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जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के जुझारपुरा गांव में आयोजित एक 51 कुंडीय महायज्ञ और धार्मिक कार्यक्रम के दौरान आस्था के नाम पर अश्लीलता परोसे जाने का मामला सामने आया है। कार्यक्रम के लिए बनाए गए रामलीला मंच पर बार-बालाओं द्वारा अश्लील गानों पर किए गए डांस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव में यह महायज्ञ और धार्मिक कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किया गया था, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। आयोजन को भव्य बनाने के उद्देश्य से रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए थे, लेकिन धार्मिक प्रस्तुतियों के बजाय मंच पर बार-बालाओं से फिल्मी और फूहड़ गानों पर डांस कराया गया।
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जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के जुझारपुरा गांव में आयोजित एक 51 कुंडीय महायज्ञ और धार्मिक कार्यक्रम के दौरान आस्था के नाम पर अश्लीलता परोसे जाने का मामला सामने आया है। कार्यक्रम के लिए बनाए गए रामलीला मंच पर बार-बालाओं द्वारा अश्लील गानों पर किए गए डांस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव में यह महायज्ञ और धार्मिक कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किया गया था, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। आयोजन को भव्य बनाने के उद्देश्य से रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए थे, लेकिन धार्मिक प्रस्तुतियों के बजाय मंच पर बार-बालाओं से फिल्मी और फूहड़ गानों पर डांस कराया गया।
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- जालौन के लौना कोतवाली क्षेत्र के लौना ग्राम में सरकारी नाला निर्माण और पुरानी राशन शिकायत को लेकर चला आ रहा विवाद हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते कुछ लोग एक महिला के घर पहुँच गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब महिला और उसके परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे, जिसके बाद मामला शांत हो पाया। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है और पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है। गाँव में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल बताया जा रहा है, हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हमारा चैनल भी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चलाए गए एक चेकिंग अभियान के तहत आज दूसरे दिन भी अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल आठ ट्रकों को पकड़ा गया।1
- जालौन जिले के डकोर विकास खंड के टीकर और कुशमिलिया गांवों में भीषण आग लगने से कई परिवारों का जीवन पूरी तरह से तबाह हो गया है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जिसके कारण इन पीड़ित परिवारों के सामने अब खाने-पीने का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक घटना के अनुसार, शिवकुमार और उनका परिवार रात में अपने घर के अंदर सो रहा था, तभी मोहल्ले के लोगों ने घर से धुआँ और आग की लपटें उठती देख शोर मचाकर उन्हें जगाया। हालांकि, जब तक परिवार घर से बाहर निकलता, आग पूरे घर में बुरी तरह फैल चुकी थी। इस अग्निकांड में उनके कपड़े, बिस्तर, अनाज, घरेलू सामान और पैसे जल गए। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती, तब तक घरों में रखा सब कुछ जलकर खाक हो चुका था।1
- जालौन में बाजार बंदी का व्यापक असर देखने को मिला। यह स्थिति एसडीएम रिंकू सिंह राही द्वारा दिए गए आदेश के बाद सामने आई, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में बंदी का प्रभाव साफ तौर पर देखा गया।1
- जालौन जनपद के कालपी में शासन के सख्त निर्देशों के बाद शनिवार को नगर पालिका परिषद ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिससे मुख्य बाजार में हड़कंप मच गया। पालिका की टीम जेसीबी मशीन लेकर टरनंगंज और मेन बाजार क्षेत्र में उतरी और सड़क किनारे व नालियों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया। इस दौरान नायब तहसीलदार चंद्र मोहन शुक्ला, अधिशासी अधिकारी अवनीश कुमार शुक्ला, पालिका कर्मी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे ताकि कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। प्रशासन ने इस कार्यवाही को जनता की सुविधा के लिए ज़रूरी बताया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अवनीश कुमार शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह अभियान अभी शुरुआत भर है और लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सड़कों और नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण आम लोगों को भारी परेशानी, जाम, गंदगी और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते यह कार्यवाही आवश्यक हो गई। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि नाली के बाहर तक जितना भी अवैध कब्जा पाया जाएगा, उसे हटाया जाएगा। हालांकि, पालिका की इस कार्यवाही से छोटे व्यापारियों और दुकानदारों में नाराज़गी देखने को मिली है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त नोटिस दिए बिना अचानक अभियान चलाया गया, जिससे उनका सामान और रोज़गार प्रभावित हुआ। कुछ व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन अक्सर छोटे दुकानदारों पर ही सख्ती दिखाता है, जबकि बड़े और प्रभावशाली कब्ज़ाधारियों पर कोई कार्यवाही नहीं होती। अभियान के बाद शहर में निष्पक्षता को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या यह कार्यवाही वास्तव में सबके लिए बराबर होगी या फिर पहले की तरह रसूखदार लोगों को बचा लिया जाएगा। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि अतीत में भी कई बार ऐसे अभियान शुरू हुए, लेकिन कुछ दिनों बाद सब ठंडे बस्ते में चला गया। पहले दिन की कार्यवाही ने यह संकेत ज़रूर दिया है कि प्रशासन इस बार सख्त रुख अपनाए हुए है, लेकिन आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बुलडोज़र सिर्फ गरीब और छोटे व्यापारियों तक सीमित रहता है या बड़े अतिक्रमणकारियों तक भी पहुंचता है। कालपी में शुरू हुआ यह अभियान शहर को जाम और अव्यवस्था से राहत दिलाने की कोशिश माना जा रहा है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी छोड़ रहा है कि क्या कानून की कार्यवाही वास्तव में सबके लिए बराबर है।2
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'मेट्रो मंडे' पहल के तहत अपने आवास से सचिवालय तक की यात्रा मेट्रो और डीटीसी बस से की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हुए अपने दिन की शुरुआत की।1
- जालौन जिले के डकोर विकास खंड के टीकर और कुशमिलिया गांवों में भीषण आग लगने से कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह उजड़ गई है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घरों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया, जिससे अब इन पीड़ित परिवारों के सामने खाने-पीने तक का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बताया गया है कि शिवकुमार और उनका परिवार रात में अपने घर के अंदर सो रहा था, तभी मोहल्ले के लोगों ने घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख शोर मचाकर उन्हें जगाया। हालांकि, परिवार के बाहर निकलने तक आग पूरे घर में बुरी तरह फैल चुकी थी। इस घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती, तब तक घरों में रखे कपड़े, बिस्तर, अनाज, घरेलू सामान और महत्वपूर्ण कागजात सहित सब कुछ जलकर राख हो चुका था। आग की इस त्रासदी ने कई परिवारों को पूरी तरह प्रभावित किया है, जिसके चलते वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और भोजन के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।1
- जालौन जिले के डकोर ब्लॉक क्षेत्र में स्थित कुसमिलिया और टीकर गांवों में अज्ञात कारणों से अचानक आग लगने से दो दर्जन से अधिक घर उसकी चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपने घरों से सामान निकालने में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। आग बुझाने के दौरान ग्रामीण बाल्टियों और पाइपों के माध्यम से पानी डालते हुए नजर आए। इस अग्निकांड में कई परिवारों का घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर राख हो गईं। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लेने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच जारी है।4