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आज गोबिंदपुर थाना अंतर्गत माधोपुर के जेसारि गांव में बच्चू राजवंशी को आज रात दस बजे हाथी ने कुचलकर मार डाला

7 hrs ago
user_S RAJ news chainal
S RAJ news chainal
रजौली, नवादा, बिहार•
7 hrs ago

आज गोबिंदपुर थाना अंतर्गत माधोपुर के जेसारि गांव में बच्चू राजवंशी को आज रात दस बजे हाथी ने कुचलकर मार डाला

More news from झारखंड and nearby areas
  • Post by Sunil Kumar journalist
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    Post by Sunil Kumar journalist
    user_Sunil Kumar journalist
    Sunil Kumar journalist
    Local News Reporter कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    17 hrs ago
  • Post by Mukesh Kumar Journalist
    1
    Post by Mukesh Kumar Journalist
    user_Mukesh Kumar Journalist
    Mukesh Kumar Journalist
    Local News Reporter डोमचांच, कोडरमा, झारखंड•
    18 hrs ago
  • डोमचांच थाना क्षेत्र के रहने वाले नंदलाल प्रसाद साव  ने अपनी खरीदी हुई जमीन पर जबरन कब्जा और निर्माण कराने का आरोप लगाया डोमचांच थाना क्षेत्र के रहने वाले नंदलाल प्रसाद साव (उम्र लगभग 50 वर्ष) ने अपनी खरीदी हुई जमीन पर जबरन कब्जा और निर्माण कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने रविवार को 2 बजे बताया कि साढ़े तीन डिसमिल जमीन उनकी है, जिस पर कुछ लोग जबरन घेराबंदी कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, मामले को लेकर उन्होंने अंचलाधिकारी  और थाना में आवेदन दिया है। अंचलाधिकारी द्वारा मामले में “यथास्थिति बनाए रखने” का निर्देश भी दिया गया, बावजूद इसके निर्माण कार्य जारी है। नंदलाल साव का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया और मारपीट की कोशिश की जाती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर उनकी जमीन बचाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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    डोमचांच थाना क्षेत्र के रहने वाले नंदलाल प्रसाद साव  ने अपनी खरीदी हुई जमीन पर जबरन कब्जा और निर्माण कराने का आरोप लगाया
डोमचांच थाना क्षेत्र के रहने वाले नंदलाल प्रसाद साव (उम्र लगभग 50 वर्ष) ने अपनी खरीदी हुई जमीन पर जबरन कब्जा और निर्माण कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने रविवार को 2 बजे बताया कि साढ़े तीन डिसमिल जमीन उनकी है, जिस पर कुछ लोग जबरन घेराबंदी कर निर्माण कार्य कर रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार, मामले को लेकर उन्होंने अंचलाधिकारी  और थाना में आवेदन दिया है। अंचलाधिकारी द्वारा मामले में “यथास्थिति बनाए रखने” का निर्देश भी दिया गया, बावजूद इसके निर्माण कार्य जारी है। नंदलाल साव का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया और मारपीट की कोशिश की जाती है।
उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर उनकी जमीन बचाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
    user_Koderma news
    Koderma news
    Court reporter कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • कोडरमा। चंदवारा: खांडी पंचायत में बनी सड़क पर उठे सवाल, निर्माण के कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी गिट्टी ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
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    कोडरमा। चंदवारा: खांडी पंचायत में बनी सड़क पर उठे सवाल, निर्माण के कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी गिट्टी ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
    user_JANATA 1 NEWS
    JANATA 1 NEWS
    Media house Koderma, Jharkhand•
    19 hrs ago
  • वजीरगंज में विकास की नई इबारत: भव्य प्रवेश द्वार और आधुनिक ओपन जिम का हुआ लोकार्पण, क्षेत्र में उत्सव का माहौल! गया जिला के वजीरगंज अंचल सह प्रखंड मुख्यालय में उस समय विकास की एक नई और सजीव तस्वीर देखने को मिली, जब भव्य प्रवेश द्वार और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ओपन जिम का विधिवत उद्घाटन विधायक वीरेंद्र सिंह के कर कमलों द्वारा संपन्न किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां लोगों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। उद्घाटन समारोह को लेकर सुबह से ही प्रखंड मुख्यालय परिसर में चहल पहल बनी रही। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और स्थानीय नागरिकों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। जैसे ही विधायक ने फीता काटकर उद्घाटन किया, उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस विकास कार्य का स्वागत किया। इस गरिमामयी अवसर पर जिला पार्षद, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी भव्य, सफल और यादगार बना दिया। नवनिर्मित भव्य प्रवेश द्वार अब प्रखंड मुख्यालय की पहचान को एक नया स्वरूप देगा। यह गेट न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक है, बल्कि क्षेत्र के विकास और आधुनिकता का प्रतीक भी बनेगा। वहीं दूसरी ओर, आधुनिक उपकरणों से लैस ओपन जिम युवाओं और आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और फिटनेस की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। ओपन जिम के माध्यम से अब स्थानीय लोग, विशेषकर युवा वर्ग, नियमित व्यायाम की ओर प्रेरित होंगे। इससे न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि मानसिक सशक्तिकरण भी मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की दूरदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने संबोधन में विधायक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि विकास केवल भवन निर्माण या सड़कों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसका असली उद्देश्य आम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। आगे उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वजीरगंज क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांवों को शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण जनता को बेहतर जीवन जीने का अवसर मिल सके। इस दिशा में यह ओपन जिम और प्रवेश द्वार एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह विकास कार्यों की श्रृंखला जारी रहेगी।वजीरगंज में बना यह भव्य प्रवेश द्वार और ओपन जिम न केवल विकास का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के बेहतर भविष्य और स्वस्थ जीवन की ओर एक मजबूत कदम भी है।
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    वजीरगंज में विकास की नई इबारत: भव्य प्रवेश द्वार और आधुनिक ओपन जिम का हुआ लोकार्पण, क्षेत्र में उत्सव का माहौल! गया जिला के वजीरगंज अंचल सह प्रखंड मुख्यालय में उस समय विकास की एक नई और सजीव तस्वीर देखने को मिली, जब भव्य प्रवेश द्वार  और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ओपन जिम का विधिवत उद्घाटन विधायक वीरेंद्र सिंह के कर कमलों द्वारा संपन्न किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां लोगों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। उद्घाटन समारोह को लेकर सुबह से ही प्रखंड मुख्यालय परिसर में चहल पहल बनी रही। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और स्थानीय नागरिकों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। जैसे ही विधायक ने फीता काटकर उद्घाटन किया, उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस विकास कार्य का स्वागत किया। इस गरिमामयी अवसर पर जिला पार्षद, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी भव्य, सफल और यादगार बना दिया। नवनिर्मित भव्य प्रवेश द्वार अब प्रखंड मुख्यालय की पहचान को एक नया स्वरूप देगा। यह गेट न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक है, बल्कि क्षेत्र के विकास और आधुनिकता का प्रतीक भी बनेगा। वहीं दूसरी ओर, आधुनिक उपकरणों से लैस ओपन जिम युवाओं और आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और फिटनेस की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। ओपन जिम के माध्यम से अब स्थानीय लोग, विशेषकर युवा वर्ग, नियमित व्यायाम की ओर प्रेरित होंगे। इससे न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि मानसिक सशक्तिकरण भी मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की दूरदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अपने संबोधन में विधायक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि  विकास केवल भवन निर्माण या सड़कों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसका असली उद्देश्य आम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। आगे उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वजीरगंज क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांवों को शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण जनता को बेहतर जीवन जीने का अवसर मिल सके। इस दिशा में यह ओपन जिम और प्रवेश द्वार एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह विकास कार्यों की श्रृंखला जारी रहेगी।वजीरगंज में बना यह भव्य प्रवेश द्वार और ओपन जिम न केवल विकास का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के बेहतर भविष्य और स्वस्थ जीवन की ओर एक मजबूत कदम भी है।
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    5 hrs ago
  • jharkhand me (बीड़ी पत्ता) pata ke lekar
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    jharkhand me (बीड़ी पत्ता) pata ke lekar
    user_Narayan Kumar Singh
    Narayan Kumar Singh
    Farmer चौपारण, हजारीबाग, झारखंड•
    18 hrs ago
  • झुमरी तिलैया में मारवाड़ी युवा मंच एवं ‘प्रेरणा’ शाखा द्वारा जिले के पत्रकारों को सम्मानित अंतरराष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर रविवार को झुमरी तिलैया स्थित अग्रसेन भवन में मारवाड़ी युवा मंच एवं ‘प्रेरणा’ शाखा द्वारा जिले के पत्रकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे आयोजित हुआ, जिसमें पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मान पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान किया गया। इस मौके पर मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके निस्वार्थ कार्य से ही लोकतंत्र मजबूत होता है। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
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    झुमरी तिलैया में मारवाड़ी युवा मंच एवं ‘प्रेरणा’ शाखा द्वारा जिले के पत्रकारों को सम्मानित
अंतरराष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर रविवार को झुमरी तिलैया स्थित अग्रसेन भवन में मारवाड़ी युवा मंच एवं ‘प्रेरणा’ शाखा द्वारा जिले के पत्रकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे आयोजित हुआ, जिसमें पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मान पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान किया गया।
इस मौके पर मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके निस्वार्थ कार्य से ही लोकतंत्र मजबूत होता है। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
    user_Koderma news
    Koderma news
    Court reporter कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • कोडरमा में जनगणना 2027 की रूपरेखा तय, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई जानकारी
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    कोडरमा में जनगणना 2027 की रूपरेखा तय, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई जानकारी
    user_JANATA 1 NEWS
    JANATA 1 NEWS
    Media house Koderma, Jharkhand•
    22 hrs ago
  • मध्यप्रदेश को देश का हिर्दय कहाँ जहाँ हैँ! लेकिन इसी हिर्दय प्रदेश से एक हिर्दयविदारक तस्वीर सामने आई हैँ! मध्यप्रदेश से आई ईस तस्वीर ने इन दिनों पूरे देश को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। यह कोई साधारण तस्वीर नहीं हैँ बल्कि यह ममता, त्याग और एक माँ के अटूट प्रेम की ऐसी कहानी है जिसे शब्दों में बाँधना आसान नहीं। बताया जा रहा है कि नर्मदा नदी में हुए एक दर्दनाक हादसे के दौरान एक माँ अपने छोटे से मासूम बेटे के साथ पानी में फँस गई। मौत सामने खड़ी थी, सांसें थमने को थी लेकिन उस माँ ने आखिरी पल तक अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा। ईस पुरे तस्वीर में दिल दहला देने वाली बात यह है कि माँ ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। चाहती तो शायद अपनी जान बचा सकती थी, किनारे तक पहुँच सकती थी, अपनी ज़िंदगी को एक और मौका दे सकती थी। लेकिन उस पल में उसने खुद को नहीं, अपने बच्चे को चुना। उसने अपने बेटे को सीने से इस कदर चिपका लिया मानो कह रही हो “तू है तो मैं हूँ और तू नहीं, तो मैं भी नहीं। रेस्क्यू टीम जब मौके पर पहुँची, तो जो दृश्य सामने आया उसने हर किसी की आँखें नम कर दीं। माँ और बेटा दोनों एक ही लाइफ जैकेट में, एक दूसरे से लिपटे हुए थे जैसे मौत भी उनके रिश्ते को अलग नहीं कर पाई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि यह माँ के प्रेम की वो पराकाष्ठा है जहाँ अपनी सांसों से ज्यादा अहम अपने बच्चे की सांसें हो जाती हैं। यह तस्वीर हमें याद दिलाती है कि माँ का दिल कितना विशाल होता है!वो अपने बच्चे के लिए हर दर्द, हर मुश्किल, यहाँ तक कि मौत को भी गले लगा लेती है। आज यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल जरूर है, लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी हर दिल में एक खालीपन और एक गहरी टीस छोड़ जाती है। आइए अब आपको पुरी खबर को विस्तार से बताते है!लेकिन उससे पहले ईस विडिओ को शेयर कर दीजियेगा!और माँ केलिए दो शब्द कमेंट बॉक्स में जरूर लिखियेगा! मध्यप्रदेश के जबलपुर से आई ईस तस्वीर ने पूरे देश की संवेदनाओं को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक दु:खद दृश्य नहीं, बल्कि हमारी व्यवस्थाओं पर एक मौन लेकिन तीखा सवाल है। बरगी डैम में हुए ईस क्रूज़ हादसे में 9 जिंदगियां बुझ गईं, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया। बचाव दल SDRF, NDRF और पुलिस ने सराहनीय तत्परता दिखाई। लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसी त्रासदियों को होने से पहले रोका नहीं जा सकता था क्या! पर्यटन और मनोरंजन के नाम पर चलने वाली जल परिवहन सेवाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए था ! पर अक्सर यह कागजों तक सीमित रह जाता है। क्या उस क्रूज़ में यात्रियों की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर थी! क्या सभी के लिए पर्याप्त और अलग अलग लाइफ जैकेट उपलब्ध थे ! क्या चालक और स्टाफ प्रशिक्षित थे? क्या मौसम और जल स्तर की स्थिति का आकलन किया गया था! ये वही बुनियादी प्रश्न हैं जिनके जवाब हर हादसे के बाद धुंधले पड़ जाते हैं। इस घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर, मां की अंतिम पकड़ दिख रही हैँ जो हमें यह याद दिलाती है कि संकट की घड़ी में इंसान अपनी आखिरी ताकत भी अपनों को बचाने में लगा देता है। लेकिन राज्य और व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि ऐसी घड़ी आने ही न दे। हर मौत के बाद मुआवजा और जांच की घोषणाएं होती हैं, पर क्या उनसे व्यवस्था सुधरती है! जरूरत है सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की! दोषियों की जवाबदेही तय हो, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड हो, और सभी जल पर्यटन गतिविधियों के लिए अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट लागू किया जाए। स्थानीय प्रशासन को नियमित निरीक्षण, लाइसेंसिंग और आपातकालीन तैयारी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यह हादसा केवल एक खबर नहीं है बल्कि यह चेतावनी है। अगर अब भी हमने सबक नहीं लिया, तो ऐसी मार्मिक तस्वीरें बार बार हमारे सामने आती रहेंगी। एक मां ने अपने बच्चे को आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा! क्या हमारी व्यवस्था भी अपनी जिम्मेदारी को इतनी ही मजबूती से पकड़ पाएगी?लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं दिखता हैँ! यहां तो सिर्फ दिख रहा हैँ बस माँ की आखिरी पकड़ और सिस्टम की ढीली पकड़!ईस विडिओ से ये सिख मिलती हैँ की लहरें तो शांत हो जाएंगी लेकिन उस मां की ममता और इस हादसे का दर्द हमेशा गूंजता रहेगा बाक़ी ईस विडिओ को देख कर कमेंट बॉक्स में माँ केलिए दो शब्द माँ तुझे सलाम जरूर लिखियेगा, धन्यवाद
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    मध्यप्रदेश को देश का हिर्दय कहाँ जहाँ हैँ! लेकिन इसी हिर्दय प्रदेश से  एक हिर्दयविदारक तस्वीर सामने आई हैँ! मध्यप्रदेश से आई ईस तस्वीर ने इन दिनों पूरे देश को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। यह कोई साधारण तस्वीर नहीं हैँ बल्कि यह ममता, त्याग और एक माँ के अटूट प्रेम की ऐसी कहानी है जिसे शब्दों में बाँधना आसान नहीं। बताया जा रहा है कि नर्मदा नदी में हुए एक दर्दनाक हादसे के दौरान एक माँ अपने छोटे से मासूम बेटे के साथ पानी में फँस गई। मौत सामने खड़ी थी, सांसें थमने को थी लेकिन उस माँ ने आखिरी पल तक अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा। ईस पुरे तस्वीर में दिल दहला देने वाली बात यह है कि माँ ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। चाहती तो शायद अपनी जान बचा सकती थी, किनारे तक पहुँच सकती थी, अपनी ज़िंदगी को एक और मौका दे सकती थी। लेकिन उस पल में उसने खुद को नहीं, अपने बच्चे को चुना। उसने अपने बेटे को सीने से इस कदर चिपका लिया मानो कह रही हो “तू है तो मैं हूँ और तू नहीं, तो मैं भी नहीं। रेस्क्यू टीम जब मौके पर पहुँची, तो जो दृश्य सामने आया उसने हर किसी की आँखें नम कर दीं। माँ और बेटा दोनों एक ही लाइफ जैकेट में, एक दूसरे से लिपटे हुए थे जैसे मौत भी उनके रिश्ते को अलग नहीं कर पाई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि यह माँ के प्रेम की वो पराकाष्ठा है जहाँ अपनी सांसों से ज्यादा अहम अपने बच्चे की सांसें हो जाती हैं। यह तस्वीर हमें याद दिलाती है कि माँ का दिल कितना विशाल होता है!वो अपने बच्चे के लिए हर दर्द, हर मुश्किल, यहाँ तक कि मौत को भी गले लगा लेती है। आज यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल जरूर है, लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी हर दिल में एक खालीपन और एक गहरी टीस छोड़ जाती है।
आइए अब आपको पुरी खबर को विस्तार से बताते है!लेकिन उससे पहले ईस विडिओ को शेयर कर दीजियेगा!और माँ केलिए दो शब्द कमेंट बॉक्स में जरूर लिखियेगा! मध्यप्रदेश के जबलपुर से आई ईस तस्वीर ने पूरे देश की संवेदनाओं को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक दु:खद दृश्य नहीं, बल्कि हमारी व्यवस्थाओं पर एक मौन लेकिन तीखा सवाल है। बरगी डैम में हुए ईस क्रूज़ हादसे में 9 जिंदगियां बुझ गईं, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया। बचाव दल SDRF, NDRF और पुलिस ने सराहनीय तत्परता दिखाई। लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसी त्रासदियों को होने से पहले रोका नहीं जा सकता था क्या! पर्यटन और मनोरंजन के नाम पर चलने वाली जल परिवहन सेवाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए था ! पर अक्सर यह कागजों तक सीमित रह जाता है। क्या उस क्रूज़ में यात्रियों की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर थी! क्या सभी के लिए पर्याप्त और अलग अलग लाइफ जैकेट उपलब्ध थे ! क्या चालक और स्टाफ प्रशिक्षित थे? क्या मौसम और जल स्तर की स्थिति का आकलन किया गया था!  ये वही बुनियादी प्रश्न हैं जिनके जवाब हर हादसे के बाद धुंधले पड़ जाते हैं। इस घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर,  मां की अंतिम पकड़ दिख रही हैँ जो हमें यह याद दिलाती है कि संकट की घड़ी में इंसान अपनी आखिरी ताकत भी अपनों को बचाने में लगा देता है। लेकिन राज्य और व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि ऐसी घड़ी आने ही न दे। हर मौत के बाद मुआवजा और जांच की घोषणाएं होती हैं, पर क्या उनसे व्यवस्था सुधरती है!  जरूरत है सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की! दोषियों की जवाबदेही तय हो, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड हो, और सभी जल पर्यटन गतिविधियों के लिए अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट लागू किया जाए। स्थानीय प्रशासन को नियमित निरीक्षण, लाइसेंसिंग और आपातकालीन तैयारी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यह हादसा केवल एक खबर नहीं है बल्कि यह चेतावनी है। अगर अब भी हमने सबक नहीं लिया, तो ऐसी मार्मिक तस्वीरें बार बार हमारे सामने आती रहेंगी। एक मां ने अपने बच्चे को आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा! क्या हमारी व्यवस्था भी अपनी जिम्मेदारी को इतनी ही मजबूती से पकड़ पाएगी?लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं दिखता हैँ! यहां तो सिर्फ दिख रहा हैँ बस माँ की आखिरी पकड़ और सिस्टम की ढीली पकड़!ईस विडिओ से ये सिख मिलती हैँ की लहरें तो शांत हो जाएंगी लेकिन उस मां की ममता और इस हादसे का दर्द हमेशा गूंजता रहेगा बाक़ी ईस विडिओ को देख कर कमेंट बॉक्स में माँ केलिए दो शब्द माँ तुझे सलाम जरूर लिखियेगा, धन्यवाद
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    21 hrs ago
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