सुलतानपुर के लम्भुआ में मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी और बिजली संकट के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष सत्यपाल यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मेला वाली बाग में इकट्ठा हुए और सरकार विरोधी धरना दिया। धरना स्थल पर पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने प्रदेश सरकार पर कड़ा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, पेपर लीक की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, और बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। धरने के बाद, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेला वाली बाग से तहसील मुख्यालय तक एक मार्च निकाला। इस दौरान, कार्यकर्ता हाथों में झंडे लिए हुए थे और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जोर-शोर से उठा रहे थे। तहसील पहुँचकर, पार्टी के नेताओं ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें महंगाई पर नियंत्रण, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, बिजली संकट का समाधान करने और जनहित के अन्य मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे जनता की वास्तविक आवाज मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य इसे आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी की राजनीतिक सक्रियता के रूप में देख रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष के इन आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
सुलतानपुर के लम्भुआ में मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी और बिजली संकट के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष सत्यपाल यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मेला वाली बाग में इकट्ठा हुए और सरकार विरोधी धरना दिया। धरना स्थल पर पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने प्रदेश सरकार पर कड़ा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, पेपर लीक की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, और बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। धरने के बाद, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेला वाली बाग से तहसील मुख्यालय तक एक मार्च निकाला। इस दौरान, कार्यकर्ता हाथों में झंडे लिए हुए थे और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जोर-शोर से उठा रहे थे। तहसील पहुँचकर, पार्टी के नेताओं ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें महंगाई पर नियंत्रण, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, बिजली संकट का समाधान करने और जनहित के अन्य मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे जनता की वास्तविक आवाज मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य इसे आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी की राजनीतिक सक्रियता के रूप में देख रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष के इन आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
- आज 'DAT NEWS' की टीम ने जमीनी हकीकत जानने के लिए ग्रामीण क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ संवाददाता ने एक स्थानीय केंद्र पर मौजूद किसानों और जिम्मेदार नागरिकों से सीधी बातचीत की। इस बातचीत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना और किसान रजिस्ट्री को लेकर चर्चा हुई। किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही यह किसान सम्मान निधि योजना कागजों पर तो बहुत अच्छी लगती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि कई किसानों को अभी भी पंजीकरण (रजिस्ट्री) कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी खामियों और पर्याप्त जानकारी के अभाव के कारण, कुछ पात्र किसान अभी भी इस योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं। किसानों ने इस बात पर जोर दिया कि यदि प्रशासन और स्थानीय अधिकारी अधिक मुस्तैदी से काम करें, तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ हर छोटे और सीमांत किसान तक समय पर पहुँचाया जा सकता है।1
- पट्टी कस्बे के ढकवा मोड़ के पास स्थित शिव मंदिर के पास एक युवक को छह नकाबपोश बदमाशों ने रोककर बेरहमी से पीटा। यह घटना तब हुई जब सुजानगंज, जौनपुर के बेनीपुर निवासी मनीष पटेल, पुत्र रमेश कुमार, अपनी मंगेतर को दवा दिलाकर उमरडीहा से वापस लौट रहे थे। दो बाइकों पर सवार छह व्यक्तियों ने, जिन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे, मनीष पटेल को रोका और गाली-गलौज करने लगे। मनीष द्वारा विरोध करने पर, बदमाशों ने उन्हें पकड़कर लात-घूंसों से जमकर पिटाई की। जब मनीष ने हल्ला मचाना शुरू किया और लोग इकट्ठा होने लगे, तो उनकी जान बच सकी। हमलावर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए घटनास्थल से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस जांच-पड़ताल में जुट गई है। एस.आई. अतर सिंह ने बताया है कि उन्हें प्रार्थना पत्र प्राप्त हो चुका है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रतापगढ़ में पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर के निर्देशन में जनपदीय सर्विलांस सेल की पुलिस टीम ने जिले में गुम हुए 170 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹33,15,000/- (तैंतीस लाख पंद्रह हजार रुपये) बताई गई है। सर्विलांस सेल की टीम ने इन गुमशुदा मोबाइल फोनों को उत्तर प्रदेश के भिन्न-भिन्न स्थानों से खोज निकाला और उनके असली स्वामियों को सुपुर्द कर दिया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री आलोक कुमार भाटी ने भी जानकारी साझा की।1
- सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत गोशैसिंहपुर बाजार में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार के अवसर पर धार्मिक उत्साह का माहौल देखा गया। बाजार स्थित प्रसिद्ध प्रतिष्ठान 'पंकज वस्त्रालय' के मालिक बसंतलाल अग्रहरि ने भव्य रूप से एक प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर, प्रतिष्ठान की ओर से स्थानीय राहगीरों, ग्राहकों और श्रद्धालुओं को बड़े ही सेवा भाव के साथ नुक्ति (बूंदी) और छोले का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही हनुमान जी के जयकारों के बीच प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को इस भंडारे से काफी राहत मिली। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रतिष्ठान के स्टाफ और स्थानीय युवाओं ने सराहनीय सहयोग दिया, जिसकी क्षेत्र के नागरिकों ने बसंतलाल अग्रहरि के इस धार्मिक और सामाजिक कार्य की जमकर प्रशंसा की।2
- सोशल मीडिया पर हाल ही में 84 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने न्याय प्रणाली और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। यह मामला एक ऐसे बुजुर्ग से जुड़ा है जिन्हें अदालत के आदेश पर 33 साल पुराने एक मामले में जेल भेजा गया है, जिसके बाद जनता के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी 84 वर्षीय बुजुर्ग को इतने पुराने मामले में जेल भेजना पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उनका स्पष्ट मत है कि अधिक उम्र होने मात्र से किसी व्यक्ति को सजा या न्यायिक हिरासत से स्वतः छूट नहीं मिलती, क्योंकि कानून की नजर में अपराध की गंभीरता और अदालत का आदेश सर्वोपरि होता है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी ढलती उम्र में बुजुर्ग अकेले जेल में रह पाएंगे। इस प्रश्न का उत्तर बुजुर्ग की स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक क्षमता और जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर निर्भर करता है। आमतौर पर, जेल प्रशासन वृद्ध और बीमार कैदियों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित करता है। यदि किसी बुजुर्ग कैदी की हालत गंभीर हो जाती है, तो उनके पास जमानत, सजा के स्थगन, या मानवीय आधार पर अन्य कानूनी राहत जैसी कानूनी रास्ते खुले रहते हैं। हालांकि, केवल एक सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि बुजुर्ग जेल में रह पाएंगे या नहीं; इसके लिए मामले के ठोस तथ्य, अदालत का मूल आदेश और बुजुर्ग की वास्तविक चिकित्सीय स्थिति जानना बेहद आवश्यक है।1
- प्रयागराज में आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह के एक कार्यक्रम को बाधित करने के लिए प्रशासन भारी संख्या में पुलिस बल और अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गया। एक ADM अधिकारी लगभग 50 पुलिस कर्मियों और अन्य अधिकारियों के साथ AAP कार्यकर्ताओं को धमकाने के इरादे से आए, और उन्होंने संजय सिंह से स्पष्ट रूप से कहा कि यह बैठक नहीं होगी और उन्हें वहां से चले जाना चाहिए। इसके जवाब में, संजय सिंह ने दृढ़ता से कहा कि यह कोई सामान्य सड़क या धरना प्रदर्शन स्थल नहीं है, बल्कि यह आप पार्टी का अपना प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल है। उन्होंने बताया कि यहां NEET जैसे महत्वपूर्ण पेपर लीक मामलों पर चर्चा चल रही है और प्रशासन को "कुछ तो शर्म करो" कहते हुए वहां से जाने को कहा। संजय सिंह की बात सुनते ही प्रशासन आम आदमी पार्टी के दफ्तर से उल्टे पांव वापस लौट गया।1
- बुलंदशहर से एक हैरान कर देने वाला और बेहद लापरवाह मामला सामने आया है, जहाँ एक ही मोटरसाइकिल पर सात लोग सवार होकर खतरनाक स्टंट करते हुए नजर आ रहे हैं। रफ्तार के इस रोमांच को सनक बताते हुए कहा गया है कि यह न केवल खुद के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी काल बन जाता है। इस जानलेवा स्टंटबाजी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस बाइक पर नाबालिग बच्चे भी बिना किसी सुरक्षा उपाय, जैसे हेलमेट, के सवार थे, जिससे उनकी जान भी जोखिम में पड़ गई। यह लापरवाही न केवल बाइक पर सवार लोगों के जीवन से खिलवाड़ है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य राहगीरों के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा कर रही है। यह पूरा मामला बुलंदशहर के अनूपशहर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब बाइक के नंबर और वीडियो के आधार पर स्टंट करने वालों की धरपकड़ में जुट गई है। समाचार में इस तरह की रीलबाजी और स्टंटबाजी के प्रति चेतावनी दी गई है, जिसमें बताया गया है कि यह भारी जुर्माने और जेल की हवा खिला सकती है, और लोगों से अपनी व दूसरों की जान को खतरे में न डालने की अपील की गई है।1