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स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रोमी प्रधान द्वारा किए जा रहे अवैध मिट्टी खनन के कारण पूरी सड़क खराब हो गई है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता का कहना है कि उनकी मजबूरी कोई नहीं समझ रहा और प्रधान उनकी कोई बात नहीं सुनते। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, प्रधान सड़क की समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं देते और विपक्ष के लोगों का समर्थन करते हैं। लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई प्रयास किए हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अत्यधिक मजबूर महसूस करते हुए, जनता ने सभी लोगों, खासकर जनता और नेताओं से इस गंभीर मामले पर जल्द से जल्द ध्यान देने और उनका साथ देने की मार्मिक अपील की है।
Praveen Kumar
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रोमी प्रधान द्वारा किए जा रहे अवैध मिट्टी खनन के कारण पूरी सड़क खराब हो गई है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता का कहना है कि उनकी मजबूरी कोई नहीं समझ रहा और प्रधान उनकी कोई बात नहीं सुनते। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, प्रधान सड़क की समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं देते और विपक्ष के लोगों का समर्थन करते हैं। लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई प्रयास किए हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अत्यधिक मजबूर महसूस करते हुए, जनता ने सभी लोगों, खासकर जनता और नेताओं से इस गंभीर मामले पर जल्द से जल्द ध्यान देने और उनका साथ देने की मार्मिक अपील की है।
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- मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में आज पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन बीते दिनों मिट्टी डालने के विवाद को लेकर हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अंशुल यादव, शैलेंद्र यादव और भोला यादव ने उनके बेटे को घर से बुलाया और बेरहमी से उसकी पिटाई की। इतना ही नहीं, दबंगों ने पीड़ित के ऊपर ट्रैक्टर भी चढ़ा दिया। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इसी सुस्ती और कार्यप्रणाली से नाराज होकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, न्याय की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।1
- उत्तर प्रदेश की सड़कों की खराब हालत पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ लोग इन मामलों पर तुरंत सुनवाई और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- एत्मादपुर ब्लॉक से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक सफाईकर्मी ने आरोप लगाया है कि बकाया वेतन मांगने ब्लॉक कार्यालय पहुँचने पर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और उसका वीडियो पेन भी छीन लिया गया। इस घटना के संबंध में संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालाँकि, मामले की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। प्रस्तुत जानकारी संबंधित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान आने के बाद तथ्य बदल सकते हैं, और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की छवि धूमिल करना नहीं है।1
- फिरोजाबाद के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार शाम विश्व वृद्ध जन जागरूकता दिवस के अवसर पर टूंडला स्थित आवासीय वृद्धाश्रम बन्ना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे 47 महिला और पुरुष वृद्धजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को वृद्धाश्रम की व्यवस्थाएँ बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि समानुभूति और ममता की आवश्यकता होती है। उन्होंने आश्रम के कर्मचारियों को संवेदनशीलता से कार्य करने की सलाह देते हुए इस बात पर जोर दिया कि बुढ़ापा बचपन के पुनरागमन जैसा होता है, और इसलिए बुजुर्गों के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए जैसा एक माँ अपने बच्चे के साथ करती है। निरीक्षण के दौरान कई बुजुर्गों ने अपनी जीवन की कठिनाइयाँ साझा कीं, और इस मौके पर टूंडला उपजिलाधिकारी अनुराधा सिंह भी मौजूद रहीं।1
- आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के नगला अर्जुन गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के दबंग और प्रभावशाली लोगों ने उनके घर में घुसकर महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ मारपीट की, लेकिन पुलिस कार्रवाई आरोपियों पर करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही प्रताड़ित कर रही है। शिकायतकर्ता सोबरन सिंह ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए दिए गए पैसों को लेकर गांव में विवाद खड़ा कर दिया गया था। आरोप है कि पहले एक पंचायत में उन्हें धमकाया गया और बाद में कई लोगों ने एकजुट होकर उनके घर पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सोबरन सिंह की पत्नी, भाई की पत्नी और नाबालिग बेटियों के साथ मारपीट की। परिवार का यह भी आरोप है कि बच्चियों को खींचकर बाड़े में ले जाया गया और उनके साथ अभद्रता की गई। यदि गांव के लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना की सूचना देने और मेडिकल कराने के बावजूद पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। घायल महिलाओं और बच्चियों का समुचित चिकित्सीय परीक्षण भी नहीं कराया गया। परिवार का कहना है कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद है, फिर भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। यह आरोप सही होने पर यह एक बेहद गंभीर मामला है। पीड़ित परिवार ने पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से सवाल उठता है कि आखिर पुलिस का डंडा केवल कमजोरों पर ही क्यों चलता है और क्या कानून गरीब व दबे-कुचले लोगों के लिए अलग है, जबकि रसूखदारों के लिए अलग?1
- मिर्जापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित फतहा घाट पर सोमवार शाम स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें शादी समारोह में शामिल होने आए चार युवक गंगा में डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दो युवकों को सुरक्षित बचा लिया, जबकि दो किशोर अभी भी लापता हैं। यह घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव में आयोजित शादी समारोह के मेहमानों के साथ हुई, जो दिल्ली और प्रयागराज से आए थे और फतहा घाट पर नहाने गए थे। लापता किशोरों की पहचान मिर्जापुर निवासी लगभग 16 वर्षीय आरुष पुत्र फिरोज और दिल्ली निवासी लगभग 17 वर्षीय नैति पुत्र राकेश के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और तलाश अभियान शुरू किया गया। गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों किशोरों की खोजबीन जारी है। इस बीच, देर तक किशोरों का पता न चलने से आक्रोशित परिजनों ने एसपी आवास के पास सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर ओझा और फतहा चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया गया। फिलहाल, पुलिस और राहत टीम लापता किशोरों की तलाश में लगातार जुटी हुई है।1
- मैनपुरी जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 जून को यातायात पुलिस द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात श्री अरुण कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सुश्री दीपशिखा सिंह और यातायात प्रभारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान, यातायात पुलिस की टीम ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और उनसे नियमों का पालन करने की अपील की। इसके साथ ही, मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के तहत कुल 190 वाहनों के चालान किए गए, जबकि शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए 5 वाहनों को सीज किया गया। इस दौरान 10 हजार रुपये का नकद समन शुल्क भी वसूल किया गया और विभिन्न यातायात उल्लंघनों के लिए कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, तथा नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनपद में एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके।2