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डूंगला में 'उमंग-VII' अभियान के तहत मंगलवाड़ थाना पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन और गायत्री सेवा संस्थान के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। इस मामले में एक होटल संचालक और एक बेकरी संचालक के खिलाफ बाल श्रम कराने के आरोप में अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर बाल श्रम, बाल बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के विरुद्ध यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन, डीएसपी बड़ीसादड़ी देशराज कुलदीप के सुपरविजन और मंगलवाड़ थानाधिकारी भगवानलाल के नेतृत्व में, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा गायत्री सेवा संस्थान के सहयोग से दो संयुक्त टीमों का गठन कर यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान, एएसआई जगदीश और उनकी टीम ने चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारायणपुरा टोल के पास स्थित श्री हरि सांवरिया होटल से एक नाबालिग बालक को मुक्त कराया। इस मामले में होटल संचालक प्रवीण पुत्र मोहनलाल विश्नोई, निवासी रणोदर, थाना सांचौर, जिला जालौर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। वहीं दूसरी टीम ने एएसआई भैरूलाल के नेतृत्व में मंगलवाड़ चौराहे पर जोधपुर स्वीट्स एंड बेकरी पर कार्रवाई करते हुए वहां कार्यरत एक अन्य नाबालिग बालक को मुक्त कराया। इस मामले में भी संचालक अशोक सिंह पुत्र गमेर सिंह राजपूत, निवासी जाखन मथौड़ा, जिला फलौदी के विरुद्ध बाल श्रम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों बालकों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर संबंधित विभाग को सुपुर्द कर दिया है और दोनों प्रकरणों की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम या बाल तस्करी जैसी गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। इस कार्रवाई में थानाधिकारी भगवानलाल, एएसआई जगदीश चंद्र, एएसआई भैरूलाल, कांस्टेबल टंवर सिंह और गोमाराम सहित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चाइल्ड हेल्पलाइन चित्तौड़गढ़ से काउंसलर करण जीनवाल और केस वर्कर आशीष कुमार तथा गायत्री सेवा संस्थान से काउंसलर अब्दुल वहीद ने भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

7 hrs ago
user_पवन अग्रवाल
पवन अग्रवाल
Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
7 hrs ago

डूंगला में 'उमंग-VII' अभियान के तहत मंगलवाड़ थाना पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन और गायत्री सेवा संस्थान के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। इस मामले में एक होटल संचालक और एक बेकरी संचालक के खिलाफ बाल श्रम कराने के आरोप में अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर बाल श्रम, बाल बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के विरुद्ध यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन, डीएसपी बड़ीसादड़ी देशराज कुलदीप के सुपरविजन और मंगलवाड़ थानाधिकारी भगवानलाल के नेतृत्व में, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा गायत्री सेवा संस्थान के सहयोग से

दो संयुक्त टीमों का गठन कर यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान, एएसआई जगदीश और उनकी टीम ने चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारायणपुरा टोल के पास स्थित श्री हरि सांवरिया होटल से एक नाबालिग बालक को मुक्त कराया। इस मामले में होटल संचालक प्रवीण पुत्र मोहनलाल विश्नोई, निवासी रणोदर, थाना सांचौर, जिला जालौर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। वहीं दूसरी टीम ने एएसआई भैरूलाल के नेतृत्व में मंगलवाड़ चौराहे पर जोधपुर स्वीट्स एंड बेकरी पर कार्रवाई करते हुए वहां कार्यरत एक अन्य नाबालिग बालक को मुक्त कराया। इस मामले में भी संचालक अशोक सिंह पुत्र गमेर सिंह राजपूत, निवासी जाखन मथौड़ा, जिला फलौदी के विरुद्ध बाल श्रम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस

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ने दोनों बालकों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर संबंधित विभाग को सुपुर्द कर दिया है और दोनों प्रकरणों की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम या बाल तस्करी जैसी गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। इस कार्रवाई में थानाधिकारी भगवानलाल, एएसआई जगदीश चंद्र, एएसआई भैरूलाल, कांस्टेबल टंवर सिंह और गोमाराम सहित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चाइल्ड हेल्पलाइन चित्तौड़गढ़ से काउंसलर करण जीनवाल और केस वर्कर आशीष कुमार तथा गायत्री सेवा संस्थान से काउंसलर अब्दुल वहीद ने भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

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  • वैष्णव वैरागी सेवा संस्थान की एक महत्वपूर्ण बैठक घाटा वाला माताजी देबारी में संस्थान के अध्यक्ष रमेश वैष्णव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में उदयपुर, आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों और 56 सेरा पांच बैठक से वैष्णव बैरागी समाज के लगभग 350 सदस्य उपस्थित रहे। समाजजनों ने समाज के उत्थान और प्रगति के लिए अपने विचार प्रस्तुत किए। संस्थान के अध्यक्ष रमेश वैष्णव ने घोषणा की कि तीसरा आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन 21 नवंबर, 2026 को घासा मेला ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए अधिक से अधिक वर-वधू जोड़ों के पंजीकरण का आग्रह किया और समाज के सदस्यों से विवाह के सफल आयोजन के लिए तन, मन, धन से सहयोग करने की अपील की। इसके साथ ही, समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बेटे-बेटियों को पढ़ाई में समान अवसर देने का भी आग्रह किया गया। अध्यक्ष ने बाहर से आए सभी समाज बंधुओं और महंतों को धन्यवाद दिया। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि समाज के कुछ व्यक्तियों द्वारा एक प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसके संबंध में समाज में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और अफवाहें फैल रही हैं। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि इससे समाज की प्रतिष्ठा और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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    वैष्णव वैरागी सेवा संस्थान की एक महत्वपूर्ण बैठक घाटा वाला माताजी देबारी में संस्थान के अध्यक्ष रमेश वैष्णव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में उदयपुर, आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों और 56 सेरा पांच बैठक से वैष्णव बैरागी समाज के लगभग 350 सदस्य उपस्थित रहे। समाजजनों ने समाज के उत्थान और प्रगति के लिए अपने विचार प्रस्तुत किए। संस्थान के अध्यक्ष रमेश वैष्णव ने घोषणा की कि तीसरा आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन 21 नवंबर, 2026 को घासा मेला ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए अधिक से अधिक वर-वधू जोड़ों के पंजीकरण का आग्रह किया और समाज के सदस्यों से विवाह के सफल आयोजन के लिए तन, मन, धन से सहयोग करने की अपील की। इसके साथ ही, समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बेटे-बेटियों को पढ़ाई में समान अवसर देने का भी आग्रह किया गया। अध्यक्ष ने बाहर से आए सभी समाज बंधुओं और महंतों को धन्यवाद दिया।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि समाज के कुछ व्यक्तियों द्वारा एक प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसके संबंध में समाज में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और अफवाहें फैल रही हैं। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि इससे समाज की प्रतिष्ठा और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
    user_Local Tv News Channel
    Local Tv News Channel
    वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • धरियावद के केसरपुरा स्थित लाखेश्वर महु महादेव त्रिवेणी संगम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ब्लॉक स्तरीय पूजा-अर्चना एवं महाआरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना करते हुए प्रधानमंत्री के दीर्घायु होने और राष्ट्र की समृद्धि के लिए कामना की गई। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों, विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश ने विकास, आत्मनिर्भरता एवं वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान स्थापित की है। इस आयोजन में उपखण्ड अधिकारी सी.पी. वर्मा, तहसीलदार संदीप जैन, नायब तहसीलदार रजनीश व्यास, अतिरिक्त विकास अधिकारी लक्ष्मी लाल गमेती, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश हेड़ा, ब्लॉक समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन मनोज कुमार भंवरा, सरपंच गाड़रियावास गौतम लाल मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच कैलाश देवी मीणा, सरपंच प्रतिनिधि खानूराम मीणा, महंत धरमदास महाराज, भाजपा धरियावद नगर अध्यक्ष रेखा चौधरी, लाखेश्वर मंडल अध्यक्ष रामलाल मीणा, मंडल महामंत्री करतार सिंह राणावत (भांडला), पंचायत समिति सदस्य शंकरलाल मीणा, कनिष्ठ अभियंता दर्शील जैन (पीएचईडी विभाग) और महिला सुपरवाइजर नर्बदा कटारा सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, पूर्व सरपंच कालूलाल मीणा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन महाआरती के साथ हुआ, जिसके उपरांत उपस्थित जनसमुदाय ने राष्ट्रहित एवं जनकल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना की। इस पूरे आयोजन में लाखेश्वर मंडल के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही।
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    धरियावद के केसरपुरा स्थित लाखेश्वर महु महादेव त्रिवेणी संगम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ब्लॉक स्तरीय पूजा-अर्चना एवं महाआरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना करते हुए प्रधानमंत्री के दीर्घायु होने और राष्ट्र की समृद्धि के लिए कामना की गई।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों, विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश ने विकास, आत्मनिर्भरता एवं वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान स्थापित की है।

इस आयोजन में उपखण्ड अधिकारी सी.पी. वर्मा, तहसीलदार संदीप जैन, नायब तहसीलदार रजनीश व्यास, अतिरिक्त विकास अधिकारी लक्ष्मी लाल गमेती, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश हेड़ा, ब्लॉक समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन मनोज कुमार भंवरा, सरपंच गाड़रियावास गौतम लाल मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच कैलाश देवी मीणा, सरपंच प्रतिनिधि खानूराम मीणा, महंत धरमदास महाराज, भाजपा धरियावद नगर अध्यक्ष रेखा चौधरी, लाखेश्वर मंडल अध्यक्ष रामलाल मीणा, मंडल महामंत्री करतार सिंह राणावत (भांडला), पंचायत समिति सदस्य शंकरलाल मीणा, कनिष्ठ अभियंता दर्शील जैन (पीएचईडी विभाग) और महिला सुपरवाइजर नर्बदा कटारा सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, पूर्व सरपंच कालूलाल मीणा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन महाआरती के साथ हुआ, जिसके उपरांत उपस्थित जनसमुदाय ने राष्ट्रहित एवं जनकल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना की। इस पूरे आयोजन में लाखेश्वर मंडल के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ ज़िले में औद्योगिक विकास को लेकर सार्वजनिक विमर्श में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है। कभी प्रगति और आर्थिक विकास का प्रतीक माने जाने वाले बड़े औद्योगिक और सीमेंट प्रोजेक्ट अब स्थानीय समुदायों की कड़ी जाँच का सामना कर रहे हैं। ज़िले भर में हाल ही में हुई जनसुनवाइयों से संकेत मिलता है कि निवासी अब केवल रोज़गार के वादों से संतुष्ट नहीं हैं; बल्कि वे जल संसाधनों, वनों, कृषि भूमि और अपने जीवन की समग्र गुणवत्ता की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। बेगूँ क्षेत्र में प्रस्तावित जेके सीमेंट परियोजना के लिए आयोजित पर्यावरणीय जनसुनवाई के दौरान, ग्रामीणों ने पानी के स्रोतों, कृषि भूमि और स्थानीय पर्यावरण पर संभावित प्रभावों को लेकर गंभीर आपत्तियाँ उठाईं। इसके एक दिन बाद, निम्बाहेड़ा के पास फलवा गाँव में भी इसी तरह की चिंताएँ सामने आईं, जहाँ निवासियों ने वंडर सीमेंट द्वारा प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों पर सवाल उठाए। पर्यवेक्षकों का मानना है कि इन विरोधों को अलग-थलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। ये चित्तौड़गढ़ में एक व्यापक और उभरती हुई जनभावना को दर्शाते हैं, जहाँ समुदाय अब औद्योगिक विस्तार के बदले पर्यावरणीय गिरावट को स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। चित्तौड़गढ़ ज़िला लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। विशेष रूप से चंदेरिया क्षेत्र, अक्सर औद्योगिक प्रदूषण से संबंधित चर्चाओं का विषय रहा है। वहीं, बड़ी सादड़ी क्षेत्र में हिंदुस्तान जिंक से जुड़े ज़ारोफिक्स कचरे के निपटान को लेकर विवाद बढ़ गया है और यह एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ऐसे औद्योगिक कचरे से मिट्टी की गुणवत्ता, भूजल संसाधनों और समग्र पारिस्थितिक संतुलन पर दीर्घकालिक परिणाम हो सकते हैं। इन अनुभवों ने कई समुदायों को यह सवाल उठाने पर मजबूर किया है कि क्या औद्योगिक परियोजनाओं के वास्तविक लाभ उनकी पर्यावरणीय लागतों की पर्याप्त भरपाई करते हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर चूना पत्थर खनन और सीमेंट निर्माण से कई पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियाँ पैदा हो सकती हैं, जैसे PM10 और PM2.5 जैसे कणों से वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य ख़तरे, भूजल संसाधनों पर प्रभाव जिससे भूजल स्तर में गिरावट आ सकती है, कृषि उत्पादकता में कमी, और जैव विविधता व हरियाली के लिए ख़तरा। ग्रामीण तर्क देते हैं कि एक बार पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ने के बाद, इसे बहाल करने में दशकों लग सकते हैं, यदि यह संभव हुआ तो। इन जनसुनवाइयों से यह स्पष्ट संदेश उभरा है कि चित्तौड़गढ़ के लोग विकास तो चाहते हैं, लेकिन वे पर्यावरणीय जवाबदेही की भी मांग करते हैं। उनका कहना है कि संविधान हर नागरिक को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में रहने का अधिकार देता है। स्थानीय समुदाय किसी भी मंज़ूरी से पहले प्रस्तावित परियोजनाओं के सामाजिक, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य प्रभावों के व्यापक और निष्पक्ष मूल्यांकन की अपेक्षा करते हैं। अब ज़िला प्रशासन, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य सरकार पर ध्यान केंद्रित है। मुख्य प्रश्न यही है कि क्या जनसुनवाइयों में दर्ज आपत्तियाँ और सिफ़ारिशें अनुमोदन प्रक्रिया में सार्थक भूमिका निभाएँगी। यह देखना होगा कि पर्यावरणीय मंज़ूरी के निर्णय वास्तव में स्थानीय समुदाय की चिंताओं को दर्शाते हैं, या निवेश और औद्योगिक विकास की आवश्यकताओं के चलते सार्वजनिक आपत्तियों को दरकिनार कर दिया जाएगा। फिलहाल, एक बात निश्चित है: चित्तौड़गढ़ ज़िले में पानी, जंगल और ज़मीन की सुरक्षा का संघर्ष अब केवल एक पर्यावरणीय बहस नहीं रह गया है; यह नागरिकों के अधिकारों, लोकतांत्रिक भागीदारी और स्थानीय समुदायों की भविष्य की स्थिरता का मामला बन गया है।
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    चित्तौड़गढ़ ज़िले में औद्योगिक विकास को लेकर सार्वजनिक विमर्श में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है। कभी प्रगति और आर्थिक विकास का प्रतीक माने जाने वाले बड़े औद्योगिक और सीमेंट प्रोजेक्ट अब स्थानीय समुदायों की कड़ी जाँच का सामना कर रहे हैं। ज़िले भर में हाल ही में हुई जनसुनवाइयों से संकेत मिलता है कि निवासी अब केवल रोज़गार के वादों से संतुष्ट नहीं हैं; बल्कि वे जल संसाधनों, वनों, कृषि भूमि और अपने जीवन की समग्र गुणवत्ता की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

बेगूँ क्षेत्र में प्रस्तावित जेके सीमेंट परियोजना के लिए आयोजित पर्यावरणीय जनसुनवाई के दौरान, ग्रामीणों ने पानी के स्रोतों, कृषि भूमि और स्थानीय पर्यावरण पर संभावित प्रभावों को लेकर गंभीर आपत्तियाँ उठाईं। इसके एक दिन बाद, निम्बाहेड़ा के पास फलवा गाँव में भी इसी तरह की चिंताएँ सामने आईं, जहाँ निवासियों ने वंडर सीमेंट द्वारा प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों पर सवाल उठाए। पर्यवेक्षकों का मानना है कि इन विरोधों को अलग-थलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। ये चित्तौड़गढ़ में एक व्यापक और उभरती हुई जनभावना को दर्शाते हैं, जहाँ समुदाय अब औद्योगिक विस्तार के बदले पर्यावरणीय गिरावट को स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।

चित्तौड़गढ़ ज़िला लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। विशेष रूप से चंदेरिया क्षेत्र, अक्सर औद्योगिक प्रदूषण से संबंधित चर्चाओं का विषय रहा है। वहीं, बड़ी सादड़ी क्षेत्र में हिंदुस्तान जिंक से जुड़े ज़ारोफिक्स कचरे के निपटान को लेकर विवाद बढ़ गया है और यह एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ऐसे औद्योगिक कचरे से मिट्टी की गुणवत्ता, भूजल संसाधनों और समग्र पारिस्थितिक संतुलन पर दीर्घकालिक परिणाम हो सकते हैं। इन अनुभवों ने कई समुदायों को यह सवाल उठाने पर मजबूर किया है कि क्या औद्योगिक परियोजनाओं के वास्तविक लाभ उनकी पर्यावरणीय लागतों की पर्याप्त भरपाई करते हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर चूना पत्थर खनन और सीमेंट निर्माण से कई पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियाँ पैदा हो सकती हैं, जैसे PM10 और PM2.5 जैसे कणों से वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य ख़तरे, भूजल संसाधनों पर प्रभाव जिससे भूजल स्तर में गिरावट आ सकती है, कृषि उत्पादकता में कमी, और जैव विविधता व हरियाली के लिए ख़तरा। ग्रामीण तर्क देते हैं कि एक बार पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ने के बाद, इसे बहाल करने में दशकों लग सकते हैं, यदि यह संभव हुआ तो। इन जनसुनवाइयों से यह स्पष्ट संदेश उभरा है कि चित्तौड़गढ़ के लोग विकास तो चाहते हैं, लेकिन वे पर्यावरणीय जवाबदेही की भी मांग करते हैं। उनका कहना है कि संविधान हर नागरिक को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में रहने का अधिकार देता है। स्थानीय समुदाय किसी भी मंज़ूरी से पहले प्रस्तावित परियोजनाओं के सामाजिक, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य प्रभावों के व्यापक और निष्पक्ष मूल्यांकन की अपेक्षा करते हैं। अब ज़िला प्रशासन, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य सरकार पर ध्यान केंद्रित है। मुख्य प्रश्न यही है कि क्या जनसुनवाइयों में दर्ज आपत्तियाँ और सिफ़ारिशें अनुमोदन प्रक्रिया में सार्थक भूमिका निभाएँगी। यह देखना होगा कि पर्यावरणीय मंज़ूरी के निर्णय वास्तव में स्थानीय समुदाय की चिंताओं को दर्शाते हैं, या निवेश और औद्योगिक विकास की आवश्यकताओं के चलते सार्वजनिक आपत्तियों को दरकिनार कर दिया जाएगा। फिलहाल, एक बात निश्चित है: चित्तौड़गढ़ ज़िले में पानी, जंगल और ज़मीन की सुरक्षा का संघर्ष अब केवल एक पर्यावरणीय बहस नहीं रह गया है; यह नागरिकों के अधिकारों, लोकतांत्रिक भागीदारी और स्थानीय समुदायों की भविष्य की स्थिरता का मामला बन गया है।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • मंदसौर विधायक विपिन जैन भोपाल में एक सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वे जिस ऑटो रिक्शा में सवार थे, वह अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे विधायक विपिन जैन घायल हो गए। इस दुर्घटना में उनके सिर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की सूचना मिलते ही कांग्रेस के कई नेता, कार्यकर्ता और उनके शुभचिंतक अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए। सभी ने विधायक के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उनका उपचार कर रहे डॉक्टरों ने बताया है कि विधायक की स्थिति फिलहाल स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है।
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    मंदसौर विधायक विपिन जैन भोपाल में एक सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वे जिस ऑटो रिक्शा में सवार थे, वह अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे विधायक विपिन जैन घायल हो गए। इस दुर्घटना में उनके सिर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे की सूचना मिलते ही कांग्रेस के कई नेता, कार्यकर्ता और उनके शुभचिंतक अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए। सभी ने विधायक के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उनका उपचार कर रहे डॉक्टरों ने बताया है कि विधायक की स्थिति फिलहाल स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है।
    user_मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    Carpenter Neemuch Nagar, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • भोपाल में एक ऑटो पलट गया, जिसके कारण मंदसौर के विधायक विपिन जैन घायल हो गए। घटना के बाद, उन्हें जयवर्धन सिंह अस्पताल लेकर पहुंचे।
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    भोपाल में एक ऑटो पलट गया, जिसके कारण मंदसौर के विधायक विपिन जैन घायल हो गए। घटना के बाद, उन्हें जयवर्धन सिंह अस्पताल लेकर पहुंचे।
    user_Mahesh Suthar
    Mahesh Suthar
    Carpenter नीमच नगर, नीमच, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पारसोली पंचायत से यह निवेदन किया गया है कि वहाँ हुए अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटवाया जाए। साथ ही, यह भी माँग की गई है कि क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए। इस नाला निर्माण की आवश्यकता इसलिए बताई गई है, क्योंकि बारिश के मौसम में वहाँ पानी भर जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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    पारसोली पंचायत से यह निवेदन किया गया है कि वहाँ हुए अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटवाया जाए। साथ ही, यह भी माँग की गई है कि क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए। इस नाला निर्माण की आवश्यकता इसलिए बताई गई है, क्योंकि बारिश के मौसम में वहाँ पानी भर जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
    user_जेकी रेगर
    जेकी रेगर
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • डूंगला उपखंड क्षेत्र में केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एलवा माता मंदिर में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र की उन्नति, प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण के लिए मंगलकामना करना था। कार्यक्रम का आरंभ माता रानी के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से की गई विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित महाआरती में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी भक्ति भावना के साथ सहभागिता निभाई। मंदिर परिसर में पूरे समय एक धार्मिक वातावरण बना रहा, जहाँ मौजूद सभी लोगों ने देश की प्रगति और समाज में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक, कार्यवाहक तहसीलदार मोहनलाल त्रिवेदी, नायब तहसीलदार मंगलवाड़ भूपेंद्र वसी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोपीलाल भाम्बी, अतिरिक्त विकास अधिकारी संजय शर्मा, नरेश ढाबरिया, प्रगति प्रसार अधिकारी योगेश गुर्जर, प्रशासक प्रतिनिधि लालसिंह मीणा, ग्राम विकास अधिकारी गिरीश शर्मा, कनिष्ठ सहायक उदयलाल मीणा और आईसीडीएस सुपरवाइजर सुरता मीणा शामिल थे। जन प्रतिनिधियों के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष पूरणमल अहीर, तेजपाल वैष्णव, राधेश्याम शर्मा सहित मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। उपस्थित वक्ताओं ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, साथ ही देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित की भावना का सुंदर संगम देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने माता रानी से देशवासियों के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
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    डूंगला उपखंड क्षेत्र में केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एलवा माता मंदिर में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र की उन्नति, प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण के लिए मंगलकामना करना था।

कार्यक्रम का आरंभ माता रानी के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से की गई विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित महाआरती में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी भक्ति भावना के साथ सहभागिता निभाई। मंदिर परिसर में पूरे समय एक धार्मिक वातावरण बना रहा, जहाँ मौजूद सभी लोगों ने देश की प्रगति और समाज में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक, कार्यवाहक तहसीलदार मोहनलाल त्रिवेदी, नायब तहसीलदार मंगलवाड़ भूपेंद्र वसी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोपीलाल भाम्बी, अतिरिक्त विकास अधिकारी संजय शर्मा, नरेश ढाबरिया, प्रगति प्रसार अधिकारी योगेश गुर्जर, प्रशासक प्रतिनिधि लालसिंह मीणा, ग्राम विकास अधिकारी गिरीश शर्मा, कनिष्ठ सहायक उदयलाल मीणा और आईसीडीएस सुपरवाइजर सुरता मीणा शामिल थे। जन प्रतिनिधियों के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष पूरणमल अहीर, तेजपाल वैष्णव, राधेश्याम शर्मा सहित मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। उपस्थित वक्ताओं ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, साथ ही देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित की भावना का सुंदर संगम देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने माता रानी से देशवासियों के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
    user_पवन अग्रवाल
    पवन अग्रवाल
    Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा क्षेत्र में मानवता और जीव दया का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय सामने आया, जब जंगली श्वानों के हमले में गंभीर रूप से घायल एक नीलगाय के शावक को नया जीवन मिला। चिकारड़ा क्षेत्र में एक कुएं के पास जंगली श्वानों ने नीलगाय के शावक पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। शावक की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण पुष्कर गुर्जर, राजू सुथार, कैलाश गुर्जर, जसू गुर्जर, विक्रम नायक और अन्य लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने साहस दिखाते हुए श्वानों को भगाया और घायल शावक को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद उसे प्राथमिक सहायता दी गई। इसी दौरान, भाटोली गुजरान में पदस्थापित पशुधन निरीक्षक बलराम चौधरी अपने सहयोगी ललित मीणा और विजय चौधरी के साथ एक अन्य कार्य से गुजर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम स्थगित किया और तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल शावक का निःशुल्क उपचार किया। पशुधन निरीक्षकों ने जोर देकर कहा कि बेजुबान जीवों की सेवा करना उनका नैतिक दायित्व है और वे ऐसी किसी भी स्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। सूचना मिलने पर, मंगलवाड़ से वन विभाग की एक टीम प्रेमलता लोहार के नेतृत्व में घटना स्थल पर पहुंची। उन्होंने घायल शावक को अपने संरक्षण में लिया और उसके आगे के उपचार तथा सुरक्षित देखभाल की व्यवस्था की। इस दौरान, वन विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि पूरे जिले में केवल एक रेस्क्यू वाहन होने के कारण कई बार उन्हें समय पर पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर अतिरिक्त रेस्क्यू वाहनों की आवश्यकता पर बल दिया। घायल शावक को सुरक्षित उपचार केंद्र तक पहुंचाने में ग्रामीणों ने भी अनुकरणीय सहयोग दिया। गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर दवाइयों और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री की व्यवस्था की, साथ ही टेम्पो का किराया वहन कर शावक को सुरक्षित मंगलवाड़ पहुंचाया। ग्रामीण प्रकाश सुथार ने बताया कि पूरे गांव ने मिलकर जीव दया और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। ग्रामीणों की सजगता, पशुधन निरीक्षकों की संवेदनशीलता और वन विभाग की मुस्तैदी के कारण ही एक बेजुबान वन्यजीव की जान बच सकी। इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों ने सभी सहयोगकर्ताओं और विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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    चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा क्षेत्र में मानवता और जीव दया का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय सामने आया, जब जंगली श्वानों के हमले में गंभीर रूप से घायल एक नीलगाय के शावक को नया जीवन मिला। चिकारड़ा क्षेत्र में एक कुएं के पास जंगली श्वानों ने नीलगाय के शावक पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। शावक की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण पुष्कर गुर्जर, राजू सुथार, कैलाश गुर्जर, जसू गुर्जर, विक्रम नायक और अन्य लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने साहस दिखाते हुए श्वानों को भगाया और घायल शावक को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद उसे प्राथमिक सहायता दी गई।

इसी दौरान, भाटोली गुजरान में पदस्थापित पशुधन निरीक्षक बलराम चौधरी अपने सहयोगी ललित मीणा और विजय चौधरी के साथ एक अन्य कार्य से गुजर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम स्थगित किया और तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल शावक का निःशुल्क उपचार किया। पशुधन निरीक्षकों ने जोर देकर कहा कि बेजुबान जीवों की सेवा करना उनका नैतिक दायित्व है और वे ऐसी किसी भी स्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

सूचना मिलने पर, मंगलवाड़ से वन विभाग की एक टीम प्रेमलता लोहार के नेतृत्व में घटना स्थल पर पहुंची। उन्होंने घायल शावक को अपने संरक्षण में लिया और उसके आगे के उपचार तथा सुरक्षित देखभाल की व्यवस्था की। इस दौरान, वन विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि पूरे जिले में केवल एक रेस्क्यू वाहन होने के कारण कई बार उन्हें समय पर पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर अतिरिक्त रेस्क्यू वाहनों की आवश्यकता पर बल दिया।

घायल शावक को सुरक्षित उपचार केंद्र तक पहुंचाने में ग्रामीणों ने भी अनुकरणीय सहयोग दिया। गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर दवाइयों और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री की व्यवस्था की, साथ ही टेम्पो का किराया वहन कर शावक को सुरक्षित मंगलवाड़ पहुंचाया। ग्रामीण प्रकाश सुथार ने बताया कि पूरे गांव ने मिलकर जीव दया और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। ग्रामीणों की सजगता, पशुधन निरीक्षकों की संवेदनशीलता और वन विभाग की मुस्तैदी के कारण ही एक बेजुबान वन्यजीव की जान बच सकी। इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों ने सभी सहयोगकर्ताओं और विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
    user_पवन अग्रवाल
    पवन अग्रवाल
    Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    7 hrs ago
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