बी एल रोहित रिटायर्ड शिक्षक जिन्हें 2013 में राष्ट्रपति, राज्यपाल, पुरस्कार दोनों से सम्मानित जिन्होंने छात्र-छात्राओं को वन सभ्यता से जुड़ी जानकारी और वातावरण को दूषित करने में प्लास्टिक की अहम भूमिका होती है जो 400 वर्षों तक जीवित रहती है जो हमारी मिट्टी को भी दूषित करती है उसका उपयोग हम बिल्कुल भी ना करें अनुभूति कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय तृतीय छात्र जिन्होंने अपने स्थान पाया उन्हें पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र दिया गया कार्यक्रम में रेंजर अखिलेश चौरसिया डिप्टी रेंजर मुकेश पाराशर, जगदीश समदड़िया, अब्दुल सईद बलवंत सिंह, रसीद कुरैशी, वनपाल दुर्गेशअहिरवारआदि स्टॉफ वही विद्यालय प्रबंधन से प्रभारी प्राचार्य हरिशंकर लोधी भरत सिंह अमित जैन, राकेश झरिया,सपना ताम्रकार,मीना जैन, लोकेन्द्र सीग आदि की उपस्थिति रही अनुभूति कार्यक्रम में 130 छात्र-छात्राओं ने भ्रमण किया और जंगल के प्रति हमारा क्या दायित्व है,क्या कर्तव्य है, संबंधित जानकारी सनी बड़ों से मिलने वाली औषधि जो हमारे लिए जीवनदायनी होती हैं उनका संरक्षण सुरक्षा करना मानव का मुख्य कर्तव्य है |1