जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर जनपद में बाल श्रम उन्मूलन और समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के परिणामस्वरूप, बाल श्रम में संलिप्त एक 11 वर्षीय किशोर को मुक्त कराया गया और उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। किशोर का नामांकन प्राथमिक विद्यालय याकूबपुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा पांच में सफलतापूर्वक कराया गया। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार स्वयं विद्यालय पहुँचे और उन्होंने नामांकन की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण कराईं। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को बालक को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। विद्यालय में प्रवेश के साथ ही, किशोर को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएँ, जिनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियाँ, पेन-पेंसिल और विद्यालयी ड्रेस शामिल हैं, उपलब्ध कराई गईं, ताकि उसकी शिक्षा में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। साथ ही, विद्यालय प्रशासन को उसकी नियमित उपस्थिति, शैक्षिक प्रगति और समुचित मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पहल पर, जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का हनन करने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। जिलाधिकारी ने गुरुवार की शाम 5 बजे जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा बाल श्रम में संलिप्त दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालय से बाहर रहने वाले और बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में नामांकित कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर जनपद में बाल श्रम उन्मूलन और समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के परिणामस्वरूप, बाल श्रम में संलिप्त एक 11 वर्षीय किशोर को मुक्त कराया गया और उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। किशोर का नामांकन प्राथमिक विद्यालय याकूबपुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा पांच में सफलतापूर्वक कराया गया। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार स्वयं विद्यालय पहुँचे और उन्होंने नामांकन की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण कराईं। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को बालक को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। विद्यालय में प्रवेश के साथ ही, किशोर को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएँ, जिनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियाँ, पेन-पेंसिल और विद्यालयी ड्रेस शामिल हैं, उपलब्ध कराई गईं, ताकि उसकी शिक्षा में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। साथ ही, विद्यालय प्रशासन को उसकी नियमित उपस्थिति, शैक्षिक प्रगति और समुचित मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पहल पर, जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का हनन करने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। जिलाधिकारी ने गुरुवार की शाम 5 बजे जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा बाल श्रम में संलिप्त दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालय से बाहर रहने वाले और बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में नामांकित कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
- जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर जनपद में बाल श्रम उन्मूलन और समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के परिणामस्वरूप, बाल श्रम में संलिप्त एक 11 वर्षीय किशोर को मुक्त कराया गया और उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। किशोर का नामांकन प्राथमिक विद्यालय याकूबपुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा पांच में सफलतापूर्वक कराया गया। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार स्वयं विद्यालय पहुँचे और उन्होंने नामांकन की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण कराईं। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को बालक को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। विद्यालय में प्रवेश के साथ ही, किशोर को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएँ, जिनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियाँ, पेन-पेंसिल और विद्यालयी ड्रेस शामिल हैं, उपलब्ध कराई गईं, ताकि उसकी शिक्षा में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। साथ ही, विद्यालय प्रशासन को उसकी नियमित उपस्थिति, शैक्षिक प्रगति और समुचित मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पहल पर, जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का हनन करने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। जिलाधिकारी ने गुरुवार की शाम 5 बजे जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा बाल श्रम में संलिप्त दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालय से बाहर रहने वाले और बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में नामांकित कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।1
- छिबरामऊ के रहने वाले एक वीर जवान ने सीमा पर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हो गए। इस वीर जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे छिबरामऊ में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस हृदय विदारक क्षण में शहीद जवान की मां का रो-रोकर बुरा हाल था।1
- यह संदेश दिया गया है कि यदि मन में श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो भगवान को मात्र एक रुपये में भी पाया जा सकता है। इस भाव को दर्शाने वाला एक भावुक वीडियो देखने का आह्वान किया गया है।1
- भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बहुप्रतीक्षित प्रदेश टीम की घोषणा की है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में 19 उपाध्यक्ष, आठ महामंत्री और 19 प्रदेश मंत्री शामिल हैं। औरैया जिले के लिए यह हर्ष का विषय है कि जिले की जुझारू नेता, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद श्रीमती गीता शाक्य को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। इस घोषणा के बाद भाजपाइयों ने औरैया जिला कार्यालय पर मिठाइयां बांटकर और ढोल-नगाड़े बजाकर जमकर जश्न मनाया, साथ ही प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने गीता शाक्य के प्रदेश महामंत्री बनने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे किसी राजनीतिक परिवार से नहीं हैं, बल्कि एक छोटे से गांव और साधारण परिवार से निकलकर इस बड़े पद तक पहुंची हैं। कठेरिया ने इस उपलब्धि को भारतीय जनता पार्टी की उस नीति का परिणाम बताया, जहाँ एक छोटे कार्यकर्ता को भी प्रदेश स्तर की बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि गीता शाक्य पूर्व में भाजपा की जिलाध्यक्ष, क्षेत्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश मंत्री रह चुकी हैं, तथा वर्तमान में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष थीं। उनके प्रदेश महामंत्री बनने से जिले के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। जिला महामंत्री यशवीर सिकरवार और जिला मीडिया प्रभारी भूरे चौबे ने संयुक्त बयान में कहा कि राज्यसभा सांसद गीता शाक्य के प्रदेश महामंत्री बनने से जिले के कार्यकर्ताओं की बात सीधे प्रदेश स्तर पर पहुंचेगी। उन्होंने इसे जिले के लिए गर्व का विषय बताया कि उनका कोई नेता प्रदेश टीम में पदाधिकारी बना है। उन्होंने ज़ोर दिया कि गीता शाक्य हमेशा छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं की चिंता करती हैं, और उनके इस पद पर आने से जिले के कार्यकर्ताओं का सम्मान निश्चित तौर पर बढ़ेगा। इस अवसर पर मिठाई बांटने वालों में प्रमुख रूप से जिला महामंत्री विशाल शुक्ला, मोनू सेंगर, रवींद्रीय शाक्य, मनु राजपूत, अवधेश भदौरिया, आशीष दुबे, श्याम मोहन मिश्रा, सुनील बाल्मीकि, सोनू मिश्रा, अवध चतुर्वेदी, जगमोहन सिंह चौहान, कुंवर सिंह बाथम, अनिल कठेरिया, सर्वेंद्र भदोरिया, शिवेंद्र राजपूत, कौशलेंद्र कुशवाहा, कुलदीप सिंह, राज्यवर्धन सिंह गौर, रामजी बाजपेई और संदीप शाक्य सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- औरैया जिले के सदर ब्लॉक क्षेत्र के दासपुर गांव स्थित सरकारी ट्यूबवेल संख्या-172 पर अवैध रूप से लकड़ी काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान अखिलेश ने प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ दबंग लोग बिना किसी अनुमति या नीलामी प्रक्रिया के सरकारी पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रधान ने अयाना थाना प्रभारी जयप्रकाश पाल को दिए शिकायती पत्र में विशेष रूप से शिवकुमार पुत्र श्रीराम और व्यास नारायण पुत्र बाबूराम पर ट्यूबवेल परिसर में खड़े पेड़ों की लकड़ी जबरन कटवाने का आरोप लगाया है। शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान अखिलेश का कहना है कि खुलेआम सरकारी संपत्ति की लूट हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी पेड़ों की कटान के लिए नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, मगर इस मामले में सभी नियमों को ताक पर रखकर तेजी से लकड़ी हटाई जा रही है। प्रधान अखिलेश ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी संसाधनों की यह लूट जारी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए सरकारी संपत्ति की रक्षा को प्रशासन की जिम्मेदारी बताया है, इस मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।1
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। कथावाचक ब्रजनेश माधव शास्त्री ने इस दौरान सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोताओं की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी। पूज्य व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन में उज्जैन स्थित सांदीपनि मुनि के आश्रम में साथ पढ़ते थे और उनमें गहरा स्नेह था। बड़े होने पर सुदामा अत्यंत निर्धन ब्राह्मण बन गए, जिनके पास परिवार के लिए पर्याप्त अन्न भी नहीं था, फिर भी वे संतोषी स्वभाव के थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर, सुदामा अपने बालसखा कृष्ण से मिलने खाली हाथ द्वारका पहुँचे, जहाँ वे फटेहाल अवस्था में थे। संकोचवश सुदामा अपनी पत्नी द्वारा दिए गए मामूली चावल (तंदुल) छिपा रहे थे, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें छीनकर बड़े चाव से खाया। श्रीकृष्ण ने सुदामा के बिना कुछ माँगे ही उनकी दरिद्रता दूर कर दी, जिसका परिणाम यह हुआ कि जब सुदामा अपने गाँव लौटे, तो उनकी झोपड़ी की जगह एक आलीशान महल बन चुका था। इससे यह सिद्ध होता है कि भगवान अपने भक्त की निस्वार्थ भावना और प्रेम के भूखे होते हैं। परीक्षित मोक्ष पर प्रकाश डालते हुए व्यास जी ने बताया कि शुकदेव जी ने लगातार सात दिनों तक राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराया। इन सात दिनों में परीक्षित के मन से संसार का मोह और मृत्यु का भय पूरी तरह समाप्त हो गया। सातवें दिन, शाप के अनुसार तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया, लेकिन कथा के प्रभाव और हरि स्मरण के कारण डसते ही उनका शरीर भस्म हो गया। उसी क्षण भगवान विष्णु के पार्षद उन्हें विमान में बिठाकर वैकुण्ठ धाम ले गए। इस समापन अवसर पर मूलचंद्र शर्मा, अर्पित, आदित्य, संजेश, घनश्याम, मानसिंह, महेश, रॉबिन कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। ब्रजनेश शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि हरि नाम संकीर्तन और भागवत कथा श्रवण से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।1
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एक बड़ा अग्निकांड सामने आया है। लाला मोटर्स के शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसके चलते पूरा शोरूम जलकर राख हो गया।1