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टीकमगढ़ जिले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का फूल माला से जगह जगह स्वागत हुआ टीकमगढ़ में मीटिंग हुई
राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
टीकमगढ़ जिले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का फूल माला से जगह जगह स्वागत हुआ टीकमगढ़ में मीटिंग हुई
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- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- पलेरा में बेकाबू ट्रैक्टर ने पैदल यात्रियों को रौंदा: एक की मौत, दो घायल; बैंककर्मी का पैर टूटा, रेत ले जा रहा आरोपी ड्राइवर फरार टीकमगढ़ के पलेरा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे एक तेज रफ्तार रेत से भरे ट्रैक्टर ने बाइक सवारों और एक पैदल यात्री को कुचल दिया। नौगांव रोड पर शिवा ऑटो पार्ट्स के सामने हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक बैंककर्मी भी शामिल है, जिसका पैर टूट गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है, जबकि आरोपी ड्राइवर फरार है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ड्राइवर की तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि ट्रैक्टर रेत से भरा हुआ था और अत्यधिक गति से चल रहा था, जिससे यह हादसा हुआ।1
- नमस्कार, मैं हूँ रितेश रावत, झांसी से… और इस वक्त हम मौजूद हैं एक ऐसी खौफनाक घटना के सामने… जिसने इंसानियत और रिश्तों दोनों को झकझोर कर रख दिया है… बताया जा रहा है कि एक पत्नी ने अपने ही पति के खिलाफ अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर एक खतरनाक साजिश रची… शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था… लेकिन धीरे-धीरे इस रिश्ते के पीछे छिपा सच सामने आने लगा… पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की गई… लेकिन आखिरकार सच्चाई छुप नहीं सकी… और पूरा मामला खुल गया… फिलहाल जांच जारी है… और पुलिस हर एंगल से इस केस को देख रही है… कैमरामैन के साथ… 👉 रितेश रावत, झांसी”1
- Post by Manoj Verma1
- Post by संतोष गंगेले कर्मयोगी1
- *केन-बेतवा विस्थापितों का फूटा गुस्सा—प्रशासन को पीछे हटना पड़ा, चिता आंदोलन हुआ और उग्र!* - *जन आंदोलन बना जनसंघर्ष , जनता ने प्रशासन को दौड़ाया* केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित न्याय की मांग कर रहे आदिवासियों और किसानों का धैर्य आज जवाब दे गया। केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहे *'चिता आंदोलन'* के दूसरे दिन हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का *राशन-पानी* रोकने की कोशिश की। प्रशासन की इस दमनकारी कार्रवाई से हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान भड़क उठे। आक्रोशित जनता के भारी विरोध के सामने प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और आंदोलन स्थल से दौड़ लगानी पड़ी। स्थिति को बिगड़ते देख *सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर* ने मोर्चा संभाला और बमुश्किल ग्रामीणों को शांत कराया। *अमित भटनागर* ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासियों के हक की यह लड़ाई अब 'जन संघर्ष' बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन को कुचलने या दमन करने की कोशिश की गई, तो इसके परिणाम और भी उग्र होंगे। जब तक विस्थापितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, यह चिता आंदोलन थमेगा नहीं। हजारों आदिवासी महिलाओं किसान रहे शामिल *मीडिया सेल* *जय किसान संगठन*1
- MP: केन-बेतवा परियोजना पर टकराव, आदिवासी महिलाएं चिता पर लेटीं, कहा- न्याय या मौत, हम पीछे नहीं हटेंगे केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया है। रोक-टोक और धारा 163 लागू आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया और धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गाँव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया है। पन्ना और छतरपुर जिलों की सीमाओं को अलग करने और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही रोकने के प्रशासनिक आदेश पर अमित भटनागर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब परियोजना एक ही है तो लोगों को इस तरह बांटना अन्यायपूर्ण और गैर-तार्किक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपने अत्याचार और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रहा है।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1