तटबंध पर बाढ़ पीड़ितों की परेशानी सामने आई, उप प्रमुख ने उठाया राहत का मुद्दा गंडक नदी के उफान से आई बाढ़ के बीच चंपारण तटबंध पर शरण लिए पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को पंचायत समिति सदस्यों के साथ उप प्रमुख अपसर हुसैन तटबंध पर पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से सीधे उनकी समस्याएं जानीं। पीड़ितों ने उप प्रमुख के सामने समय पर भोजन नहीं मिलने की समस्या रखी। लोगों ने बताया कि बाढ़ के बीच तटबंध पर शरण लेने के बावजूद राहत व्यवस्था में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला सामने आने के बाद उप प्रमुख अपसर हुसैन ने सीओ अलका कुमारी से बातचीत कर तत्काल राहत व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। सीओ ने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं, चंपारण तटबंध पर रात के समय रोशनी की व्यवस्था करने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। इस दौरान असलम अंसारी, नथू यादव, रंजन यादव, अलखदेव राम और बबलू राम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
तटबंध पर बाढ़ पीड़ितों की परेशानी सामने आई, उप प्रमुख ने उठाया राहत का मुद्दा गंडक नदी के उफान से आई बाढ़ के बीच चंपारण तटबंध पर शरण लिए पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को पंचायत समिति सदस्यों के साथ उप प्रमुख अपसर हुसैन तटबंध पर पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से सीधे उनकी समस्याएं जानीं। पीड़ितों ने उप प्रमुख के सामने समय पर भोजन नहीं मिलने की समस्या रखी। लोगों ने बताया कि बाढ़ के बीच तटबंध पर शरण लेने के बावजूद राहत व्यवस्था में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला सामने आने के बाद उप प्रमुख अपसर हुसैन ने सीओ अलका कुमारी से बातचीत कर तत्काल राहत व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। सीओ ने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं, चंपारण तटबंध पर रात के समय रोशनी की व्यवस्था करने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। इस दौरान असलम अंसारी, नथू यादव, रंजन यादव, अलखदेव राम और बबलू राम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
- तटबंध पर बाढ़ पीड़ितों की परेशानी सामने आई, उप प्रमुख ने उठाया राहत का मुद्दा गंडक नदी के उफान से आई बाढ़ के बीच चंपारण तटबंध पर शरण लिए पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को पंचायत समिति सदस्यों के साथ उप प्रमुख अपसर हुसैन तटबंध पर पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से सीधे उनकी समस्याएं जानीं। पीड़ितों ने उप प्रमुख के सामने समय पर भोजन नहीं मिलने की समस्या रखी। लोगों ने बताया कि बाढ़ के बीच तटबंध पर शरण लेने के बावजूद राहत व्यवस्था में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला सामने आने के बाद उप प्रमुख अपसर हुसैन ने सीओ अलका कुमारी से बातचीत कर तत्काल राहत व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। सीओ ने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं, चंपारण तटबंध पर रात के समय रोशनी की व्यवस्था करने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। इस दौरान असलम अंसारी, नथू यादव, रंजन यादव, अलखदेव राम और बबलू राम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।1
- एक साथ 6 बड़ी खबरें: देखिए एक नजर में 1. बाढ़ में मदद के लिए आगे आए चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन, 1000 पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री चंपारण में बाढ़ की विभीषिका के बीच चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने क्षेत्र और राजनीति की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवीय पहल की। उन्होंने श्यामपुर, गुदरिया और चंपारण तटबंध सहित कई गांवों में कमर तक पानी में पैदल चलकर करीब 1000 पीड़ितों के बीच राशन, दवा और रोजमर्रा की जरूरी राहत सामग्री के पैकेट वितरित किए। 2. मझौलिया की तीन पंचायतों में आमसभा, प्रधानमंत्री आवास की सूची हुई पारित मझौलिया प्रखंड की बखरिया, लालसरैया और बैठनिया भानाचक पंचायतों में आयोजित आमसभा में एआई (AI) द्वारा तैयार प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का अनुमोदन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि सर्वे सूची से बाहर रह गए पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता से लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 3. गंडक के उफान से मचा हाहाकार, CM के सामने बाढ़ पीड़ितों ने जताया आक्रोश नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी के उफान और फुलियाखाड़ में तटबंध टूटने से पश्चिम चंपारण में गंभीर स्थिति बन गई है। प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण और कम्युनिटी किचन के निरीक्षण पर पहुंचे मुख्यमंत्री के सामने ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने वर्षों से स्थायी समाधान और पुल निर्माण न होने को लेकर विरोध जताया। 4. मझौलिया में नवजीवन जांच घर का हुआ शुभारंभ मझौलिया प्रखंड मुख्यालय (ब्लॉक गेट) के सामने 'नवजीवन जांच घर' का उद्घाटन पूर्व मुखिया अनिल कुमार बैठा एवं एहसान अहमद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस पैथोलॉजी केंद्र में आधुनिक मशीनों से जांच की सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों और गरीब मरीजों को जांच के लिए बेतिया या मोतिहारी जाने से राहत मिलेगी। 5. कबाड़ से जुगाड़ ने स्कूली बच्चों की रचनात्मकता को दिया नया आयाम 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत बेतिया नगर निगम द्वारा आयोजित ‘कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने अनुपयोगी वस्तुओं से लाइफ सेविंग जैकेट, टेबल लैंप और वैक्यूम क्लीनर जैसे शानदार मॉडल पेश किए। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बच्चों की रचनात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास की सराहना की। 6. सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह में सम्मानित हुए शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, मझौलिया के सामाजिक विज्ञान शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। बीईओ हफिजुर रहमान और साथी शिक्षकों ने उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट शिक्षण शैली की प्रशंसा करते हुए उन्हें शॉल व पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया। एक साथ 6 बड़ी खबरें: देखिए एक नजर में 1. बाढ़ में मदद के लिए आगे आए चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन, 1000 पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री चंपारण में बाढ़ की विभीषिका के बीच चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने क्षेत्र और राजनीति की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवीय पहल की। उन्होंने श्यामपुर, गुदरिया और चंपारण तटबंध सहित कई गांवों में कमर तक पानी में पैदल चलकर करीब 1000 पीड़ितों के बीच राशन, दवा और रोजमर्रा की जरूरी राहत सामग्री के पैकेट वितरित किए। 2. मझौलिया की तीन पंचायतों में आमसभा, प्रधानमंत्री आवास की सूची हुई पारित मझौलिया प्रखंड की बखरिया, लालसरैया और बैठनिया भानाचक पंचायतों में आयोजित आमसभा में एआई (AI) द्वारा तैयार प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का अनुमोदन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि सर्वे सूची से बाहर रह गए पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता से लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 3. गंडक के उफान से मचा हाहाकार, CM के सामने बाढ़ पीड़ितों ने जताया आक्रोश नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी के उफान और फुलियाखाड़ में तटबंध टूटने से पश्चिम चंपारण में गंभीर स्थिति बन गई है। प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण और कम्युनिटी किचन के निरीक्षण पर पहुंचे मुख्यमंत्री के सामने ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने वर्षों से स्थायी समाधान और पुल निर्माण न होने को लेकर विरोध जताया। 4. मझौलिया में नवजीवन जांच घर का हुआ शुभारंभ मझौलिया प्रखंड मुख्यालय (ब्लॉक गेट) के सामने 'नवजीवन जांच घर' का उद्घाटन पूर्व मुखिया अनिल कुमार बैठा एवं एहसान अहमद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस पैथोलॉजी केंद्र में आधुनिक मशीनों से जांच की सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों और गरीब मरीजों को जांच के लिए बेतिया या मोतिहारी जाने से राहत मिलेगी। 5. कबाड़ से जुगाड़ ने स्कूली बच्चों की रचनात्मकता को दिया नया आयाम 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत बेतिया नगर निगम द्वारा आयोजित ‘कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने अनुपयोगी वस्तुओं से लाइफ सेविंग जैकेट, टेबल लैंप और वैक्यूम क्लीनर जैसे शानदार मॉडल पेश किए। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बच्चों की रचनात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास की सराहना की। 6. सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह में सम्मानित हुए शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, मझौलिया के सामाजिक विज्ञान शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। बीईओ हफिजुर रहमान और साथी शिक्षकों ने उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट शिक्षण शैली की प्रशंसा करते हुए उन्हें शॉल व पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया।1
- जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2026 के दूसरे दिन छात्र छात्राओं ने अपने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 30 September. अंडर -14,17,19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के बीच अलग-अलग स्पर्धाओं में रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। 30.09.2026.1
- गंडक उफान पर, बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा; CM सम्राट चौधरी के सामने लगे विधायक के खिलाफ नारे नेपाल में लगातार बारिश के बाद गंडक नदी के उफान से पश्चिम चंपारण जिले के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड़ पंचायत में तटबंध टूटने से बड़ी आबादी प्रभावित है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने बथना उच्च विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बैरिया, नौतन और योगापट्टी प्रखंडों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। बथना विद्यालय में चल रहे कम्युनिटी किचन का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री के सामने बाढ़ पीड़ितों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई। भीड़ ने नौतन विधायक नारायण प्रसाद के खिलाफ नारे लगाए। लोगों का आरोप था कि लंबे समय से बाढ़ की समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। एक बाढ़ पीड़ित ने कहा कि करीब 10 वर्षों से विधायक से पुल की मांग की जा रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ में फसलें बर्बाद होती हैं और राहत व बचाव पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या जस की तस रहती है।मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान एक महिला सुरक्षा घेरा तोड़कर उनसे मिलने की कोशिश करने लगी। महिला का कहना था कि बाढ़ में उसका सबकुछ बह गया है। सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक दिया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद बाढ़ पीड़ितों ने हंगामा किया और मंत्री-अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले भाजपा विधायक विनय बिहारी ने बाढ़ राहत और मुआवजे की मांग को लेकर धरना दिया था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की समस्याओं पर मदद का आश्वासन दिया है।2
- मझौलिया में बुधवार के दिन नवजीवन जांच घर का हुआ शुभारंभ, ।। मझौलिया। प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्लॉक गेट के सामने एहसान अहमद के मकान में बुधवार को नवजीवन जांच घर का शुभारंभ किया गया। जांच घर का उद्घाटन पूर्व मुखिया अनिल कुमार बैठा एवं एहसान अहमद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों एवं गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रही। लैब टेक्नीशियन अली गद्दी ने बताया कि नवजीवन जांच घर में आधुनिक मशीनों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर एवं सुविधाजनक जांच सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जांच के लिए लोगों को अब दूर-दराज के शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी। उद्घाटन के मौके पर पूर्व मुखिया अनिल कुमार बैठा ने कहा कि मझौलिया में जांच घर खुलने से स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पहले कई प्रकार की जांच के लिए लोगों को बेतिया और मोतिहारी जाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा उपलब्ध होने से गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा। नवजीवन जांच घर के संचालकों ने बताया कि मरीजों को आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ रिपोर्टिंग में भी सुविधा का ध्यान रखा जाएगा। उद्घाटन के दौरान उपस्थित लोगों ने नए जांच घर के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर मोजीर गद्दी, मिस्टर, शेख इजहार हुसैन, शेख अफसार अहमद, कमरूज्जमा अंसारी, शेख अयूब ,अमरूल आलम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।4
- 53 प्रतिशत मतदान के साथ संपन्न हुआ मत्स्यजीवी चुनाव कड़ी सुरक्षा के बीच 1450 मतदाताओं ने डाले वोट, मतपेटियां स्ट्रांग रूम में सील। नौतन।। प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को मत्स्यजीवी सहयोग समिति का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में 53 प्रतिशत मतदान के साथ संपन्न हुआ। सुबह आठ बजे से ही मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतार लगी रही। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ गिरधारी लाल ने बताया कि समिति के कुल 2739 मतदाताओं में से 1450 ने मतदान किया। इनमें 926 पुरुष और 524 महिला मतदाता शामिल हैं।मतदान के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बीडीओ गिरधारी लाल और थानाध्यक्ष राजीव कुमार मतदान केंद्रों का जायजा लेते रहे।मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सील कर स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दिया गया। वहीं, बुधवार की शाम प्रखंड कार्यालय में मतगणना शुरू होने की बात बताई गई। मतगणना और चुनाव परिणाम को लेकर प्रत्याशियों व उनके समर्थकों में उत्सुकता बनी रही। बताया गया कि मत्स्यजीवी सहयोग समिति के चुनाव में मंत्री पद के लिए पांच, अध्यक्ष पद के लिए चार और सदस्य पद के लिए 44 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था।4
- CM पहुंचे बथना तो ग्रामीणों ने विधायक को घेरा सवालों में, बोले- कश्मीर का सेब खाने गए हैं, बाढ़ में डूबती जनता कौन देखेगा पश्चिम चंपारण के बथना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पहुंचते ही बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा भी सामने आ गया। बाढ़ की मार झेल रही जनता ने स्थानीय विधायक और सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। लोगों का आरोप था कि एक तरफ नौतन विधानसभा क्षेत्र की जनता बाढ़ के पानी में फंसी है, घर-परिवार और फसल बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी तरफ जनता अपने जनप्रतिनिधियों को मौके पर तलाश रही है। स्थानीय व्यक्ति अरूप कुमार राव ने विधायक पर तीखा हमला बोलते हुए कहा स्थानीय विधायक आपको कैसे देखेंगे? वो तो कश्मीर का सेब खा रहे हैं। कभी जम्मू-कश्मीर जाते हैं, कभी नेपाल जाते हैं, कभी गोवा जाते हैं। यहां नौतन की जनता कौन डूब रहा है, कौन मर रहा है, उसको क्या देखेंगे? अरूप कुमार राव ने मुख्यमंत्री से बाढ़ पीड़ित परिवारों को तत्काल 10-10 हजार रुपये की सहायता, बाढ़ में पूरी तरह ध्वस्त मकानों के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये मुआवजा और फसल क्षति का भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने राहत व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनका दावा है कि राहत शिविर में हजारों लोगों के भोजन और सूखा राशन की व्यवस्था होने की बात कही जा रही है, लेकिन कई बाढ़ पीड़ितों को इसका लाभ नहीं मिला। अरूप कुमार राव ने कहा 48 घंटे से बाढ़ पीड़ित परेशान हैं। किसी के पेट में एक दाना नहीं पड़ा है। 43 हजार लोगों के भोजन और 10 हजार लोगों के सूखा राशन की व्यवस्था की बात कही जा रही है, लेकिन किसी को मिला या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं सोनू कुशवाहा ने भी विधायक और सांसद की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी आपदा के बीच बाढ़ पीड़ित परेशान हैं और उन्हें पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आगमन के समय राहत व्यवस्था दिखाई गई, जबकि पीड़ित पहले से मदद की उम्मीद में बैठे हैं। बथना में लोगों का गुस्सा इतना बढ़ा कि स्थानीय विधायक और सांसद के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। सवाल यही उठाया गया कि जब नौतन की जनता बाढ़ में फंसी है, तब उसके बीच जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और मदद कहां है? वहीं सरकारी स्तर पर बथना राहत शिविर में सामुदायिक रसोई, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय और आवासन जैसी व्यवस्थाएं संचालित होने की जानकारी दी गई है तथा मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन जमीन पर बाढ़ पीड़ितों के गुस्से ने राहत व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।1
- paschimi Champaran badh bahut hi kharab ho chuka hai Halat1