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प्रतापगढ़ में 4 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे एक व्यवसायी युवक को कथित तौर पर जबरन कार में बैठाकर ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। दहिलामऊ चाँदमारी निवासी रंजना मिश्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके व्यवसायी मित्र शान उर्फ अब्दुल्ला जब स्कूटी से पट्टी जा रहे थे, तब ताला मोड़ के आगे पिपरी खालसा स्थित उर्मिला फिलिंग स्टेशन के पास एर्टिगा कार और कई मोटरसाइकिलों पर सवार लोगों ने उन्हें रोक लिया और जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया। शिकायत के अनुसार, हमलावर शान को अपने पेट्रोल पंप पर ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जबरन एक केबिन में बैठाए रखा। शान ने फोन कर रंजना मिश्रा को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद रंजना ने तुरंत पुलिस डायल 112 को सूचना दी। जब रंजना मिश्रा, जो कि एक अधिवक्ता भी हैं, मौके पर पहुंचीं, तो उनके साथ भी मारपीट और अभद्रता की गई, साथ ही उनकी चैन, मोबाइल और पर्स छीन लिया गया। पीड़िता ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई, अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग की है। उन्होंने प्रतापगढ़ के एसपी से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

20 hrs ago
user_Media Suraj Soni
Media Suraj Soni
Media and information sciences faculty Pratapgarh, Uttar Pradesh•
20 hrs ago

प्रतापगढ़ में 4 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे एक व्यवसायी युवक को कथित तौर पर जबरन कार में बैठाकर ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। दहिलामऊ चाँदमारी निवासी रंजना मिश्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके व्यवसायी मित्र शान

उर्फ अब्दुल्ला जब स्कूटी से पट्टी जा रहे थे, तब ताला मोड़ के आगे पिपरी खालसा स्थित उर्मिला फिलिंग स्टेशन के पास एर्टिगा कार और कई मोटरसाइकिलों पर सवार लोगों ने उन्हें रोक लिया और जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया। शिकायत के अनुसार, हमलावर शान को अपने पेट्रोल पंप

पर ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जबरन एक केबिन में बैठाए रखा। शान ने फोन कर रंजना मिश्रा को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद रंजना ने तुरंत पुलिस डायल 112 को सूचना दी। जब रंजना मिश्रा, जो कि एक अधिवक्ता भी हैं, मौके पर

पहुंचीं, तो उनके साथ भी मारपीट और अभद्रता की गई, साथ ही उनकी चैन, मोबाइल और पर्स छीन लिया गया। पीड़िता ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई, अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग की है। उन्होंने प्रतापगढ़ के एसपी से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

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  • जनपद प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सेतापुर गांव में रास्ते के विवाद को लेकर हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल रामआसरे की 6 जून को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों के अनुसार, मार्च महीने में विपक्षी दल द्वारा रामआसरे पर जानलेवा हमला किया गया था, जिससे उन्हें अत्यंत गंभीर चोटें आई थीं। तभी से उनका अस्पताल में उपचार चल रहा था और महीनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी मालती देवी और एक इकलौती बेटी छोड़ गए हैं, जिससे उनके परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है। रामआसरे की मौत के बाद उनकी पत्नी मालती देवी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। मालती देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन के भारी दबाव के चलते अत्यंत जल्दबाजी में मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया गया, ताकि मामले को तूल पकड़ने से रोका जा सके। इन गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा आक्रोश और चर्चाओं का बाजार गर्म है, हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस घटना और पुलिसिया रवैये से आहत होकर, मृतक की पत्नी मालती देवी ने 7 जून, 2026 को प्रतापगढ़ जिलाधिकारी को एक लिखित मांग पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा व भविष्य को लेकर पाँच सूत्रीय माँगें रखी हैं, जिनमें उनके जीवन निर्वाह के लिए 50 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा, परिवार के गुजारे के लिए एक बीघा भूमि का आवंटन, स्थाई रोजगार की व्यवस्था, पति की हत्या में शामिल सभी अभियुक्तों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई कर उन्हें तत्काल जेल भेजना, और पीड़िता व उसकी बेटी की जान-माल की सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध शामिल है। एक तरफ जहाँ कमाने वाले मुखिया की मौत से परिवार पूरी तरह बिखर चुका है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसिया दबाव के आरोपों ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई न होने को लेकर गहरा असंतोष है, और अब देखना यह है कि प्रतापगढ़ जिला प्रशासन इस पीड़ित परिवार की गुहार पर क्या संज्ञान लेता है।
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    जनपद प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सेतापुर गांव में रास्ते के विवाद को लेकर हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल रामआसरे की 6 जून को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

परिजनों के अनुसार, मार्च महीने में विपक्षी दल द्वारा रामआसरे पर जानलेवा हमला किया गया था, जिससे उन्हें अत्यंत गंभीर चोटें आई थीं। तभी से उनका अस्पताल में उपचार चल रहा था और महीनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी मालती देवी और एक इकलौती बेटी छोड़ गए हैं, जिससे उनके परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है।

रामआसरे की मौत के बाद उनकी पत्नी मालती देवी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। मालती देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन के भारी दबाव के चलते अत्यंत जल्दबाजी में मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया गया, ताकि मामले को तूल पकड़ने से रोका जा सके। इन गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा आक्रोश और चर्चाओं का बाजार गर्म है, हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इस घटना और पुलिसिया रवैये से आहत होकर, मृतक की पत्नी मालती देवी ने 7 जून, 2026 को प्रतापगढ़ जिलाधिकारी को एक लिखित मांग पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा व भविष्य को लेकर पाँच सूत्रीय माँगें रखी हैं, जिनमें उनके जीवन निर्वाह के लिए 50 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा, परिवार के गुजारे के लिए एक बीघा भूमि का आवंटन, स्थाई रोजगार की व्यवस्था, पति की हत्या में शामिल सभी अभियुक्तों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई कर उन्हें तत्काल जेल भेजना, और पीड़िता व उसकी बेटी की जान-माल की सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध शामिल है। एक तरफ जहाँ कमाने वाले मुखिया की मौत से परिवार पूरी तरह बिखर चुका है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसिया दबाव के आरोपों ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई न होने को लेकर गहरा असंतोष है, और अब देखना यह है कि प्रतापगढ़ जिला प्रशासन इस पीड़ित परिवार की गुहार पर क्या संज्ञान लेता है।
    user_Sheetla Prasad
    Sheetla Prasad
    Patti, Pratapgarh•
    9 hrs ago
  • प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के उड़ैया डीह गांव निवासी रागिनी ने पट्टी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। रागिनी ने मंगलवार शाम 4 बजे दिए अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके माता-पिता की सहमति से पट्टी क्षेत्र के जलालपुर निवासी एक युवक से उसकी शादी 27 जून 2026 को तय हुई है। युवती ने स्पष्ट किया कि वह इस युवक को पसंद करती है और उससे शादी करने के लिए तैयार है। रागिनी के अनुसार, उसके भाई को यह रिश्ता मंजूर नहीं था और उसने शादी करने से मना कर दिया। जब रागिनी ने उसी लड़के से शादी करने की बात कही, तो मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उसके भाई ने उसे बुरी तरह पीटा और उसका आधार कार्ड भी छीन लिया। युवती ने आरोप लगाया कि उसके भाई ने उसे गाली-गलौज भी किया और उसके मंगेतर को जान से मारने की धमकी दी। रागिनी ने अपनी शिकायत में यह आशंका भी जताई है कि उसके भाई उसकी हत्या भी कर सकते हैं। पुलिस ने इस मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
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    प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के उड़ैया डीह गांव निवासी रागिनी ने पट्टी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। रागिनी ने मंगलवार शाम 4 बजे दिए अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके माता-पिता की सहमति से पट्टी क्षेत्र के जलालपुर निवासी एक युवक से उसकी शादी 27 जून 2026 को तय हुई है। युवती ने स्पष्ट किया कि वह इस युवक को पसंद करती है और उससे शादी करने के लिए तैयार है।

रागिनी के अनुसार, उसके भाई को यह रिश्ता मंजूर नहीं था और उसने शादी करने से मना कर दिया। जब रागिनी ने उसी लड़के से शादी करने की बात कही, तो मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उसके भाई ने उसे बुरी तरह पीटा और उसका आधार कार्ड भी छीन लिया। युवती ने आरोप लगाया कि उसके भाई ने उसे गाली-गलौज भी किया और उसके मंगेतर को जान से मारने की धमकी दी। रागिनी ने अपनी शिकायत में यह आशंका भी जताई है कि उसके भाई उसकी हत्या भी कर सकते हैं।

पुलिस ने इस मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
    user_Amit Rekha News New
    Amit Rekha News New
    Lawyer पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इस बात पर जोर दिया है कि ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड सुविधा प्रदान करना उन्हें स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सुविधा के माध्यम से ही गांवों में विभिन्न आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इस बात पर जोर दिया है कि ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड सुविधा प्रदान करना उन्हें स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सुविधा के माध्यम से ही गांवों में विभिन्न आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
    user_PBH HUB NEWS
    PBH HUB NEWS
    Local News Reporter पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद में एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सेतापुर गांव में रास्ते के विवाद को लेकर हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल रामआसरे की ६ जून को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मार्च महीने में विपक्षी दल द्वारा रामआसरे पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें उन्हें अत्यंत गंभीर चोटें आई थीं। तभी से उनका लगातार अस्पताल में उपचार चल रहा था। महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच लंबी जंग के बाद आखिरकार ६ जून को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी मालती देवी और एक इकलौती बेटी को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। रामआसरे की मौत के बाद उनकी पत्नी मालती देवी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित पत्नी का कहना है कि पुलिस ने न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन के भारी दबाव के चलते अत्यंत जल्दबाजी में मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया गया, ताकि मामले को तूल पकड़ने से रोका जा सके। इन गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा आक्रोश और चर्चाओं का बाजार गर्म है, हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना और पुलिसिया रवैये से आहत होकर, मृतक की पत्नी मालती देवी ने जिलाधिकारी (प्रतापगढ़) को ०७/०६/२०२६ को एक लिखित मांग पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से पीड़िता ने अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा व भविष्य को लेकर प्रशासन के सामने ५ सूत्रीय माँगें रखी हैं, जिनमें पीड़िता व उसकी पुत्री के जीवन निर्वाह के लिए ५० लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा, परिवार के गुजारे के लिए एक बीघा भूमि आवंटन, पीड़िता और उसकी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्थाई रोजगार की व्यवस्था, पति की हत्या में शामिल सभी अभियुक्तों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई कर उन्हें तत्काल जेल भेजना और पीड़िता व उसकी बेटी की जान-माल की सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध शामिल हैं। एक तरफ जहाँ कमाने वाले मुखिया की मौत से परिवार पूरी तरह बिखर चुका है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसिया दबाव के आरोपों ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि महीनों पहले हुए हमले के बावजूद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अब देखना यह है कि प्रतापगढ़ जिला प्रशासन इस पीड़ित परिवार की गुहार पर क्या संज्ञान लेता है और आरोपियों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाता है।
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    उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद में एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सेतापुर गांव में रास्ते के विवाद को लेकर हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल रामआसरे की ६ जून को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मार्च महीने में विपक्षी दल द्वारा रामआसरे पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें उन्हें अत्यंत गंभीर चोटें आई थीं। तभी से उनका लगातार अस्पताल में उपचार चल रहा था। महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच लंबी जंग के बाद आखिरकार ६ जून को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी मालती देवी और एक इकलौती बेटी को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

रामआसरे की मौत के बाद उनकी पत्नी मालती देवी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित पत्नी का कहना है कि पुलिस ने न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन के भारी दबाव के चलते अत्यंत जल्दबाजी में मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया गया, ताकि मामले को तूल पकड़ने से रोका जा सके। इन गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा आक्रोश और चर्चाओं का बाजार गर्म है, हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

घटना और पुलिसिया रवैये से आहत होकर, मृतक की पत्नी मालती देवी ने जिलाधिकारी (प्रतापगढ़) को ०७/०६/२०२६ को एक लिखित मांग पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से पीड़िता ने अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा व भविष्य को लेकर प्रशासन के सामने ५ सूत्रीय माँगें रखी हैं, जिनमें पीड़िता व उसकी पुत्री के जीवन निर्वाह के लिए ५० लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा, परिवार के गुजारे के लिए एक बीघा भूमि आवंटन, पीड़िता और उसकी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्थाई रोजगार की व्यवस्था, पति की हत्या में शामिल सभी अभियुक्तों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई कर उन्हें तत्काल जेल भेजना और पीड़िता व उसकी बेटी की जान-माल की सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध शामिल हैं।

एक तरफ जहाँ कमाने वाले मुखिया की मौत से परिवार पूरी तरह बिखर चुका है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसिया दबाव के आरोपों ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि महीनों पहले हुए हमले के बावजूद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अब देखना यह है कि प्रतापगढ़ जिला प्रशासन इस पीड़ित परिवार की गुहार पर क्या संज्ञान लेता है और आरोपियों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाता है।
    user_Omprakash प्रजापति
    Omprakash प्रजापति
    Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र स्थित सेतापुर गांव में रास्ते के एक विवाद ने एक बड़ी घटना का रूप ले लिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस विवाद के दौरान हुई मारपीट में घायल हुए रामआसरे का प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि रामआसरे पर मार्च में हमला हुआ था और तब से उनका लगातार इलाज जारी था। अब उनकी मौत के बाद, परिजनों का कहना है कि मामले को दबाने और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने की कोशिश की जा रही है। मृतक की पत्नी ने पुलिस प्रशासन पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल व्याप्त है।
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    प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र स्थित सेतापुर गांव में रास्ते के एक विवाद ने एक बड़ी घटना का रूप ले लिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस विवाद के दौरान हुई मारपीट में घायल हुए रामआसरे का प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि रामआसरे पर मार्च में हमला हुआ था और तब से उनका लगातार इलाज जारी था। अब उनकी मौत के बाद, परिजनों का कहना है कि मामले को दबाने और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने की कोशिश की जा रही है। मृतक की पत्नी ने पुलिस प्रशासन पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल व्याप्त है।
    user_विनय कुमार कनौजिया पत्रकार
    विनय कुमार कनौजिया पत्रकार
    Dancer प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • कानपुर के भन्नापुरवा क्षेत्र स्थित एक प्लाई बोर्ड फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद आग की लपटें और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में भारी दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। इस भीषण आग के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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    कानपुर के भन्नापुरवा क्षेत्र स्थित एक प्लाई बोर्ड फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद आग की लपटें और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में भारी दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। इस भीषण आग के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
    user_Mohammad Afzal
    Mohammad Afzal
    Local News Reporter फूलपुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • राष्ट्रपति भवन में एक बेहद भावुक क्षण सामने आया, जब शहीद सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर की मां सम्मान ग्रहण करने पहुंचीं। अपने बेटे की वीरता पर गर्व और उसे खोने के दर्द से भरी मां के आंसू छलक पड़े। इस अत्यंत संवेदनशील पल में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए आगे बढ़कर शहीद की मां को गले लगा लिया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं। यह हृदयस्पर्शी घटना उस वक्त हुई जब सिपाही प्रभाकर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जा रहा था।
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    राष्ट्रपति भवन में एक बेहद भावुक क्षण सामने आया, जब शहीद सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर की मां सम्मान ग्रहण करने पहुंचीं। अपने बेटे की वीरता पर गर्व और उसे खोने के दर्द से भरी मां के आंसू छलक पड़े। इस अत्यंत संवेदनशील पल में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए आगे बढ़कर शहीद की मां को गले लगा लिया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं। यह हृदयस्पर्शी घटना उस वक्त हुई जब सिपाही प्रभाकर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जा रहा था।
    user_PBH HUB NEWS
    PBH HUB NEWS
    Local News Reporter पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • फिलीपींस में आए 7.8 तीव्रता के जोरदार भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसकी भयावह स्थिति बयां करती एक डरावनी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस वायरल वीडियो में दो गगनचुंबी इमारतों के बीच बने स्काईब्रिज (तैरते हुए पूल) को बुरी तरह हिलते हुए और उससे मलबा गिरते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि ऊंची इमारतों के हिलने से वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। हालांकि, स्काईब्रिज का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बावजूद राहत की बात यह रही कि मुख्य संरचनाएं सुरक्षित रहीं। स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेने में जुटी हुई हैं। भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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    फिलीपींस में आए 7.8 तीव्रता के जोरदार भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसकी भयावह स्थिति बयां करती एक डरावनी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस वायरल वीडियो में दो गगनचुंबी इमारतों के बीच बने स्काईब्रिज (तैरते हुए पूल) को बुरी तरह हिलते हुए और उससे मलबा गिरते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि ऊंची इमारतों के हिलने से वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए।

हालांकि, स्काईब्रिज का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बावजूद राहत की बात यह रही कि मुख्य संरचनाएं सुरक्षित रहीं। स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेने में जुटी हुई हैं। भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
    user_Mohammad Afzal
    Mohammad Afzal
    Local News Reporter फूलपुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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