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मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मांझी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 29 मई 2026 को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मांग की है कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति में शामिल धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची क्रमांक 12 से हटाया जाए। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपनी मांग के समर्थन में कई पुराने दस्तावेजों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहां 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है। समाज के जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विंध्यप्रदेश के अंतर्गत आने वाले जिलों जैसे रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई जाती। इन क्षेत्रों में धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे। कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार कर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया है।

17 hrs ago
user_सतेन्द्र अहिरवार
सतेन्द्र अहिरवार
Local News Reporter बडोनी, दतिया, मध्य प्रदेश•
17 hrs ago

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मांझी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 29 मई 2026 को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मांग की है कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति में शामिल धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची क्रमांक 12 से हटाया जाए। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपनी मांग के समर्थन में कई पुराने दस्तावेजों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहां 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है। समाज के जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विंध्यप्रदेश के अंतर्गत आने वाले जिलों जैसे रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई जाती। इन क्षेत्रों में धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे। कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार कर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया है।

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  • मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मांझी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 29 मई 2026 को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मांग की है कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति में शामिल धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची क्रमांक 12 से हटाया जाए। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपनी मांग के समर्थन में कई पुराने दस्तावेजों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहां 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है। समाज के जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विंध्यप्रदेश के अंतर्गत आने वाले जिलों जैसे रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई जाती। इन क्षेत्रों में धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे। कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार कर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया है।
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    मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मांझी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 29 मई 2026 को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मांग की है कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति में शामिल धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची क्रमांक 12 से हटाया जाए।

मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपनी मांग के समर्थन में कई पुराने दस्तावेजों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहां 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।

समाज के जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विंध्यप्रदेश के अंतर्गत आने वाले जिलों जैसे रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई जाती। इन क्षेत्रों में धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे। कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार कर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया है।
    user_सतेन्द्र अहिरवार
    सतेन्द्र अहिरवार
    Local News Reporter बडोनी, दतिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • ग्राम मोहन बड़ोदिया के मोहना में गुरुवार को श्री हनुमान झंडा मंडल एवं समस्त ग्रामवासियों के तत्वावधान में एक विशाल एवं भव्य झंडा सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में संपन्न हुआ, जहाँ सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। इस धार्मिक सम्मेलन में आसपास के कई गाँवों से झंडा एवं भजन मंडलियाँ पहुँचीं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। ग्रामीण भगवान कलमोदिया ने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन में कुल 105 झंडा एवं भजन मंडलियों ने भाग लिया। इन सभी मंडलियों ने मंच पर एक से बढ़कर एक आकर्षक भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। ढोल, मंजीरे, झांझ और विभिन्न वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ प्रस्तुत किए गए इन भजनों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा। कार्यक्रम में ग्राम मांगलिया की झंडा मंडली ने शानदार प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, और आयोजन समिति ने उन्हें श्री राधा रानी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इसके अलावा, ग्राम ईचवाड़ा की भजन मंडली ने भी विशेष प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं की खूब वाहवाही बटोरी। सम्मेलन के दौरान पूरी रात भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा, जहाँ श्रद्धालु भगवान हनुमान एवं राधा-कृष्ण के भजनों पर झूमते नजर आए। आयोजन स्थल को आकर्षक रोशनी एवं सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिससे मंदिर परिसर की भव्यता देखते ही बन रही थी। क्षेत्रभर से हजारों श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की भी व्यवस्था की गई थी, जिसे लोगों ने देर रात तक ग्रहण किया। ग्रामीणों एवं युवाओं ने इस आयोजन को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। आयोजन समिति ने सभी भजन मंडलियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे एवं धार्मिक आस्था को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
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    ग्राम मोहन बड़ोदिया के मोहना में गुरुवार को श्री हनुमान झंडा मंडल एवं समस्त ग्रामवासियों के तत्वावधान में एक विशाल एवं भव्य झंडा सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में संपन्न हुआ, जहाँ सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। इस धार्मिक सम्मेलन में आसपास के कई गाँवों से झंडा एवं भजन मंडलियाँ पहुँचीं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।

ग्रामीण भगवान कलमोदिया ने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन में कुल 105 झंडा एवं भजन मंडलियों ने भाग लिया। इन सभी मंडलियों ने मंच पर एक से बढ़कर एक आकर्षक भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। ढोल, मंजीरे, झांझ और विभिन्न वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ प्रस्तुत किए गए इन भजनों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा। कार्यक्रम में ग्राम मांगलिया की झंडा मंडली ने शानदार प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, और आयोजन समिति ने उन्हें श्री राधा रानी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इसके अलावा, ग्राम ईचवाड़ा की भजन मंडली ने भी विशेष प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं की खूब वाहवाही बटोरी।

सम्मेलन के दौरान पूरी रात भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा, जहाँ श्रद्धालु भगवान हनुमान एवं राधा-कृष्ण के भजनों पर झूमते नजर आए। आयोजन स्थल को आकर्षक रोशनी एवं सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिससे मंदिर परिसर की भव्यता देखते ही बन रही थी। क्षेत्रभर से हजारों श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की भी व्यवस्था की गई थी, जिसे लोगों ने देर रात तक ग्रहण किया। ग्रामीणों एवं युवाओं ने इस आयोजन को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।

आयोजन समिति ने सभी भजन मंडलियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे एवं धार्मिक आस्था को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
    user_Rajesh jamliya
    Rajesh jamliya
    Local News Reporter मोमन बड़ोदिया, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • शाजापुर जिले के शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से परेशान ग्रामीणों ने खुद सतर्कता बरतते हुए एक चोर को सिंचाई की मोटर की केबल चुराते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस की चोरों को पकड़ने में नाकामी और निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वे मंडी थाना पुलिस से कई बार चोरी की शिकायतें कर चुके थे, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण उनके हाथ खाली थे और कोई कार्रवाई नहीं हुई। भीलखेड़ी गांव में हुई इस वारदात से पहले भी ग्रामीणों ने 20 से अधिक चोरी की शिकायतें दर्ज करवाई थीं। लगातार हो रही चोरियों से तंग आकर ग्रामीणों ने स्वयं निगरानी शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह सफलता मिली। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी भीलखेड़ी से सिंचाई की मोटर की केबल चुरा रहा था, तभी उसे दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी भागने की फिराक में था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे फिर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा चोर को पकड़े जाने के बाद मंडी थाना प्रभारी शिवकुमार यादव की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी को अपराध रोकने और आमजन को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को रोकने में उनकी कार्यशैली पर संदेह पैदा हो गया है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस कार्रवाई के बाद पुलिस की कार्यशैली में कोई सुधार आता है या नहीं, क्योंकि चोरी की बढ़ती वारदातों से ग्रामीण अब भी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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    शाजापुर जिले के शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से परेशान ग्रामीणों ने खुद सतर्कता बरतते हुए एक चोर को सिंचाई की मोटर की केबल चुराते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस की चोरों को पकड़ने में नाकामी और निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि वे मंडी थाना पुलिस से कई बार चोरी की शिकायतें कर चुके थे, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण उनके हाथ खाली थे और कोई कार्रवाई नहीं हुई। भीलखेड़ी गांव में हुई इस वारदात से पहले भी ग्रामीणों ने 20 से अधिक चोरी की शिकायतें दर्ज करवाई थीं। लगातार हो रही चोरियों से तंग आकर ग्रामीणों ने स्वयं निगरानी शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह सफलता मिली। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी भीलखेड़ी से सिंचाई की मोटर की केबल चुरा रहा था, तभी उसे दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी भागने की फिराक में था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे फिर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा चोर को पकड़े जाने के बाद मंडी थाना प्रभारी शिवकुमार यादव की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी को अपराध रोकने और आमजन को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को रोकने में उनकी कार्यशैली पर संदेह पैदा हो गया है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस कार्रवाई के बाद पुलिस की कार्यशैली में कोई सुधार आता है या नहीं, क्योंकि चोरी की बढ़ती वारदातों से ग्रामीण अब भी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    user_Rajguru News
    Rajguru News
    Social Media Manager शाजापुर, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • शाजापुर में आज शुक्रवार दोपहर 3 बजे कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में कृषि एवं संबंधित विभागों की एक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। यह बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त की आगामी एपीसी बैठक के संबंध में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान कलेक्टर सुश्री बाफना ने विभागों द्वारा रबी वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों और उनकी उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को आगामी खरीफ वर्ष 2026 की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें खरीफ फसलों की बुवाई के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया।
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    शाजापुर में आज शुक्रवार दोपहर 3 बजे कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में कृषि एवं संबंधित विभागों की एक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। यह बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त की आगामी एपीसी बैठक के संबंध में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान कलेक्टर सुश्री बाफना ने विभागों द्वारा रबी वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों और उनकी उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को आगामी खरीफ वर्ष 2026 की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें खरीफ फसलों की बुवाई के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया।
    user_Govind kumbhkar
    Govind kumbhkar
    पत्रकार शाजापुर, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सुसनेर के मोडी गाँव में प्रशासन मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एकजुट हुआ। इस दौरान, एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ग्रामीणों को पोक्सो कानून के महत्वपूर्ण पहलुओं और प्रावधानों से अवगत कराया, जिससे उन्हें बच्चों के संरक्षण से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी मिल सके।
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    सुसनेर के मोडी गाँव में प्रशासन मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एकजुट हुआ। इस दौरान, एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ग्रामीणों को पोक्सो कानून के महत्वपूर्ण पहलुओं और प्रावधानों से अवगत कराया, जिससे उन्हें बच्चों के संरक्षण से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी मिल सके।
    user_राकेश बिकुन्दीया
    राकेश बिकुन्दीया
    पत्रकार सुसनेर, 10 वर्षो का अनुभव सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    27 min ago
  • पूज्य संत श्री आसाराम जी महाराज के आश्रम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी मिली है कि यह आयोजन उनके आश्रम परिसर में होगा।
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    पूज्य संत श्री आसाराम जी महाराज के आश्रम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी मिली है कि यह आयोजन उनके आश्रम परिसर में होगा।
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Teacher सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Devbijore
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    Post by Devbijore
    user_Devbijore
    Devbijore
    आगर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • डग-सुसनेर रोड पर एक खौफनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक ट्रेलर ने बाइक सवार को रौंद दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद ट्रेलर का चालक मौके से फरार हो गया। इस हादसे के चलते पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
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    डग-सुसनेर रोड पर एक खौफनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक ट्रेलर ने बाइक सवार को रौंद दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद ट्रेलर का चालक मौके से फरार हो गया। इस हादसे के चलते पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
    user_राकेश बिकुन्दीया
    राकेश बिकुन्दीया
    पत्रकार सुसनेर, 10 वर्षो का अनुभव सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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