बरसलोया में अखंड हरि कीर्तन सह यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन दिव्य झांकियों के साथ आकर्षक मेले का भी आयोजन, श्रद्धा और भक्ति में डूबा पूरा क्षेत्र कोलेबिरा:- प्रखंड के ग्राम बरसलोया में आयोजित चार दिवसीय अखंड हरि कीर्तन सह यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन संपूर्ण क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के अद्भुत संगम में सराबोर रहा। इसी क्रम में कोलेबिरा क्षेत्र भी धार्मिक वातावरण से पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। प्रातः काल से ही यज्ञ मंडप परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था, जो पूरे दिन निरंतर जारी रहा। चारों ओर हरिनाम संकीर्तन, शंखध्वनि, घंटा, मृदंग, ढोलकी एवं जयकारों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक एवं ऊर्जावान बना रहा। कार्यक्रम के इस विशेष दिन का मुख्य आकर्षण विभिन्न दिव्य झांकियों का भव्य प्रदर्शन रहा, जिसमें पारंपरिक आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत की अनुपम झलक देखने को मिली। झांकी में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी एवं भक्त शिरोमणि हनुमान जी के सजीव एवं आकर्षक स्वरूप प्रस्तुत किए गए। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म और मर्यादा का संदेश, माता सीता की पवित्रता तथा लक्ष्मण जी की सेवा भावना को अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। वहीं हनुमान जी की अटूट भक्ति, शक्ति और समर्पण ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया, जिससे उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर होकर “जय श्रीराम” के जयघोष करने लगा। इसी क्रम में इस झांकी के माध्यम से आध्यात्मिक महिमा का भी जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार उमड़ती रही। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी की मनमोहक झांकी ने रासलीला, प्रेम और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम में प्रस्तुत “डरावना” झांकी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसने दर्शकों के बीच उत्सुकता, रोमांच एवं आश्चर्य का वातावरण उत्पन्न किया। इस झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अधर्म और बुराई अंततः पराजित होती है तथा सत्य और धर्म की ही विजय होती है। _इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के दौरान रीऊं कीर्तन मंडली (श्री गणेश), (जय दुर्गा), परवा मादुल मुक्ता कीर्तन मंडली, शिशु विद्या मंदिर (मरानी), पाड़ो वादलुंग कीर्तन मंडली, परवा कीर्तन मंडली, पोमिया, समलपुर,फूलवा टांगर_आदि विभिन्न कीर्तन मंडलियों की सक्रिय उपस्थिति रही।_ जिन्होंने अपने मधुर भजन एवं संकीर्तन से पूरे वातावरण को निरंतर भक्तिमय बनाए रखा। इसी दौरान आयोजन स्थल पर आकर्षक मेले का भी आयोजन किया गया, जहां विभिन्न प्रकार की दुकानें, खान-पान के स्टॉल एवं मनोरंजन के साधनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खरीदारी एवं मनोरंजन का आनंद उठाया। मेले की रौनक से पूरा परिसर जीवंत हो उठा तथा ग्रामीणों के बीच आपसी मेल-जोल एवं सामाजिक सौहार्द का सुंदर दृश्य देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान अखंड हरि कीर्तन निरंतर चलता रहा। विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने अपने मधुर भजन, स्वर एवं संकीर्तन के माध्यम से वातावरण को निरंतर भक्तिमय बनाए रखा। ढोल, मंजीरा, मृदंग एवं अन्य वाद्य यंत्रों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और सामूहिक भक्ति ने पूरे माहौल को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत 3 अप्रैल को अखंड हरि कीर्तन का विधिवत समापन किया जाएगा। इसके उपरांत भव्य नगर कीर्तन (नगर भ्रमण) का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु कीर्तन करते हुए पूरे क्षेत्र में भ्रमण करेंगे और भगवान के नाम का प्रचार करेंगे। नगर कीर्तन के समापन के बाद विशाल प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा तथा राधा-कृष्ण की झांकी निकालकर मटकी फोड़ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराया जाएगा। _श्रद्धालुओं की व्यापक उपस्थिति, सुव्यवस्थित प्रबंधन, दिव्य झांकियों की प्रस्तुति एवं मेले की रौनक ने इस आयोजन को अत्यंत भव्य, सफल एवं यादगार बना दिया है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना है, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपरा एवं सामुदायिक एकता को भी सशक्त करने का कार्य कर रहा है। इस धार्मिक महोत्सव के सफल संचालन में पुजारी एवं आचार्य लखेश्वर पंडा, पवन शर्मा तथा मानस रंजन पंडा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जबकि यजमान के रूप में अमित सिंह एवं बिनीता देवी की भूमिका है। वहीं आयोजन समिति के अध्यक्ष रोहित कुमार साहु, सचिव सुनीत पति, कोषाध्यक्ष पुरन कुमार साहु, उपाध्यक्ष प्रमोद सोनी, सह सचिव दिनेश साहू एवं सह-कोषाध्यक्ष महेंद्र साहू सहित संरक्षकगण ओमप्रकाश साहू, दिलीप पंडा, स्मृत कुमार सोनी, अयोध्या सोनकार, रोहित सिंह, राधेश्याम सोनी तथा सदस्यगण सखिंदर ओहदार, सूरज सोनी, दीपक साहू, अनूप साहू, रामलाल सोनी, सानू सोनी, अभिषेक साहु, शुभम साहु, अविनाश पंडा, संगम साहु, दाशरथी सोनी, अमित साहु, एवं अन्य ग्रामीणों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
बरसलोया में अखंड हरि कीर्तन सह यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन दिव्य झांकियों के साथ आकर्षक मेले का भी आयोजन, श्रद्धा और भक्ति में डूबा पूरा क्षेत्र कोलेबिरा:- प्रखंड के ग्राम बरसलोया में आयोजित चार दिवसीय अखंड हरि कीर्तन सह यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन संपूर्ण क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के अद्भुत संगम में सराबोर रहा। इसी क्रम में कोलेबिरा क्षेत्र भी धार्मिक वातावरण से पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। प्रातः काल से ही यज्ञ मंडप परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था, जो पूरे दिन निरंतर जारी रहा। चारों ओर हरिनाम संकीर्तन, शंखध्वनि, घंटा, मृदंग, ढोलकी एवं जयकारों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक एवं ऊर्जावान बना रहा। कार्यक्रम के इस विशेष दिन का मुख्य आकर्षण विभिन्न दिव्य झांकियों का भव्य प्रदर्शन रहा, जिसमें पारंपरिक आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत की अनुपम झलक देखने को मिली। झांकी में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी एवं भक्त शिरोमणि हनुमान जी के सजीव एवं आकर्षक स्वरूप प्रस्तुत किए गए। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म और मर्यादा का संदेश, माता सीता की पवित्रता तथा लक्ष्मण जी की सेवा भावना को अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। वहीं हनुमान जी की अटूट भक्ति, शक्ति और समर्पण ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया, जिससे उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर होकर “जय श्रीराम” के जयघोष करने लगा। इसी क्रम में इस झांकी के माध्यम से आध्यात्मिक महिमा का भी जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार उमड़ती रही। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी की मनमोहक झांकी ने रासलीला, प्रेम और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम में प्रस्तुत “डरावना” झांकी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसने दर्शकों के बीच उत्सुकता, रोमांच एवं आश्चर्य का वातावरण उत्पन्न किया। इस झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अधर्म और बुराई अंततः पराजित होती है तथा सत्य और धर्म की ही विजय होती है। _इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के दौरान रीऊं कीर्तन मंडली (श्री गणेश), (जय दुर्गा), परवा मादुल मुक्ता कीर्तन मंडली, शिशु विद्या मंदिर (मरानी), पाड़ो वादलुंग कीर्तन मंडली, परवा कीर्तन मंडली, पोमिया, समलपुर,फूलवा टांगर_आदि विभिन्न कीर्तन मंडलियों की सक्रिय उपस्थिति रही।_ जिन्होंने अपने मधुर भजन एवं संकीर्तन से पूरे वातावरण को निरंतर भक्तिमय बनाए रखा। इसी दौरान आयोजन स्थल पर आकर्षक मेले का भी आयोजन किया गया, जहां विभिन्न प्रकार की दुकानें, खान-पान के स्टॉल एवं मनोरंजन के साधनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खरीदारी एवं मनोरंजन का आनंद उठाया। मेले की रौनक से पूरा परिसर जीवंत हो उठा तथा ग्रामीणों के बीच आपसी मेल-जोल एवं सामाजिक सौहार्द का सुंदर दृश्य देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान अखंड हरि कीर्तन निरंतर चलता रहा। विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने अपने मधुर भजन, स्वर एवं संकीर्तन के माध्यम से वातावरण को निरंतर भक्तिमय बनाए रखा। ढोल, मंजीरा, मृदंग एवं अन्य वाद्य यंत्रों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और सामूहिक भक्ति ने पूरे माहौल को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत 3 अप्रैल को अखंड हरि कीर्तन का विधिवत समापन किया जाएगा। इसके उपरांत भव्य नगर कीर्तन (नगर भ्रमण) का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु कीर्तन करते हुए पूरे क्षेत्र में भ्रमण करेंगे और भगवान के नाम का प्रचार करेंगे। नगर कीर्तन के समापन के बाद विशाल प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा तथा राधा-कृष्ण की झांकी निकालकर मटकी फोड़ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराया जाएगा। _श्रद्धालुओं की व्यापक उपस्थिति, सुव्यवस्थित प्रबंधन, दिव्य झांकियों की प्रस्तुति एवं मेले की रौनक ने इस आयोजन को अत्यंत भव्य, सफल एवं यादगार बना दिया है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना है, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपरा एवं सामुदायिक एकता को भी सशक्त करने का कार्य कर रहा है। इस धार्मिक महोत्सव के सफल संचालन में पुजारी एवं आचार्य लखेश्वर पंडा, पवन शर्मा तथा मानस रंजन पंडा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जबकि यजमान के रूप में अमित सिंह एवं बिनीता देवी की भूमिका है। वहीं आयोजन समिति के अध्यक्ष रोहित कुमार साहु, सचिव सुनीत पति, कोषाध्यक्ष पुरन कुमार साहु, उपाध्यक्ष प्रमोद सोनी, सह सचिव दिनेश साहू एवं सह-कोषाध्यक्ष महेंद्र साहू सहित संरक्षकगण ओमप्रकाश साहू, दिलीप पंडा, स्मृत कुमार सोनी, अयोध्या सोनकार, रोहित सिंह, राधेश्याम सोनी तथा सदस्यगण सखिंदर ओहदार, सूरज सोनी, दीपक साहू, अनूप साहू, रामलाल सोनी, सानू सोनी, अभिषेक साहु, शुभम साहु, अविनाश पंडा, संगम साहु, दाशरथी सोनी, अमित साहु, एवं अन्य ग्रामीणों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
- गुमला जिला के महादेव चेगरी गांव में दिन बुधवार को सुबह 9:00 के लगभग ग्रामीणों को एक विलुप्त प्रजाति का घायल बीमार सारस पक्षी दिखा। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। तत्पश्चात सिसई और गुमला वन विभाग टीम के द्वारा एक रेस्क्यू टीम का गठन किया गया जिसमें सतीश भगत, रजत, बैरागी उरांव, सहित अन्य लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद पक्षी को पकड़ा ।1
- संत श्री रामेश्वर गहिरा गुरु आश्रम चम्पा में तीन दिवसीय रूद्र महायज्ञ के उपलक्ष में संत समाज एवं गहिरा गुरु महाराज के भक्त सुन्दर दोहा,चौपाई के साथ रात्रि जागरण भजन,कीर्तन करते।1
- अवैध चिप्स लोड हाइवा ट्रक परिवहन के दौरान सेन्हा में अंचलाधिकारी ने किया ट्रक जब्त गुप्त सूचना पर हुई कारवाई1
- Post by AAM JANATA1
- Post by Jharkhand local news1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड के चैनपुर में निर्माणाधीन पावर प्लांट स्थल पर करंट लगने से बैल की मौत के मामले में ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार को पावर प्लांट स्थल पर आंदोलन शुरू कर दिया।ग्रामीणों के अनुसार पावर प्लांट निर्माण स्थल पर फैले खुले बिजली तार की चपेट में आने से एक बैल की मौत हो गई। आरोप है कि घटना के बाद बैल को बिना ग्रामीणों को सूचना दिए दफना दिया गया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई।घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पावर प्लांट स्थल पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पावर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृत बैल के मालिक को उचित मुआवजा देने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं दिया जाता और घटना की जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।वहीं मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।2
- सिमडेगा:- विद्या वनस्थली शिक्षा समिति द्वारा संचालित एवं लीड द्वारा सहयोग प्राप्त जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल, सिमडेगा में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर सत्रारंभ संस्कार का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से साध्वी वसुंधरा “गुरु माँ माया अग्रवाल, रेखा रानी, विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ द्वारा किया गया, जिसमें सभी उपस्थित जनों ने आहुति देकर नए सत्र की सफलता, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं विद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की। इस पावन अवसर पर यजमान के रूप में लक्ष्मी पाठक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोगी के रूप में मनोरमा प्रधान, टुम्पा कंसारी, निराला देवी, मनोरमा केरकेट्टा तथा अन्य एसएमसी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।इसके पश्चात भजन एवं कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने भक्ति भाव से भाग लिया और वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक एवं आनंदमय हो उठा।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।विद्यालय प्रबंधन की ओर से कहा गया कि इस प्रकार के संस्कारात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन सभी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के साथ हुआ।1
- बताया जा रहा है,हादसा इतना जबरदस्त था कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई,जानकारी के अनुसार स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। बताया जा रहा है, चालक को गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उसकी स्थिति को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है,घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि रौनी घाट की खतरनाक ढलान पर इस तरह की लापरवाही कभी भी बड़ा हादसा बन सकती है।1
- Post by AAM JANATA1