बबेरू मे चौराहा चौड़ीकरण के नाम पर दुकानदारों के उत्पीड़न का आरोप, सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश से व्यापारियों को राहत मामला बबेरू कस्बे के मुख्य चौराहा का है, जहाँ सड़क व चौराहा चौड़ीकरण के नाम पर काजी हॉउस की दुकानें खाली कराने को लेकर नगर पंचायत और व्यापारियों के बीच विवाद चल रहा है। नगर पंचायत द्वारा करीब 10 वर्ष पूर्व कांजी हाउस में बनाई गई करीब 42 दुकानें व्यापारियों को आवंटित की गई थीं। दुकानें खाली कराने के आदेश के बाद व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से स्थगन आदेश मिलने का दावा किया गया है। व्यापारियों ने बताया कि स्थगन आदेश की प्रति जिलाधिकारी, एसडीएम बबेरू और नगर पंचायत को उपलब्ध करा दी गई है। वहीं अधिशासी अधिकारी लल्लन राम यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश प्राप्त हुआ है और दुकानें पूर्व की भांति हैं, उन्हें गिराया नहीं गया है।
बबेरू मे चौराहा चौड़ीकरण के नाम पर दुकानदारों के उत्पीड़न का आरोप, सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश से व्यापारियों को राहत मामला बबेरू कस्बे के मुख्य चौराहा का है, जहाँ सड़क व चौराहा चौड़ीकरण के नाम पर काजी हॉउस की दुकानें खाली कराने को लेकर नगर पंचायत और व्यापारियों के बीच विवाद चल रहा है। नगर पंचायत द्वारा करीब 10 वर्ष पूर्व कांजी हाउस में बनाई गई करीब 42 दुकानें व्यापारियों को आवंटित की गई थीं। दुकानें खाली कराने के आदेश के बाद व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से स्थगन आदेश मिलने का दावा किया गया है। व्यापारियों ने बताया कि स्थगन आदेश की प्रति जिलाधिकारी, एसडीएम बबेरू और नगर पंचायत को उपलब्ध करा दी गई है। वहीं अधिशासी अधिकारी लल्लन राम यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश प्राप्त हुआ है और दुकानें पूर्व की भांति हैं, उन्हें गिराया नहीं गया है।
- बबेरू मे चौराहा चौड़ीकरण के नाम पर दुकानदारों के उत्पीड़न का आरोप, सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश से व्यापारियों को राहत मामला बबेरू कस्बे के मुख्य चौराहा का है, जहाँ सड़क व चौराहा चौड़ीकरण के नाम पर काजी हॉउस की दुकानें खाली कराने को लेकर नगर पंचायत और व्यापारियों के बीच विवाद चल रहा है। नगर पंचायत द्वारा करीब 10 वर्ष पूर्व कांजी हाउस में बनाई गई करीब 42 दुकानें व्यापारियों को आवंटित की गई थीं। दुकानें खाली कराने के आदेश के बाद व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से स्थगन आदेश मिलने का दावा किया गया है। व्यापारियों ने बताया कि स्थगन आदेश की प्रति जिलाधिकारी, एसडीएम बबेरू और नगर पंचायत को उपलब्ध करा दी गई है। वहीं अधिशासी अधिकारी लल्लन राम यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश प्राप्त हुआ है और दुकानें पूर्व की भांति हैं, उन्हें गिराया नहीं गया है।1
- बांदा -जमीन का जबरन/फर्जी तरीके से बैनामा कराने तथा व्यक्ति आत्महत्या के लिए उकसाने वाले वांछित अभियुक्त को थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा किया गया गिरफ्तार। बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा जमीन का जबरन बैनामा/फर्जी तरीके से बैनामा कराने तथा व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के खाईपार की रहने वाली आशमा ने थाना कोतवाली नगर पर सूचना दी थी कि उनके पति निसार अहमद के नाम पर जमीन थी जिसे कुछ लोगों द्वारा जबरन/फर्जी तरीके से पैसे का बिना-लेन किए दबाव बनाकर अपने नाम कर लिया है तथा उनके साथ गाली गलौज कर धमकी भी देते थे जिसके चलते उसके पति निसार अहमद ने दिनांक 06/07.04.2025 की रात्रि में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था तथा एक सुसाइड नोट भी प्राप्त हुआ था । सूचना पर थाना कोतवाली नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए । घटनाक्रम का गहनता से अवलोकन किया गया करते हुए साक्ष्यों का संकलन किया गया तथा सुसाइड नोट को परीक्षण हेतु विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था । संकलित साक्ष्यों एवं प्राप्त तथ्यों के आधार पर अभियुक्त फारूख अली पुत्र अहमद अली निवासी खूंटी चौराहा अलीगंज की संलिप्तता पाई गई । जिसे थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर आज न्यायालय भेजा गया । साथ ही, प्रकरण में संलिप्त अन्य अभियुक्तों के संबंध में भी गहनता से साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं । विवेचना के दौरान प्रकाश में आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल प्रत्येक अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी ।1
- बांदा कांग्रेस का हल्ला बोल, अशोक लाट पर CEC का पुतला फूंका 13 करोड़ से अधिक नाम हटाने का आरोप, पुलिस से नोकझोंक बांदा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को बांदा में मोर्चा खोल दिया। जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अशोक लाट पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इसका राजनीतिक लाभ भाजपा को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जिलाध्यक्ष ने मामले में सर्वोच्च स्तर पर संज्ञान, स्वतंत्र जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।प्रदर्शन में रमेश कोरी, सीमा खान, अफसाना शाह, आदित्य सिंह और संजय गुप्ता समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- CMO सभागार में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण,अभिमुखीकरण एवं संवेदनशीलता कार्यशाला हुई आयोजित। खबर बांदा से है, जहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण एवं यौन रोग कार्यक्रम के तहत जनपदीय चिकित्साधिकारियों के लिए अभिमुखीकरण एवं संवेदनशीलता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विजेंद्र सिंह और जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यशाला में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जांच, उपचार, परामर्श, एआरटी सेवाओं, यौन एवं प्रजनन संक्रमण के प्रबंधन तथा एचआईवी अधिनियम 2017 की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की समझ मजबूत कर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देना रहा।1
- ग्राम पंचायत अमारा ( बांदा) ग्राम पंचायत अमारा के प्रधान द्वारा कोई सुनाई नही हो ग्राम प्रधान का कहना है अपनी private जमीन दोगे तभी नाली की सुभिधा मिलेगी नही ऐसे ही रहेगा4
- बांदा ब्रेकिंग - विश्व नदी दिवस पर केन नदी को बचाने के लिए गंगा समग्र का हल्लाबोल, डीएम को सौंपा ज्ञापन, *एंकर -* विश्व नदी दिवस के अवसर पर बुंदेलखंड की जीवनदायिनी माँ केन नदी को बचाने के लिए आज गंगा समग्र ने मोर्चा खोल दिया। गंगा समग्र, कानपुर प्रांत, जिला बांदा के नेतृत्व में केन नदी किनारे बांध के ऊपर, जहां निमनी नाला नदी में गिरता है, वहां विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। *VO -* कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से शहर के निमनी नाला और करिया नाले का जहरीला और गंदा पानी सीधे केन नदी में गिराया जा रहा है। इस गंदे पानी को रोकने के लिए करोड़ों की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तो कागजों में बना दिए गए, लेकिन जमीन पर वो अधूरे और बंद पड़े हैं। कनवारा के पास बना STP प्लांट तैयार होने के बाद भी वर्षों से बंद है और उसके नाम पर हर साल लाखों रुपए निकाले जा रहे हैं। इस प्रदूषित पानी के कारण पूरे शहर के लोग बीमार हो रहे हैं। प्रदर्शन के बाद संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 7 दिन में कार्रवाई की मांग की है। *नेताओं ने कहा -* *बाइट 1 - महेश कुमार प्रजापति, जिला संयोजक, गंगा समग्र -* "जय माँ केन! आज विश्व नदी दिवस है लेकिन शर्म की बात है कि हमारी माँ केन नदी आज नाला बनकर रह गई है। करोड़ों का STP प्लांट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। अगर 7 दिन में नाले का पानी बंद नहीं हुआ और दोषियों पर FIR नहीं हुई तो गंगा समग्र पूरे बांदा को लेकर DM कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देगा।" *बाइट 2 - प्रेम गुप्ता, जिला अध्यक्ष, युवा व्यापार मंडल -* "व्यापारी समाज भी आज बहुत परेशान है। गंदे पानी के कारण पूरा शहर बीमार हो रहा है। शासन ने टैक्स तो पूरा लिया लेकिन नदी को शुद्ध करने के नाम पर केवल घोटाला किया।" *बाइट 3 - राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला महामंत्री, गौ रक्षा समिति -* "जहाँ गंदा पानी होगा, वहाँ गौ माता कैसे पानी पिएगी? इस जहरीले पानी से गौवंश बीमार होकर मर रहे हैं। यह गौ माता पर भी अत्याचार है।" *बाइट 4 - महेश कुमार धुरीया, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष -* "कनवारा और निमनी नाले के नाम पर जो करोड़ों का घोटाला हुआ है, उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।" *मुख्य मांगें -* 1. निमनी और करिया नाले के पानी को तत्काल केन नदी में गिरने से रोका जाए। 2. दोनों STP प्लांटों की जांच कराकर दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज हो। 3. जब तक प्लांट चालू न हो, वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इस दौरान लोहा सिंह, रोहित, नंदकिशोर, अंकित, राजकुमार, विकास सिंह, सरवन सिंह, विनय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे।4
- जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल, तिंदवारी की सड़कों पर भरा पानी तिंदवारी नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था की बदहाली के चलते बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया है। वीडियो में देख सकते है की तिंदवारी नगर की सड़क पूरी तरह जलमग्न नजर आ रही है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद पानी की निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण सड़क पर घंटों पानी जमा रहता है। जलभराव के चलते पैदल राहगीरों के साथ ही बाइक और अन्य वाहन चालकों को भी पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। लोगों ने नगर पंचायत से जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने और जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है।1
- मलवा हादसे में चार की मौत तीन घायल, DM निधि गुप्ता वत्स ने दो जानकारी1