*राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर आज बच्चों को खिलाई गयी एल्बेंडाजाल कृमि नाशक दवा *मया - बाज़ार (अयोध्या): राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर आज 10 अगस्त सोमवार को शिक्षा क्षेत्र मया के अन्तर्गत स्थित बीना सबीना पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोशाईगंज, मया - अयोध्या में सभी बच्चों को खिलाई गयी एल्बेंडाजाल कृमि नाशक दवा।और बच्चों को पेट के कीड़े के बारे में बताया गया की कृमि नाशक एलबेंडाजाल 6 महीने में एक बार जरूर खाना चाहिये। नहीं तो पेट के कीड़े लीवर पर अटैक कर देते हैं, जिसकी वजह से बच्चों को पेट दर्द,भूख न लगना,आंतों में रुकावट, वजन घटना,उल्टी,दस्त एनीमिया (खून की कमी) एवं चिड़चिड़ापन जैसी गम्भीर एवं जटिल संक्रमण के शिकार हो जाते हैं, जिसके कारण बच्चों का पढ़ने में बिल्कुल मन नहीं लगता हैं। इसलिए 1 साल से 19 साल तक के बच्चों को सभी विद्यालयों में सरकार द्वारा निःशुल्क एल्बेंडाजोल की दवा साल में दो बार अगस्त और फरवरी महीने में खिलाई जाती हैं,ताकि बच्चों के पेट में कीड़े की रोकथाम पर काबू पाया जा सकें। लेकिन एल्बेंडाजाल की गोली को चबाकर ही खाना चहिये,एवं उसके बाद एक गिलास पानी जरूर पीना चाहिये।प्रभारी प्रधानाध्यक एम.ए. इदरीशी ने सभी बच्चों को एल्बेंडाजाल कृमि नाशक दवा खाने के बारे में एवं उसके फायदे के विषय में विस्तार से जानकारी दी। सीएचसी मया बाज़ार राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मोहम्मद आज़म ने बताया कि एल्बेंडाजाल परजीवियों जैसे कि टेपवर्म से होने वाले संक्रमण का इलाज करता हैं, तथा यह परजीवी को मारकर काम करता हैं। सीएचसी मया बाज़ार के बीपीएम अमित कुमार ने बताया कि बच्चों के पेट के कीड़े की वजह से बच्चों में पोषण की कमी कीड़े बच्चों के खाने का जरूरी पोषण खुद चूस लेते हैं। जिससे शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स की कमी होने लगती है। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के अनुशासित शिक्षक मास्टर राहत अली सलमानी, चन्द्रशेखर इण्टर कॉलेज गौहनियाँ बन्दनपुर के सम्मानित प्रबन्धक रामतिलक शर्मा, संदीप तिवारी, सावन तिवारी, अखिलेश गौड़, सचिन सिंह एवं रुख्सार बानों, सहित सभी शिक्षक, शिक्षिकायें एवं बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहें।
*राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर आज बच्चों को खिलाई गयी एल्बेंडाजाल कृमि नाशक दवा *मया - बाज़ार (अयोध्या): राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर आज 10 अगस्त सोमवार को शिक्षा क्षेत्र मया के अन्तर्गत स्थित बीना सबीना पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोशाईगंज, मया - अयोध्या में सभी बच्चों को खिलाई गयी एल्बेंडाजाल कृमि नाशक दवा।और बच्चों को पेट के कीड़े के बारे में बताया गया की कृमि नाशक एलबेंडाजाल 6 महीने में एक बार जरूर खाना चाहिये। नहीं तो पेट के कीड़े लीवर पर अटैक कर देते हैं, जिसकी वजह से बच्चों को पेट दर्द,भूख न लगना,आंतों में रुकावट, वजन घटना,उल्टी,दस्त एनीमिया (खून की कमी) एवं चिड़चिड़ापन जैसी गम्भीर एवं जटिल संक्रमण के शिकार हो जाते हैं, जिसके कारण बच्चों का पढ़ने में बिल्कुल मन नहीं लगता हैं। इसलिए 1 साल से 19 साल तक के बच्चों को सभी विद्यालयों में सरकार द्वारा निःशुल्क एल्बेंडाजोल की दवा साल में दो बार अगस्त और फरवरी महीने में खिलाई जाती हैं,ताकि बच्चों के पेट में कीड़े की रोकथाम पर काबू पाया जा सकें। लेकिन एल्बेंडाजाल की गोली को चबाकर ही खाना चहिये,एवं उसके बाद एक गिलास पानी जरूर पीना चाहिये।प्रभारी प्रधानाध्यक एम.ए. इदरीशी ने सभी बच्चों को एल्बेंडाजाल कृमि नाशक दवा खाने के बारे में एवं उसके फायदे के विषय में विस्तार से जानकारी दी। सीएचसी मया बाज़ार राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मोहम्मद आज़म ने बताया कि एल्बेंडाजाल परजीवियों जैसे कि टेपवर्म से होने वाले संक्रमण का इलाज करता हैं, तथा यह परजीवी को मारकर काम करता हैं। सीएचसी मया बाज़ार के बीपीएम अमित कुमार ने बताया कि बच्चों के पेट के कीड़े की वजह से बच्चों में पोषण की कमी कीड़े बच्चों के खाने का जरूरी पोषण खुद चूस लेते हैं। जिससे शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स की कमी होने लगती है। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के अनुशासित शिक्षक मास्टर राहत अली सलमानी, चन्द्रशेखर इण्टर कॉलेज गौहनियाँ बन्दनपुर के सम्मानित प्रबन्धक रामतिलक शर्मा, संदीप तिवारी, सावन तिवारी, अखिलेश गौड़, सचिन सिंह एवं रुख्सार बानों, सहित सभी शिक्षक, शिक्षिकायें एवं बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहें।
- “काकोरी के शहीदों की गूंज, तिरंगे का जोश! CM योगी का हुंकार—हर घर तिरंगा से जुड़ो युवा, देशभक्ति के महासंकल्प से गूंज उठेगा पूरा यूपी!”1
- अयोध्या। सावन के दूसरे सोमवार पर रामनगरी अयोध्या हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी। रिपोर्ट - अश्वनी सोनकर अयोध्या अयोध्या। सावन के दूसरे सोमवार पर रामनगरी अयोध्या हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी। तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए शिवालयों में पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले पवित्र सरयू नदी में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। सरयू स्नान के बाद भक्त प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मान्यता है कि नागेश्वरनाथ मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी। नागेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है। अयोध्या शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और देश की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।1
- रामनगरी अयोध्या हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों से गूंज उठी सावन के दूसरे सोमवार पर बिपिन पांडेय संवाददाता अजय भारत ए बी न्यूज़ अयोध्या लोकेशन अयोध्या ब्रेकिंग अयोध्या। सावन के दूसरे सोमवार पर रामनगरी अयोध्या हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी। तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए शिवालयों में पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले पवित्र सरयू नदी में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। सरयू स्नान के बाद भक्त प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मान्यता है कि नागेश्वरनाथ मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी। नागेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है। अयोध्या शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और देश की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।3
- अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने की प्रेसवार्ता, बोले कृष्ण जन्मभूमि पर1
- ककोरी तिरंगा यात्रा में बोले, सीएम योगी कहीं सुन्दर बात कहां हम शहीदों को करते हैं नमन1