दिल्ली के जंतर-मंतर पर 25 & 26 सितम्बर 2026 को अखिल भारतीय छात्र संघ के द्वारा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया जोरदार विरोध प्रदर्शन... दिल्ली के जंतर-मंतर पर अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) और विभिन्न नागरिक समाज समूहों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 25 और 26 सितंबर 2026 को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी वोटर लिस्ट और विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ समझौता करने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की, मीडिया रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ था कि चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन संशोधन (SIR) और चुनावी डेटा को लेकर आंतरिक मतभेद और आपत्तियां थीं, जिसके बाद विपक्ष और छात्र संगठनों ने इसे चुनावी धांधली बताते हुए मोर्चा खोल दिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पर कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव समेत लगभग 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत (डिटेन) में ले लिया। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और डीयू की प्रोफेसर नंदिता नारायण भी इस विरोध का हिस्सा रहे। विवाद और आरोप प्रदर्शन के दौरान एआईएसए नेताओं ने दिल्ली पुलिस पर बर्बरता और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, छात्र नेता नेहा बोरा ने एक वीडियो के जरिए सवाल उठाया कि प्रदर्शन स्थल पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी पर उनके नाम का बैच क्यों नहीं था, वामपंथी दलों और इंडिया ब्लॉक के नेताओं के अनुसार, चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर यह विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में देशभर में बड़े पैमाने पर जारी रहेगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 25 & 26 सितम्बर 2026 को अखिल भारतीय छात्र संघ के द्वारा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया जोरदार विरोध प्रदर्शन... दिल्ली के जंतर-मंतर पर अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) और विभिन्न नागरिक समाज समूहों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 25 और 26 सितंबर 2026 को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी वोटर लिस्ट और विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ समझौता करने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की, मीडिया रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ था कि चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन संशोधन (SIR) और चुनावी डेटा को लेकर आंतरिक मतभेद और आपत्तियां थीं, जिसके बाद विपक्ष और छात्र संगठनों ने इसे चुनावी धांधली बताते हुए मोर्चा खोल दिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पर कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव समेत लगभग 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत (डिटेन) में ले लिया। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और डीयू की प्रोफेसर नंदिता नारायण भी इस विरोध का हिस्सा रहे। विवाद और आरोप प्रदर्शन के दौरान एआईएसए नेताओं ने दिल्ली पुलिस पर बर्बरता और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, छात्र नेता नेहा बोरा ने एक वीडियो के जरिए सवाल उठाया कि प्रदर्शन स्थल पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी पर उनके नाम का बैच क्यों नहीं था, वामपंथी दलों और इंडिया ब्लॉक के नेताओं के अनुसार, चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर यह विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में देशभर में बड़े पैमाने पर जारी रहेगा।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर 25 & 26 सितम्बर 2026 को अखिल भारतीय छात्र संघ के द्वारा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया जोरदार विरोध प्रदर्शन... दिल्ली के जंतर-मंतर पर अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) और विभिन्न नागरिक समाज समूहों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 25 और 26 सितंबर 2026 को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी वोटर लिस्ट और विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ समझौता करने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की, मीडिया रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ था कि चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन संशोधन (SIR) और चुनावी डेटा को लेकर आंतरिक मतभेद और आपत्तियां थीं, जिसके बाद विपक्ष और छात्र संगठनों ने इसे चुनावी धांधली बताते हुए मोर्चा खोल दिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पर कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव समेत लगभग 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत (डिटेन) में ले लिया। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और डीयू की प्रोफेसर नंदिता नारायण भी इस विरोध का हिस्सा रहे। विवाद और आरोप प्रदर्शन के दौरान एआईएसए नेताओं ने दिल्ली पुलिस पर बर्बरता और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, छात्र नेता नेहा बोरा ने एक वीडियो के जरिए सवाल उठाया कि प्रदर्शन स्थल पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी पर उनके नाम का बैच क्यों नहीं था, वामपंथी दलों और इंडिया ब्लॉक के नेताओं के अनुसार, चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर यह विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में देशभर में बड़े पैमाने पर जारी रहेगा।1
- बेटियों की शिक्षा को पंख देने की पहल, 14 जरूरतमंद छात्राओं को बांटी गईं साइकिलें *प्रयागराज के करछना में अखिल भारतीय कुर्मी महासभा का प्रांतीय अधिवेशन एवं बेटी शिक्षा-सामाजिक सम्मान समारोह संपन्न* प्रयागराज। बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और जरूरतमंद छात्राओं की पढ़ाई में आने-जाने की परेशानी को कम करने के उद्देश्य से रविवार को अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के प्रांतीय अधिवेशन एवं बेटी शिक्षा एवं सामाजिक सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया। बेलापुर करछना स्थित जे.बी.एस. रामसिंह आईटीआई कॉलेज बालापुर मुरादपुर में आयोजित समारोह के दौरान 14 जरूरतमंद बच्चियों को साइकिल वितरित की गईं। कार्यक्रम में साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। इस पहल को बेटियों की शिक्षा के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की का आधार शिक्षा है और बेटियों को शिक्षित किए बिना सामाजिक विकास की कल्पना पूरी नहीं की जा सकती। जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें विद्यालय तक आने-जाने में सुविधा प्रदान करना और उनकी पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। वक्ताओं ने समाज के सक्षम लोगों से भी आह्वान किया कि वे जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग के लिए आगे आएं, ताकि आर्थिक अथवा संसाधनों की कमी किसी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। कार्यक्रम में सहयोग फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं चेयरमैन मनोज सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं श्रीमती साधना सचान, पूर्व महापौर प्रत्याशी लखनऊ, राष्ट्रीय प्रमुख महामंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला, विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। अतिथियों ने बेटियों को साइकिल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के प्रांतीय अधिवेशन का भी आयोजन हुआ। इसमें समाज की एकजुटता, शिक्षा, सामाजिक सहयोग और बेटियों को आगे बढ़ाने सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। आयोजकों ने कहा कि संगठन का प्रयास समाज में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ जरूरतमंद परिवारों और विद्यार्थियों तक सहयोग पहुंचाना है। कार्यक्रम का आयोजन अमर सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के नेतृत्व में किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, अभिभावक और छात्राएं मौजूद रहीं। 14 बेटियों को मिली साइकिलें इस आयोजन की सबसे खास पहल रही, जिसने समारोह को सामाजिक सरोकार और बेटी शिक्षा के संदेश से जोड़ दिया। आए हुए अतिथियों का कार्यक्रम संयोजक प्रकाश सिंह पटेल प्रदेश उपाध्यक्ष ने आभार व्यक्त किया इस दौरान संतोष पटेल, देवी सिंह पटेल, अनुज सिंह पटेल, ओपी सिंह कबूतर, पंकज पटेल, रंग बहादुर पटेल, राकेश पटेल, अंगद पटेल, अनुज सिंह पटेल, पंकज पटेल, अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के पदाधिकारी सदस्य मेंबर मौजूद रहे बेटियों की शिक्षा को पंख देने की पहल, 14 जरूरतमंद छात्राओं को बांटी गईं साइकिलें प्रयागराज के करछना में अखिल भारतीय कुर्मी महासभा का प्रांतीय अधिवेशन एवं बेटी शिक्षा-सामाजिक सम्मान समारोह संपन्न प्रयागराज। बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और जरूरतमंद छात्राओं की पढ़ाई में आने-जाने की परेशानी को कम करने के उद्देश्य से रविवार को अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के प्रांतीय अधिवेशन एवं बेटी शिक्षा एवं सामाजिक सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया। बेलापुर करछना स्थित जे.बी.एस. रामसिंह आईटीआई कॉलेज बालापुर मुरादपुर में आयोजित समारोह के दौरान 14 जरूरतमंद बच्चियों को साइकिल वितरित की गईं। कार्यक्रम में साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। इस पहल को बेटियों की शिक्षा के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की का आधार शिक्षा है और बेटियों को शिक्षित किए बिना सामाजिक विकास की कल्पना पूरी नहीं की जा सकती। जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें विद्यालय तक आने-जाने में सुविधा प्रदान करना और उनकी पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। वक्ताओं ने समाज के सक्षम लोगों से भी आह्वान किया कि वे जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग के लिए आगे आएं, ताकि आर्थिक अथवा संसाधनों की कमी किसी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। कार्यक्रम में सहयोग फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं चेयरमैन मनोज सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं श्रीमती साधना सचान, पूर्व महापौर प्रत्याशी लखनऊ, राष्ट्रीय प्रमुख महामंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला, विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। अतिथियों ने बेटियों को साइकिल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के प्रांतीय अधिवेशन का भी आयोजन हुआ। इसमें समाज की एकजुटता, शिक्षा, सामाजिक सहयोग और बेटियों को आगे बढ़ाने सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। आयोजकों ने कहा कि संगठन का प्रयास समाज में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ जरूरतमंद परिवारों और विद्यार्थियों तक सहयोग पहुंचाना है। कार्यक्रम का आयोजन अमर सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के नेतृत्व में किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, अभिभावक और छात्राएं मौजूद रहीं। 14 बेटियों को मिली साइकिलें इस आयोजन की सबसे खास पहल रही, जिसने समारोह को सामाजिक सरोकार और बेटी शिक्षा के संदेश से जोड़ दिया। आए हुए अतिथियों का कार्यक्रम संयोजक प्रकाश सिंह पटेल प्रदेश उपाध्यक्ष ने आभार व्यक्त किया इस दौरान संतोष पटेल, देवी सिंह पटेल, अनुज सिंह पटेल, ओपी सिंह कबूतर, पंकज पटेल, रंग बहादुर पटेल, राकेश पटेल, अंगद पटेल, अनुज सिंह पटेल, पंकज पटेल, अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के पदाधिकारी सदस्य मेंबर मौजूद रहे4
- हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा First LNG Train: हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा *🚆 1. भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन* ▪︎ 17 जुलाई 2026 को जींद–सोनीपत के बीच भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-फ्यूल-सेल ट्रेन शुरू की गई। ▪︎ 10 कोच की ट्रेन — 2 Hydrogen Driving Power Cars + 8 Trailer Coaches। ▪︎ दोनों पावर कार मिलकर 2,400 kW शक्ति प्रदान करती हैं। ▪︎ ट्रेन की नियमित परिचालन गति 75 km/h और डिजाइन गति 110 km/h है। ▪︎ हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से ट्रेन में ही बिजली उत्पन्न होती है। ▪︎ *इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद जलवाष्प है;* दहन के कारण धुआँ या प्रत्यक्ष टेलपाइप कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। ▪︎ लगभग 2,600 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन उच्च क्षमता वाले हाइड्रोजन रेल संचालन का प्रदर्शन करती है। ▪︎ जींद में समर्पित हाइड्रोजन स्टोरेज, कंप्रेशन और डिस्पेंसिंग सुविधा विकसित की गई है। ▪︎ 17 जुलाई के बाद शुरुआती संचालन में ट्रेन ने 1,200+ km की यात्रा कर 3,200+ लीटर डीजल की खपत बचाई। *🚆 2. भारत की पहली LNG–डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन* ▪︎ 27 सितंबर 2026 को गुजरात के साबरमती से भारत की पहली LNG-powered ट्रेन शुरू की गई। ▪︎ ट्रेन में LNG + डीजल ड्यूल-फ्यूल सिस्टम है — इंजन दोनों ईंधनों पर चल सकता है। ▪︎ LNG का इस्तेमाल डीजल की खपत, ईंधन लागत और उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ▪︎ यह 8-कोच DEMU है और जरूरत के अनुसार LNG तथा डीजल के बीच संचालन किया जा सकता है। ▪︎ रिपोर्ट के अनुसार अनुमानित वार्षिक बचत लगभग ₹23.9 लाख तक हो सकती है। *🇮🇳 हाइड्रोजन + LNG — दो अलग तकनीकी रास्ते* ▪︎ *हाइड्रोजन:* फ्यूल-सेल तकनीक के जरिए ट्रेन में बिजली का उत्पादन। ▪︎ *LNG:* मौजूदा डीजल इंजन प्रणाली को ड्यूल-फ्यूल तकनीक के साथ इस्तेमाल करना। ▪︎ दोनों पहलें रेलवे में वैकल्पिक ईंधन, ऊर्जा दक्षता और डीजल पर निर्भरता कम करने के अलग-अलग तकनीकी मॉडल प्रस्तुत करती हैं। *🇮🇳 हाइड्रोजन ट्रेन से LNG-डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन तक — भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन आधारित तकनीकों के अलग-अलग मॉडल को वास्तविक संचालन में ला रहा है।*1
- छात्र बोले तो कार्यक्रम में पहुँचे चिराग पासवान,मीडिया से हुए रूबरू प्रयागराज: राहुल गाँधी नें युवाओं को जोड़ने के लिए छात्रों की गूँज कार्यक्रम शुरू किया हैं,तो दूसरी राजनीतिक पार्टियां कैसे पीछे रह सकती हैं,इसी के मुकाबले मे एनडीए के सहयोगी दल लोक जन शक्ति पार्टी नें यूथ बोले तो कार्यक्रम शुरू कर दिया है,बिहार के बाद ये कार्यक्रम प्रयागराज मे हुआ,परेड ग्राउंड मे हुए इस प्रोग्राम मे काफी प्रतियोगी छात्र शामिल हुए,पहले थोड़ा म्युज़िकल प्रोगाम हुआ फिर चिराग पासवान नें युवाओं क़ो सफलता के कई टिप्स दिए!1
- प्रेस विज्ञप्ति कालिंदीपुरम में 3–4 घंटे से बिजली गुल, पावर हाउस पर लोगों ने किया धरना-प्रदर्शन प्रयागराज। कालिंदीपुरम क्षेत्र में पिछले लगभग तीन से चार घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटौती की वजह जानने और समस्या के समाधान की मांग को लेकर क्षेत्र के कई लोग संबंधित पावर हाउस पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पावर हाउस पहुंचने पर वहां न तो जेई मौजूद मिले, न कोई इलेक्ट्रीशियन और न ही कोई ऐसा जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद था, जो बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण बता सके। लोगों का आरोप है कि उन्होंने संबंधित जेई से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। वहीं, एसडीओ को भी फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। जिम्मेदार अधिकारियों से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद लोगों ने पावर हाउस परिसर में धरना-प्रदर्शन कर बिजली आपूर्ति बहाल कराने और समस्या की जानकारी देने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद विभाग की ओर से कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी जा रही है। लोगों ने मांग की है कि बिजली कटौती का कारण तत्काल बताया जाए और जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति में समय पर सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- कालिन्दीकुंज पावर हाउस से जुड़े कई मोहलों में विद्युत आपूर्ति हुई बाधित, लोग प्रे प्रयागराज। देवघाट झलवा स्थित कालिन्दीकुंज पावर हाउस से जुड़े बुद्ध विहार, देवघाट, देवघटा, शाह उर्फ पिपलगाव के साथ ही कई मोहलों में कल शाम लगभग 3 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोग हुए परेशान। कालिन्दीकुंज पावर हाउस के मेन सप्लाई केबल ट्रिपलआईटी के पास खराब होने के वजह से इस पावर हाउस से जुड़े कई मोहलों में कल शाम लगभग 3 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई जिसके वजह से रात भर लोग परेशान रहे। लाइट सप्लाई बंद होने से बुद्ध विहार, देवघटा, देवघटा के साथ ही कई इलाकों में पानी की भी सप्लाई नही हो पा रही है जिससे लोगो को काफी समस्या हो गई। वही बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद पावर हाउस के कर्मचारियों का फोन भी बंद हो गया जिससे नाराज लोगो ने सड़क पर उतरकर पावर हाउस के कर्मचारियों के खिलाफ विरोध भी दर्ज कराने पर मजबूर हो गए।3
- Post by RAMESH CHANDRA VARMA4
- लखनऊ में इलेक्शन कमीशन पर उठे आरोप को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस वार्ता- कांग्रेस सपा आरजेडी द्वारा एस आई आर पर हाय तौबा मचाया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी विपक्षी दल इलेक्शन जीत जाएं तो इनका पुरुषार्थ! और इनके भ्रष्टाचार, अराजकतापूर्ण कार्यवाही के कारण जनता नकार दे तो ईवीएम और इलेक्शन कमीशन को जायज ठहराना आत्मावलोकन का विषय है लखनऊ में इलेक्शन कमीशन पर उठे आरोप को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस वार्ता कांग्रेस सपा आरजेडी द्वारा एस आई आर पर हाय तौबा मचाया है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी विपक्षी दल इलेक्शन जीत जाएं तो इनका पुरुषार्थ! और इनके भ्रष्टाचार, अराजकतापूर्ण कार्यवाही के कारण जनता नकार दे तो ईवीएम और इलेक्शन कमीशन को जायज ठहराना आत्मावलोकन का विषय है1