झांसी के टहरौली तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर कई समाजसेवियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर दिया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया गया है। ज्ञापन सौंपने वाले लोगों ने बताया कि भानु सहाय लंबे समय से बुंदेलखंड राज्य निर्माण और क्षेत्रीय जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भानु सहाय को शीघ्र रिहा किया जाए। संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित अधिकारियों को दिए गए इस ज्ञापन में समाजसेवियों ने यह भी कहा कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी, और उन्होंने निर्दोष व्यक्ति को न्यायोचित कार्रवाई के माध्यम से राहत प्रदान करने की अपील की। इस दौरान पत्रकार बाबूसिंह यादव, डॉ साहबसिंह बुन्देला, जाहर यादव, संतोष, राजपाल बुन्देला, लेखराज पटेल, राघवेन्द्र पटेल, संजय कुशवाहा, सुरेन्द्र प्रजापति और अंकित गौतम सितौरा सहित क्षेत्र के कई अन्य समाजसेवी एवं नागरिक उपस्थित रहे। इन लोगों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांग लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि शासन-प्रशासन इस गंभीर मामले पर विचार करेगा।
झांसी के टहरौली तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर कई समाजसेवियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर दिया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया गया है। ज्ञापन सौंपने वाले लोगों ने बताया कि भानु सहाय लंबे समय से बुंदेलखंड
राज्य निर्माण और क्षेत्रीय जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भानु सहाय को शीघ्र रिहा किया जाए। संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित अधिकारियों को दिए गए इस ज्ञापन में समाजसेवियों ने यह भी कहा कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी, और उन्होंने निर्दोष व्यक्ति को न्यायोचित कार्रवाई के माध्यम से
राहत प्रदान करने की अपील की। इस दौरान पत्रकार बाबूसिंह यादव, डॉ साहबसिंह बुन्देला, जाहर यादव, संतोष, राजपाल बुन्देला, लेखराज पटेल, राघवेन्द्र पटेल, संजय कुशवाहा, सुरेन्द्र प्रजापति और अंकित गौतम सितौरा सहित क्षेत्र के कई अन्य समाजसेवी एवं नागरिक उपस्थित रहे। इन लोगों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांग लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि शासन-प्रशासन इस गंभीर मामले पर विचार करेगा।
- टहरौली तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब बसारी, लठेसरा और विजयगढ़ गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं एक सरकारी देशी शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में तहसील पहुंचीं। इन महिलाओं ने ज़ोरदार नारेबाज़ी करते हुए अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की और प्रशासन से प्रस्तावित शराब दुकान को निरस्त करने की मांग की। महिलाओं ने अधिकारियों को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने कहा कि गांव में देशी शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल ख़राब होगा, युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, तथा घरेलू विवाद और अन्य सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने जनहित का हवाला देते हुए गांव के आसपास सरकारी देशी शराब की दुकान खोलने की अनुमति न दिए जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने “गांव में शराब की दुकान नहीं चाहिए” और “शराब मुक्त समाज बनाओ” जैसे नारे लगाए, साथ ही यह भी कहा कि वे किसी भी कीमत पर गांव में शराब की दुकान नहीं खुलने देंगी और ज़रूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देंगी। तहसील दिवस में उपस्थित अधिकारियों ने महिलाओं की शिकायत और मांग को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रदर्शन में क्षेत्र की अनेक महिलाएं और ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर शराब दुकान खोलने का विरोध किया।4
- झांसी जिले की टहरौली तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर समाजसेवियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय की रिहाई की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भानु सहाय को एक झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा गया है। ज्ञापन सौंपने वालों का कहना था कि भानु सहाय लंबे समय से बुंदेलखंड राज्य निर्माण और क्षेत्रीय जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए उन्हें शीघ्र रिहा करने की मांग की। संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित अधिकारियों को दिए गए इस ज्ञापन में समाजसेवियों ने यह भी कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच की जाती है तो सत्य सामने आएगा। उन्होंने प्रशासन से न्यायोचित कार्रवाई करने और निर्दोष व्यक्ति को राहत प्रदान करने की अपील की। इस दौरान पत्रकार बाबूसिंह यादव, डॉ साहबसिंह बुन्देला, जाहर यादव, संतोष, राजपाल बुन्देला, लेखराज पटेल, राघवेन्द्र पटेल, संजय कुशवाहा, सुरेन्द्र प्रजापति और अंकित गौतम सितौरा सहित क्षेत्र के कई समाजसेवी एवं नागरिक उपस्थित रहे। लोगों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि शासन-प्रशासन इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगा।1
- पृथ्वीपुर में स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा सर्वेक्षण के लिए लगाए गए डस्टबिन और गमलों को फोटोशूट पूरा होते ही हटा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे इस दिखावटी तैयारी का प्रमाण माना जा रहा है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में, पढ़ाई के अत्यधिक दबाव और 24 घंटे पढ़ाई की स्थिति को हास्यपूर्ण ढंग से दर्शाया गया है। पोस्ट में बार-बार 'दे पढ़ाई दे पढ़ाई 24 घंटे पढ़ाई ले पढ़ाई' जैसी पंक्तियों का उपयोग कर एक मनोरंजक और व्यंगात्मक टिप्पणी की गई है। इसके साथ ही, यूज़र्स को फॉलो करने का आग्रह भी किया गया है।1
- केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक ने निवाड़ी जिले के जमुनिया और मथुरापुरा में जन चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों की समस्याओं को सुना।1
- झांसी के गुरसरांय स्थित प्रतिष्ठित भगवान श्री परशुराम मंदिर में 6 जून शनिवार की संध्या भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत श्री सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन की शुरुआत भगवान श्री हनुमान जी और भगवान श्री परशुराम जी की प्रतिमा पर तिलक व माल्यार्पण के साथ हुई। संकटमोचन श्री हनुमान जी के गुणगान और भगवान श्री राम की महिमा से सजे इस पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में सुंदरकांड का पाठ करते हुए वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, जिससे यह आयोजन न केवल धार्मिक रूप से प्रेरक बन गया बल्कि समाज में एकता और संस्कारों की भावना को भी प्रकट करता है। कार्यक्रम के अंत में श्री रामप्रकाश अरजरिया (बृहद ब्राह्मण परिषद् अध्यक्ष) ने आरती की। इस अवसर पर अनुज द्विवेदी प्रधान नागर, रासबिहारी तिवारी, अखिलेश पिपरिया, जे जे मिश्रा, अश्वनी पस्तोर, अरुण चतुर्वेदी, स्वदेश पाठक, राजकुमार गुप्ता, विजय नायक, योगेश व्यास, मोनू मिश्रा, अशोक पटेरिया, हेमंत विदु आ, धर्मेश त्रिपाठी, केशकुमार पुजारी, गिरीश अरजरिया, अवनीश देवलिया, अखिलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। बताते चलें कि भगवान श्री परशुराम मंदिर में माह के प्रत्येक प्रथम शनिवार को श्री सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है, जिसका समापन संगीतमय पाठ, आरती और महाप्रसाद वितरण के साथ होता है।1
- दतिया नगर में सिविल लाइन पुलिस ने चैकिंग अभियान के दौरान सेबड़ा चुंगी से तीन कट्टाधारी बदमाशों को गिरफ्तार किया। इन बदमाशों, जिनमें सागर अहिरवार, धर्मेंद्र पाल और सतेंद्र पाल शामिल हैं, का पुलिस ने जुलूस निकाला। यह कार्रवाई जुआ, सट्टा और कट्टा रखने वाले अपराधियों के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस के सख्त रुख को दर्शाती है। टीआई वैभव गुप्ता ने विशेष रूप से उन बदमाशों का जुलूस निकाला जो अपने 'भौकाल' यानी दबदबा बनाने की कोशिश करते हैं।1
- झांसी के टहरौली तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर कई समाजसेवियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर दिया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया गया है। ज्ञापन सौंपने वाले लोगों ने बताया कि भानु सहाय लंबे समय से बुंदेलखंड राज्य निर्माण और क्षेत्रीय जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भानु सहाय को शीघ्र रिहा किया जाए। संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित अधिकारियों को दिए गए इस ज्ञापन में समाजसेवियों ने यह भी कहा कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी, और उन्होंने निर्दोष व्यक्ति को न्यायोचित कार्रवाई के माध्यम से राहत प्रदान करने की अपील की। इस दौरान पत्रकार बाबूसिंह यादव, डॉ साहबसिंह बुन्देला, जाहर यादव, संतोष, राजपाल बुन्देला, लेखराज पटेल, राघवेन्द्र पटेल, संजय कुशवाहा, सुरेन्द्र प्रजापति और अंकित गौतम सितौरा सहित क्षेत्र के कई अन्य समाजसेवी एवं नागरिक उपस्थित रहे। इन लोगों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांग लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि शासन-प्रशासन इस गंभीर मामले पर विचार करेगा।3