एमडीएमए का बढ़ता नशा युवाओं के लिए खतरे की घंटी, महंगा नशा जुटाने के लिए चोरी तक का सहारा भीलवाड़ा। शहर और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं के बीच एमडीएमए जैसे नशीले पदार्थों का बढ़ता चलन चिंता का विषय बनता जा रहा है। यह नशा महंगा होने के बावजूद युवा इसकी गिरफ्त में आते जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एमडीएमए लेने के बाद कुछ समय के लिए व्यक्ति को खुशी, उत्साह और अधिक एनर्जी महसूस हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी आदत मानसिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करने लगती है। डॉक्टर के अनुसार एमडीएमए की कीमत करीब 2 हजार से 2500 रुपए प्रति ग्राम तक बताई जा रही है। महंगा होने के बावजूद इसके सेवन की प्रवृत्ति युवाओं में बढ़ रही है। नशे की लत इतनी गहरी हो सकती है कि कुछ लोग नशे के लिए पैसे जुटाने के लिए चोरी जैसी गतिविधियों का सहारा लेने लगते हैं। नशा नहीं मिले तो जिंदगी लगती है 'स्लो' विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार नशे का सेवन करने वाले युवाओं में धीरे-धीरे सामान्य जिंदगी फीकी या धीमी लगने लगती है। नशा करने के बाद मिलने वाली कृत्रिम खुशी और ऊर्जा की तुलना में सामान्य अवस्था उन्हें कम सक्रिय महसूस हो सकती है। यही स्थिति व्यक्ति को बार-बार नशे की ओर धकेल सकती है। नशा छोड़ने के लिए सिर्फ दवा काफी नहीं आरवीआरएस मेडिकल कॉलेज, भीलवाड़ा के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष एवं मनोचिकित्सक डॉ. वीरभान चंचलानी (MBBS, MD Psychiatry) के अनुसार नशा छुड़ाने के लिए व्यक्ति के आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। इसके लिए केवल दवाइयों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। डॉ. चंचलानी के अनुसार नशा छोड़ने की प्रक्रिया में भावनात्मक सहयोग, आवश्यकता के अनुसार दवाइयों का सपोर्ट और स्वयं व्यक्ति का मोटिवेशन तीनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि नशे की गिरफ्त में आया व्यक्ति इन तीनों पहलुओं पर काम करे और नशा छोड़ने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति रखे तो वह नशे की आदत से बाहर निकल सकता है। परिवार और समाज की भूमिका भी अहम विशेषज्ञों के अनुसार नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखने के बजाय इसके मानसिक और सामाजिक पहलुओं को भी समझना जरूरी है। युवाओं में नशे की शुरुआत को रोकने के लिए परिवार को उनके व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को ताने देने के बजाय उचित चिकित्सकीय एवं भावनात्मक सहयोग देना जरूरी है। विशेषज्ञ की सलाह: नशे की आदत से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय मनोचिकित्सक या नशा मुक्ति विशेषज्ञ से चिकित्सकीय सलाह दिलाना चाहिए। समय पर मदद मिलने से नशे की लत से बाहर निकलने की संभावना बेहतर हो सकती है।
एमडीएमए का बढ़ता नशा युवाओं के लिए खतरे की घंटी, महंगा नशा जुटाने के लिए चोरी तक का सहारा भीलवाड़ा। शहर और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं के बीच एमडीएमए जैसे नशीले पदार्थों का बढ़ता चलन चिंता का विषय बनता जा रहा है। यह नशा महंगा होने के बावजूद युवा इसकी गिरफ्त में आते जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एमडीएमए लेने के बाद कुछ समय के लिए व्यक्ति को खुशी, उत्साह और अधिक एनर्जी महसूस हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी आदत मानसिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करने लगती है। डॉक्टर के अनुसार एमडीएमए की कीमत करीब 2 हजार से 2500 रुपए प्रति ग्राम तक बताई जा रही है। महंगा होने के बावजूद इसके सेवन की प्रवृत्ति युवाओं में बढ़ रही है। नशे की लत इतनी गहरी हो सकती है कि कुछ लोग नशे के लिए पैसे जुटाने के लिए चोरी जैसी गतिविधियों का सहारा लेने लगते हैं। नशा नहीं मिले तो जिंदगी लगती है 'स्लो' विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार नशे का सेवन करने वाले युवाओं में धीरे-धीरे सामान्य जिंदगी फीकी या धीमी लगने लगती है। नशा करने के बाद मिलने वाली कृत्रिम खुशी और ऊर्जा की तुलना में सामान्य अवस्था उन्हें कम सक्रिय महसूस हो सकती है। यही स्थिति व्यक्ति को बार-बार नशे की ओर धकेल सकती है। नशा छोड़ने के लिए सिर्फ दवा काफी नहीं आरवीआरएस मेडिकल कॉलेज, भीलवाड़ा के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष एवं मनोचिकित्सक डॉ. वीरभान चंचलानी (MBBS, MD Psychiatry) के अनुसार नशा छुड़ाने के लिए व्यक्ति के आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। इसके लिए केवल दवाइयों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। डॉ. चंचलानी के अनुसार नशा छोड़ने की प्रक्रिया में भावनात्मक सहयोग, आवश्यकता के अनुसार दवाइयों का सपोर्ट और स्वयं व्यक्ति का मोटिवेशन तीनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि नशे की गिरफ्त में आया व्यक्ति इन तीनों पहलुओं पर काम करे और नशा छोड़ने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति रखे तो वह नशे की आदत से बाहर निकल सकता है। परिवार और समाज की भूमिका भी अहम विशेषज्ञों के अनुसार नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखने के बजाय इसके मानसिक और सामाजिक पहलुओं को भी समझना जरूरी है। युवाओं में नशे की शुरुआत को रोकने के लिए परिवार को उनके व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को ताने देने के बजाय उचित चिकित्सकीय एवं भावनात्मक सहयोग देना जरूरी है। विशेषज्ञ की सलाह: नशे की आदत से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय मनोचिकित्सक या नशा मुक्ति विशेषज्ञ से चिकित्सकीय सलाह दिलाना चाहिए। समय पर मदद मिलने से नशे की लत से बाहर निकलने की संभावना बेहतर हो सकती है।
- सर्विस, एजुकेशन, डिवोशन एंड टैलेंट—चित्तौड़गढ़ एंड बेगूं से फाइव बिग अपडेट्स स्कूल चिल्ड्रन को स्कूल बैग एंड स्टेशनरी, उदित जैन बिकेम TPF प्रेसिडेंट, 101 टैलेंट्स विल बी ऑनर्ड, FMG इंटर्न्स रेज स्टाइपेंड डिमांड एंड चित्तौड़ की सृष्टि कुमावत शाइन्स इन राजस्थानी फिल्म इंडस्ट्री1
- नगर परिषद के चुनावी प्रतिद्वंदी होने के बावजूद आपसी प्रेम बरकरार तरुण जोशी राजसमंद 9414 239644 नगर परिषद चुनाव को लेकर प्रत्याशियों का डोर टू डोर सर्वे, वार्ड नंबर 9 में कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी साथ में करते दिखे कन्विंसिंग, प्रत्याशी देखकर विकास के नाम पर मांग रहे समर्थन, चुनावी प्रतिद्वंदी होने के बावजूद आपसी प्रेम बरकरार,1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद4
- जादूगर रामगोपाल टाक बर ने मनोरंजन हेतु दिखाया जादू ,देखना चाहिए बर ग्राम निवासी जादूगर रामगोपाल टाक बर के द्वारा मनोरंजन हेतु जादू दिखाया गया। जिसका किसी से प्रत्याशी से कोई संबंध नहीं है ।1
- 12 दिन की सेवा के बाद राम रसोड़े का समापन, यात्रियों को भेंट की 90 साड़ियां 1000 से 1500 यात्रियों को रोज मिला नि:शुल्क भोजन, 300 के ठहरने की व्यवस्था; भामाशाहों ने साड़ियां देकर महिला यात्रियों का किया सम्मान पवन अग्रवाल चिकारड़ा। राती मंगरी मंगलवाड़ क्षेत्र में मंगलवाड़-चित्तौड़ मार्ग पर बाबा रामदेव मंदिर जाने वाले यात्रियों की सेवा के लिए पिछले 12 दिनों से चल रहा राम रसोड़ा बुधवार को श्रद्धा और सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ। राम रसोड़े में प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 यात्रियों को नि:शुल्क भोजन, 300 यात्रियों के एक साथ ठहरने की व्यवस्था, चाय-नाश्ता तथा दवाइयां 24 घंटे उपलब्ध कराई गईं। राम रसोड़े के संचालक एवं संयोजक डॉ. ताराचंद ने बताया कि सेवा कार्य में मंगलवाड़ सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने वॉलेंटियर बनकर पूरे उत्साह से यात्रियों की सेवा की। भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था के साथ यात्रियों को सम्मान देने की भी पहल की गई। भामाशाहों ने 90 साड़ियां भेंट कर महिला यात्रियों का किया सम्मान उदयपुर के भामाशाहों की ओर से यात्रियों के लिए 40 साड़ियां उपलब्ध कराई गईं, जिन्हें रामदेवरा जाने-आने वाली महिला यात्रियों को सम्मानपूर्वक भेंट किया गया। इस पहल से प्रेरित होकर करीब 70 किलोमीटर दूर जनकपुरी, उदयपुर से पुष्पा सुथार एवं देवीलाल सुथार 50 साड़ियां लेकर राम रसोड़े पहुंचे। इस दौरान कौशल्या कुंवर, मंजू बाला, पल कुमार, उषा मोगरा, कुशबा जनवा, श्यामलाल, नरेश मेघवाल, रामचंद्र पाटीदार, लोकेश पाटीदार, जयप्रकाश मेघवाल, कुशल पाटीदार, मंजू मेघवाल, त्रिलोकनाथ, केल मोगरा, अक्षत मेघवाल, लकी मेघवाल एवं छोटा काका सहित अन्य लोगों ने यात्रियों को अपने हाथों से साड़ियां भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान पाकर यात्रियों ने आयोजकों, वॉलेंटियर्स और भामाशाहों का आभार जताते हुए कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें इस तरह सम्मानित किए जाने का अनुभव पहली बार मिला है। उन्होंने सभी के लिए बाबा रामदेव से सुख-समृद्धि की कामना की। राम रसोड़े में प्रतिदिन भजनों की धुन पर महिला-पुरुष और बच्चे-बच्चियां जमकर नृत्य करते रहे, जिससे माहौल भक्तिमय बना रहा। समापन अवसर पर सैकड़ों यात्रियों की मौजूदगी में भामाशाहों का राम रसोड़ा संचालक एवं टीम ने सम्मान किया। डॉ. ताराचंद ने कहा कि अगले वर्ष बाबा ने चाहा तो इससे भी भव्य पंडाल लगाकर 500 बेड की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही भगवान की सेवा है। मानव, गौ, मूक-बधिर और पक्षियों की सेवा से पुण्य लाभ अर्जित किया जा सकता है।4
- *अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान दल रवाना, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए दिए आवश्यक निर्देश* चित्तौड़गढ़। निंबाहेड़ा नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत सहायक रिटर्निंग अधिकारी विकास पंचोली के निर्देशन में मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार को मतदान कार्मिकों को अंतिम प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के बाद मतदान दलों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। प्रशिक्षण में मतदान प्रक्रिया, ईवीएम संचालन, मॉकपोल, निर्वाचन सामग्री एवं मतदान दिवस की सम्पूर्ण प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई,,,,*👮🚓🚔🚨🌹🌹1
- दोनों नगरीय निकायों के 50 वार्डो के लिए 32 हजार 806 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे जिले में द्वितीय चरण के मतदान के लिए मतदान दल रवाना 2 नगरीय निकायों के बूथों के लिए मतदान दलों की हुई रवानगी दोनों नगरीय निकायों के 50 वार्डो के लिए 32 हजार 806 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे ब्यावर जिले में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत जिले में द्वितीय चरण में 11 सितम्बर को 2 नगरीय निकायों के लिए होने वाले मतदान के लिए गुरुवार को मतदान दलों की रवानगी की गई। द्वितीय चरण में जिले की दो नगरपालिकाओं जैतारण व रायपुर के लिए नियुक्त 50 मतदान दलों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उनके संबंधित मतदान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया। रवानगी स्थल पर मतदान दलों को आवश्यक निर्वाचन सामग्री उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण तथा वाहनों की व्यवस्था की गई थी। जिला निर्वाचन अधिकारी कमल राम मीना ने बताया कि द्वितीय चरण के मतदान के लिए जिले के दो नगरपालिकाओं जैतारण व रायपुर के मतदान दलों की रवानगी उनके निर्धारित स्थानों से की गई। उन्होंने सभी मतदान कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराना हम सब कि नैतिक जिम्मेदारी है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप नगर निकायों के चुनावों को निष्पक्षता के साथ सुचारू रूप से संपन्न कराना है। उन्होंने सभी पीठासीन अधिकारी व कार्मिकों को मतदान के दिन आयोग के निर्देशानुसार सुचारु रूप से मतदान कराने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में कुल 50 बूथों पर मतदान होगा। निकायों के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी कार्यालयों से मतदान दलों की रवानगी की गई है। द्वितीय चरण में नगर पालिका रायपुर के 25 वार्डो के 13 हजार 927 एवं जैतारण में 25 वार्डो के 18 हजार 879 तथा दोनों नगरपालिकाओं के कुल 32 हजार 806 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस मोबाइल यूनिट बारी-बारी से गश्त करेंगी।1
- झूँठा में वीर तेजाजी की भव्य प्रतिमा की स्थापना, बावरी समाज के सहयोग से झूँठा में वीर तेजाजी की भव्य प्रतिमा स्थापित, बावरी समाज के सहयोग से हुआ आयोजन झूँठा। गांव झूँठा में लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज की भव्य प्रतिमा की स्थापना की गई। प्रतिमा स्थापना को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। इस आयोजन में बावरी समाज की ओर से विशेष सहयोग किया गया। प्रतिमा स्थापना के दौरान श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के जयकारे लगाए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। आयोजन में समाज के लोगों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने कहा कि वीर तेजाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित होने से क्षेत्र में धार्मिक आस्था को और मजबूती मिलेगी। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने लोकदेवता वीर तेजाजी के आदर्शों और उनके बलिदान को याद किया।1
- ट्रैक्टर ट्राली खाई में पलटी, ड्राइवर नीचे दबा: राहगीरो ने बचाया, बिजली के खंभे जोधपुर ले जाते समय हुआ हादस भीम : पाली के मंडिया बाईपास स्थित पाली जोधपुर रोड पर लाइट के खम्भों से भरा ट्रैक्टर- ट्रॉली असंतुलित होकर सड़क के किनारे खाई में पलट गया l हादसे में ड्राइवर ट्रैक्टर के नीचे दब गया l दुर्घटना के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई l लोगों ने ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला l और अस्पताल पहुंचाया गनीमत रही की उसे गंभीर चोट नहीं आई l1