बिहारशरीफ में स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में बढ़ती नाराजगी देखी जा रही है। शहर के प्रमुख श्रम कल्याण मैदान में इन दिनों "लंदन सिटी मेला" लगने के कारण हजारों खिलाड़ियों और मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यह मैदान शहर के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान है, जो अब अनुपयोगी हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर में सुभाष पार्क, अनुग्रह नारायण पार्क और अंबेर चिल्ड्रन पार्क के अलावा कोई अन्य बड़ा सार्वजनिक पार्क मौजूद नहीं है। इसके बावजूद, नगर निगम और जनप्रतिनिधि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में एक भी नया पार्क बनाने में विफल रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, स्मार्ट सिटी परियोजना आम लोगों को अपेक्षित सुविधाएं देने में असफल साबित हुई है। जनता अब सीधा सवाल पूछ रही है कि आखिर स्मार्ट सिटी का लाभ किसे मिल रहा है और इस परियोजना का वास्तविक उद्देश्य क्या है।
बिहारशरीफ में स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में बढ़ती नाराजगी देखी जा रही है। शहर के प्रमुख श्रम कल्याण मैदान में इन दिनों "लंदन सिटी मेला" लगने के कारण हजारों खिलाड़ियों और मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यह मैदान शहर के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान है, जो अब अनुपयोगी हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर में सुभाष पार्क, अनुग्रह नारायण पार्क और अंबेर चिल्ड्रन पार्क के अलावा कोई अन्य बड़ा सार्वजनिक पार्क मौजूद नहीं है। इसके बावजूद, नगर निगम और जनप्रतिनिधि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में एक भी नया पार्क बनाने में विफल रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, स्मार्ट सिटी परियोजना आम लोगों को अपेक्षित सुविधाएं देने में असफल साबित हुई है। जनता अब सीधा सवाल पूछ रही है कि आखिर स्मार्ट सिटी का लाभ किसे मिल रहा है और इस परियोजना का वास्तविक उद्देश्य क्या है।
- बिहारशरीफ में स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में बढ़ती नाराजगी देखी जा रही है। शहर के प्रमुख श्रम कल्याण मैदान में इन दिनों "लंदन सिटी मेला" लगने के कारण हजारों खिलाड़ियों और मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यह मैदान शहर के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान है, जो अब अनुपयोगी हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर में सुभाष पार्क, अनुग्रह नारायण पार्क और अंबेर चिल्ड्रन पार्क के अलावा कोई अन्य बड़ा सार्वजनिक पार्क मौजूद नहीं है। इसके बावजूद, नगर निगम और जनप्रतिनिधि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में एक भी नया पार्क बनाने में विफल रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, स्मार्ट सिटी परियोजना आम लोगों को अपेक्षित सुविधाएं देने में असफल साबित हुई है। जनता अब सीधा सवाल पूछ रही है कि आखिर स्मार्ट सिटी का लाभ किसे मिल रहा है और इस परियोजना का वास्तविक उद्देश्य क्या है।1
- रोहतास में IAS दीपक कुमार मिश्रा ने नए जिलाधिकारी (DM) का पदभार संभाल लिया है। निवर्तमान जिलाधिकारी उदिता सिंह ने नए DM दीपक कुमार मिश्रा का स्वागत किया।1
- आज 'बेटा जी' को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। यह बधाई एक भावनात्मक संदेश के रूप में व्यक्त की गई है, जिसमें सुखद और मंगलमय जीवन की कामना की गई है।1
- बिहार में 'डबल इंजन सरकार' पर उसकी 'टांके वाली सड़क' को लेकर कटाक्ष किया गया है। यह टिप्पणी राज्य में सड़क की कथित खराब गुणवत्ता या अस्थाई मरम्मत को इंगित करती है।1
- बिहार में 'डबल इंजन सरकार' पर कटाक्ष करते हुए, एक सड़क को 'टांके वाली सड़क' कहा गया है।1
- बिहार के एक व्यक्ति, जिन्हें 'बिहार के विराट' के नाम से जाना जाता है, ने अपनी कॉमेडी से लोगों का दिल जीत लिया है और इस क्षेत्र में एक 'किंग' बन गए हैं। उनकी शक्ल और व्यक्तित्व प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली से हूबहू मिलती-जुलती है। इंस्टाग्राम पर 'बिहार के विराट' का जबरदस्त 'जलवा' कायम है, जहाँ उनके वीडियो को लाखों में व्यूज मिल रहे हैं। उनकी इंस्टाग्राम आईडी @biharkavirat है।1
- इस पोस्ट में 'यमदूत मूवी' का जिक्र किया गया है।1
- मंच से संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर तीखा प्रहार किया है। अपने बयान में, सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रीय जनता दल की जितनी 'औकात' बची है, उतने ही अतिपिछड़ा वर्ग के विधायक हैं।1