खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत स्थित बोरना ढाला के पास शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मक्का से लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक बाल-बाल बच गया, हालांकि उसे मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसान का तैयार मक्का बिक्री के लिए ट्रैक्टर से मानसी मंडी ले जाया जा रहा था। इसी दौरान महेशखूंट ढाला के पास ट्रैक्टर चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और ट्रैक्टर खाई में जा गिरा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रैक्टर के खाई में गिरने से उसमें लदा सारा मक्का बिखर गया, जिससे संबंधित किसान को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बोरना ढाला के समीप पुल के पास एक तीखा मोड़ है, जिसके कारण इस स्थान पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि इतनी दुर्घटनाओं के बावजूद अब तक सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन से इस दुर्घटना संभावित स्थान पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने और सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत स्थित बोरना ढाला के पास शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मक्का से लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक बाल-बाल बच गया, हालांकि उसे मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसान का तैयार मक्का बिक्री के लिए ट्रैक्टर से मानसी मंडी ले जाया जा रहा था। इसी दौरान महेशखूंट ढाला के पास ट्रैक्टर चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और ट्रैक्टर खाई में जा गिरा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रैक्टर के खाई में गिरने से उसमें लदा सारा मक्का बिखर गया, जिससे संबंधित किसान को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बोरना ढाला के समीप पुल के पास एक तीखा मोड़ है, जिसके कारण इस स्थान पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि इतनी दुर्घटनाओं के बावजूद अब तक सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन से इस दुर्घटना संभावित स्थान पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने और सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
- एक व्यक्ति ने अपने 5 साल के छोटे भाई की पढ़ने की असाधारण क्षमता पर हैरत और खुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने बताया कि उनका भाई, जिसकी उम्र मात्र 5 वर्ष है, किताबों को इस तरह पढ़ रहा है, जैसे कोई बड़ा बच्चा पढ़ता हो। इस अद्भुत दृश्य को देखकर वे चकित और अभिभूत हैं।1
- सिपाही भर्ती परीक्षा घोटाले की जड़ें अब मुंगेर जिले तक फैल गई हैं। इस मामले में कुल 107 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है।1
- मधेपुरा के तीन जाँबाज थानाध्यक्षों, रतवारा थानाध्यक्ष सजन कुमार, अरार थानाध्यक्ष अमरेंद्र ज्ञानेंद्र, और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार को नम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। इन तीनों पुलिस अधिकारियों ने बेगूसराय में हुए एक सड़क हादसे में अपनी जान गंवा दी थी। पुलिस लाइन में इन सभी को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस भावुक क्षण में पुलिस अधिकारी, जवान और दिवंगत थानाध्यक्षों के परिजन मौजूद रहे, जिन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की।1
- संस्कार भारती ने सरस्वती शिशु मंदिर, शादीपुर में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया।1
- लखीसराय जिले में 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम उन्मूलन के लिए एक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। श्रम विभाग द्वारा लखीसराय समाहरणालय परिसर से शुरू हुए इस अभियान के तहत, विकासार्थ ट्रस्ट की सचिव सुनीता सिंह और जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर, जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बाल श्रम को एक सामाजिक कुरीति बताते हुए इसे समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बाल श्रम की घटनाओं की सूचना प्रशासन को दें और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करें। यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करेगा। इसके अतिरिक्त, समाहरणालय के मंत्रणा कक्ष में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बाल श्रम न करने तथा इसके विरुद्ध जागरूकता फैलाने की शपथ भी दिलाई गई। इस कार्यक्रम में कई प्रशासनिक अधिकारी और श्रम विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।1
- बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का मुंगेर जिले के तारापुर में पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो मुंगेर जिले से जुड़े कुल 107 आरोपियों में शामिल हैं।1
- सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र में स्थित रेल चक्का फैक्ट्री के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहाँ एक ट्रैक्टर और शराब से लदी पिकअप की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप में लदे शराब के सैकड़ों टेट्रा पैक सड़क पर बिखर गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क पर बिखरी हुई शराब की बोतलें और टेट्रा पैक स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद पिकअप में सवार सभी लोग अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। आशंका जताई जा रही है कि ये सभी शराब तस्कर थे, जो एक बड़ी खेप लेकर जा रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचित किया गया। सूचना पाकर दरियापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल पूरे इलाके को घेर लिया और सड़क पर बिखरे सभी शराब के टेट्रा पैक को अपने कब्जे में ले लिया। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को भी जब्त कर लिया गया है, जबकि ट्रैक्टर को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस अब वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फरार तस्करों की पहचान करने में जुटी है। इसके साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि शराब की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसकी आपूर्ति किस स्थान पर की जानी थी। पुलिस ने कहा है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1