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सनसनीखेज खुलासा: एत्मादपुर के बांस मोहन सहाय में “जमीन घोटाला” या प्रशासनिक खेल? आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत आने वाले गांव बांस मोहन सहाय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के निवासी बच्चू सिंह ने मीडिया के सामने जो खुलासा किया है, वह केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं बल्कि पूरे गांव की कहानी बन चुका है। बच्चू सिंह का आरोप है कि उनका घर गांव के बीचों-बीच स्थित है और कई पीढ़ियों से उनका परिवार वहीं रह रहा है। लेकिन साल 2022 में एक लेखपाल ने उनसे 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी और साफ शब्दों में चेतावनी दी— "अगर पैसे नहीं दिए तो तुम्हारी आवासीय जमीन को बंजर घोषित कर दूंगा।" पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो प्रशासन ने कथित रूप से अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उनकी जमीन को बंजर और सिंचित भूमि के रूप में दर्ज कर दिया। सवाल ये उठता है कि जिस जमीन पर दशकों से लोग रह रहे हैं, वह अचानक बंजर कैसे हो गई? 👉 क्या कागजों में खेल कर लोगों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है? 👉 क्या सरकारी सिस्टम में बिना पैसे के न्याय मिलना असंभव हो गया है? बच्चू सिंह का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। और सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। गांव के लोगों का दावा है कि: 90% प्रभावित लोग इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं जिन लोगों ने पैसे दिए, उनकी जमीन सुरक्षित रही जिन्होंने विरोध किया, उनकी जमीन कागजों में बदल दी गई पूरा गांव इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हो चुका है और जोरदार विरोध कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है— ❗ आखिर प्रशासन खामोश क्यों है? ❗ क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? ❗ क्या आम आदमी को अपने ही घर में रहने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ेगी? यह मामला अब सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल बन चुका है। 📢 अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा…

7 hrs ago
user_BHARAT NEWS
BHARAT NEWS
Media company एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago

सनसनीखेज खुलासा: एत्मादपुर के बांस मोहन सहाय में “जमीन घोटाला” या प्रशासनिक खेल? आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत आने वाले गांव बांस मोहन सहाय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के निवासी बच्चू सिंह ने मीडिया के सामने जो खुलासा किया है, वह केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं बल्कि पूरे गांव की कहानी बन चुका है। बच्चू सिंह का आरोप है कि उनका घर गांव के बीचों-बीच स्थित है और कई पीढ़ियों से उनका परिवार वहीं रह रहा है। लेकिन साल 2022 में एक लेखपाल ने उनसे 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी और साफ शब्दों में चेतावनी दी— "अगर पैसे नहीं दिए तो तुम्हारी आवासीय जमीन को बंजर घोषित कर दूंगा।" पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो प्रशासन ने कथित रूप से अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उनकी जमीन को बंजर और सिंचित भूमि के रूप में दर्ज कर दिया। सवाल ये उठता है कि जिस जमीन पर दशकों से लोग रह रहे हैं, वह अचानक बंजर कैसे हो गई? 👉 क्या कागजों में खेल कर लोगों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है? 👉 क्या सरकारी सिस्टम में बिना पैसे के न्याय मिलना असंभव हो गया है? बच्चू सिंह का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। और सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। गांव के लोगों का दावा है कि: 90% प्रभावित लोग इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं जिन लोगों ने पैसे दिए, उनकी जमीन सुरक्षित रही जिन्होंने विरोध किया, उनकी जमीन कागजों में बदल दी गई पूरा गांव इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हो चुका है और जोरदार विरोध कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है— ❗ आखिर प्रशासन खामोश क्यों है? ❗ क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? ❗ क्या आम आदमी को अपने ही घर में रहने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ेगी? यह मामला अब सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल बन चुका है। 📢 अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा…

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  • देखते रहिए तेज इंडिया लाइव न्यूज़ की पल पल की अपडेट जिला मीडिया प्रभारी बन्टू सिंह
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    देखते रहिए 
तेज इंडिया लाइव न्यूज़
की पल पल की अपडेट 
जिला मीडिया प्रभारी बन्टू सिंह
    user_वरिष्ठ पत्रकार बन्टू सिंह
    वरिष्ठ पत्रकार बन्टू सिंह
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    34 min ago
  • शिकोहाबाद सब्जी मंडी में भीषण आग, जान और दुकान बचाने की मची अफरा-तफरी, 40 से अधिक दुकानें जलकर राख फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद शहर में स्थित सब्जी मंडी में देर रात करीब 2 बजे आग लगी थी. इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. कोई जान बचाने को भागा तो कोई अपनी दुकान बचाने की जद्दोजहद कर रहा था उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में देर रात कटरा बाजार सब्जी मंडी में भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते सब्जी मंडी की लगभग 40 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं. आग की लपटों ने सामने बनी गारमेंट्स मार्केट शिकोहाबाद को भी अपनी चपेट में ले लिया, सूत्रों की माने तो वहाँ करीब सात दुकानें जल गईं फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है अज्ञात कारणों से लगी आग | सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियों के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. जिले भर से दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं. बार-बार पानी भरकर लाया गया, तब जाकर कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. दुकानदार अपनी जली हुई दुकानों को देखकर मायूस नजर आए | Updated News-19/अप्रैल/26- AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )
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    शिकोहाबाद सब्जी मंडी में भीषण आग, जान और दुकान बचाने की मची अफरा-तफरी, 40 से अधिक दुकानें जलकर राख फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद शहर में स्थित सब्जी मंडी में देर रात करीब 2 बजे आग लगी थी. इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. कोई जान बचाने को भागा तो कोई अपनी दुकान बचाने की जद्दोजहद कर रहा था उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में देर रात कटरा बाजार सब्जी मंडी में भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते सब्जी मंडी की लगभग 40 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं. आग की लपटों ने सामने बनी गारमेंट्स मार्केट शिकोहाबाद को भी अपनी चपेट में ले लिया, सूत्रों की माने तो वहाँ करीब सात दुकानें जल गईं फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है अज्ञात कारणों से लगी आग |  सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियों के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. जिले भर से दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं. बार-बार पानी भरकर लाया गया, तब जाकर कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. दुकानदार अपनी जली हुई दुकानों को देखकर मायूस नजर आए | 
Updated News-19/अप्रैल/26- AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत 
देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • hamare yaha par jo pradhan h usse kahi bar bol diya magar aj tak gali nahi ban bai h ham log pani me chalte h pradhan kahta h ki mere pass pesa nahi h tumari gali ban bane ke liye
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    hamare yaha par jo pradhan h
usse kahi bar bol diya magar 
aj tak gali nahi ban bai h
ham log pani me chalte h 
pradhan kahta h ki mere pass 
pesa nahi h tumari gali ban bane ke liye
    user_Ravi Kant
    Ravi Kant
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत आने वाले गांव बांस मोहन सहाय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के निवासी बच्चू सिंह ने मीडिया के सामने जो खुलासा किया है, वह केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं बल्कि पूरे गांव की कहानी बन चुका है। बच्चू सिंह का आरोप है कि उनका घर गांव के बीचों-बीच स्थित है और कई पीढ़ियों से उनका परिवार वहीं रह रहा है। लेकिन साल 2022 में एक लेखपाल ने उनसे 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी और साफ शब्दों में चेतावनी दी— "अगर पैसे नहीं दिए तो तुम्हारी आवासीय जमीन को बंजर घोषित कर दूंगा।" पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो प्रशासन ने कथित रूप से अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उनकी जमीन को बंजर और सिंचित भूमि के रूप में दर्ज कर दिया। सवाल ये उठता है कि जिस जमीन पर दशकों से लोग रह रहे हैं, वह अचानक बंजर कैसे हो गई? 👉 क्या कागजों में खेल कर लोगों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है? 👉 क्या सरकारी सिस्टम में बिना पैसे के न्याय मिलना असंभव हो गया है? बच्चू सिंह का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। और सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। गांव के लोगों का दावा है कि: 90% प्रभावित लोग इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं जिन लोगों ने पैसे दिए, उनकी जमीन सुरक्षित रही जिन्होंने विरोध किया, उनकी जमीन कागजों में बदल दी गई पूरा गांव इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हो चुका है और जोरदार विरोध कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है— ❗ आखिर प्रशासन खामोश क्यों है? ❗ क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? ❗ क्या आम आदमी को अपने ही घर में रहने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ेगी? यह मामला अब सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल बन चुका है। 📢 अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा…
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    आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत आने वाले गांव बांस मोहन सहाय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के निवासी बच्चू सिंह ने मीडिया के सामने जो खुलासा किया है, वह केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं बल्कि पूरे गांव की कहानी बन चुका है।
बच्चू सिंह का आरोप है कि उनका घर गांव के बीचों-बीच स्थित है और कई पीढ़ियों से उनका परिवार वहीं रह रहा है। लेकिन साल 2022 में एक लेखपाल ने उनसे 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी और साफ शब्दों में चेतावनी दी—
"अगर पैसे नहीं दिए तो तुम्हारी आवासीय जमीन को बंजर घोषित कर दूंगा।"
पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो प्रशासन ने कथित रूप से अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उनकी जमीन को बंजर और सिंचित भूमि के रूप में दर्ज कर दिया। सवाल ये उठता है कि जिस जमीन पर दशकों से लोग रह रहे हैं, वह अचानक बंजर कैसे हो गई?
👉 क्या कागजों में खेल कर लोगों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है?
👉 क्या सरकारी सिस्टम में बिना पैसे के न्याय मिलना असंभव हो गया है?
बच्चू सिंह का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। और सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है।
गांव के लोगों का दावा है कि:
90% प्रभावित लोग इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं
जिन लोगों ने पैसे दिए, उनकी जमीन सुरक्षित रही
जिन्होंने विरोध किया, उनकी जमीन कागजों में बदल दी गई
पूरा गांव इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हो चुका है और जोरदार विरोध कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है—
❗ आखिर प्रशासन खामोश क्यों है?
❗ क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा?
❗ क्या आम आदमी को अपने ही घर में रहने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ेगी?
यह मामला अब सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल बन चुका है।
📢 अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा…
    user_BHARAT NEWS
    BHARAT NEWS
    Media company एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • संवाददाता आशीष पुरोहित जोधपुर/ राजस्थान बाइट- शरद कविराज पुलिस कमिश्नर जोधपुर जोधपुर। राजस्थान पुलिस दिवस के अवसर पर आज भव्य समारोह का आयोजन जोधपुर पुलिस लाइन स्थित ताराचंद स्टेडियम में आयोजित हुआ। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज की मौजूदगी में कार्यक्रम गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। जहां पुलिस जवानों ने अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर शरद कविराज ने संबोधित करते हुए वीडियो की आमजन को पुलिस कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की जानकारी दी । आयोजन के माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय और समाजसेवा का संदेश दिया गया ।
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    संवाददाता आशीष पुरोहित 
जोधपुर/ राजस्थान 
बाइट- शरद कविराज पुलिस कमिश्नर जोधपुर
जोधपुर। राजस्थान पुलिस दिवस के अवसर पर आज  भव्य समारोह का आयोजन जोधपुर पुलिस लाइन स्थित ताराचंद स्टेडियम में आयोजित हुआ। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज की मौजूदगी में कार्यक्रम गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। 
जहां पुलिस जवानों ने अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर शरद कविराज ने संबोधित करते हुए वीडियो की आमजन को पुलिस कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की जानकारी दी । आयोजन के माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय और समाजसेवा का संदेश दिया गया ।
    user_रबेन्द्र सिंह परमार संपादक
    रबेन्द्र सिंह परमार संपादक
    एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • पुलिस कमिश्नरेट आगरा के थाना शाहगंज मे अवैध मांस से भरा लोडिंग ऑटो पकडे जाने की सूचना... पर... कार्यबाही शुरू... पकडे गए लोडिंग ऑटो के ड्राइवर ने अपना नाम शकील निवासी मंटोला बताया,, साथ ही बताया ए अवैध मांस आशिफ़ पुत्र निवासी नवाह्बुदीन निवासी मंटोला और नशीम निवासी थाना शाहगंज का नाम सामने आया... थाना पुलिस ने तहरीर लिख कार्यवाही शुरू कर दी है मेडिकल टीम ने सेम्पल लेकर टेस्टिंग के लिए भेज दिया है रिपोर्ट आने पर सामने आएगा की जो अवैध मांस पकड़ा है किसका है...
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    पुलिस कमिश्नरेट आगरा के थाना शाहगंज मे अवैध मांस से भरा लोडिंग ऑटो पकडे जाने की सूचना...
पर... कार्यबाही शुरू...
पकडे गए लोडिंग ऑटो के ड्राइवर ने अपना नाम शकील निवासी मंटोला बताया,, साथ ही बताया ए अवैध मांस आशिफ़ पुत्र निवासी नवाह्बुदीन निवासी मंटोला और नशीम निवासी थाना शाहगंज का नाम सामने आया...
थाना पुलिस ने तहरीर लिख कार्यवाही शुरू कर दी है
मेडिकल टीम ने सेम्पल लेकर टेस्टिंग के लिए भेज दिया है रिपोर्ट आने पर सामने आएगा की जो अवैध मांस पकड़ा है किसका है...
    user_राहुल अग्रवाल क्राइम रिपोर्टर
    राहुल अग्रवाल क्राइम रिपोर्टर
    Court reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • देश की नारी शक्ति जानती है कि उनके अधिकारों के बीच रोड़ा कौन है! और कौन उन्हें असल में सशक्त बना रहा है और उन्हें अधिकार दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। फ़र्क़ पहचानिये, हकीकत जानिये!
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    देश की नारी शक्ति जानती है कि उनके अधिकारों के बीच रोड़ा कौन है!
और कौन उन्हें असल में सशक्त बना रहा है और उन्हें अधिकार दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
फ़र्क़ पहचानिये, हकीकत जानिये!
    user_Sapna thakur
    Sapna thakur
    आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आगरा के कालिंदी बिहार क्षेत्र में स्थित कांशीराम आवास योजना में बड़े स्तर पर घोटाले का मामला सामने आया है। यह घोटाला सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब आवंटन प्रक्रिया में भी भारी भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है। 🔴 निर्माण में हुआ बड़ा खेल सूत्रों के मुताबिक, योजना के निर्माण के दौरान ठेकेदारों ने घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे कई आवास शुरू से ही कमजोर और खराब हालत में हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी मिलीभगत से इस स्तर की लापरवाही हुई? 🔴 अब आवंटन में भी बड़ा घोटाला! सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए ये आवास बनाए गए थे, उन्हें ही इससे वंचित कर दिया गया। 👉 पात्र गरीब परिवारों को आवास नहीं मिले 👉 जबकि संपन्न और प्रभावशाली लोगों को आवास आवंटित कर दिए गए 🔴 किराए पर चढ़ाकर कमा रहे मुनाफा जिन लोगों को नियमों के खिलाफ आवास मिले हैं, वे अब उन्हीं मकानों को किराए पर देकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। यानी सरकारी योजना का सीधा दुरुपयोग किया जा रहा है। 🔴 अधिकारियों की भूमिका पर सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे घोटाले में संबंधित विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ⚠️ बड़ा सवाल: क्या सरकार इस घोटाले पर संज्ञान लेगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या गरीबों का हक यूं ही छीना जाता रहेगा? 📢 जनता की मांग: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और असली हकदारों को उनका अधिकार मिले।
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    आगरा के कालिंदी बिहार क्षेत्र में स्थित कांशीराम आवास योजना में बड़े स्तर पर घोटाले का मामला सामने आया है। यह घोटाला सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब आवंटन प्रक्रिया में भी भारी भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है।
🔴 निर्माण में हुआ बड़ा खेल
सूत्रों के मुताबिक, योजना के निर्माण के दौरान ठेकेदारों ने घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे कई आवास शुरू से ही कमजोर और खराब हालत में हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी मिलीभगत से इस स्तर की लापरवाही हुई?
🔴 अब आवंटन में भी बड़ा घोटाला!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए ये आवास बनाए गए थे, उन्हें ही इससे वंचित कर दिया गया।
👉 पात्र गरीब परिवारों को आवास नहीं मिले
👉 जबकि संपन्न और प्रभावशाली लोगों को आवास आवंटित कर दिए गए
🔴 किराए पर चढ़ाकर कमा रहे मुनाफा
जिन लोगों को नियमों के खिलाफ आवास मिले हैं, वे अब उन्हीं मकानों को किराए पर देकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। यानी सरकारी योजना का सीधा दुरुपयोग किया जा रहा है।
🔴 अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे घोटाले में संबंधित विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
⚠️ बड़ा सवाल:
क्या सरकार इस घोटाले पर संज्ञान लेगी?
क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या गरीबों का हक यूं ही छीना जाता रहेगा?
📢 जनता की मांग:
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और असली हकदारों को उनका अधिकार मिले।
    user_BHARAT NEWS
    BHARAT NEWS
    Media company एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
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