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धनबाद में अवैध खनन के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। बहियारडीह बस्ती के समीप हो रहे अवैध खनन के खिलाफ शुक्रवार को मुखिया गिरजा देवी ने ग्रामीणों के साथ गोविंदपुर क्षेत्रीय कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया। बारिश के कारण बिना जुलूस के सीधे कार्यालय पहुंची महिलाओं ने बीसीसीएल प्रबंधन और सोनारडीह पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने हाथ में तख्तियां लेकर "कोयला चोरी बंद करो", "कोयला चोरी की सीबीआई जांच कराओ" और "ग्रामीणों को सुरक्षित रखो" जैसे नारे लगाए, जिसमें वे उग्र नजर आ रही थीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन पर तत्काल रोक नहीं लगी तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। उन्होंने सोनारडीह के टांडाबाड़ी का उदाहरण देते हुए सीबीआई जांच की मांग की ताकि कोयला चोरी रुके और दोषियों को सजा मिले। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले विरोध के बाद खनन कार्य रोक दिया गया था, लेकिन सोनारडीह पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बीसीसीएल, सीआईएसएफ और पुलिस के सहयोग से यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है। लगभग दो घंटे बाद क्षेत्र के जीएम सत्यकाम आनंद और प्रशासनिक अधिकारी अंकित श्रीवास्तव धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। वार्ता के दौरान जीएम ने आश्वासन दिया कि हर हाल में अवैध खनन पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों में सीआईएसएफ बल के साथ अवैध मुहानों की भराई करा दी जाएगी और निगरानी भी रखी जाएगी। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। धरना देने वालों में मुख्य रूप से मुखिया गिरजा देवी, चंपा देवी, गुड़िया देवी, हालदार महतो, जादू महतो, नरेश महतो, दुखन महतो, लिखवा देवी सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थीं।

1 hr ago
user_Sheikh Nazim
Sheikh Nazim
बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
1 hr ago
0f071eb0-5616-40fc-aa56-d6dd85a89983

धनबाद में अवैध खनन के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। बहियारडीह बस्ती के समीप हो रहे अवैध खनन के खिलाफ शुक्रवार को मुखिया गिरजा देवी ने ग्रामीणों के साथ गोविंदपुर क्षेत्रीय कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया। बारिश के कारण बिना जुलूस के सीधे कार्यालय पहुंची महिलाओं ने बीसीसीएल प्रबंधन और सोनारडीह पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने हाथ में तख्तियां लेकर "कोयला चोरी बंद करो", "कोयला चोरी की सीबीआई जांच कराओ" और "ग्रामीणों को सुरक्षित रखो" जैसे नारे लगाए, जिसमें वे उग्र नजर आ रही थीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन पर तत्काल रोक नहीं लगी तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। उन्होंने सोनारडीह के टांडाबाड़ी का उदाहरण देते हुए सीबीआई जांच की मांग की ताकि कोयला चोरी रुके और दोषियों को सजा मिले। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले विरोध के बाद खनन कार्य रोक दिया गया था, लेकिन सोनारडीह पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बीसीसीएल, सीआईएसएफ और पुलिस के सहयोग से यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है। लगभग दो घंटे बाद क्षेत्र के जीएम सत्यकाम आनंद और प्रशासनिक अधिकारी अंकित श्रीवास्तव धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। वार्ता के दौरान जीएम ने आश्वासन दिया कि हर हाल में अवैध खनन पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों में सीआईएसएफ बल के साथ अवैध मुहानों की भराई करा दी जाएगी और निगरानी भी रखी जाएगी। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। धरना देने वालों में मुख्य रूप से मुखिया गिरजा देवी, चंपा देवी, गुड़िया देवी, हालदार महतो, जादू महतो, नरेश महतो, दुखन महतो, लिखवा देवी सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थीं।

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  • बड़की बोआ अंडरपास के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय जनता को जलभराव की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। खर्च की गई बड़ी राशि के बाद भी अंडरपास में पानी भर जाने से लोग लगातार परेशान हैं।
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    बड़की बोआ अंडरपास के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय जनता को जलभराव की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। खर्च की गई बड़ी राशि के बाद भी अंडरपास में पानी भर जाने से लोग लगातार परेशान हैं।
    user_जनता न्यूज़ 24
    जनता न्यूज़ 24
    बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
    19 hrs ago
  • झारखंड के धनबाद जिले में शनिवार को श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का आयोजन किया। इस मेले में 20 से अधिक निजी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए, जहाँ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में युवाओं ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया। कई अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन कर उन्हें ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए। रोजगार मेले में तकनीकी, मार्केटिंग, सुरक्षा, सेवा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों ने भाग लिया। कंपनी प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया। सहायक नियोजन पदाधिकारी पदमा कुमारी ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, और चयनित अभ्यर्थियों को कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार ने मेले का निरीक्षण करते हुए अभ्यर्थियों और कंपनी प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने बदलते समय के साथ युवाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। इस रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को नौकरी पाने का अवसर मिला, वहीं कंपनियों को भी योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने का मंच मिला। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के रोजगार मेलों का आयोजन जारी रहेगा।
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    झारखंड के धनबाद जिले में शनिवार को श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का आयोजन किया। इस मेले में 20 से अधिक निजी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए, जहाँ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में युवाओं ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया। कई अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन कर उन्हें ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए।

रोजगार मेले में तकनीकी, मार्केटिंग, सुरक्षा, सेवा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों ने भाग लिया। कंपनी प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया। सहायक नियोजन पदाधिकारी पदमा कुमारी ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, और चयनित अभ्यर्थियों को कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार ने मेले का निरीक्षण करते हुए अभ्यर्थियों और कंपनी प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने बदलते समय के साथ युवाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।

इस रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को नौकरी पाने का अवसर मिला, वहीं कंपनियों को भी योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने का मंच मिला। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के रोजगार मेलों का आयोजन जारी रहेगा।
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
    21 hrs ago
  • Post by Sandeep Dutta
    1
    Post by Sandeep Dutta
    user_Sandeep Dutta
    Sandeep Dutta
    Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
    1 day ago
  • झारखंड के धनबाद जिले के गोबिंदपुर में भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, खासकर विलेज रोड इलाके में, जहाँ पीने और आवश्यक जरूरतों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय निवासी पानी की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकारी बाबुओं को आवेदन के माध्यम से लगातार स्थिति से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी गुहार अनसुनी की जा रही है। इसी बीच, एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है जहाँ मैथन जलापूर्ति से संबंधित रतनपुर खालसा होटल के पास एक वाल्व से पिछले दो दिनों से हजारों लीटर पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। यह बहता हुआ पानी जीटी रोड किनारे जमा हो रहा है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि PHED विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति पूरी तरह से उदासीन हैं और “कुंभकरण की नींद” में सोए हुए हैं। दो दिनों से हो रही पानी की इस बर्बादी पर उनकी नजर नहीं गई है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग के अधिकारियों का दायित्व केवल गरीब जनता के टैक्स के पैसे को वेतन के रूप में लेना है, या उन्हें जनता की सुविधाओं का संरक्षण भी करना चाहिए।
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    झारखंड के धनबाद जिले के गोबिंदपुर में भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, खासकर विलेज रोड इलाके में, जहाँ पीने और आवश्यक जरूरतों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय निवासी पानी की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकारी बाबुओं को आवेदन के माध्यम से लगातार स्थिति से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी गुहार अनसुनी की जा रही है।

इसी बीच, एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है जहाँ मैथन जलापूर्ति से संबंधित रतनपुर खालसा होटल के पास एक वाल्व से पिछले दो दिनों से हजारों लीटर पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। यह बहता हुआ पानी जीटी रोड किनारे जमा हो रहा है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आरोप है कि PHED विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति पूरी तरह से उदासीन हैं और “कुंभकरण की नींद” में सोए हुए हैं। दो दिनों से हो रही पानी की इस बर्बादी पर उनकी नजर नहीं गई है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग के अधिकारियों का दायित्व केवल गरीब जनता के टैक्स के पैसे को वेतन के रूप में लेना है, या उन्हें जनता की सुविधाओं का संरक्षण भी करना चाहिए।
    user_मो० फारुख (पत्रकार)
    मो० फारुख (पत्रकार)
    Newspaper publisher गोविंदपुर, धनबाद, झारखंड•
    2 hrs ago
  • झारखंड बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान धनबाद के S.S.L.N.T. कॉलेज में एक घटना सामने आई है। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।
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    झारखंड बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान धनबाद के S.S.L.N.T. कॉलेज में एक घटना सामने आई है। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।
    user_Real hero kundan
    Real hero kundan
    Video Creator डुमरी, गिरिडीह, झारखंड•
    10 hrs ago
  • झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने धनबाद पहुँचकर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों को लेकर हैं। वहीं, झारखंड में चल रहे भाषा विवाद को उन्होंने एक "चूक" बताया, जिसे सुधारने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी बैठक 3 जून को प्रस्तावित है। उन्होंने सभी क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मान देने और नियमावली में आवश्यक संशोधन की मांग की। वित्त मंत्री किशोर ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है, फिर भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी यह संकेत देती है कि वे विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है, जिसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और वाम दल शामिल हैं। किशोर के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है और महागठबंधन की स्थिति पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उनके बीच कथित खींचतान के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि उनका प्रदेश अध्यक्ष के साथ कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है और मतभेद केवल पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को लेकर हैं, किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं। वहीं, झारखंड में भाषा नियमावली को लेकर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि इसे विवाद कहना उचित नहीं होगा, बल्कि इसमें कुछ चूक हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार से सटे झारखंड के कई जिलों में भोजपुरी, मैथिली और अंगिका जैसी भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं, और ऐसे में इन भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए। जनजातीय भाषाओं का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन जिन क्षेत्रों में जनजातीय भाषा बोलने वाले नहीं हैं, जहां उस भाषा में पढ़ाई नहीं होती और न ही शिक्षक उपलब्ध हैं, वहां उसे अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नियमावली में सभी भाषाओं को समुचित स्थान दिया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के इन बयानों, जिनमें भाजपा पर राज्यसभा चुनाव को लेकर लगाए गए आरोप, कांग्रेस संगठन को लेकर दी गई सफाई और भाषा नियमावली में बदलाव की मांग शामिल है, ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें 3 जून को होने वाली समिति की बैठक और राज्यसभा चुनाव की आगे की रणनीति पर टिकी हैं।
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    झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने धनबाद पहुँचकर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों को लेकर हैं। वहीं, झारखंड में चल रहे भाषा विवाद को उन्होंने एक "चूक" बताया, जिसे सुधारने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी बैठक 3 जून को प्रस्तावित है। उन्होंने सभी क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मान देने और नियमावली में आवश्यक संशोधन की मांग की।

वित्त मंत्री किशोर ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है, फिर भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी यह संकेत देती है कि वे विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है, जिसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और वाम दल शामिल हैं। किशोर के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है और महागठबंधन की स्थिति पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उनके बीच कथित खींचतान के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि उनका प्रदेश अध्यक्ष के साथ कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है और मतभेद केवल पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को लेकर हैं, किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं। वहीं, झारखंड में भाषा नियमावली को लेकर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि इसे विवाद कहना उचित नहीं होगा, बल्कि इसमें कुछ चूक हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार से सटे झारखंड के कई जिलों में भोजपुरी, मैथिली और अंगिका जैसी भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं, और ऐसे में इन भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए। जनजातीय भाषाओं का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन जिन क्षेत्रों में जनजातीय भाषा बोलने वाले नहीं हैं, जहां उस भाषा में पढ़ाई नहीं होती और न ही शिक्षक उपलब्ध हैं, वहां उसे अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नियमावली में सभी भाषाओं को समुचित स्थान दिया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के इन बयानों, जिनमें भाजपा पर राज्यसभा चुनाव को लेकर लगाए गए आरोप, कांग्रेस संगठन को लेकर दी गई सफाई और भाषा नियमावली में बदलाव की मांग शामिल है, ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें 3 जून को होने वाली समिति की बैठक और राज्यसभा चुनाव की आगे की रणनीति पर टिकी हैं।
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
    21 hrs ago
  • heyujywgt sapera sanp ko nacha rha hai dekh lokaise sanp ko pakad kar le ha raha hai jilimtand ganw se kobara sap ko dekh Me dar gya
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    heyujywgt
sapera sanp ko nacha rha hai dekh lokaise sanp ko pakad kar  le ha raha hai jilimtand ganw se kobara sap ko dekh Me dar gya
    user_Birendar Tudu
    Birendar Tudu
    Photographer Dumri, Giridih•
    10 hrs ago
  • झारखंड के ढोरी में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद लोगों ने 19 घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह धरना आंदोलन शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ था और रविवार की सुबह 4 बजे समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने तब रास्ता खोला जब इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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    झारखंड के ढोरी में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद लोगों ने 19 घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह धरना आंदोलन शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ था और रविवार की सुबह 4 बजे समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने तब रास्ता खोला जब इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
    user_Churaman Thakur Press
    Churaman Thakur Press
    रिपोर्टिंग चंद्रपुरा, बोकारो, झारखंड•
    9 hrs ago
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