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थाना दिबियापुर क्षेत्र के गेल विहार में गेल में कार्यरत एक मैनेजर का शव उनके कमरे में मृत अवस्था में पाया गया है। इस घटना की जानकारी क्षेत्राधिकारी बिधूना द्वारा दी गई है।
Rohit Awsthi
थाना दिबियापुर क्षेत्र के गेल विहार में गेल में कार्यरत एक मैनेजर का शव उनके कमरे में मृत अवस्था में पाया गया है। इस घटना की जानकारी क्षेत्राधिकारी बिधूना द्वारा दी गई है।
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- थाना दिबियापुर क्षेत्र के गेल विहार में गेल में कार्यरत एक मैनेजर का शव उनके कमरे में मृत अवस्था में पाया गया है। इस घटना की जानकारी क्षेत्राधिकारी बिधूना द्वारा दी गई है।1
- महराजगंज के फरेंदा बाईपास स्थित स्कॉलर्स स्कूल के सामने संचालित वेदांश वाटर पार्क को लेकर स्थानीय अभिभावकों और नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। उन पर आरोप है कि वाटर पार्क में तेज आवाज में अश्लील एवं आपत्तिजनक भोजपुरी गीत बजाए जा रहे हैं और डांस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे स्कूल के आसपास का शैक्षणिक वातावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के ठीक सामने इस तरह के गानों का प्रसारण बच्चों के मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क में परिवार और छोटे बच्चे भी आते हैं, इसलिए वहां का माहौल पारिवारिक वातावरण के अनुरूप होना चाहिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज ध्वनि में डीजे बजाए जाने से ध्वनि प्रदूषण की समस्या भी पैदा हो रही है। उन्होंने संबंधित प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और ध्वनि प्रदूषण व सार्वजनिक शालीनता से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। इसी बीच, सूत्रों के हवाले से कुछ गंभीर आरोप भी सामने आए हैं, जिसमें कुछ स्थानीय लोगों ने वाटर पार्क परिसर के भीतर अन्य आपत्तिजनक गतिविधियां संचालित होने की आशंका जताई है। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी सक्षम प्रशासनिक या पुलिस जांच में पुष्टि नहीं हुई है, और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन या अवैध गतिविधि का खुलासा होता है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अभिभावकों ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग और प्रदूषण नियंत्रण तथा अन्य संबंधित विभागों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने, स्कूल के आसपास शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।3
- इटावा का बड़ा ठग और Ukava Electric Scooty एजेंसी का मालिक प्रवीण गुप्ता, जिसने ₹22 लाख की ठगी की थी, उसे सिविल लाइन्स पुलिस ने 1 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रवीण गुप्ता के खिलाफ इटावा, आगरा, आजमगढ़, मऊ और बंदायूं में लगभग आधा दर्जन धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल इटावा सेंट्रल जेल में बंद है। प्रवीण गुप्ता ने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट को भी गलत तथ्य पेश कर गुमराह किया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने उस पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था। जसवंतनगर निवासी विकास पाठक से भी प्रवीण गुप्ता ने ₹20 लाख 28 हजार 837 की ठगी की थी, जिसके खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज है। यह कार्रवाई विशेष रूप से पक्का बाग निवासी राकेश त्रिपाठी से ₹22 लाख की ठगी के मामले से जुड़ी है। राकेश त्रिपाठी की शिकायत पर 2022 में सीजेएम न्यायालय के आदेश पर प्रवीण गुप्ता के खिलाफ धारा 406 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। शुरुआत में, प्रवीण गुप्ता ने फर्जी बिल वाउचर पेश कर और पुलिस को गुमराह कर इस मामले में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगवा ली थी। हालांकि, वादी राकेश त्रिपाठी ने विरोध करते हुए न्यायालय में सभी सबूत पेश किए, जिसमें जाली हस्ताक्षरों वाले चुराए गए चेक भी शामिल थे। इसके बाद, सीजेएम कोर्ट ने मामले की फिर से विवेचना का आदेश दिया। थाना प्रभारी सिविल लाइन्स के.के. मिश्रा ने इस पूरे मामले की अगुवाई करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की। जांच के दौरान, प्रवीण गुप्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे में धारा 420, 467, 468, 471, 120(बी) और 34 की वृद्धि की गई। पुलिस अब प्रवीण गुप्ता के साथी ठगों की तलाश कर रही है, और उम्मीद है कि वे भी जल्द ही जेल जाएंगे। प्रवीण गुप्ता की ठगी का तरीका था कि वह पहले लोगों का विश्वास जीतता और संबंध बनाता, फिर Ukava Electric Scooty के अपने व्यवसाय में यह कहकर पैसे लगाने का लालच देता कि वे जल्द ही करोड़पति बन जाएंगे। एक बार जब शिकार उसके जाल में फंस जाता, तो प्रवीण गुप्ता उनके पैसे हड़प लेता और वापस नहीं करता। इटावा एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन और एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में सिविल लाइन्स पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले की तहसील सदर में अवैध कब्जेदारों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत ग्राम ककराही, दिबियापुर में लगभग 1.36 एकड़ सरकारी सार्वजनिक भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई 'जनता बालिका विद्यालय' नामक एक निजी संस्था द्वारा किए गए अवैध कब्जे के विरुद्ध की गई, जिसके संरक्षक चंद्रमणि वाजपेयी का नाम सामने आया है। यह मामला वर्ष 1987 का है, जब चकबंदी अधिकारी के एक आदेश के माध्यम से इस सार्वजनिक भूमि का नाम बदलकर निजी संस्था के नाम दर्ज कर दिया गया था। तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उस पुराने आदेश के विरुद्ध अपील दायर की। बंदोबस्त अधिकारी ने अपनी जांच में पाया कि सार्वजनिक हित की भूमि किसी निजी संस्था के नाम दर्ज नहीं की जा सकती। इसके परिणामस्वरूप, न्यायालय ने 1987 के उस आदेश को धोखाधड़ी और अधिकार क्षेत्र से बाहर मानते हुए निरस्त कर दिया। न्यायालय के इस आदेश के बाद, 6 जुलाई 2026 को तहसीलदार सदर ने बुलडोजर का इस्तेमाल कर अवैध कब्जा हटवाया। कब्जामुक्त की गई यह भूमि अब नगर पंचायत दिबियापुर को सौंप दी गई है। प्रशासन ने इस कार्रवाई को सरकारी भूमि के संरक्षण और अवैध कब्जों के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण और बड़ी पहल बताया है।3
- सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जानकारी प्रदान की गई।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में दिबियापुर थाना क्षेत्र के गेल विहार से एक अहम खबर सामने आई है। यहाँ गेल में कार्यरत एक मैनेजर का शव उनके अपने कमरे में मृत अवस्था में पाया गया है। इस घटना की जानकारी क्षेत्राधिकारी बिधूना पी. पुनीत मिश्रा ने दी है, जिन्होंने गेल में कार्यरत मैनेजर के कमरे में शव मिलने के संबंध में विस्तृत सूचना प्रदान की है।1
- औरैया के दिबियापुर में गेल बिहार कॉलोनी स्थित हॉस्टल के एक कमरे से सोमवार दोपहर गेल के एक सीनियर मैनेजर का शव बरामद हुआ। आशंका जताई जा रही है कि यह शव कई दिन पुराना है। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर निवासी 45 वर्षीय बाया पीवी रेड्डी रेनाटी, जो दिबियापुर स्थित गेल कंप्रेसर स्टेशन के इलेक्ट्रिकल विभाग में सीनियर मैनेजर के पद पर तैनात थे, का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। सोमवार दोपहर करीब एक बजे कमरे से दुर्गंध आने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद थाना प्रभारी सत्यप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव की स्थिति को देखते हुए, जिसमें वह फूल चुका था और उसकी त्वचा भी उखड़ने लगी थी, पुलिस यह आशंका जता रही है कि उनकी मौत करीब चार दिन पहले हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी सत्यप्रकाश ने बताया कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और उनके आने पर स्थिति में और अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।1
- दिबियापुर थाना क्षेत्र के गेल विहार में, गेल में कार्यरत एक मैनेजर का शव उनके कमरे में मृत अवस्था में पाया गया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी बिधूना द्वारा जानकारी दी गई है।1