राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ अलवर बाईपास क्षेत्र में न तो भारी बारिश हुई और न ही मौसम खराब था, फिर भी पूरा इलाका अचानक मलबे और पानी के सैलाब में डूब गया। यह स्थिति प्रकृति का प्रकोप नहीं, बल्कि राजस्थान आवासन मंडल और नगर परिषद की घोर लापरवाही का परिणाम बताई गई है। दरअसल, लंबे समय से खाली पड़ी ज़मीन पर जमा हुए पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि वहाँ बना मिट्टी का एक अस्थायी बांध टूट गया। बांध टूटने के बाद, तेज़ बहाव के साथ सारा पानी आवासीय कॉलोनियों में घुस गया और स्वयं राजस्थान आवासन मंडल के कार्यालय को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार्यालय के भीतर रखा कीमती फर्नीचर और ज़रूरी फाइलें पानी में डूब गईं, जबकि कुर्सियां तैरती हुई दिखाई दीं। इस घटना के बाद सक्रिय हुई नगर परिषद की टीम ने कोई स्थायी समाधान खोजने के बजाय, उस स्थान पर दोबारा मिट्टी डालकर एक कच्ची दीवार खड़ी कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल "प्रशासनिक लीपा-पोती" है और किसी ठोस हल की ओर इशारा नहीं करती।
राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ अलवर बाईपास क्षेत्र में न तो भारी बारिश हुई और न ही मौसम खराब था, फिर भी पूरा इलाका अचानक मलबे और पानी के सैलाब में डूब गया। यह स्थिति प्रकृति का प्रकोप नहीं, बल्कि राजस्थान आवासन मंडल और नगर परिषद की घोर लापरवाही का परिणाम बताई गई है। दरअसल, लंबे समय से खाली पड़ी ज़मीन पर जमा हुए पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि वहाँ बना मिट्टी का एक अस्थायी बांध टूट गया। बांध टूटने के बाद, तेज़ बहाव के साथ सारा पानी आवासीय कॉलोनियों में घुस गया और स्वयं राजस्थान आवासन मंडल के कार्यालय को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार्यालय के भीतर रखा कीमती फर्नीचर और ज़रूरी फाइलें पानी में डूब गईं, जबकि कुर्सियां तैरती हुई दिखाई दीं। इस घटना के बाद सक्रिय हुई नगर परिषद की टीम ने कोई स्थायी समाधान खोजने के बजाय, उस स्थान पर दोबारा मिट्टी डालकर एक कच्ची दीवार खड़ी कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल "प्रशासनिक लीपा-पोती" है और किसी ठोस हल की ओर इशारा नहीं करती।
- खैरथल-तिजारा जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला अध्यक्ष बलराम यादव के निर्देशानुसार अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस कार्यालय पर एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम देश के प्रथम प्रधानमंत्री, आधुनिक भारत के निर्माता और भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने नेहरू जी की तस्वीर पर माला और पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने देश निर्माण, लोकतंत्र की मजबूती, शिक्षा को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहन देने में पंडित नेहरू के अमूल्य योगदान को याद किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष विक्रम सिंह चौधरी (विक्की) और जय प्रकाश हेडाऊ ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आधुनिक भारत की एक मजबूत नींव रखी, जिससे देश विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर हुआ। उनके आदर्श और विचार आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें नेता प्रतिपक्ष विक्रम सिंह चौधरी (विक्की), पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जय प्रकाश हेडाऊ, पूर्व जिला सचिव फतेह मोहम्मद, पार्षद नारायण सिंघानी, रामचंद्र कॉमरेड, पार्षद पूर्व जिला सचिव संजय गुर्जर, यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव रामनिवास प्रजापत, मनोज बुराडिया, पार्षद राहुल, पार्षद अभिषेक हेडाऊ, परवेज आलम, शकील अहमद बागोर, महमूदा खान और शौकत खान शामिल थे।1
- किशनगढ़बास कस्बे में एकादशी के उपलक्ष्य पर ठंडे पानी की जल सेवा का आयोजन किया गया। यह सेवा कस्बे के तोप चौराहे पर ठंडे पानी की छबील लगाकर प्रदान की गई है। गर्मियों के मौसम को देखते हुए, समाज सेवा द्वारा ठंडे पानी की छबील लगाकर पुण्य का काम किया जा रहा है।1
- अलवर-बहरोड़ रोड पर पुरुषोत्तम मास की पहली एकादशी के पावन अवसर पर एक पुनीत कार्य के तहत मिल्क रोज़ और ठंडे पानी की प्याऊ लगाई गई है।1
- माननीय श्री डॉ. अर्पित जैन सर और नूंह पुलिस से एक विशेष वीडियो पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया गया है। यह अपील इस प्रतिबद्धता के साथ की गई है कि कानून का सम्मान किया जाता है और भविष्य में भी किया जाएगा, इसलिए संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर गौर करने का अनुरोध किया गया है।1
- अलवर-मथुरा मार्ग पर स्थित विलाईवाडा बस स्टैंड पर मीनापुर मित्र मंडल ने भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच राहगीरों को शीतल शरबत वितरित कर सेवा का उत्कृष्ट कार्य किया। बढ़ती गर्मी से लोगों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक प्याऊ लगाकर यह प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने सड़क से गुजरने वाले वाहनों को रोककर यात्रियों और राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया और गर्मी से बचाव का संदेश भी दिया। मंडल के सदस्यों ने बताया कि यह सेवा कार्य लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को राहत प्रदान करने के लिए किया गया। राहगीरों ने शीतल शरबत ग्रहण कर राहत महसूस की और मित्र मंडल के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने मानव सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए आगे भी ऐसे सामाजिक कार्य जारी रखने का संकल्प लिया। यह रिपोर्ट सुदर्शन न्यूज़ के रिपोर्टर रमेश मीणा ने गोविंदगढ़, अलवर से दी है।3
- पत्रकार महेंद्र सिंह सोनवाल ने नीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया है कि हर अन्य परीक्षा की तरह नीट का पेपर भी भाजपाइयों ने लीक कर बेचा था। उन्होंने कहा कि अब पुनर्परीक्षा 21 जून को दोपहर दो बजे के बाद भीषण लू वाली गर्मी में आयोजित की जा रही है, ठीक उसी समय जब देश के अधिकांश हिस्सों में लोगों को बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। यह समय इसलिए चुना गया क्योंकि सुबह की पाली में परीक्षा होने से 'योगा डे' के तमाशे में बाधा पड़ती। सोनवाल ने आगे कहा कि कठोर तलाशी वगैरह जैसी प्रक्रियाओं के लिए इतने छात्र भरी दुपहरी में लाइन में लगे होंगे, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर खतरा मंडराएगा। उन्होंने इस कदम को 22 लाख किशोरों और उनके अभिभावकों की सेहत व जान से खिलवाड़ बताया, जिसे एक 'हत्यारे के तमाशे' के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि मूल परीक्षा रद्द होने से हुई आत्महत्याओं से भी इन 'इंसानियत के दुश्मनों' को चैन नहीं मिला, और यह सब 'फासिस्ट राज' का परिणाम है जिसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ रहा है।1
- हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक परिवार उस समय दहशत में आ गया जब उन्होंने अपने एयर कंडीशनर (AC) को चालू किया और उसमें से तीन सांप बाहर निकल आए। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर घर में मौजूद सदस्यों में तत्काल चीख-पुकार मच गई।1
- राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ अलवर बाईपास क्षेत्र में न तो भारी बारिश हुई और न ही मौसम खराब था, फिर भी पूरा इलाका अचानक मलबे और पानी के सैलाब में डूब गया। यह स्थिति प्रकृति का प्रकोप नहीं, बल्कि राजस्थान आवासन मंडल और नगर परिषद की घोर लापरवाही का परिणाम बताई गई है। दरअसल, लंबे समय से खाली पड़ी ज़मीन पर जमा हुए पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि वहाँ बना मिट्टी का एक अस्थायी बांध टूट गया। बांध टूटने के बाद, तेज़ बहाव के साथ सारा पानी आवासीय कॉलोनियों में घुस गया और स्वयं राजस्थान आवासन मंडल के कार्यालय को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार्यालय के भीतर रखा कीमती फर्नीचर और ज़रूरी फाइलें पानी में डूब गईं, जबकि कुर्सियां तैरती हुई दिखाई दीं। इस घटना के बाद सक्रिय हुई नगर परिषद की टीम ने कोई स्थायी समाधान खोजने के बजाय, उस स्थान पर दोबारा मिट्टी डालकर एक कच्ची दीवार खड़ी कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल "प्रशासनिक लीपा-पोती" है और किसी ठोस हल की ओर इशारा नहीं करती।1