मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएँ दी हैं। नववर्ष पर अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की अब तक की विकास यात्रा उपलब्धियों से परिपूर्ण रही है। राज्य की विकास यात्रा संघर्ष, समर्पण और प्रगति की एक प्रेरक गाथा को प्रस्तुत करती है। राज्य आंदोलन के मूल में उत्तराखण्ड के समग्र एवं संतुलित विकास की अवधारणा निहित रही है। इसी भावना को मूर्त रूप देने के लिए पारदर्शिता, जन-सहभागिता एवं नई कार्यसंस्कृति के साथ विकास की एक नई गाथा लिखने की उल्लेखनीय पहल की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र आर्थिक विकास के प्रयासों के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण, पर्यटन, खेती, बागवानी एवं पशुपालन जैसे संभावनाशील क्षेत्रों में किए गए अभिनव और दूरगामी प्रयासों से प्रदेश को देश में एक अलग पहचान मिली है। विकास के प्रति हमारे संकल्पों का ही परिणाम है कि आज देश के अन्य राज्य भी उत्तराखण्ड की नीतियों एवं कार्यक्रमों का अनुसरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार ने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की योजनाएँ जन-जन तक पहुँचें, यह सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास किया गया है। पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा त्वरित निर्णय हमारी सरकार की कार्यशैली की आधारशिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, नकल-रोधी कानून तथा धर्मांतरण के विरुद्ध कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से न्याय, अनुशासन, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ किया गया है। देवतुल्य जनता के विश्वास और सहयोग से विगत चार वर्षों में युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने, किसानों की आय में वृद्धि तथा गरीब एवं वंचित वर्गों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-अपेक्षाओं के अनुरूप सुनियोजित एवं त्वरित विकास की दिशा एवं दशा तय करने में सरकार न केवल सफल रही है, बल्कि अनेक क्षेत्रों में राज्यहित से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अपेक्षा से अधिक सफलता भी प्राप्त हुई है। विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नवाचारों को नीति आयोग द्वारा सराहा गया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को सतत विकास सूचकांक में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। निवेश और उद्योग के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। देश-विदेश के निवेशकों द्वारा प्रदेश में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं, जिनमें से लगभग एक लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग हो चुकी है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने की दिशा में भी ठोस पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने अपनी इस गौरवपूर्ण विकास यात्रा में न केवल भौतिक प्रगति की है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक पहचान को भी सशक्त किया है। हमारा निरंतर प्रयास है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड को और अधिक प्रगति के पथ पर अग्रसर किया जाए। उन्होंने राज्य के विकास में सभी प्रदेशवासियों की सक्रिय सहभागिता की भी कामना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएँ दी हैं। नववर्ष पर अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की अब तक की विकास यात्रा उपलब्धियों से परिपूर्ण रही है। राज्य की विकास यात्रा संघर्ष, समर्पण और प्रगति की एक प्रेरक गाथा को प्रस्तुत करती है। राज्य आंदोलन के मूल में उत्तराखण्ड के समग्र एवं संतुलित विकास की अवधारणा निहित रही है। इसी भावना को मूर्त रूप देने के लिए पारदर्शिता, जन-सहभागिता एवं नई कार्यसंस्कृति के साथ विकास की एक नई गाथा लिखने की उल्लेखनीय पहल की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र आर्थिक विकास के प्रयासों के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण, पर्यटन, खेती, बागवानी एवं पशुपालन जैसे संभावनाशील क्षेत्रों में किए गए अभिनव और दूरगामी प्रयासों से प्रदेश को देश में एक अलग पहचान मिली है। विकास के प्रति हमारे संकल्पों का ही परिणाम है कि आज देश के अन्य राज्य भी उत्तराखण्ड की नीतियों एवं कार्यक्रमों का अनुसरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार ने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की योजनाएँ जन-जन तक पहुँचें, यह सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास किया गया है। पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा त्वरित निर्णय हमारी सरकार की कार्यशैली की आधारशिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, नकल-रोधी कानून तथा धर्मांतरण के विरुद्ध कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से न्याय, अनुशासन, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ किया गया है। देवतुल्य जनता के विश्वास और सहयोग से विगत चार वर्षों में युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने, किसानों की आय में वृद्धि तथा गरीब एवं वंचित वर्गों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-अपेक्षाओं के अनुरूप सुनियोजित एवं त्वरित विकास की दिशा एवं दशा तय करने में सरकार न केवल सफल रही है, बल्कि अनेक क्षेत्रों में राज्यहित से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अपेक्षा से अधिक सफलता भी प्राप्त हुई है। विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नवाचारों को नीति आयोग द्वारा सराहा गया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को सतत विकास सूचकांक में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। निवेश और उद्योग के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। देश-विदेश के निवेशकों द्वारा प्रदेश में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं, जिनमें से लगभग एक लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग हो चुकी है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने की दिशा में भी ठोस पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने अपनी इस गौरवपूर्ण विकास यात्रा में न केवल भौतिक प्रगति की है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक पहचान को भी सशक्त किया है। हमारा निरंतर प्रयास है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड को और अधिक प्रगति के पथ पर अग्रसर किया जाए। उन्होंने राज्य के विकास में सभी प्रदेशवासियों की सक्रिय सहभागिता की भी कामना की।
- दीवानराम, नैनीताल उत्तराखंडओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंडआप, सभी लोगों को नववर्ष पर ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं2 hrs ago
- एसपी रेलवेज़ अरुणा भारती के नेतृत्व में काम करते हुए जीआरपी हरिद्वार पुलिस द्वारा वर्ष 2024 से गुमशुदा दो गुमशुदाओं, एक महिला व एक पुरुष को गैर राज्यों दिल्ली एवं बिहार से नववर्ष से पूर्व सकुशल बरामद कर खुशी-खुशी उनके परिजनों के सुपुर्द किया। कई महीनों से बिछुड़े अपने परिजन को कुशल देखकर परिजन खुशी से फूले नहीं समाए और कप्तान के नेतृत्व की तारीफ करते हुए जीआरपी पुलिस को धन्यवाद दिया। *केस -- 01* महिला रामाबाई (उम्र लगभग 62 वर्ष) वर्ष 2024 में अपने परिजनों के साथ हरिद्वार आई थीं और 22 मई 2024 को प्लेटफार्म नंबर एक पर अधिक भीड़ होने के चलते अपने परिवार वालों से बिछड़ गईं। रामाबाई मानसिक रूप से कमजोर थीं जिस कारण हरिद्वार रेलवे स्टेशन से बिछड़ने पर किसी को सही प्रकार से "कहां जाना है" बता नहीं पाईं। सही प्रकार से बोल नहीं पाती थी। काफी ढूंढ खोज करने पर भी जब रामाबाई नहीं मिलीं तो उनकी बहन कुसुम देवी निवासी कठोलिया पंचायत मझौली मध्य प्रदेश द्वारा थाना जीआरपी हरिद्वार में उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई। तब से लगातार हरिद्वार हिमाचल प्रदेश राजस्थान बिहार उत्तर प्रदेश पंजाब में उनकी ढूंढ खोज कर रही जीआरपी हरिद्वार पुलिस को तब बड़ी सफलता मिली जब लगभग डेढ़ साल बाद नोएडा के अपना घर आश्रम में उक्त रामाबाई मिल गईं जिस पर परिजनों को फोन कर उनकी फोटो से मिलान करवा कर दिल्ली बुलाया गया एवं रामाबाई को विधिक प्रक्रिया पूरी करने उपरांत सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। परिजनों द्वारा जीआरपी कप्तान अरुणा भारती एवं समस्त जीआरपी पुलिस को धन्यवाद कहा गया। *पुलिस टीम--* Si प्रीति कर्णवाल जीआरपी हरिद्वार कान्स० ईश्वर नेगी जीआरपी हरिद्वार *केस -- 02* राजनगर कॉलोनी ज्वालापुर हरिद्वार के रहने वाले विवेक वर्मा उम्र 35 वर्ष 20 जुलाई 2024 में तांगा स्टैंड रेलवे स्टेशन हरिद्वार से गुमशुदा हो गए। बोलने में अक्षम विवेक वर्मा उपरोक्त लिखना पढ़ना भी नहीं जानते थे सिर्फ इशारों से अपनी बात कह पाते थे। विवेक वर्मा के गुम होने से घबराए परिजनों द्वारा थाना जीआरपी हरिद्वार में विवेक वर्मा की गुमशुदगी दर्ज करवाई गई जिस पर जीआरपी हरिद्वार पुलिस द्वारा हरिद्वार दिल्ली राजस्थान पंजाब हिमाचल प्रदेश उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में गुमशुदा विवेक वर्मा की काफी ढूंढ खोज की, डीसीआरबी, एससीआरबी, नेट ग्रिड पोर्टल, पंपलेट छपवाए, पूछताछ की गई लेकिन वे मिल न सके। जीआरपी हरिद्वार पुलिस द्वारा गुमशुदा विवेक वर्मा को कई राज्यों में तलाश करते हुए खोजा गया लगातार प्रयासों के फलस्वरूप जीआरपी हरिद्वार पुलिस टीम द्वारा बिहार के पटना रेलवे स्टेशन से गुमशुदा विवेक वर्मा को लगभग डेढ़ साल बाद खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपने भाई को वापस पाकर गुमशुदा विवेक वर्मा के भाई आर्यन वर्मा ज्वालापुर हरिद्वार, बहन सरिता सिंह मैनपुरी उत्तर प्रदेश, बहन संगीता फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश द्वारा सपरिवार थाना जीआरपी हरिद्वार आकर समस्त पुलिसकर्मियों को धन्यवाद बोला गया एवं फोन पर पुलिस अधीक्षक रेलवेज अरुणा भारती से वार्ता कर विशेष धन्यवाद कहा गया। *पुलिस टीम--* हैड कान्स० पृथ्वी नेगी जीआरपी हरिद्वार हैड कान्स० जाहुल हसन जीआरपी हरिद्वार1
- मुजफ्फरनगर के नगर पालिका क्षेत्र में मस्जिद के पास लगा कूड़े का ढेर जिससे सभी मोहल्ले वासियों को वह मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले व्यक्तियों को हो रही है इससे काफी दिक्कत जमशेद भाई अन्य व्यक्तियों का कहना है कि आए दिन इसमें कोई भी व्यक्ति जलता हुआ कूड़ा डाल देता है और सभी व्यक्तियों को दुर्गंध में सांस लेना दुश्वार हो जाता है जमशेद का कहना है कि हमने इस बात को लेकर अपने वार्ड मेंबर से भी कहा कई बार उनको दिखाई भी गया पर आज तक कोई भी इसका समाधान नहीं कराया गया इसके बारे में हमने उनसे कहा नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप से आपने इसकी शिकायत की नहीं हम उन तक नहीं पहुंच पाए हमारे जो वार्ड मेंबर हैं हमने उनसे ही कई बार इस कूड़े के ढेर को लेकर कहा गया है और उन्होंने कोई भी अभी तक इसके बारे में कठोर कार्य में नहीं कराई और ना ही उठाया गया इससे मोहल्ले वासियों को सांस लेने में काफी दिक्कतें हो रही है क्योंकि गंदगी और दुआ जो उनका परेशानी का कारण बनता जा रहा है उनका कहना है कि हमारे बच्चे और बड़े बुजुर्ग सर्दियों के दिनों में जब यह कूड़ा जलता है तो इसमें बहुत ही गंदी और दुर्गंध से हमारे बुजुर्ग बड़े और बच्चे बीमार हो रहे हैं1
- गाँव घसीपुरा में नेशनल हाइवे-58 पर कूड़े का अवैध ढेर, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में यूनियन बैंक के सामने डिवाइडर पर लगा कचरा, अधिकारी बेख़बर, आवागमन में बाधा कौशल चौधरी मुजफ्फरनगर मुजफ्फरनगर जिले के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गाँव घसीपुरा में नेशनल हाइवे-58 पर यूनियन बैंक के सामने डिवाइडर के बीचों-बीच कूड़े का विशाल ढेर लगा हुआ है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह कचरा काफी समय से पड़ा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इस कूड़े के ढेर के कारण हाइवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। गाड़ी चालकों व पैदल यात्रियों को रास्ता पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, कचरे से उठती दुर्गंध और मक्खी-मच्छरों के प्रकोप से आसपास के लोगों का जीवन दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत कई बार प्रशासन से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एनएच-58 के रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल कचरा हटाने और व्यवस्था सुधारने की मांग की है। इस मामले में जिला प्रशासन और नगर निगम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सड़क सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाने की जरूरत है।1
- मुज़फ्फरनगर! नव वर्ष के शुभ अवसर पर जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सौहार्द और समन्वय का संदेश देखने को मिला। ADM प्रशासन संजय कुमार एवं ADM फाइनेंस गजेंद्र सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस कप्तान को पुष्प भेंट कर नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय, कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने तथा जनहित में प्रभावी कार्यप्रणाली को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। अधिकारियों ने नव वर्ष में जनपद की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी दोहराया। नव वर्ष पर प्रशासन और पुलिस के बीच यह सौहार्दपूर्ण मुलाकात जनपदवासियों के लिए एक सकारात्मक संदेश मानी जा रही1
- *चरथावल विधायक पंकज मलिक ने क्षेत्रवासियों को दी नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं*1
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुज़फ्फरनगर में युवती से छेड़छाड़ व जानलेवा हमला, पीड़िता ने SSP से लगाई न्याय की गुहार मुज़फ्फरनगर। जनपद के थाना नई मंडी क्षेत्र अंतर्गत गांव बीबीपुर की रहने वाली एक युवती ने गांव के ही कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुज़फ्फरनगर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, दिनांक 30 दिसंबर 2025 को शाम करीब 7 बजे वह दूध लेने दुकान जा रही थी, तभी गांव के ही कुछ युवकों ने रास्ते में रोककर उसके साथ जबरन चलने का दबाव बनाया। विरोध करने पर आरोपियों ने युवती के साथ छेड़छाड़ और मारपीट शुरू कर दी। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचने लगे, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने बताया कि घटना की जानकारी उसने घर पहुंचकर अपने माता-पिता और भाई को दी। आरोप है कि इसके कुछ समय बाद ही आरोपी हथियारों से लैस होकर पीड़िता के घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार पर हमला कर दिया। इस दौरान लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से पीड़िता, उसके पिता, भाई और छोटी बहन को गंभीर चोटें आईं। पीड़िता के कान में गंभीर चोट लगने से कान फट गया, जबकि पिता और बहन के सिर में भी गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना थाना नई मंडी पुलिस को दी गई, जहां पुलिस द्वारा घायलों का मेडिकल कराया गया, लेकिन आरोप है कि अभी तक नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी दबंग किस्म के लोग हैं और लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, साथ ही उसके और उसके परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। फिलहाल मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है, अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन कब तक आरोपियों पर कार्रवाई करता है।1
- मुजफ्फरनगर नव वर्ष 2026 की पावन बेला पर नई मण्डी स्थित खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धालुओं की लगी लंबी कतार बाबा का कर रहे हैं दीदार1
- पति पत्नी और वो का हाई वोल्टेज ड्रामा1