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बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का मुंगेर जिले के तारापुर में पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो मुंगेर जिले से जुड़े कुल 107 आरोपियों में शामिल हैं।
Piyush kumar
बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का मुंगेर जिले के तारापुर में पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो मुंगेर जिले से जुड़े कुल 107 आरोपियों में शामिल हैं।
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- शुक्रवार को हरपुर थाना क्षेत्र के तीन माइल चौक के पास सुल्तानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर एक युवक पुलिस वाहन को देखकर अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गया। तारापुर की ओर से आ रहा यह युवक लाल रंग की हीरो स्प्लेंडर बाइक (बीआर10आर-7873) चला रहा था, जो सड़क किनारे खड़े पुलिस वाहन को देखते ही घबरा गया और गाड़ी छोड़कर भाग निकला। युवक की इस हरकत से पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद तत्काल बाइक की तलाशी ली गई। हालांकि, तलाशी के दौरान वाहन से कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी सामान बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने यह भी बताया कि जब्त की गई बाइक में डिक्की नहीं लगी थी। हरपुर थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने जानकारी दी कि बाइक को जब्त कर थाने लाया गया है और पुलिस उसके चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है, और चालक की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए बड़े फर्जीवाड़े के तार अब मुंगेर जिले तक फैल गए हैं। पटना पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि परीक्षा धांधली और सॉल्वर गैंग से जुड़े 107 आरोपी मुंगेर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसी के मद्देनजर, परीक्षा माफियाओं के खिलाफ पटना और मुंगेर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान छेड़ दिया है। अब तक इस मामले में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 90 से अधिक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद पटना पुलिस पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। जांच के दौरान सामने आया कि इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा फर्जीवाड़े के तार मुंगेर जिले से जुड़े हुए हैं, जिसके बाद पटना पुलिस ने मुंगेर पुलिस को 107 आरोपी परीक्षार्थियों की एक सूची सौंपी है। इन पर परीक्षा में धांधली करने, फर्जी अभ्यर्थी बैठाने और संगठित परीक्षा माफिया गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 160/25 में मुंगेर से जुड़े 45 आरोपी शामिल हैं, वहीं सचिवालय थाना कांड संख्या 76/2025 में 62 आरोपियों का संबंध भी मुंगेर जिले से बताया गया है। मुंगेर पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस के हवाले किया है। मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पटना पुलिस द्वारा दी गई 107 आरोपियों की सूची में से 15 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई आरोपी जमानत पर हैं। बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस को सौंप दिया जाएगा। एसपी ने इसे केवल नकल का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित परीक्षा माफिया नेटवर्क का हिस्सा बताया, जो मोटी रकम लेकर नौकरी दिलाने का खेल चला रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड, सॉल्वर गैंग और आर्थिक लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की इस कार्रवाई को बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को कदाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।1
- सिपाही भर्ती परीक्षा घोटाले की जड़ें अब मुंगेर जिले तक फैल गई हैं। इस मामले में कुल 107 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है।1
- मधेपुरा के तीन जाँबाज थानाध्यक्षों, रतवारा थानाध्यक्ष सजन कुमार, अरार थानाध्यक्ष अमरेंद्र ज्ञानेंद्र, और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार को नम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। इन तीनों पुलिस अधिकारियों ने बेगूसराय में हुए एक सड़क हादसे में अपनी जान गंवा दी थी। पुलिस लाइन में इन सभी को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस भावुक क्षण में पुलिस अधिकारी, जवान और दिवंगत थानाध्यक्षों के परिजन मौजूद रहे, जिन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की।1
- संस्कार भारती ने सरस्वती शिशु मंदिर, शादीपुर में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया।1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कार्यकर्ता विकास वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस वर्ग के दौरान, स्वयंसेवकों ने असाधारण अनुशासन का प्रदर्शन किया और अपनी मजबूत संगठन क्षमता का परिचय दिया।1
- लखीसराय में बिहार राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत की एक महत्वपूर्ण बैठक 12 जून 2026, शुक्रवार को शिव मंदिर प्रांगण (कोर्ट परिसर) में आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने दफादार-चौकीदारों की विभिन्न समस्याओं के साथ-साथ पुस्तैनी बहाली से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 18 जून 2026 को पटना के उत्तरी गांधी मैदान में होने वाले रोषपूर्ण प्रदर्शन को सफल बनाने का संकल्प लेना था। यह प्रदर्शन बिहार राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत द्वारा दिवंगत पूर्व सांसद राम अवधेश सिंह की 89वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। वक्ताओं ने इस दौरान स्पष्ट किया कि दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की पुस्तैनी बहाली बंद होने के बाद से संगठन लगातार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। प्रदर्शन को सफल बनाने के उद्देश्य से, सभी कार्यरत चौकीदारों, एवजी कर्मियों और स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति प्राप्त कर्मियों के आश्रितों से अधिक से अधिक संख्या में पटना पहुंचने और इस आंदोलन में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।1
- एक व्यक्ति ने अपने 5 साल के छोटे भाई की पढ़ने की असाधारण क्षमता पर हैरत और खुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने बताया कि उनका भाई, जिसकी उम्र मात्र 5 वर्ष है, किताबों को इस तरह पढ़ रहा है, जैसे कोई बड़ा बच्चा पढ़ता हो। इस अद्भुत दृश्य को देखकर वे चकित और अभिभूत हैं।1
- एक बुआ द्वारा अपने भतीजे से प्रेम विवाह करने का मामला सामने आया है। इस शादी से नाराज़ बुआ के माता-पिता ने अपनी बेटी को बेरहमी से घसीटकर पीटा। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1