धर्म नगरी मथुरा में चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब भगवान के दरबार को भी निशाना बनाया जा रहा है। ताजा मामला मथुरा जनपद के लोहवन धाम स्थित प्राचीन कृष्ण कुंड वाली माता मंदिर का है, जहाँ देर रात अज्ञात चोर मंदिर में घुसकर दान पेटी चोरी कर ले गए। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जबकि पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि अज्ञात चोर मंदिर के दूसरे गेट के ऊपर लगे शीशे को तोड़कर अंदर दाखिल हुए और वहाँ रखी दान पेटी पर हाथ साफ कर गए। ग्रामीणों के अनुसार, दान पेटी करीब एक वर्ष से नहीं खोली गई थी, जिसके चलते उसमें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई अच्छी खासी धनराशि होने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि वे प्रतिदिन की तरह रात करीब 8 बजकर 15 मिनट पर माता रानी को शयन कराकर मंदिर के सभी ताले बंद कर अपने घर चले गए थे, लेकिन सुबह करीब 4 बजे जब वे मंदिर पहुँचे, तो मंदिर का नजारा देखकर हैरान रह गए। मंदिर के दूसरे गेट के ऊपर लगा शीशा टूटा हुआ था, परिसर में कांच के टुकड़े बिखरे पड़े थे और दान पेटी अपनी जगह से गायब थी। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर परिसर पहुँच गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जाँच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में जुटी हुई है। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में मंदिर से दान पेटी चोरी होने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। आखिर चोर मंदिर परिसर में कैसे दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देकर कैसे फरार हो गए, यह अब जाँच का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है और जल्द ही घटना के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
धर्म नगरी मथुरा में चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब भगवान के दरबार को भी निशाना बनाया जा रहा है। ताजा मामला मथुरा जनपद के लोहवन धाम स्थित प्राचीन कृष्ण कुंड वाली माता मंदिर का है, जहाँ देर रात अज्ञात चोर मंदिर में घुसकर दान पेटी चोरी कर ले गए। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जबकि पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि अज्ञात चोर मंदिर के दूसरे गेट के ऊपर लगे शीशे को तोड़कर अंदर दाखिल हुए और वहाँ रखी दान पेटी पर हाथ साफ कर गए। ग्रामीणों के अनुसार, दान पेटी करीब एक वर्ष से नहीं खोली गई थी, जिसके चलते उसमें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई अच्छी खासी धनराशि होने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि वे प्रतिदिन की तरह रात करीब 8 बजकर 15 मिनट पर माता रानी को शयन कराकर मंदिर के सभी ताले बंद कर अपने घर चले गए थे, लेकिन सुबह करीब 4 बजे जब वे मंदिर पहुँचे, तो मंदिर का नजारा देखकर हैरान रह गए। मंदिर के दूसरे गेट के ऊपर लगा शीशा टूटा हुआ था, परिसर में कांच के टुकड़े बिखरे पड़े थे और दान पेटी अपनी जगह से गायब थी। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर परिसर पहुँच गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जाँच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में जुटी हुई है। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में मंदिर से दान पेटी चोरी होने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। आखिर चोर मंदिर परिसर में कैसे दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देकर कैसे फरार हो गए, यह अब जाँच का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है और जल्द ही घटना के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
- मथुरा में नाव चलाने वाले नाभिक सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। वे अपनी नावों में 20 से 22 सवारियों को बिना लाइफ जैकेट के ही बिठा रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।1
- रात के समय एक भाई ने कॉल करके किसी सच्चाई का पता लगाने का प्रयास किया। इस पर, मैं उस भाई को अपने साथ लेकर गया।1
- अधिक मास के चलते मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। लोग अपने परिवारों के साथ परिक्रमा कर रहे हैं, जिससे इन पवित्र स्थलों पर भक्ति और आस्था का सैलाब देखा जा रहा है। हालांकि, श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ और उमड़ते जनसैलाब के कारण परिक्रमा करने वाले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से वृंदावन में परिक्रमा के लिए उमड़ी भीड़ इतनी अधिक है कि लोगों का परिक्रमा मार्ग पर निकलना भी दूभर हो गया है।1
- टीएमसी सांसद यूसुफ पठान ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक खबर का खंडन किया है। इस खबर में दावा किया जा रहा था कि ममता बनर्जी ने उनसे अपनी बरहामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने को कहा है, ताकि वह वहां से चुनाव लड़ सकें। पठान ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ममता बनर्जी ने उनसे कभी इस विषय पर बात नहीं की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न तो ममता बनर्जी और न ही पार्टी के किसी अन्य नेता ने उन्हें सांसद पद से इस्तीफा देने के लिए कहा है, और यह खबर पूरी तरह गलत है।1
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर एक 'कॉकरोच' ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसकी ओर से पहली और प्रमुख मांग के रूप में धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की गई है।1
- धर्म नगरी मथुरा में चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब भगवान के दरबार को भी निशाना बनाया जा रहा है। ताजा मामला मथुरा जनपद के लोहवन धाम स्थित प्राचीन कृष्ण कुंड वाली माता मंदिर का है, जहाँ देर रात अज्ञात चोर मंदिर में घुसकर दान पेटी चोरी कर ले गए। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जबकि पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि अज्ञात चोर मंदिर के दूसरे गेट के ऊपर लगे शीशे को तोड़कर अंदर दाखिल हुए और वहाँ रखी दान पेटी पर हाथ साफ कर गए। ग्रामीणों के अनुसार, दान पेटी करीब एक वर्ष से नहीं खोली गई थी, जिसके चलते उसमें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई अच्छी खासी धनराशि होने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि वे प्रतिदिन की तरह रात करीब 8 बजकर 15 मिनट पर माता रानी को शयन कराकर मंदिर के सभी ताले बंद कर अपने घर चले गए थे, लेकिन सुबह करीब 4 बजे जब वे मंदिर पहुँचे, तो मंदिर का नजारा देखकर हैरान रह गए। मंदिर के दूसरे गेट के ऊपर लगा शीशा टूटा हुआ था, परिसर में कांच के टुकड़े बिखरे पड़े थे और दान पेटी अपनी जगह से गायब थी। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर परिसर पहुँच गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जाँच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में जुटी हुई है। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में मंदिर से दान पेटी चोरी होने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। आखिर चोर मंदिर परिसर में कैसे दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देकर कैसे फरार हो गए, यह अब जाँच का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है और जल्द ही घटना के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।1
- गोवर्धन की मानसी गंगा में पिछले सात दिनों के भीतर हुई चार मौतों से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। इस घटना ने नगर पंचायत और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे गोवर्धन के लोग उबल पड़े हैं।1