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झांसी पुलिस लाइन में पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पुलिस परिवार के बच्चों को आत्मरक्षा हेतु जूडो कराटे का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह प्रशिक्षण बच्चों को अपनी सुरक्षा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
Amir Sohail
झांसी पुलिस लाइन में पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पुलिस परिवार के बच्चों को आत्मरक्षा हेतु जूडो कराटे का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह प्रशिक्षण बच्चों को अपनी सुरक्षा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के झांसी आगमन के कारण झांसी प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।1
- झांसी के बबीना थाना परिसर में सीओ सदर प्रिया सिंह की मुख्य अतिथि में आगामी मोहर्रम त्यौहार के मद्देनजर एक शांति समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सीओ सदर प्रिया सिंह ने शासन की गाइडलाइन के अनुसार ताजियों के साइज और अन्य दिशा-निर्देश दिए, जिसका उद्देश्य आपसी सौहार्द बनाए रखना था। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार साहू, अतिरिक्त निरीक्षक फूल सिंह कसवा, इंचार्ज एसआई पंकज कुमार, एसआई नकुल सिंह, एसआई अतुल पांडे, एसआई महेंद्र सिंह, एसआई श्याम सिंह और दीवान माजिद खान सहित कई संभ्रांत नागरिक और अधिकारी मौजूद रहे।3
- झांसी पुलिस लाइन में पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पुलिस परिवार के बच्चों को आत्मरक्षा हेतु जूडो कराटे का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह प्रशिक्षण बच्चों को अपनी सुरक्षा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।1
- झांसी में बुंदेलखंड तालाब संरक्षण समिति के तत्वावधान में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर योद्धा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर लक्ष्मी तालाब पर दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सुनील तिवारी ने किया, और इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने न केवल देश की आजादी के लिए क्रांति की लौ जलाई और अपने प्राणों का बलिदान दिया, बल्कि अपने शासनकाल में कौमी एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की एक मिसाल भी पेश की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुनील तिवारी ने बताया कि प्रशासन की उदासीनता और विभिन्न बाधाओं के बावजूद, कल बलिदान दिवस पर लक्ष्मी तालाब में स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार मोहन नेपाली, रिपुसुदन नामदेव, पं. अशोक तिवारी गुरु, अमीर चंद आर्य, शैलेन्द्र कुमार शीलू, राम कुमार मकडारिया, हुकुम चंद रायकवार, कैलाश स्वर्णकार, मनोज तिवारी, कमल जैन, रशीद मंसूरी सहित कई लोगों ने वीरांगना के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीपदान कर उन्हें स्मरण किया।1
- झांसी में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर योद्धा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर लक्ष्मी तालाब पर दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम बुंदेलखंड तालाब संरक्षण समिति के तत्वावधान में डॉ. सुनील तिवारी के संयोजन और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने इस अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने न सिर्फ देश की आजादी के लिए क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित कर अपने प्राणों का बलिदान दिया, बल्कि अपने शासनकाल में कौमी एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की भी मिसाल पेश की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुनील तिवारी ने बताया कि प्रशासन की उदासीनता और कई बाधाओं के बावजूद, बलिदान दिवस पर लक्ष्मी तालाब स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मोहन नेपाली, रिपुसुदन नामदेव, पं. अशोक तिवारी गुरु, अमीर चंद आर्य, शैलेन्द्र कुमार शीलू, राम कुमार मकड़ारिया, हुकुम चंद रायकवार, कैलाश स्वर्णकार, मनोज तिवारी, कमल जैन, रशीद मंसूरी सहित कई अन्य लोगों ने वीरांगना के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीपदान करके उन्हें याद किया।2
- दतिया शहर में विशाल कुशवाहा हत्याकांड के चार आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन गिरफ्तार आरोपियों का शहर में एक जुलूस भी निकाला गया।1
- मध्य प्रदेश के दतिया शहर में विशाल कुशवाहा हत्याकांड के आरोपियों का एक जुलूस निकाला गया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें जेल भेज दिया है।1
- इंदौर में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ 55 वर्षीय कंप्यूटर डिजाइनर राजुल शर्मा का निधन हो गया। बेटे का शव देखते ही उनकी माँ सदमे में बेहोश हो गईं और कुछ ही देर बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। परिणामस्वरूप, माँ और बेटे की अर्थी एक साथ निकली, जिसने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। यह घटना माँ-बेटे के बीच के अटूट प्रेम और दुःख की गहराई को दर्शाती है।1