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gali bane ke sabnd me pradhan ko kahi bar bol diya magar bo nahi ban bata h hamare yaha par jo pradhan h usse kahi bar bol diya magar aj tak gali nahi ban bai h ham log pani me chalte h pradhan kahta h ki mere pass pesa nahi h tumari gali ban bane ke liye
Ravi Kant
gali bane ke sabnd me pradhan ko kahi bar bol diya magar bo nahi ban bata h hamare yaha par jo pradhan h usse kahi bar bol diya magar aj tak gali nahi ban bai h ham log pani me chalte h pradhan kahta h ki mere pass pesa nahi h tumari gali ban bane ke liye
- Ravi Kantटूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेशjo jila firozabad ka h5 hrs ago
- Ravi Kantटूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेशyah mamla block narkhi ke gram panchyat katikee ke gaun hati garhi ka h5 hrs ago
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- देखते रहिए तेज इंडिया लाइव न्यूज़ की पल पल की अपडेट जिला मीडिया प्रभारी बन्टू सिंह1
- शिकोहाबाद सब्जी मंडी में भीषण आग, जान और दुकान बचाने की मची अफरा-तफरी, 40 से अधिक दुकानें जलकर राख फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद शहर में स्थित सब्जी मंडी में देर रात करीब 2 बजे आग लगी थी. इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. कोई जान बचाने को भागा तो कोई अपनी दुकान बचाने की जद्दोजहद कर रहा था उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में देर रात कटरा बाजार सब्जी मंडी में भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते सब्जी मंडी की लगभग 40 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं. आग की लपटों ने सामने बनी गारमेंट्स मार्केट शिकोहाबाद को भी अपनी चपेट में ले लिया, सूत्रों की माने तो वहाँ करीब सात दुकानें जल गईं फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है अज्ञात कारणों से लगी आग | सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियों के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. जिले भर से दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं. बार-बार पानी भरकर लाया गया, तब जाकर कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. दुकानदार अपनी जली हुई दुकानों को देखकर मायूस नजर आए | Updated News-19/अप्रैल/26- AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )1
- hamare yaha par jo pradhan h usse kahi bar bol diya magar aj tak gali nahi ban bai h ham log pani me chalte h pradhan kahta h ki mere pass pesa nahi h tumari gali ban bane ke liye2
- आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत आने वाले गांव बांस मोहन सहाय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के निवासी बच्चू सिंह ने मीडिया के सामने जो खुलासा किया है, वह केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं बल्कि पूरे गांव की कहानी बन चुका है। बच्चू सिंह का आरोप है कि उनका घर गांव के बीचों-बीच स्थित है और कई पीढ़ियों से उनका परिवार वहीं रह रहा है। लेकिन साल 2022 में एक लेखपाल ने उनसे 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी और साफ शब्दों में चेतावनी दी— "अगर पैसे नहीं दिए तो तुम्हारी आवासीय जमीन को बंजर घोषित कर दूंगा।" पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो प्रशासन ने कथित रूप से अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उनकी जमीन को बंजर और सिंचित भूमि के रूप में दर्ज कर दिया। सवाल ये उठता है कि जिस जमीन पर दशकों से लोग रह रहे हैं, वह अचानक बंजर कैसे हो गई? 👉 क्या कागजों में खेल कर लोगों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है? 👉 क्या सरकारी सिस्टम में बिना पैसे के न्याय मिलना असंभव हो गया है? बच्चू सिंह का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। और सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। गांव के लोगों का दावा है कि: 90% प्रभावित लोग इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं जिन लोगों ने पैसे दिए, उनकी जमीन सुरक्षित रही जिन्होंने विरोध किया, उनकी जमीन कागजों में बदल दी गई पूरा गांव इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हो चुका है और जोरदार विरोध कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है— ❗ आखिर प्रशासन खामोश क्यों है? ❗ क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? ❗ क्या आम आदमी को अपने ही घर में रहने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ेगी? यह मामला अब सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल बन चुका है। 📢 अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा…1
- संवाददाता आशीष पुरोहित जोधपुर/ राजस्थान बाइट- शरद कविराज पुलिस कमिश्नर जोधपुर जोधपुर। राजस्थान पुलिस दिवस के अवसर पर आज भव्य समारोह का आयोजन जोधपुर पुलिस लाइन स्थित ताराचंद स्टेडियम में आयोजित हुआ। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज की मौजूदगी में कार्यक्रम गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। जहां पुलिस जवानों ने अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर शरद कविराज ने संबोधित करते हुए वीडियो की आमजन को पुलिस कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की जानकारी दी । आयोजन के माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय और समाजसेवा का संदेश दिया गया ।1
- UGC मोदी जी का पीछा नहीं छोड़ेगा। 12 साल में पहली बार मोदी जी का कोई बिल सदन में पास नहीं हुआ। महिला आरक्षण बिल पर UP 24 news पर अपना वक्तत्व दिया। और जनता को समझाने का प्रयास किया। जब महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था। तो मोदी सरकार ने उसे लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन जरूरी क्यों किया। क्या 850 सीट कर ही महिलाओं का आरक्षण दिया जाएगा। ऐसा कही संविधान में लिखा तो नहीं, फिर 543 सीट में 33% आरक्षण देने में मोदी सरकार की क्या मजबूरी।1
- Post by AWAZ TV UTTAR PRADESH1
- आगरा के कालिंदी बिहार क्षेत्र में स्थित कांशीराम आवास योजना में बड़े स्तर पर घोटाले का मामला सामने आया है। यह घोटाला सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब आवंटन प्रक्रिया में भी भारी भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है। 🔴 निर्माण में हुआ बड़ा खेल सूत्रों के मुताबिक, योजना के निर्माण के दौरान ठेकेदारों ने घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे कई आवास शुरू से ही कमजोर और खराब हालत में हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी मिलीभगत से इस स्तर की लापरवाही हुई? 🔴 अब आवंटन में भी बड़ा घोटाला! सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए ये आवास बनाए गए थे, उन्हें ही इससे वंचित कर दिया गया। 👉 पात्र गरीब परिवारों को आवास नहीं मिले 👉 जबकि संपन्न और प्रभावशाली लोगों को आवास आवंटित कर दिए गए 🔴 किराए पर चढ़ाकर कमा रहे मुनाफा जिन लोगों को नियमों के खिलाफ आवास मिले हैं, वे अब उन्हीं मकानों को किराए पर देकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। यानी सरकारी योजना का सीधा दुरुपयोग किया जा रहा है। 🔴 अधिकारियों की भूमिका पर सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे घोटाले में संबंधित विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ⚠️ बड़ा सवाल: क्या सरकार इस घोटाले पर संज्ञान लेगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या गरीबों का हक यूं ही छीना जाता रहेगा? 📢 जनता की मांग: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और असली हकदारों को उनका अधिकार मिले।1