लखीसराय जिला मुख्यालय के मंत्रणा कक्ष सभागार में सोमवार संध्या आयोजित एक प्रेस वार्ता में पुलिस ने NEET UG पुनर्परीक्षा में सक्रिय एक बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के छात्र, फर्जी परीक्षार्थी, मूल अभ्यर्थी, उनके सहयोगी तथा बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 21 जून को आयोजित NEET UG पुनर्परीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर धांधली की सूचना मिली थी। इसके बाद केंद्राधीक्षकों, फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक दंडाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के क्रम में केंद्रीय विद्यालय, केआरके उच्च विद्यालय और उच्च विद्यालय हसनपुर सहित अन्य केंद्रों से नौ संदिग्ध अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन में यह बात सामने आई कि कई डमी कैंडिडेट वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में भी मिलीभगत थी। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क था जो मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाता था। एसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस बड़े खुलासे ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लखीसराय जिला मुख्यालय के मंत्रणा कक्ष सभागार में सोमवार संध्या आयोजित एक प्रेस वार्ता में पुलिस ने NEET UG पुनर्परीक्षा में सक्रिय एक बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के छात्र, फर्जी परीक्षार्थी, मूल अभ्यर्थी, उनके सहयोगी तथा बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 21 जून को आयोजित NEET UG पुनर्परीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर धांधली की सूचना मिली थी। इसके बाद केंद्राधीक्षकों, फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक दंडाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के क्रम में केंद्रीय विद्यालय, केआरके उच्च विद्यालय और उच्च विद्यालय हसनपुर सहित अन्य केंद्रों से नौ संदिग्ध अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन में यह बात सामने आई कि कई डमी कैंडिडेट वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में भी मिलीभगत थी। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क था जो मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाता था। एसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस बड़े खुलासे ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- लखीसराय में सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने नई पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) डीलर अनुज्ञप्ति बहाली प्रक्रिया रद्द किए जाने के विरोध में समाहरणालय परिसर पहुंचकर प्रशासन के निर्णय पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की। इन आवेदकों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद, बिना किसी संतोषजनक कारण के बहाली को रद्द कर दिया गया है। अभ्यर्थियों ने बताया कि आवेदन आमंत्रित करने के बाद उनके दस्तावेजों की गहन जांच की गई, गोदामों का सत्यापन किया गया और शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों का परीक्षण भी पूरा हो गया था। इसके उपरांत, एक प्रोविजनल मेरिट सूची प्रकाशित की गई और दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी प्रदान किया गया। उनका गंभीर आरोप है कि प्राप्त आपत्तियों की निष्पक्ष जांच किए बिना ही पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। यह भी बताया गया कि जिन अभ्यर्थियों के विरुद्ध कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी, उनकी उम्मीदवारी भी इसी रद्द प्रक्रिया के कारण समाप्त हो गई है। इस अप्रत्याशित निर्णय से सैकड़ों आवेदकों की कड़ी मेहनत और उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फिर गया है, जिससे उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है।1
- लखीसराय जिला परिषद अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इस कदम के कारण वर्तमान अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट मंडरा रहा है।1
- एक फैन बिक्री के लिए उपलब्ध है, जिसकी कीमत ₹4000 निर्धारित की गई है। इस फैन को खरीदने के इच्छुक लोग संपर्क कर सकते हैं।1
- जमुई के जिला पदाधिकारी ने PMFME योजना के अंतर्गत स्थापित 'बंका केयर' नामक एक खाद्य प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने जिले के युवाओं से विशेष अपील करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। जिला पदाधिकारी ने युवाओं को नौकरी मांगने वाले बनने के बजाय स्वयं नौकरी देने वाले उद्यमी बनने का आह्वान किया।1
- जमुई के जिला पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत पुरानी बाजार, जमुई में स्थापित 'बंका केयर' खाद्य प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इकाई की उत्पादन प्रक्रिया, उत्पाद की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही आधुनिक मशीनरी और पैकेजिंग व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के अवसर पर, जिला पदाधिकारी ने युवा उद्यमी कुंज बिहारी बंका के प्रयासों की सराहना करते हुए जिले के युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे "नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।" यह इकाई 27 लाख रुपये की परियोजना लागत से स्थापित की गई है, जिसे बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से वित्तीय सहायता मिली है। जिला प्रशासन ने 'बंका केयर' को जमुई में रोजगार सृजन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बताया है।1
- प्राकृतिक विधि से तैयार किया गया एक जैविक कीटनाशक फसलों को कीटों से बचाने में सहायक है, साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित बताया गया है। इस कीटनाशक को बनाने में 150 से अधिक औषधीय पौधों के साथ-साथ हल्दी, गुंडी और तंबाकू का उपयोग किया गया है।1
- बेगूसराय में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पार्टी के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में एक कैंटीन मार्च निकाला गया। यह मार्च हारताली चौक से शुरू होकर बिल्डिंग चौक चौराहे होते हुए आगे बढ़ा। बिहार में लगातार बढ़ रहे अपराध, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और बलात्कार के मामलों पर विरोध जताने के लिए यह प्रदर्शन किया गया। इस मार्च के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने इन गंभीर मुद्दों को लेकर सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधा।4
- लखीसराय जिला मुख्यालय के मंत्रणा कक्ष सभागार में सोमवार संध्या आयोजित एक प्रेस वार्ता में पुलिस ने NEET UG पुनर्परीक्षा में सक्रिय एक बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के छात्र, फर्जी परीक्षार्थी, मूल अभ्यर्थी, उनके सहयोगी तथा बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 21 जून को आयोजित NEET UG पुनर्परीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर धांधली की सूचना मिली थी। इसके बाद केंद्राधीक्षकों, फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक दंडाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के क्रम में केंद्रीय विद्यालय, केआरके उच्च विद्यालय और उच्च विद्यालय हसनपुर सहित अन्य केंद्रों से नौ संदिग्ध अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन में यह बात सामने आई कि कई डमी कैंडिडेट वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में भी मिलीभगत थी। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क था जो मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाता था। एसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस बड़े खुलासे ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1