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रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पंडरी थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान शातिर हिस्ट्रीशीटर वाहन चोर अभिषेक राय उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया है। 26 वर्षीय इस आरोपी के कब्जे से चोरी के तीन दोपहिया वाहन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक समेत कुल चार वाहन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वाहन चोरी, चोरी और डकैती सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह अपने भाई के साथ मिलकर पंडरी और विधानसभा सहित अलग-अलग क्षेत्रों से वाहनों की चोरी करता था और पकड़े जाने से बचने के लिए चोरी की गाड़ियों के नंबर प्लेट बदल देता था। इस मामले में आरोपी का भाई फिलहाल फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
स्वरांजली न्यूज
रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पंडरी थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान शातिर हिस्ट्रीशीटर वाहन चोर अभिषेक राय उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया है। 26 वर्षीय इस आरोपी के कब्जे से चोरी के तीन दोपहिया वाहन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक समेत कुल चार वाहन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वाहन चोरी, चोरी और डकैती सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह अपने भाई के साथ मिलकर पंडरी और विधानसभा सहित अलग-अलग क्षेत्रों से वाहनों की चोरी करता था और पकड़े जाने से बचने के लिए चोरी की गाड़ियों के नंबर प्लेट बदल देता था। इस मामले में आरोपी का भाई फिलहाल फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
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- एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ में स्कूल निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर उनसे उनकी पढ़ाई, भविष्य और प्रशासन से जुड़े कई सवाल पूछे। इसी दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए बच्चों से एक मजेदार सवाल किया कि "आखिर असली जलवा किसका रहता है—मंत्री, कलेक्टर या एसपी?" बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के अपने-अपने अंदाज में इसके जवाब दिए। किसी ने मंत्री का नाम लिया, किसी ने कलेक्टर का, तो किसी ने एसपी का। बच्चों के ये मासूम और मजेदार जवाब सुनकर वहां मौजूद शिक्षक, अधिकारी और स्वयं मंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इस बातचीत के दौरान यह बात भी सामने आई कि कुछ बच्चों को अपने क्षेत्र के मंत्री और अधिकारियों के नाम तक पता नहीं थे। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों को सामान्य ज्ञान मजबूत करने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की सीख दी। अब इस आत्मीय बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग बच्चों की मासूमियत के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्री के इस सहज व्यवहार की जमकर सराहना कर रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आज मौसम खराब रहने और दिन भर बादल छाए रहने की आशंका बनी हुई है। इलाके में वर्तमान में हल्की-हल्की बारिश आ रही है, जिससे ऐसा लग रहा है कि आज या कल किसान भाइयों की फसल फिर लाने लगेगी।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही, बैठक में वर्ष 2029 की रणनीति को लेकर भी मंथन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में मौजूद सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी दलों से "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की।1
- अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित सोनमुंडा ग्लास स्काईवॉक पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए अत्याचार और दबंगई का अड्डा बन गया है। मां नर्मदा की पावन नगरी में नगर पालिका की आड़ में तैनात दर्जन भर से अधिक युवक यहां आने वाले श्रद्धालु परिवारों के साथ सरेआम बदतमीजी और बदसलूकी कर रहे हैं। शांति और दर्शन की चाह में आने वाले लोग अपने परिवारों के साथ होने के कारण इन दबंगों के दुर्व्यवहार को चुपचाप सहने के लिए मजबूर हैं। ये युवक न केवल पर्यटकों की जेब काट रहे हैं, बल्कि उनके सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहे हैं। इस ग्लास स्काईवॉक पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। 38 लाख रुपये के ठेके और 20 रुपये के टिकट के इस खेल में यात्रियों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतनी ऊंचाई पर बने स्काईवॉक पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो कोई बचाव तंत्र (Safety System) मौजूद है और न ही कोई सुरक्षा सामग्री रखी गई है। हजारों की भारी भीड़ के बीच यदि कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है। इस पूरी स्थिति ने नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेका देते समय सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। सुविधा के नाम पर रास्ता रोकना, यात्रियों को धमकाना और उनका अपमान करना ही अब यहां की हकीकत बन चुका है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि श्रद्धालुओं का सम्मान ठेकेदारों के हाथों बिक चुका है।1
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- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना नगर पंचायत में एक शासकीय स्कूल पर बुलडोजर चलाकर उस पर अवैध कब्जा करने और फिर वहां निर्माण कार्य कराए जाने के मामले में बड़े चेहरों के नाम सामने आने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, कथित मिलीभगत के चलते वर्षों पुराने इस शासकीय स्कूल और तालाब को तोड़कर एक कारोबारी के हवाले कर दिया गया है। इतनी तेजी से स्कूल हटाकर वहां निर्माण कार्य कराए जाने के इस फैसले ने पूरे क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों की निगाहें अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या यह जांच निष्पक्ष और गहराई से होगी ताकि इसमें शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों की भूमिका उजागर हो सके। स्वतंत्र नागरिक दिव्येश पाण्डेय के अनुसार, भ्रष्टाचार के इस पूरे मामले पर जनता की नजर बनी हुई है और जल्द ही कई और बड़ी खबरें सामने आने की उम्मीद है।1
- सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दाल गांव में बारिश न होने के कारण किसान भाई बेहद परेशान हैं और उनकी लहलहाती खेती पानी के लिए तरस रही है। गाँव में मौसम का हाल यह है कि अत्यधिक उमस बढ़ गई है, जिससे खेती पर संकट मंडरा रहा है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों को देखकर ऐसा लग रहा है कि अभी अगले दो-तीन सप्ताह तक बारिश नहीं होगी, जिससे किसानों की चिंताएं और अधिक गहरी हो गई हैं।1
- शहडोल जिले की सीमा पर स्थित रामपुर में अपराध की बढ़ती घटनाएं बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। जब से रामपुर में कोयला खदान खुली है, तब से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में भारी वृद्धि हुई है। रातोंरात अमीर बनने के लालच में कुछ लोग अपराध का रास्ता चुन रहे हैं। ऐसे में यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इन अपराधियों के पीछे कौन सी ताकतें हैं और वे आखिर किसके इशारे पर इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में हुए एक गोलीकांड में एक युवक की मौत होने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी गहन जांच किए जाने की सख्त जरूरत है। रामपुर में बेखौफ अपराधियों की इस हरकत से लोग बेहद चिंतित हैं और मध्य प्रदेश पुलिस, डीजीपी और एडीजीपी शहडोल से मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस की मौजूदगी में पत्रकार अमित पांडेय की बेरहमी से पिटाई का बेहद संगीन मामला सामने आया है। एक बेबस परिवार की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े से हड़पने और विरोध करने पर भू-स्वामी की हत्या करने वाले कथित भू-माफियाओं का पर्दाफाश करने की सजा पत्रकार को इस तरह भुगतनी पड़ी है। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे सूबे में 'सुशासन' के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं और इलाके की न्यायप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि थाने के भीतर, पुलिस बल और खुद एसडीओपी (SDOP) ध्रुवेश जायसवाल की मौजूदगी में सत्ता से जुड़े गुंडों ने पत्रकार के गिरेबान पर हाथ डाला और उन्हें बेरहमी से लहूलुहान कर दिया, जबकि कानून के रखवाले मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। यह सवाल बेहद तेजी से उठ रहा है कि क्या खुद एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने ही भू-माफियाओं से साठगांठ कर साजिश के तहत पत्रकार को थाने बुलवाया था ताकि गुंडे पुलिस के 'सुरक्षित घेरे' में अपनी भड़ास निकाल सकें। एसडीओपी का इतिहास भी काफी दागदार रहा है; बलरामपुर (वाड्रफनगर) में पदस्थापना के दौरान भी उन पर कोयला-रेत माफिया से मिलकर निर्भीक पत्रकारों को फर्जी केस में फंसाने के आरोप लगे थे, जिसकी जांच के निर्देश मानवाधिकार आयोग (NHRC) को देने पड़े थे। इसके अलावा सरगुजा (अम्बिकापुर) कार्यकाल के दौरान आदिवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवाओं के लाखों रुपये डकारने वाले भ्रष्ट एनजीओ को मूक संरक्षण देने के मामले में भी उनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही थी। पत्थलगांव को रसूखदार व्यापारियों और 'सेठों' का गढ़ माना जाता है, जहाँ अरबों रुपये के जमीन फर्जीवाड़े, कोयला चोरी, अवैध रेत खनन और नकली बीज बेचने जैसे काले धंधे चलते हैं। जब पत्रकार अमित पांडेय ने इनके काले कारनामों को बेनकाब किया, तो इन रसूखदारों ने पुलिस को अपनी 'प्राइवेट सिक्योरिटी' की तरह इस्तेमाल किया। सच दिखाने वाले ईमानदार पत्रकार को डराने के लिए अब उन पर वसूली (Extortion) के झूठे केस थोपने की धमकी देकर चरित्र हनन की घटिया साजिशें रची जा रही हैं। इस संकट की घड़ी में भी सत्ता की चाटुकारिता करने वाले कुछ स्वयंभू पत्रकार और प्रेस क्लब के दलाल रसूखदारों के तलवे चाटने में व्यस्त हैं और पीड़ित पत्रकार के खिलाफ खड़े हैं। इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की भूमिका भी पूरी तरह रीढ़विहीन नजर आ रही है। कांग्रेस के बड़े नेता केवल अपने बंद कमरों में बैठकर सोशल मीडिया पर निंदा-प्रस्ताव के दो-चार पोस्ट डालकर कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं, क्योंकि पत्थलगांव के इन 'सेठों' के तार कांग्रेस के बड़े नेताओं की जेबों से भी जुड़े हुए हैं। सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि सरगुजा संभाग से आने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा), जो इस समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) बनने की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं, अपने ही क्षेत्र में हुई इतनी बड़ी वारदात पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। सुशासन के नाम पर चल रहे इस नंगे नाच के खिलाफ अब सीधे 'जनता बनाम व्यवस्था' की जंग छिड़ गई है और लोग सोशल मीडिया पर आरोपी एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल को सस्पेंड करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।1