पूरे झारखंड भर में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल टाइम में बड़ा बदलाव किया गया है। झारखंड में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल के टाइम शेड्यूल में बदलाव किया गया है जिसके तहत सभी तरह के स्कूल सरकारी गैर सरकारी और निजी सभी स्कूलों के टाइम में बदलाव किया गया है केजी से आठवीं क्लास तक के बच्चों के स्कूल टाइम सुबह 8:00 बजे से 11:30 तक रखा गया है वहीं कक्षा नौवीं से 12 वीं तक के टाइमिंग सुबह 7:00 से 12:00 तक रखा गया है। वहीं शिक्षक और कर्मचारीयों का टाइम सुबह 7:00 बजे से लेकर दोपहर 1:00 बजे तक रखा गया है। मालूम हो कि यह नियम 21 अप्रैल से राज्य के सभी स्कूलों के लिए लागू होंगे तथा इसकी प्रति राजभर के सभी स्कूलों को भेजा गया है, सरकार का यह नियम राजभर के छात्र छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि उन्हें तेज धूप से बचाया जा सके और साथ ही निर्देश दिया गया है की इस नियम का पालनपुर राजभर के सभी स्कूलों को पालन करना जरूरी है।
पूरे झारखंड भर में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल टाइम में बड़ा बदलाव किया गया है। झारखंड में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल के टाइम शेड्यूल में बदलाव किया गया है जिसके तहत सभी तरह के स्कूल सरकारी गैर सरकारी और निजी सभी स्कूलों के टाइम में बदलाव किया गया है केजी से आठवीं क्लास तक के बच्चों के स्कूल टाइम सुबह 8:00 बजे से 11:30 तक रखा गया है वहीं कक्षा नौवीं से 12 वीं तक के टाइमिंग सुबह 7:00 से 12:00 तक रखा गया है। वहीं शिक्षक और कर्मचारीयों का टाइम सुबह 7:00 बजे से लेकर दोपहर 1:00 बजे तक रखा गया है। मालूम हो कि यह नियम 21 अप्रैल से राज्य के सभी स्कूलों के लिए लागू होंगे तथा इसकी प्रति राजभर के सभी स्कूलों को भेजा गया है, सरकार का यह नियम राजभर के छात्र छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि उन्हें तेज धूप से बचाया जा सके और साथ ही निर्देश दिया गया है की इस नियम का पालनपुर राजभर के सभी स्कूलों को पालन करना जरूरी है।
- बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जयंती समारोह के मौके पर समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया दीप प्रज्वलन रिम्स के निदेशक डॉ राजकुर सर के द्वारा किया गया। दीप प्रज्वलन के बाद गणमान्य लोगों को बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर देकर , और पगड़ी पहना कर किया गया।, आयोजन बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के 135 जयंती पर किया गया।1
- सिसई प्रखंड के छारदा रोड़ में भव्य बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन संध्या भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। गंगा आरती को देखने के उमड़ी श्रद्धालुओं की भींड। सिसई में पहली बार ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित होने से भक्तों में भक्ति जाग उठा हैं, लोग दिन रात एक कर कार्यक्रम में शामिल हुए।1
- चैनपुर : चैनपुर थाना क्षेत्र के साफी नदी (रामपुर) के पास आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर एक ऑटो नदी के पुल के डिवाइडर में जा फंसा। इस भीषण टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- जिले के बसिया प्रखंड स्थित कोनबीर NHPC ग्राउंड में क्रिकेट का अभ्यास करने वाले बच्चे इन दिनों अपनी खेल प्रतिभा निखारने के बजाय नशेड़ियों के आतंक से जूझ रहे हैं। खेल का मैदान जो कभी बच्चों की मेहनत और ऊर्जा का केंद्र हुआ करता था, अब शाम ढलते ही शराबियों और नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है। नशेड़ियों द्वारा मैदान में फोड़ी गई शराब और बीयर की बोतलों के कांच के टुकड़े बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। *₹20 हजार की मैट जलाई, ग्राउंड को बनाया कचरा घर* अकादमी के कोच राजू राम ने प्रशासन के समक्ष अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि नशेड़ियों की करतूतें अब बर्दाश्त से बाहर हो गई हैं। दो दिन पूर्व ही अराजक तत्वों ने एकेडमी की ₹20,000 मूल्य की मैट जलाकर राख कर दी। इसके अलावा, रोजाना ग्राउंड में बीयर और दारू की बोतलें फोड़ी जा रही हैं। स्थिति यह है कि पिछले दो दिनों से एकेडमी के नन्हे खिलाड़ी खुद ग्राउंड से कांच के टुकड़े चुनकर उसे साफ कर रहे हैं, ताकि खेलते समय उनके साथियों को चोट न लगे। *खिलाड़ी बच्चों में भय का माहौल, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा पर सवाल* अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे बच्चों, विशेषकर बालिकाओं का कहना है कि शाम के वक्त यहां अभ्यास करने में उन्हें डर लगता है। नशेड़ियों के जमावड़े के कारण खेल का माहौल दूषित हो गया है। बच्चों का कहना है कि वे पूरे उत्साह के साथ प्रैक्टिस करने आते हैं, लेकिन हर वक्त मन में यही डर रहता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। *प्रशासन से 'अभय' माहौल की मांग* कोच राजू राम और एकेडमी के सभी खिलाड़ियों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि ग्राउंड में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर पूर्णतः रोक लगाई जाए और नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए। कोच ने कहा, "हम बच्चों को एक भय-मुक्त वातावरण देना चाहते हैं, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपना खेल खेल सकें और प्रखंड सहित जिले का का नाम रोशन कर सकें।" अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इन नशेड़ियों पर नकेल कसता है और कब खेल के मैदान को पुनः बच्चों के लिए सुरक्षित बनाता है।2
- Post by Altamas Rja1
- प्राकृति पर्व सरहुल पर आदिवासी समाज की उमड़ी भीड़ भेषभूषा व पारंपरिक वाद्य यंत्र तथा डीजे के धुन पर नृत्य करते समाज के लोग1
- Post by AAM JANATA1
- गुमला समाहरणालय सभागार में आज जिला स्तरीय उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ #gumla #jharkhand1