3 से 4 घंटे ही मिल रही बिजली, सूखने लगीं धान और तिल की फसलें ककहरा और बिनौरा के किसानों का आरोप—जेई बना रहे ओवरलोड का बहाना, कलेक्ट्रेट पहुंच डीएम से लगाई गुहार उरई। भीषण गर्मी और फसलों को पानी की सख्त जरूरत के बीच जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है। जालौन जिले के ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांव में पिछले एक सप्ताह से निजी नलकूपों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि 24 घंटे में महज 3 से 4 घंटे ही सप्लाई दी जा रही है, जिससे किसानों की खड़ी फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। सोमवार को आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अनवरत बिजली आपूर्ति की मांग की। जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में किसानों ने बिजली विभाग के क्षेत्रीय जूनियर इंजीनियर (J.E.) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे आपूर्ति में सुधार के लिए जेई से शिकायत करते हैं, तो वे ओवरलोड का बहाना बनाकर ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांव की ही बिजली कटवा देते हैं। किसान रामपाल सिंह और कृष्ण पाल सिंह ने बताया कि कृषि फीडर औता (नंबर-2) से औता, हजरतपुर, जगतपुरा-बुजुर्ग और सिहारी दाऊदपुर गांव भी जुड़े हुए हैं। आरोप है कि इन गांवों के 10 से 15 किसानों को नियम विरुद्ध ग्रामीण फीडर से जोड़कर लगातार बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जबकि ककहरा और बिनौरा के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। बिजली की बेतरतीब कटौती से किसान बेहद परेशान हैं। इस समय खेतों में धान, उर्द, तिल, मूंग और ज्वार की फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। नलकूप न चलने के कारण सिंचाई का काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में पानी नहीं मिला, तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी, जिससे भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांवों के नलकूपों को रोजाना कम से कम 10 से 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाए। साथ ही औता कृषि फीडर के जिन उपभोक्ताओं को ग्रामीण फीडर से चलाया जा रहा है, उन्हें तुरंत अलग करके वापस कृषि फीडर से जोड़ा जाए ताकि लोड संतुलित रहे और सभी को समान रूप से बिजली मिल सके।ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से कृष्ण पाल सिंह, रामपाल सिंह, आशीष, संजय कुमार, अजीत सिंह, ब्रजकिशोर, रामकुमार, सुनील कुमार, कुलदीप, भारत, अभय प्रताप, अमन तिवारी, जितेन्द्र सिंह, ललिता प्रसाद, प्रवीन कुमार, शिवबहादुर, शूरनारायण, सोहनलाल, जयेन्द्र सिंह व अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
3 से 4 घंटे ही मिल रही बिजली, सूखने लगीं धान और तिल की फसलें ककहरा और बिनौरा के किसानों का आरोप—जेई बना रहे ओवरलोड का बहाना, कलेक्ट्रेट पहुंच डीएम से लगाई गुहार उरई। भीषण गर्मी और फसलों को पानी की सख्त जरूरत के बीच जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है। जालौन जिले के ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांव में पिछले एक सप्ताह से निजी नलकूपों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि 24 घंटे में महज 3 से 4 घंटे ही सप्लाई दी जा रही है, जिससे किसानों की खड़ी फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। सोमवार को आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अनवरत बिजली आपूर्ति की मांग की। जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में किसानों ने बिजली विभाग के क्षेत्रीय जूनियर इंजीनियर (J.E.) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे आपूर्ति में सुधार के लिए जेई से शिकायत करते हैं, तो वे ओवरलोड का बहाना बनाकर ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांव की ही बिजली कटवा देते हैं। किसान रामपाल सिंह और कृष्ण पाल सिंह ने बताया कि कृषि फीडर औता (नंबर-2) से औता, हजरतपुर, जगतपुरा-बुजुर्ग और सिहारी दाऊदपुर गांव भी जुड़े हुए हैं। आरोप है कि इन गांवों के 10 से 15 किसानों को नियम विरुद्ध ग्रामीण फीडर से जोड़कर लगातार बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जबकि ककहरा और बिनौरा के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। बिजली की बेतरतीब कटौती से किसान बेहद परेशान हैं। इस समय खेतों में धान, उर्द, तिल, मूंग और ज्वार की फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। नलकूप न चलने के कारण सिंचाई का काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में पानी नहीं मिला, तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी, जिससे भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि ककहरा और बिनौरा-वैद्य गांवों के नलकूपों को रोजाना कम से कम 10 से 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाए। साथ ही औता कृषि फीडर के जिन उपभोक्ताओं को ग्रामीण फीडर से चलाया जा रहा है, उन्हें तुरंत अलग करके वापस कृषि फीडर से जोड़ा जाए ताकि लोड संतुलित रहे और सभी को समान रूप से बिजली मिल सके।ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से कृष्ण पाल सिंह, रामपाल सिंह, आशीष, संजय कुमार, अजीत सिंह, ब्रजकिशोर, रामकुमार, सुनील कुमार, कुलदीप, भारत, अभय प्रताप, अमन तिवारी, जितेन्द्र सिंह, ललिता प्रसाद, प्रवीन कुमार, शिवबहादुर, शूरनारायण, सोहनलाल, जयेन्द्र सिंह व अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
- Jalaun Konch Police ने 9 साल की लापता बच्ची को एट से सकुशल बरामद किया!! Good News. 9 वर्षीय बच्ची सकुशल बरामद, कोंच पुलिस ने एट से खोज निकाला जालौन/कोंच। कोंच पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लापता 9 वर्षीय बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्ची को एट क्षेत्र से सुरक्षित खोज निकालकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही कोंच पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस टीम ने तत्काल खोजबीन शुरू की और विभिन्न स्थानों पर तलाश अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के बाद बच्ची को एट क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्ची के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और कोंच पुलिस की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की। पुलिस द्वारा बच्ची को सकुशल परिजनों के हवाले कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। बाइट :- IPS डॉ. ईशान सोनी ASP जालौन1
- हर घर तिरंगा अभियान को लेकर अपील, 14 और 15 अगस्त को घर-घर फहराएं तिरंगा लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ को लेकर लोगों से उत्साहपूर्वक सहभागिता की अपील की गई है। आगामी 14 और 15 अगस्त को नागरिकों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं कार्यस्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने का आह्वान किया गया है। अभियान का उद्देश्य देशभक्ति की भावना को और मजबूत करना तथा नागरिकों को अपनी मातृभूमि के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रेरित करना है। लोगों से अपील की गई है कि वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा एवं सम्मान प्रकट करें। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को और सशक्त बनाने का संदेश दिया गया है। नागरिकों से अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर स्वतंत्रता दिवस को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के उत्सव के रूप में मनाने की अपील की गई है।1
- कोंच में मिलेट्स खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक प्रशिक्षण, किसानों को दी आधुनिक तकनीकों की जानकारी जालौन के कोंच में सोमवार को उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम योजना के अंतर्गत विकास खंड परिसर में कृषक प्रशिक्षण एवं कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती के प्रति जागरूक करना और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण सत्र में विषय वस्तु विशेषज्ञ केसवेंद्र और संजीव कुमार ने किसानों को ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो और सांवा जैसी पोषक एवं कम लागत वाली फसलों की खेती के लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिलेट्स की फसलें कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं और बदलते मौसम की परिस्थितियों में अन्य फसलों की तुलना में अधिक टिकाऊ साबित होती हैं। साथ ही बाजार में इनकी बढ़ती मांग किसानों के लिए बेहतर आय का अवसर प्रदान कर रही है। विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत बीजों के चयन, समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोगों से बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी भी दी। इसके अलावा सरकार द्वारा मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कृषि विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मिलेट्स की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्रफल में मोटे अनाज की खेती अपनाने का आह्वान किया, ताकि कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके। कार्यक्रम में कृषि बीज गोदाम प्रभारी प्रफुल्ल सिंह, राम जीवन मिश्रा सहित कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।1
- जालौन में विधुत विभाग द्वारा जारी किए गए फ़रमान के विरोध में प्रदर्शन और ज्ञापन आज उरई में पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के आवाहन पर जिले के पूर्व सैनिकों ने विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश जताया तथा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन आज जिलाधिकारी महोदय को सोपा। पूर्व सैनिकों का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक कैप्टन अखिलेश नगायच ने बताया कि जिले में डेढ़ सौ से अधिक पूर्व सैनिक दक्षिणांचल विद्युत वितरण विभाग में उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के द्वारा अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विद्युत विभाग ने बिना कोई लिखित आदेश के 55 वर्ष उम्र पार कर चुके सैनिकों को सेवा से निकाल दिया है जबकि भारत सरकार के सैनिक पुनर्वास निदेशालय की गाइडलाइंस के अनुसार इस तरह से सेवा दे रहे पूर्व सैनिकों की आयु सीमा 65 वर्ष तक है जिसकी पुष्टि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अपने पत्र में की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक इस तरह का नियम किसी विभाग के लिए नहीं बनाया है फिर भी अगर यह आदेश विद्युत विभाग ने निकाला है तो यह विद्युत विभाग के सभी कर्मचारियों पर लागू होना चाहिए । पूर्व सैनिको पर किए जा रहे भेदभाव पर सभी ने एक आवाज में विरोध जताया। इस मौके पर कैप्टन अखिलेश नगायच के साथ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूबेदार उदय पाल सिंह, संगठन सचिव एवं प्रवक्ता नायब सूबेदार दिनेश कुमार निगम, हवलदार राम अवतार सिंह सेगर, हवलदार सुनील कुमार प्रजापति सहित तकरीबन 200 पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।1
- समय से पहले 55 वर्ष की आयु में सेवा से हटाने पर पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन 55 वर्ष की आयु में सेवा से हटाने पर पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन - मुख्यमंत्री के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन, विद्युत विभाग पर भेदभाव का लगाया आरोप उरई। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के माध्यम से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में कार्यरत पूर्व सैनिकों को 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवा से हटाए जाने के विरोध में सोमवार को पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले पूर्व सैनिकों ने प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक कैप्टन अखिलेश नगायच ने कहा कि जिले में 150 से अधिक पूर्व सैनिक विद्युत विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना किसी लिखित आदेश के 55 वर्ष से अधिक आयु वाले पूर्व सैनिकों को कार्य से अलग किया जा रहा है, जबकि भारत सरकार के सैनिक पुनर्वास निदेशालय की गाइडलाइन के अनुसार उनकी सेवा आयु 65 वर्ष तक निर्धारित है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में कोई नया नियम लागू किया गया है तो वह सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। पूर्व सैनिकों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूबेदार उदय पाल सिंह, संगठन सचिव एवं प्रवक्ता नायब सूबेदार दिनेश कुमार निगम, हवलदार रामअवतार सिंह सेगर, हवलदार सुनील कुमार प्रजापति सहित करीब 200 पूर्व सैनिक शामिल रहे।2
- कोंच,सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, 'बोल बम' के जयकारों से गूंजा कोंच जालौन के कोंच में श्रावण मास के प्रथम सोमवार को शिवभक्ति का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। सोमवार सुबह से ही नगर और आसपास के क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह करीब 8 बजे तक मंदिर परिसर "बोल बम", "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों से गूंज उठे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प, धतूरा, आक, भांग, फल और नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। भोर होते ही शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। चंदकुआं स्थित प्राचीन भूतेश्वर मंदिर में महिलाओं की विशेष भीड़ देखने को मिली, जहां सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार चलता रहा। वहीं नगर के बाहरी क्षेत्र स्थित झलेश्वर और पठेश्वर महादेव मंदिरों में भी बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे और विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। दीर्घायु के प्रतीक भगवान मारकंडेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना में लीन नजर आए। भक्तों ने बेलपत्र, पुष्प, आक और धतूरा अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अलावा नई बस्ती स्थित सिद्धेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, नायक का मठ, गुप्तेश्वर, बक्सेश्वर, पीपलेश्वर और यादवेश्वर महादेव मंदिरों में भी दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इन मंदिरों में महिलाओं की संख्या विशेष रूप से अधिक रही। श्रावण के प्रथम सोमवार के अवसर पर कई शिवालयों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन भी किया गया। मंदिरों में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष से सुख, शांति, समृद्धि और निरोगी जीवन की प्रार्थना की। पूरे नगर में शिवभक्ति का उत्साह देखने को मिला और हर ओर धार्मिक आस्था का माहौल बना रहा। सावन के पहले सोमवार ने कोंच को पूरी तरह शिवमय बना दिया।1
- बेटे की शादी के लिए रखे जेवर व ढाई लाख की नकदी चोरी - रामगंज में घर के सभी लोग सोते रहे, चोर अलमारी-बक्से खंगालकर ले गए लाखों का माल कालपी। नगर के मोहल्ला रामगंज में रविवार रात चोरों ने एक मकान में धावा बोलकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। मोहल्ला निवासी सरमान सिंह ने बताया कि रात करीब 11:15 बजे तक परिवार के लोग जाग रहे थे। देर रात पत्नी की नींद खुली तो घर के दरवाजे खुले मिले। इसके बाद कमरों की जांच करने पर चोरी का पता चला। आशंका है कि चोर बाउंड्री फांदकर घर में दाखिल हुए और चाबियों से अलमारी व बक्से खोलकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित के अनुसार चोर करीब ढाई लाख रुपये की नकदी, बेटे की शादी के लिए बनवाए गए 10 से 12 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात, एक मोबाइल फोन और घर में रखी रेजगारी तक ले गए। घर में केवल 300 रुपये ही बचे। सूचना पर कोतवाल अजय ब्रह्म तिवारी और क्षेत्राधिकारी राजेश कमल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। समाचार लिखे जाने तक पीड़ित की ओर से लिखित तहरीर नहीं दी गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1