छतरपुर में आशा कार्यकर्ताओं ने आज, 08 जून को दोपहर लगभग 4:00 बजे, आशा एकता संघ मध्यप्रदेश के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से बताया गया कि अप्रैल 2026 से आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली कुछ प्रोत्साहन राशियां बंद कर दी गई हैं, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने गर्भवती के शीघ्र पंजीयन, कुपोषित बच्चों के फॉलोअप और अन्य कार्यों से संबंधित प्रोत्साहन राशि को तत्काल पुनः शुरू करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वर्ष 2023 में घोषित मानदेय वृद्धि का लाभ अब तक न मिलने पर भी अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। ज्ञापन में भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मानदेय का समय पर भुगतान करने, डिजिटल कार्यों के लिए मोबाइल और आर्थिक सहायता प्रदान करने, सेवा समाप्ति नोटिस पर रोक लगाने, तथा अन्य विभागों के कार्यों में ड्यूटी लगाए जाने पर अलग से पारिश्रमिक देने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी शामिल हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से शासन से अपील की है कि उनकी मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
छतरपुर में आशा कार्यकर्ताओं ने आज, 08 जून को दोपहर लगभग 4:00 बजे, आशा एकता संघ मध्यप्रदेश के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से बताया गया कि अप्रैल 2026 से आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली कुछ प्रोत्साहन राशियां बंद कर दी गई हैं, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने गर्भवती के शीघ्र पंजीयन, कुपोषित बच्चों के फॉलोअप और अन्य कार्यों से संबंधित प्रोत्साहन राशि को तत्काल पुनः शुरू करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वर्ष 2023 में घोषित मानदेय वृद्धि का लाभ अब तक न मिलने पर भी अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। ज्ञापन में भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मानदेय का समय पर भुगतान करने, डिजिटल कार्यों के लिए मोबाइल और आर्थिक सहायता प्रदान करने, सेवा समाप्ति नोटिस पर रोक लगाने, तथा अन्य विभागों के कार्यों में ड्यूटी लगाए जाने पर अलग से पारिश्रमिक देने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी शामिल हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से शासन से अपील की है कि उनकी मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
- छतरपुर जिला अस्पताल परिसर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस बीच, भारत जंक्शन न्यूज़ की टीम ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों और संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत की। रिपोर्टर अंकित ने उनकी समस्याओं को जानने और समझने का प्रयास किया।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ 22 वर्षीय बीएससी टॉपर छात्रा सृष्टि ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, एक युवक द्वारा लगातार ब्लैकमेल किए जाने और बदनाम करने की धमकियों के कारण सृष्टि मानसिक रूप से बहुत परेशान थी। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी संबंधित पहलुओं की पड़ताल में जुटी हुई है।1
- नौगांव बस स्टैंड के पास चल रहे शान्तनव सिंह चौहान के निजी क्लीनिक में एक महिला से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। यह महिला क्लीनिक में टीवी का इलाज कराने के लिए पहुंची थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज होने की जानकारी मिलने पर, क्लीनिक संचालक ने फुटेज देखने के बाद संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने की पुष्टि की है।1
- मध्य प्रदेश का असली 'राजा वाला अंदाज़' है, जहाँ के लोग सीधे पूरे देश पर अपनी हुकूमत चलाते हैं। यह राज्य शेरों का गढ़ माना जाता है, जिसमें कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे वन्यजीव अभयारण्य जंगल के राजाओं का निवास स्थान हैं। साथ ही, मध्य प्रदेश हीरों की तिजोरी है, जहाँ पन्ना की खदानों के हीरे दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। संगीत के क्षेत्र में भी ग्वालियर की धरती ने तानसेन के माध्यम से संगीत को एक नई पहचान दी है। बुंदेलखंड की मिट्टी, मालवा की शान और गोंडवाना का गौरव मिलकर इस अद्वितीय राज्य का निर्माण करते हैं। इसी भावना को व्यक्त करते हुए कहा गया है कि 'नाम छोटा सुनकर फ्लावर मत समझना, हम फायर हैं फायर... MP है तो मुमकिन है!'।1
- टीकमगढ़ ने 'फिट इंडिया' अभियान को आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए एक प्रेरणादायक राह दिखाई है। इस पहल के माध्यम से, टीकमगढ़ ने यह संदेश दिया है कि सेहतमंद जीवनशैली के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान सफलतापूर्वक रखा जा सकता है।1
- बुंदेलखंड क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय मौसम में गिरावट आई है।1
- छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र अंतर्गत बहारपुरा गांव में एक दर्दनाक हादसे में 56 वर्षीय बाबूलाल सेन की मौत हो गई। आज 08 जून को दोपहर करीब 12:00 बजे बाबूलाल सेन अपने खेत पर बकरियां चरा रहे थे। बकरियों को चरने के लिए छोड़ने के बाद, वे खेत में लगे जामुन के पेड़ के नीचे बैठ गए। इसी दौरान तेज हवा चली और जामुन के पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर सीधे उनके ऊपर गिर गई, जिससे बाबूलाल की गर्दन और पीठ में गंभीर चोटें आईं। खेत के आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजन घायल बाबूलाल को 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे, जहाँ इमरजेंसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर अभय सिंह ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद, शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है और पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।1
- छतरपुर जिले के बड़ामलहरा क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दो भाइयों, दुर्गा प्रसाद राजपूत (32) और रतन राजपूत (37), पर जानलेवा हमला किया गया है। ग्राम लिधौरा थाना भगवा के निवासी इन दोनों भाइयों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना आज 08 जून दोपहर करीब 2:00 बजे धर्मापुरा तिराहे के पास हुई। परिजनों के अनुसार, लगभग 16 लोगों ने कट्टा, फरसा और कुल्हाड़ी से हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने रतन राजपूत के पास रखे ₹58,000 भी लूट लिए। परिजनों ने बताया कि यह हमला एक माह पहले हुए शादी समारोह में हुए विवाद की पुरानी रंजिश का परिणाम है। उन्होंने पुलिस पर पूर्व शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया। घटना के बाद दोनों घायल भाइयों को बड़ामलहरा थाने ले जाया गया, जहाँ शिकायत दर्ज होने के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। हालत गंभीर होने पर दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और उनके अनुसार आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।1