16 से 22 सितंबर के बीच विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शिविर में दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के 200 स्वयंसेवकों की है भागीदारी लनामिवि, दरभंगा के एनएसएस कोषांग द्वारा आयोजित चतुर्थ 'युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण शिविर' दूसरे दिन जारी 16 से 22 सितंबर के बीच विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शिविर में दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के 200 स्वयंसेवकों की है भागीदारी दरभंगा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग द्वारा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से विश्वविद्यालय परिसर स्थित जुबिली हॉल में संचालित चौथे एवं अंतिम शिविर दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के विभिन्न कॉलेजों के 200 एनएसएस स्वयंसेवकों भाग ले रहे हैं। शिविर में संयोजक डॉ आर एन चौरसिया, कार्यक्रम पदाधिकारी- डॉ सोनू राम शंकर, डॉ अनुपम प्रिया, डॉ प्रेम कुमारी, डॉ लक्ष्मी कुमारी, डॉ कमलेश्वर प्रसाद कमल, डॉ दिलीप झा, भू-संपदा पदाधिकारी डॉ कामेश्वर पासवान, मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर, अंकिता, सौरभ झा, सुमित, संजय, नागेन्द्र साह, एसडीआरएफ प्रशिक्षकों में रूपेश कुमार पासवान, पंकज कुमार, राजू कुमार, संतोष कुमार, पूजा कुमारी, प्रीति कुमारी, प्रभु कुमार, सच्चिदानन्द एवं मिथिलेश के साथ ही सदर अस्पताल, दरभंगा से गजेन्द्र गोलिया, प्रतिभा रानी, पिंकी कुमारी, चन्दा कुमारी भारती, पवन यादव, श्याम पासवान, बिहार पुलिस के जवान एवं अग्निशमन दल के सदस्य एवं आयोजन समिति के सदस्यों के अलावे 200 स्वयंसेवक उपस्थित थे। आज के शिविर का प्रारंभ राष्ट्रगान एवं एनएसएस लक्ष्य गीत से, जबकि समापन राष्ट्रगान से हुआ। शिविर का शुभारंभ करते हुए पीजी विभागों के एनएसएस पदाधिकारी डॉ सोनू राम शंकर ने कहा कि आपदा प्रशिक्षण हमें समाज सेवा करने का बेहतरीन कौशल प्रदान करता है। इससे युवा- स्वयंसेवकों के अन्दर आत्मविश्वास एवं आत्मगौरव की भावना का संचार होता है। कहा कि यह युवाओं में राष्ट्र की सुरक्षा, समाज की सेवा तथा पीड़ित मानवता की रक्षा के लिए तैयार करने का एक सशक्त माध्यम है। ये सामाजिक जिम्मेदारी युक्त युवा जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र आदि की सीमाएं मिटाकर समाज का मार्गदर्शन एवं नेतृत्वकर्ता बनेंगे। ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक हमारे क्षेत्र के लिए अमूल्य योगदान कर सकते हैं। मुख्य प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान ने बाढ़-प्रबंधन पर बोलते हुए कहा कि बिहार भारत का सबसे बाढ़ग्रस्त राज्यों में एक है, जहां 76% लोग बाढ़ प्रभावित हैं। इसके 38 जिलों में से 28 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। उनमें भी 12 जिले सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित हैं। कहा कि बिहार में बाढ़ एक वार्षिक एवं जटिल समस्या है, जिसके प्रभाव को उचित योजना, उच्च तकनीक, दीर्घकालिक निवेश, अंतर राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग से कम किया जा सकता है। उन्होंने बाढ़ के कारण एवं दुष्प्रभावों को बताते हुए बाढ़ से बचाव हेतु तैरने वाले घरेलू रफ्ट (नाव)- चारपाई, ट्यूब, मटका, बम्बू, ड्रम, वाटर बोतल, केला थम, थर्मोकोल आदि से बनाने की विस्तार से चर्चा की। वहीं बाढ़ के दौरान आपातकालीन किट में रखे जाने वाले उपयोगी सामानों की जानकारी एवं उपयोगिता बताया। अगले सत्र में व्यक्ति के पानी में डूबने के कारण तथा डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी व्यावहारिक रूप में दी गई। साथ ही डूबे हुए व्यक्ति के पेट से पानी निकालने के विभिन्न तरीके भी बताएं। प्रशिक्षक राजू कुमार ने 'मेडिकल फास्ट रिस्पांडर' को विस्तार से बताते हुए विभिन्न प्रकार की पट्टियों एवं उनको लगाने के तरीकों के साथ लाभों को रेखांकित किया। बांस एवं लकड़ी पटरा आदि से खपची बांधना सिखाया। वहीं उन्होंने शरीर के स्वस्थ या अस्वस्थ होने के पहचान हेतु विभिन्न उपकरणों- थर्मामीटर, स्थेसोस्कोप, बीपी मापक यंत्र, सीपीआर मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, कलम रोशनी, फेस शिल्ड मास्क आदि अनेक के स्वरूप एवं उनके महत्वों को रेखांकित किया। अगले सत्र में प्रशिक्षिका प्रीति कुमारी में रोगी के 'शरीर का परीक्षण क्यों और कैसे' को बताते हुए कहा कि यह रोगी के शरीर का परीक्षण प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सा व्यवस्था का अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। शरीर परीक्षण से रोगी के शरीर में मौजूद चोट, रक्तस्राव, सूजन, जलन, हड्डी टूटने, बेहोशी आदि का पता चलता है। तभी डॉक्टरों द्वारा सही एवं समय पर इलाज संभव हो सकता है और रोगी जल्द स्वस्थ हो सकते हैं। तदोपप्रांत प्रशिक्षक पंकज कुमार ने क्राइसिस मैनेजमेंट को विस्तार से बताया।
16 से 22 सितंबर के बीच विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शिविर में दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के 200 स्वयंसेवकों की है भागीदारी लनामिवि, दरभंगा के एनएसएस कोषांग द्वारा आयोजित चतुर्थ 'युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण शिविर' दूसरे दिन जारी 16 से 22 सितंबर के बीच विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शिविर में दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के 200 स्वयंसेवकों की है भागीदारी दरभंगा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग द्वारा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से विश्वविद्यालय परिसर स्थित जुबिली हॉल में संचालित चौथे एवं अंतिम शिविर दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के विभिन्न कॉलेजों के 200 एनएसएस स्वयंसेवकों भाग ले रहे हैं। शिविर में संयोजक डॉ आर एन चौरसिया, कार्यक्रम पदाधिकारी- डॉ सोनू राम शंकर, डॉ अनुपम प्रिया, डॉ प्रेम कुमारी, डॉ लक्ष्मी कुमारी, डॉ कमलेश्वर प्रसाद कमल, डॉ दिलीप झा, भू-संपदा पदाधिकारी डॉ कामेश्वर पासवान, मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर, अंकिता, सौरभ झा, सुमित, संजय, नागेन्द्र साह, एसडीआरएफ प्रशिक्षकों में रूपेश कुमार पासवान, पंकज कुमार, राजू कुमार, संतोष कुमार, पूजा कुमारी, प्रीति कुमारी, प्रभु कुमार, सच्चिदानन्द एवं मिथिलेश के साथ ही सदर अस्पताल, दरभंगा से गजेन्द्र गोलिया, प्रतिभा रानी, पिंकी कुमारी, चन्दा कुमारी भारती, पवन यादव, श्याम पासवान, बिहार पुलिस के जवान एवं अग्निशमन दल के सदस्य एवं आयोजन समिति के सदस्यों के अलावे 200 स्वयंसेवक उपस्थित थे। आज के शिविर का प्रारंभ राष्ट्रगान एवं एनएसएस लक्ष्य गीत से, जबकि समापन राष्ट्रगान से हुआ। शिविर का शुभारंभ करते हुए पीजी विभागों के एनएसएस पदाधिकारी डॉ सोनू राम शंकर ने कहा कि आपदा प्रशिक्षण हमें समाज सेवा करने का बेहतरीन कौशल प्रदान करता है। इससे युवा- स्वयंसेवकों के अन्दर आत्मविश्वास एवं आत्मगौरव की भावना का संचार होता है। कहा कि यह युवाओं में राष्ट्र की सुरक्षा, समाज की सेवा तथा पीड़ित मानवता की रक्षा के लिए तैयार करने का एक सशक्त माध्यम है। ये सामाजिक जिम्मेदारी युक्त युवा जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र आदि की सीमाएं मिटाकर समाज का मार्गदर्शन एवं नेतृत्वकर्ता बनेंगे। ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक हमारे क्षेत्र के लिए अमूल्य योगदान कर सकते हैं। मुख्य प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान ने बाढ़-प्रबंधन पर बोलते हुए कहा कि बिहार भारत का सबसे बाढ़ग्रस्त राज्यों में एक है, जहां 76% लोग बाढ़ प्रभावित हैं। इसके 38 जिलों में से 28 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। उनमें भी 12 जिले सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित हैं। कहा कि बिहार में बाढ़ एक वार्षिक एवं जटिल समस्या है, जिसके प्रभाव को उचित योजना, उच्च तकनीक, दीर्घकालिक निवेश, अंतर राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग से कम किया जा सकता है। उन्होंने बाढ़ के कारण एवं दुष्प्रभावों को बताते हुए बाढ़ से बचाव हेतु तैरने वाले घरेलू रफ्ट (नाव)- चारपाई, ट्यूब, मटका, बम्बू, ड्रम, वाटर बोतल, केला थम, थर्मोकोल आदि से बनाने की विस्तार से चर्चा की। वहीं बाढ़ के दौरान आपातकालीन किट में रखे जाने वाले उपयोगी सामानों की जानकारी एवं उपयोगिता बताया। अगले सत्र में व्यक्ति के पानी में डूबने के कारण तथा डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी व्यावहारिक रूप में दी गई। साथ ही डूबे हुए व्यक्ति के पेट से पानी निकालने के विभिन्न तरीके भी बताएं। प्रशिक्षक राजू कुमार ने 'मेडिकल फास्ट रिस्पांडर' को विस्तार से बताते हुए विभिन्न प्रकार की पट्टियों एवं उनको लगाने के तरीकों के साथ लाभों को रेखांकित किया। बांस एवं लकड़ी पटरा आदि से खपची बांधना सिखाया। वहीं उन्होंने शरीर के स्वस्थ या अस्वस्थ होने के पहचान हेतु विभिन्न उपकरणों- थर्मामीटर, स्थेसोस्कोप, बीपी मापक यंत्र, सीपीआर मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, कलम रोशनी, फेस शिल्ड मास्क आदि अनेक के स्वरूप एवं उनके महत्वों को रेखांकित किया। अगले सत्र में प्रशिक्षिका प्रीति कुमारी में रोगी के 'शरीर का परीक्षण क्यों और कैसे' को बताते हुए कहा कि यह रोगी के शरीर का परीक्षण प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सा व्यवस्था का अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। शरीर परीक्षण से रोगी के शरीर में मौजूद चोट, रक्तस्राव, सूजन, जलन, हड्डी टूटने, बेहोशी आदि का पता चलता है। तभी डॉक्टरों द्वारा सही एवं समय पर इलाज संभव हो सकता है और रोगी जल्द स्वस्थ हो सकते हैं। तदोपप्रांत प्रशिक्षक पंकज कुमार ने क्राइसिस मैनेजमेंट को विस्तार से बताया।
- भगवती स्थान पूजा करने जा रही महिला को कावड़ियों से भरी बस ने कुचला,मौके पर महिला की मृत्यु,पति घायल Darpan24 News भगवती स्थान पूजा करने जा रही महिला को कावड़ियों से भरी बस ने कुचला,मौके पर महिला की मृत्यु,पति घायल Darpan24 News1
- जय विजय, जय शिव. ये महथोड़ पंचायत का ग्राम महथोड़ पोस्ट पुते जिला दरभंगा थाना मणिगाछी ब्लॉक टाडी वार्ड नंबर सात का हकीकत कहानी है। 2002 में रणबीर सिंह अपने हिंदू रीति-रिवाज के साथ हिरणी पंचायत में दविंदर सिंह के बेटी के साथ अपने लड़के से शादी करने के बाद कितना पड़ पंचायती हुआ, उसके बाद तो ये लड़की फिर वापस आई और जब से वापस आया तब से रणबीर सिंह के बेटा के साथ ये लड़की को कभी जमाई नहीं। और ये गणेश सिंह को न तो बीवी है, न तो बच्चा है, न तो माँ-बाप है, कोई नहीं है। और ये गणेश सिंह कमाकर टोटल पैसा प्रमोद सिंह को दिया। अब प्रमोद सिंह अपना कमाए, उसके बाद ये चाचा का कमाई से अपना घर चलाया, ये औरत को गुजारा कराया, इसके बाल-बच्चे को गुजारा किया और ये औरत जो बंबई में रहती थी तो बेगर पूछे हुए घर के गार्जियन से अपने बाप को, अपने माँ-ओर को, अपने रिश्तेदार-ओर को बुला लेता था और उस सब में पैसा वेस्ट करता था। जो है, तो ये औरत कहती है, जो रणबीर सिंह के घर में और प्रमोद सिंह के घर में हम लोग को खाना नहीं मिला, बच्चे लोग को परवरिश में बोलता है, जो कुछ नहीं मिला। तो मैं महथोड़ पंचायत के तमाम जनता से लेकर और प्रशासन से भी और पूरे हर नर-नारी से चाहे वो सिंह टाइटल हो, चाहे बावन हो या राजपूत हो, तो हर जनता से मैं जानना चाहता हूँ, जो ऐसे-ऐसे बदचलन औरत जो कहे, जो खा ले और कहे, जो मैं अपने ससुराल में अपने पति को, अपने सास-ससुर को कुछ नहीं जानता हूँ। और यहां तक मैं आप लोग को शो कर दूँ, जो ये औरत कभी न तो मेरे माँ को, न तो कभी बाप को, न तो मेरा कभी कोई देखभाल किया ही नहीं और ये औरत जब से मेरे घर में आया तब से अपने माँ-बाप के कहे हुए पे घर को बर्बादी सिवा छोड़ के आबादी का ये औरत का चाल-चलन नहीं है। और यहां तक जो बच्चे को पढ़ाना-लिखाना चाहता था उसे जुआरी, शराबी, चोरी, ऐसा कोई काम नहीं है जो वो गलत शिक्षा नहीं दिया है। तो आप लोग इसपे ऐसे-ऐसे औरत को और ऐसे-से बच्चे को क्या आप लोग एक्सेप्ट करना चाहिएगा, जो औरत कहे, जो मांग में सेनूर लगाकर, जो रणबीर मेरा पति मर गया है, मेरा बाप मर गया है, मैं दूसरे यार रखा हुआ हूँ और ये हकीकत है, जो रात-रात भर फरार रहती है, जब दिल में आया तब यार के साथ फरार हो जाती है और यहां तक जो रणबीर सिंह का बेटा का 8 नवंबर 2017 से उसकी मौत ही का इंतजार करती है, घर में चुरा के सामान चुरा के ले जाना, सामान बेच देना। आप लोग जानते हैं जो आजकल जादू-टोना भी चलता है, तो क्या ऐसे-से औरत हमारे समाज के लिए हमारे हिसाब से, तो ये ऐसे-से औरत को न तो माँ का दर्जा दिया जाता है, न तो बीवी का दर्जा दिया जाता है, न तो बेटी का दर्जा दिया जाता है। और हालांकि ये लड़की को एक बड़ी लड़की भी है, जो कि 23 साल का लड़की है, उसका नाम है अरुणा कुमारी उर्फ सोनम कुमारी। वो खुद भी कहती है, जो मेरा बाप मर गया, चाहे मैं कहीं भी उड़ान जाऊँ, कुछ भी करूँ, तुम लोग कौन हैं, तुमसे क्या रिश्ता है, कुछ तुम्हारा नहीं जानता हूँ। तो ऐसे-से औरत तो हमारे समाज के लिए बदचलन ही होता है ऐसे-से लड़की, जो अपने बाप को, अपने पैरेंट्स को कदर नहीं किया। तो ये औरत सब हम जो समाज के अंदर जो गलत ही संस्कार फैलाया जाता है। जय विजय, जय शिव. ये महथोड़ पंचायत का ग्राम महथोड़ पोस्ट पुते जिला दरभंगा थाना मणिगाछी ब्लॉक टाडी वार्ड नंबर सात का हकीकत कहानी है। 2002 में रणबीर सिंह अपने हिंदू रीति-रिवाज के साथ हिरणी पंचायत में दविंदर सिंह के बेटी के साथ अपने लड़के से शादी करने के बाद कितना पड़ पंचायती हुआ, उसके बाद तो ये लड़की फिर वापस आई और जब से वापस आया तब से रणबीर सिंह के बेटा के साथ ये लड़की को कभी जमाई नहीं। और ये गणेश सिंह को न तो बीवी है, न तो बच्चा है, न तो माँ-बाप है, कोई नहीं है। और ये गणेश सिंह कमाकर टोटल पैसा प्रमोद सिंह को दिया। अब प्रमोद सिंह अपना कमाए, उसके बाद ये चाचा का कमाई से अपना घर चलाया, ये औरत को गुजारा कराया, इसके बाल-बच्चे को गुजारा किया और ये औरत जो बंबई में रहती थी तो बेगर पूछे हुए घर के गार्जियन से अपने बाप को, अपने माँ-ओर को, अपने रिश्तेदार-ओर को बुला लेता था और उस सब में पैसा वेस्ट करता था। जो है, तो ये औरत कहती है, जो रणबीर सिंह के घर में और प्रमोद सिंह के घर में हम लोग को खाना नहीं मिला, बच्चे लोग को परवरिश में बोलता है, जो कुछ नहीं मिला। तो मैं महथोड़ पंचायत के तमाम जनता से लेकर और प्रशासन से भी और पूरे हर नर-नारी से चाहे वो सिंह टाइटल हो, चाहे बावन हो या राजपूत हो, तो हर जनता से मैं जानना चाहता हूँ, जो ऐसे-ऐसे बदचलन औरत जो कहे, जो खा ले और कहे, जो मैं अपने ससुराल में अपने पति को, अपने सास-ससुर को कुछ नहीं जानता हूँ। और यहां तक मैं आप लोग को शो कर दूँ, जो ये औरत कभी न तो मेरे माँ को, न तो कभी बाप को, न तो मेरा कभी कोई देखभाल किया ही नहीं और ये औरत जब से मेरे घर में आया तब से अपने माँ-बाप के कहे हुए पे घर को बर्बादी सिवा छोड़ के आबादी का ये औरत का चाल-चलन नहीं है। और यहां तक जो बच्चे को पढ़ाना-लिखाना चाहता था उसे जुआरी, शराबी, चोरी, ऐसा कोई काम नहीं है जो वो गलत शिक्षा नहीं दिया है। तो आप लोग इसपे ऐसे-ऐसे औरत को और ऐसे-से बच्चे को क्या आप लोग एक्सेप्ट करना चाहिएगा, जो औरत कहे, जो मांग में सेनूर लगाकर, जो रणबीर मेरा पति मर गया है, मेरा बाप मर गया है, मैं दूसरे यार रखा हुआ हूँ और ये हकीकत है, जो रात-रात भर फरार रहती है, जब दिल में आया तब यार के साथ फरार हो जाती है और यहां तक जो रणबीर सिंह का बेटा का 8 नवंबर 2017 से उसकी मौत ही का इंतजार करती है, घर में चुरा के सामान चुरा के ले जाना, सामान बेच देना। आप लोग जानते हैं जो आजकल जादू-टोना भी चलता है, तो क्या ऐसे-से औरत हमारे समाज के लिए हमारे हिसाब से, तो ये ऐसे-से औरत को न तो माँ का दर्जा दिया जाता है, न तो बीवी का दर्जा दिया जाता है, न तो बेटी का दर्जा दिया जाता है। और हालांकि ये लड़की को एक बड़ी लड़की भी है, जो कि 23 साल का लड़की है, उसका नाम है अरुणा कुमारी उर्फ सोनम कुमारी। वो खुद भी कहती है, जो मेरा बाप मर गया, चाहे मैं कहीं भी उड़ान जाऊँ, कुछ भी करूँ, तुम लोग कौन हैं, तुमसे क्या रिश्ता है, कुछ तुम्हारा नहीं जानता हूँ। तो ऐसे-से औरत तो हमारे समाज के लिए बदचलन ही होता है ऐसे-से लड़की, जो अपने बाप को, अपने पैरेंट्स को कदर नहीं किया। तो ये औरत सब हम जो समाज के अंदर जो गलत ही संस्कार फैलाया जाता है।1
- बहेड़ी दक्षिणी मंडल में सेवा संकल्प अभियान को लेकर कार्यशाला का आयोजन 17 से 17. आगामी सेवा संकल्प अभियान को लेकर बहेड़ी दक्षिणी मंडल के खरारी ग्राम में मंडल अध्यक्ष राजीव सिंह के आवास पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राजीव सिंह ने की। बैठक में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में बताया गया कि अभियान के तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के प्रथम दिन 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हर घर एवं मंदिर में आशीर्वाद का दीप जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कार्यकर्ताओं से अभियान के सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया गया। कार्यशाला में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आर.के. चौधरी, जिला प्रवक्ता राजेश कुमार चौधरी, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पासवान, विधानसभा संयोजक हेमचंद सिंह समेत गुलजारीलाल साह, आशुतोष सिंह, अरुण भगत, मुकेश सिंह, वीरेंद्र चौधरी, प्रवीण सिंह, मिंटू सिंह, रामनाथ साह, अमरनाथ सिंह, अमर श्रीवास्तव, विनय कुमार चौधरी, चंदन सहनी, अरुण मंडल, सुनील सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- MLC चुनाव अपडेट: अशोक कुमार पांडेय ने दरभंगा स्नातक क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में MLC चुनाव लड़ने का ऐलान किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी चुनाव लड़ने की जानकारी। #AshokKumarPandey #अशोककुमारपांडेय #MLCचुनाव #दरभंगा #दरभंगास्नातकक्षेत्र #निर्दलीय #BiharNews #DarbhangaNews #MadhubaniNews #BreakingNews1
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- बड़ी कार्रवाई! 40 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू, आर्केस्ट्रा में डांस कराने का आरोप। मधुबनी पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा में नाबालिग लड़कियों से डांस कराने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी योगेंद्र कुमार के निर्देश पर सोमवार रात से मंगलवार तक जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर करीब 40 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया। आरोप है कि इन लड़कियों से ऑर्केस्ट्रा में डांस कराया जाता था और उनके रहने की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने करीब 15 ऑर्केस्ट्रा संचालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई का नेतृत्व एएसपी रश्मि कर रही हैं। यह कार्रवाई अश्लील डांस के वायरल वीडियो के बाद की गई है।1
- MLC चुनाव अपडेट अशोक कुमार पांडेय निर्दलीय लड़ेंगे MLC चुनाव! दरभंगा स्नातक क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का किया ऐलान। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अशोक कुमार पांडेय ने दी चुनाव लड़ने की जानकारी।1
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