लखीसराय जिला मुख्यालय स्थित मंत्रणा कक्ष सभागार में मंगलवार को आगामी मुहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर एक जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता एडीएम नीरज कुमार ने की, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी पंकज मुकुल मनी सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और सभी थानाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों ने मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, जुलूस के मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। उपस्थित प्रतिनिधियों से विभिन्न सुझाव लिए गए और प्रशासन की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने सभी से यह अपील की है कि वे आपसी भाईचारा एवं शांति बनाए रखते हुए मुहर्रम का पर्व मनाएं।
लखीसराय जिला मुख्यालय स्थित मंत्रणा कक्ष सभागार में मंगलवार को आगामी मुहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर एक जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता एडीएम नीरज कुमार ने की, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी पंकज मुकुल मनी सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और सभी थानाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों ने मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, जुलूस के मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। उपस्थित प्रतिनिधियों से विभिन्न सुझाव लिए गए और प्रशासन की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने सभी से यह अपील की है कि वे आपसी भाईचारा एवं शांति बनाए रखते हुए मुहर्रम का पर्व मनाएं।
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पार्टी ने बेगूसराय के कैंटीन चौक से एक विशाल कैंटीन मार्च और जुलूस निकाला। इस दौरान, राजद किसान जिला अध्यक्ष त्रिभुवन कुमार पिंटू सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधी चुनौती दी, यह आरोप लगाते हुए कि राज्य में महिलाएँ, बेटियाँ और छात्र सुरक्षित नहीं हैं। राजद नेता ने मौजूदा बिहार सरकार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।1
- जमुई के ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार सिन्हा के लिए एक बहू ने एक महत्वपूर्ण और 'बड़ी बात' कही है। इस कथन को एक ऐसे ज्ञान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसे दुनिया भर की सभी बहुओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।1
- ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के ठीक सामने श्री सर्वदेव दिव्य धाम मंदिर स्थित है।1
- शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र के पिंजड़ी गांव में दो माह पूर्व हुई मारपीट की एक घटना के मामले में फरार चल रहे नामजद आरोपी गणेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पिंजड़ी गांव निवासी गणेश कुमार की गिरफ्तारी सोमवार को हुई। यह घटना खेत की मेड़ पर सहजन का पेड़ लगाने को लेकर हुए विवाद के कारण हुई मारपीट से संबंधित है। इस मामले में गणेश कुमार नामजद आरोपी था और घटना के बाद से ही करीब दो माह से फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी। बरबीघा थाना अध्यक्ष गौरव कुमार ने जानकारी दी कि सोमवार को एसआई कौसर आलम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पिंजड़ी गांव में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे थाना लाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और सोमवार दोपहर करीब 1 बजे न्यायिक हिरासत में शेखपुरा जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों के बीच हड़कंप का माहौल है।1
- आज बिहार में सामने आईं प्रमुख खबरों के अनुसार, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार पुलिस ने अपनी चूक स्वीकार कर ली है। इस स्वीकारोक्ति के बाद, ADG (लॉ एंड ऑर्डर) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं। इसी क्रम में, एक अन्य चौंकाने वाली घटना में, एक हॉस्टल में एक छात्र पर करीब 20 बार चाकू से हमला किया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। शिक्षा जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर में, RE-NEET 2026 परीक्षा में एक बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है। इस मामले में मेडिकल छात्रों सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें RE-NEET परीक्षा में 40 लाख रुपये की डील भी सामने आई है। इनके अतिरिक्त, इस रिपोर्ट में बिहार की राजनीति, अपराध, शिक्षा और प्रशासन से जुड़ी कुल 10 बड़ी खबरों को भी शामिल किया गया है।1
- बेगूसराय जिले के सिमरिया पंचायत 2 के रूपनगर में एक कलश यात्रा और प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया गया।1
- जमुई ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल से जुड़े ऋतुराज सिंन्हा के पिता ने एक मंदिर का निर्माण कर उसे सार्वजनिक कर दिया है। पिता के इस कार्य पर पुत्र ऋतुराज सिंन्हा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 'घर तो सभी बनाते हैं, लेकिन मंदिर लाखों में कोई एक ही बनाता है'। इस पहल से पिता ने एक नेक कार्य किया है।1
- बिहार के भोजपुर जिले में समाज और बिहार के सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले भगत तिवारी के एनकाउंटर मामले पर अब पूरा समाज बिहार सरकार और बिहार पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है। इस घटना को लेकर जन सुराज पार्टी के बुद्धिजीवी प्रदेश महासचिव कुशेश्वर भगत ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग की है।1
- लखीसराय जिला मुख्यालय के मंत्रणा कक्ष सभागार में सोमवार संध्या आयोजित एक प्रेस वार्ता में पुलिस ने NEET UG पुनर्परीक्षा में सक्रिय एक बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के छात्र, फर्जी परीक्षार्थी, मूल अभ्यर्थी, उनके सहयोगी तथा बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 21 जून को आयोजित NEET UG पुनर्परीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर धांधली की सूचना मिली थी। इसके बाद केंद्राधीक्षकों, फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक दंडाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के क्रम में केंद्रीय विद्यालय, केआरके उच्च विद्यालय और उच्च विद्यालय हसनपुर सहित अन्य केंद्रों से नौ संदिग्ध अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन में यह बात सामने आई कि कई डमी कैंडिडेट वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में भी मिलीभगत थी। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क था जो मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाता था। एसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस बड़े खुलासे ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1