कुबरी में अवैध रेत कारोबार गरमाया, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल, रामनगर थाना क्षेत्र में कथित सांठगांठ से चल रहा धंधा, कार्यवाही न होने से चर्चाओं का बाजार गर्म मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुबरी में अवैध रेत कारोबार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कारोबार बड़े स्तर पर सांठगांठ के साथ संचालित हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर पाया है। बताया जा रहा है, कि प्रशासनिक जवाबदेही से बचने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। पूर्व में ग्राम सरपंच द्वारा लिखे गए पत्र ने भी रामनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, एक आरक्षक को लाइन हाजिर किए जाने के बाद पुनः उसी थाने में तैनात कर दिया जाना भी मिलीभगत की आशंकाओं को बल दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन लगातार जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। इस पूरे मामले में प्रशासन की निष्क्रियता से चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है, और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
कुबरी में अवैध रेत कारोबार गरमाया, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल, रामनगर थाना क्षेत्र में कथित सांठगांठ से चल रहा धंधा, कार्यवाही न होने से चर्चाओं का बाजार गर्म मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुबरी में अवैध रेत कारोबार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कारोबार बड़े स्तर पर सांठगांठ के साथ संचालित हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर पाया है। बताया जा रहा है, कि प्रशासनिक जवाबदेही से बचने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। पूर्व में ग्राम सरपंच द्वारा लिखे गए पत्र ने भी रामनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, एक आरक्षक को लाइन हाजिर किए जाने के बाद पुनः उसी थाने में तैनात कर दिया जाना भी मिलीभगत की आशंकाओं को बल दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन लगातार जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। इस पूरे मामले में प्रशासन की निष्क्रियता से चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है, और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
- जनपद एटा में समाधान दिवस बना ‘आत्मदाह स्थल’: फरियाद अनसुनी, महिला ने डीएम के सामने आग लगाने की कोशिश, बड़ा सवाल यही है, कि आखिर ऐसी नौबत आई ही क्यों? एटा के तहसील अलीगंज में शनिवार को समाधान दिवस उस समय सवालों के घेरे में आ गया, जब एक पीड़ित महिला ने डीएम के सामने खुद को आग लगाने की कोशिश कर डाली। नगला मोहन निवासी ज्ञान देवी शाक्य, थाना राजा का रामपुर क्षेत्र की रहने वाली हैं, जो अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं। आरोप है, कि गांव के ही प्रधान और उसके परिजनों ने दबंगई के बल पर जमीन कब्जा ली, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हताश महिला ने आत्मदाह का कदम उठाया, जिसे मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते रोक लिया। वही यह घटना अलीगंज तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब समाधान दिवस में भी न्याय न मिले तो आमजन कहां जाए? फिलहाल डीएम प्रेम रंजन सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं, राजस्व टीम को तुंरत पीड़िता के गांव भेजने एवं मामले के निस्तारण को निर्देश दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यही है, कि आखिर ऐसी नौबत आई ही क्यों।2
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- आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत आने वाले गांव बांस मोहन सहाय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के निवासी बच्चू सिंह ने मीडिया के सामने जो खुलासा किया है, वह केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं बल्कि पूरे गांव की कहानी बन चुका है। बच्चू सिंह का आरोप है कि उनका घर गांव के बीचों-बीच स्थित है और कई पीढ़ियों से उनका परिवार वहीं रह रहा है। लेकिन साल 2022 में एक लेखपाल ने उनसे 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी और साफ शब्दों में चेतावनी दी— "अगर पैसे नहीं दिए तो तुम्हारी आवासीय जमीन को बंजर घोषित कर दूंगा।" पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो प्रशासन ने कथित रूप से अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उनकी जमीन को बंजर और सिंचित भूमि के रूप में दर्ज कर दिया। सवाल ये उठता है कि जिस जमीन पर दशकों से लोग रह रहे हैं, वह अचानक बंजर कैसे हो गई? 👉 क्या कागजों में खेल कर लोगों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है? 👉 क्या सरकारी सिस्टम में बिना पैसे के न्याय मिलना असंभव हो गया है? बच्चू सिंह का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। और सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। गांव के लोगों का दावा है कि: 90% प्रभावित लोग इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं जिन लोगों ने पैसे दिए, उनकी जमीन सुरक्षित रही जिन्होंने विरोध किया, उनकी जमीन कागजों में बदल दी गई पूरा गांव इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हो चुका है और जोरदार विरोध कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है— ❗ आखिर प्रशासन खामोश क्यों है? ❗ क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? ❗ क्या आम आदमी को अपने ही घर में रहने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ेगी? यह मामला अब सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल बन चुका है। 📢 अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा…1
- To, The Block Development Officer (BDO) / District Magistrate (DM), [block hasayan dost hathras], Uttar Pradesh. Subject: Complaint regarding severe waterlogging and lack of road construction in Village Shyampur. Respected Sir/Madam, I am writing to bring to your urgent attention the dire living conditions in Shyampur Village, which falls under the Hari Nagar Panchayat. For a prolonged period, the streets of our village have been heavily flooded with stagnant water. This situation has caused several critical issues for the residents: Public Hardship: Commuting has become nearly impossible for the general public. Health Hazards: The stagnant water has become a breeding ground for mosquitoes, leading to a rise in diseases and seasonal illnesses. Safety of Children: Children are facing immense difficulty and health risks while trying to reach school or move around the village. We have informed the Gram Pradhan about this matter on 4 to 5 separate occasions. Although we were repeatedly assured that the "Karanja" (brick road) construction and drainage work would begin soon, no action has been taken on the ground to date. We request you to personally look into this matter and direct the concerned officials to begin the construction of the road and ensure proper drainage to remove the stagnant water. We hope for a swift resolution to ensure the safety and health of the villagers. Yours Sincerely, [Deepak kumar] [9318363734] Residents of Village Shyampur, Hari Nagar Panchayat Date: [18.04.2026]1
- हाथरस: कंटेनर-बोलेरो की टक्कर में कई घायल, गंगा स्नान से लौट रहे थे यात्री हाथरस में आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर शनिवार दोपहर एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के प्रताप चौराहे के पास कंटेनर और बोलेरो कार की आमने-सामने टक्कर में बोलेरो सवार छह से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में बृजेश देवी और छविकांत, निवासी बड़ा नगला थाना कोतवाली सादाबाद शामिल हैं। इसके अलावा बच्चू सिंह, चंचल और प्रीति, निवासी पुनहेर, डींग (राजस्थान) को भी उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। बोलेरो चालक को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी यात्री राजघाट से गंगा स्नान कर अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार हाथरस जिला अस्पताल पहुंचीं और घायलों का हालचाल जाना। फिलहाल जिला अस्पताल में सभी घायलों का उपचार जारी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- संवाददाता आशीष पुरोहित जोधपुर/ राजस्थान बाइट- शरद कविराज पुलिस कमिश्नर जोधपुर जोधपुर। राजस्थान पुलिस दिवस के अवसर पर आज भव्य समारोह का आयोजन जोधपुर पुलिस लाइन स्थित ताराचंद स्टेडियम में आयोजित हुआ। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज की मौजूदगी में कार्यक्रम गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। जहां पुलिस जवानों ने अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर शरद कविराज ने संबोधित करते हुए वीडियो की आमजन को पुलिस कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की जानकारी दी । आयोजन के माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय और समाजसेवा का संदेश दिया गया ।1
- *ग़ाज़ियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में कबाड़ के गोदाम में लगी भीषण आग* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट* प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ लोग अंदर ही थे, सरकार के तरफ से अभी कोई आधिकारिक “पुष्टि” नहीं आई है हताहत के सम्बन्ध में।1
- जिला महिला अस्पताल निर्माण के चिन्ह मिटाए गए..! एटा। जिला महिला अस्पताल एटा की स्थापना 1913 में ब्रिटिश शासन में हुई थी, जिसका शिलालेख पट्टिका अस्पताल के पुरातन महत्व को दर्शाती लगी हुई थी, परन्तु बिना किसी निर्देश आदेश के मेडिकल कालेज प्राचार्य के बगलगीर संविदा कर्मी ने चिन्ह स्थापना वर्ष को ही निकाल दिया। प्राप्त वीडियो तस्वीरों में पुरातन महत्व के चिन्ह को मिटाने के संबंध में जब सक्षम अधिकारियों से बात की तो उन्होंने अनभिज्ञता व्यक्त की। बताया जाता है उक्त कर्मचारी मुकेश यादव नाम का व्यक्ति है, जो आए दिन प्राचार्य बलबीर सिंह के साथ अक्सर मौजूद रहता है। इस संबंध में मेडिकल कालेज प्रशासन एवं अस्पताल के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।2
- Post by Rahul Pratap singh1