जतारा कन्या छात्रावास में अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप, विधायक ने कराई जांच की मांग जतारा कन्या छात्रावास में अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप, विधायक ने कराई जांच की मांग भोजन की गुणवत्ता, मारपीट और अधीक्षक के व्यवहार को लेकर छात्राओं ने विधायक व एसडीएम से की शिकायत जतारा। जतारा स्थित शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास की छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षक पर भोजन में अनियमितता, अभद्र व्यवहार, मारपीट तथा अन्य अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्हें निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और शिकायत करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में अधीक्षक के रिश्तेदारों से भोजन बनवाया जाता है। उनका कहना है कि रसोई में अपने लिए अलग और बेहतर भोजन बनाया जाता है, जबकि छात्राओं को बेहद निम्न गुणवत्ता का भोजन परोसा जाता है। छात्राओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें ऐसा भोजन दिया जाता है जिसे "जानवर भी नहीं खाएंगे।" इन आरोपों को लेकर छात्राओं ने विधायक हरिशंकर खटीक तथा एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक हरिशंकर खटीक ने कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने भी छात्रावास की व्यवस्थाओं की जांच कराए जाने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब छात्राओं और अभिभावकों की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि चाहें, इसे और अधिक प्रभावी अखबारी शैली या डिजिटल न्यूज़ पोर्टल शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।
जतारा कन्या छात्रावास में अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप, विधायक ने कराई जांच की मांग जतारा कन्या छात्रावास में अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप, विधायक ने कराई जांच की मांग भोजन की गुणवत्ता, मारपीट और अधीक्षक के व्यवहार को लेकर छात्राओं ने विधायक व एसडीएम से की शिकायत जतारा। जतारा स्थित शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास की छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षक पर भोजन में अनियमितता, अभद्र व्यवहार, मारपीट तथा अन्य अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्हें निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और शिकायत करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में अधीक्षक के रिश्तेदारों से भोजन बनवाया जाता है। उनका कहना है कि रसोई में अपने लिए अलग और बेहतर भोजन बनाया जाता है, जबकि छात्राओं को बेहद निम्न गुणवत्ता का भोजन परोसा
जाता है। छात्राओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें ऐसा भोजन दिया जाता है जिसे "जानवर भी नहीं खाएंगे।" इन आरोपों को लेकर छात्राओं ने विधायक हरिशंकर खटीक तथा एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक हरिशंकर खटीक ने कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने भी छात्रावास की व्यवस्थाओं की जांच कराए जाने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब छात्राओं और अभिभावकों की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि चाहें, इसे और अधिक प्रभावी अखबारी शैली या डिजिटल न्यूज़ पोर्टल शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।
- जतारा कन्या छात्रावास में अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप, विधायक ने कराई जांच की मांग जतारा कन्या छात्रावास में अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप, विधायक ने कराई जांच की मांग भोजन की गुणवत्ता, मारपीट और अधीक्षक के व्यवहार को लेकर छात्राओं ने विधायक व एसडीएम से की शिकायत जतारा। जतारा स्थित शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास की छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षक पर भोजन में अनियमितता, अभद्र व्यवहार, मारपीट तथा अन्य अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्हें निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और शिकायत करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में अधीक्षक के रिश्तेदारों से भोजन बनवाया जाता है। उनका कहना है कि रसोई में अपने लिए अलग और बेहतर भोजन बनाया जाता है, जबकि छात्राओं को बेहद निम्न गुणवत्ता का भोजन परोसा जाता है। छात्राओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें ऐसा भोजन दिया जाता है जिसे "जानवर भी नहीं खाएंगे।" इन आरोपों को लेकर छात्राओं ने विधायक हरिशंकर खटीक तथा एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक हरिशंकर खटीक ने कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने भी छात्रावास की व्यवस्थाओं की जांच कराए जाने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब छात्राओं और अभिभावकों की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि चाहें, इसे और अधिक प्रभावी अखबारी शैली या डिजिटल न्यूज़ पोर्टल शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।2
- टीकमगढ़: प्रतिबंध के बाद भी अवैध उत्खनन जारी, कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई! टीकमगढ़: प्रतिबंध के बाद भी अवैध उत्खनन जारी, कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई!1
- बुंदेलखंड में खरपतवार के नाम पर धोखा आखिर क्यों असली दवा की जगह नकली दवा क्यों कौन है जिम्मेदार1
- सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पलेरा, जिला टीकमगढ़ में आयोजित गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा–2026 का समापन एवं सम्मान समारोह आज अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं गुरु पूजन के साथ हुआ। समारोह में पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों—भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन, श्लोक एवं गुरु वंदना, भजन, योगाभ्यास, ध्यान अभ्यास, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम तथा अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं—में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने गुरु की महिमा, भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा तथा नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य अतिथि पवन सिंगया मंडल अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि सुनील खटीक सांसद प्रतिनिधि, राजेश नायक जिला सहकारी प्रकोष्ठ संयोजक, अवध नापित पूर्व पार्षद, रामकिशोर कुशवाहा पार्षद, अंकित गुप्ता सरपंच प्रतिनिधि बन्ने बुजुर्ग, सोनू विश्वकर्मा मीडिया प्रभारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरएस वर्मा, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक पुष्पेंद्र पाठक, संस्था प्रमुख श्री एमके रावत एवं समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। विद्यालय परिवार ने गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रभावशाली ढंग से किया गया तथा अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पलेरा, जिला टीकमगढ़ में आयोजित गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा–2026 का समापन एवं सम्मान समारोह आज अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं गुरु पूजन के साथ हुआ। समारोह में पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों—भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन, श्लोक एवं गुरु वंदना, भजन, योगाभ्यास, ध्यान अभ्यास, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम तथा अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं—में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने गुरु की महिमा, भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा तथा नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य अतिथि पवन सिंगया मंडल अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि सुनील खटीक सांसद प्रतिनिधि, राजेश नायक जिला सहकारी प्रकोष्ठ संयोजक, अवध नापित पूर्व पार्षद, रामकिशोर कुशवाहा पार्षद, अंकित गुप्ता सरपंच प्रतिनिधि बन्ने बुजुर्ग, सोनू विश्वकर्मा मीडिया प्रभारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरएस वर्मा, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक पुष्पेंद्र पाठक, संस्था प्रमुख श्री एमके रावत एवं समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। विद्यालय परिवार ने गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रभावशाली ढंग से किया गया तथा अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।2
- बुरहानपुर: संस्कृत शिक्षक के तबादले के विरोध में छात्रों ने खोला मोर्चा, सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन, वीडियो वायरल बुरहानपुर: संस्कृत शिक्षक के तबादले के विरोध में छात्रों ने खोला मोर्चा, सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन, वीडियो वायरल बुरहानपुर जिले के खातला स्थित शासकीय हाई स्कूल में संस्कृत विषय के शिक्षक जगदीश धारवे के तबादले के विरोध में बुधवार सुबह विद्यार्थियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने पैदल मार्च निकालते हुए नारेबाजी की और शिक्षक का तबादला निरस्त करने की मांग उठाई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11:00 बजे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल से निकलकर सड़क पर पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना था कि संस्कृत विषय के शिक्षक जगदीश धारवे लंबे समय से उन्हें पढ़ा रहे हैं तथा उनके अचानक तबादले से पढ़ाई प्रभावित होगी। इसलिए उनका स्थानांतरण रद्द किया जाए। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही धूलकोट तहसीलदार एवं जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से चर्चा कर उन्हें समझाइश दी और उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्र शांत हुए। फिलहाल, विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक के स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल में खुली लूट: इमरजेंसी में भर्ती मासूम के परिजनों से डॉ. अरविंद ने ऐंठे ₹6000 प्रेमा मेडिसिन स्टोर' के पीछे चल रही डॉक्टर साहब की अवैध दुकान, कैमरे पर कंपाउंडर ने उगला सच, सरकारी ड्यूटी के समय चला रहे प्राइवेट क्लीनिक. जिला अस्पताल, जो गरीबों के लिए संजीवनी होना चाहिए था, वह अब भ्रष्ट डॉक्टरों की कमाई का अड्डा बन चुका है। शासन-प्रशासन भले ही मुफ्त इलाज के लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं सरकारी डॉक्टर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर खुलेआम अपनी जेबें भर रहे हैं। ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला टीकमगढ़ जिला अस्पताल से सामने आया है। बीती रात अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मासूम बच्चे के परिजनों से सरकारी डॉक्टर ने इलाज के नाम पर अवैध वसूली की। मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद, अस्पताल में पदस्थ ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिंह ने परिजनों को डराया कि इलाज के लिए झांसी से मशीन (इंस्ट्रूमेंट) मंगवानी पड़ेगी। सरकारी बेड पर तड़प रहे मरीज की जान बचाने की एवज में डॉ. सिंह ने खुलेआम 6,000 रुपये कैश वसूल लिए। यह पैसा सीधे डॉक्टर के हाथों में नहीं, बल्कि उनके प्राइवेट क्लीनिक में बैठे कंपाउंडर के हाथों में दिया गया। जी हां, डॉ. अरविंद सिंह का भ्रष्टाचार सिर्फ अस्पताल के अंदर तक सीमित नहीं है। अस्पताल के पास ही स्थित 'प्रेमा मेडिसिन स्टोर' के ठीक पीछे डॉक्टर साहब का आलीशान प्राइवेट क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहा है। यहां बकायदा 'मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक्स' का बड़ा बोर्ड लगाकर मरीजों की जेब काटी जा रही है। इस पूरी लूट का पर्दाफाश तब हुआ जब परिजनों ने इस गोरखधंधे को कैमरे में कैद कर लिया। वायरल वीडियो में जब कैमरे के सामने डॉक्टर से सवाल किए गए, तो वे खुद को बचाते नजर आए और बोले- "मेरा कोई प्राइवेट अस्पताल नहीं है, मेरा अस्पताल सरकारी वाला है।" इसके बाद उन्होंने सारी जिम्मेदारी अपने स्टाफ पर टाल दी। लेकिन क्लीनिक पर मौजूद उनके कंपाउंडर कृष्णकांत राजपूत (निवासी- नारगुड़ा) ने सारा कच्चा चिट्ठा खोल दिया। कंपाउंडर ने बेखौफ होकर कैमरे पर कबूल किया कि मरीज से लिया गया कैश उसी के पास जमा हुआ है। कंपाउंडर ने यह भी बताया कि सरकारी ड्यूटी के समय को धता बताते हुए, डॉ. अरविंद सिंह सुबह 8 से 9, दोपहर 2 से 5 और शाम 7 से 8 बजे तक इसी प्राइवेट क्लीनिक पर बैठते हैं और मरीजों से मोटी फीस वसूलते हैं। मुख्य तथ्य: आरोपी: डॉ. अरविंद सिंह (MBBS MS - ENT) अवैध वसूली: झांसी से मशीन मंगवाने के नाम पर ₹6000 नकद। मरीज की स्थिति: बच्चा अस्पताल के सरकारी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती था, फिर भी प्राइवेट वसूली की गई। अवैध क्लीनिक: प्रेमा मेडिकल स्टोर के पीछे (बोर्ड में मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक्स दर्ज)। कंपाउंडर का कबूलनामा: नारगुड़ा निवासी कृष्णकांत राजपूत ने कैमरे पर कैश लेने और डॉक्टर के प्राइवेट बैठने की बात स्वीकारी। टीकमगढ़ जिला अस्पताल में खुली लूट: इमरजेंसी में भर्ती मासूम के परिजनों से डॉ. अरविंद ने ऐंठे ₹6000 प्रेमा मेडिसिन स्टोर' के पीछे चल रही डॉक्टर साहब की अवैध दुकान, कैमरे पर कंपाउंडर ने उगला सच, सरकारी ड्यूटी के समय चला रहे प्राइवेट क्लीनिक. जिला अस्पताल, जो गरीबों के लिए संजीवनी होना चाहिए था, वह अब भ्रष्ट डॉक्टरों की कमाई का अड्डा बन चुका है। शासन-प्रशासन भले ही मुफ्त इलाज के लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं सरकारी डॉक्टर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर खुलेआम अपनी जेबें भर रहे हैं। ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला टीकमगढ़ जिला अस्पताल से सामने आया है। बीती रात अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मासूम बच्चे के परिजनों से सरकारी डॉक्टर ने इलाज के नाम पर अवैध वसूली की। मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद, अस्पताल में पदस्थ ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिंह ने परिजनों को डराया कि इलाज के लिए झांसी से मशीन (इंस्ट्रूमेंट) मंगवानी पड़ेगी। सरकारी बेड पर तड़प रहे मरीज की जान बचाने की एवज में डॉ. सिंह ने खुलेआम 6,000 रुपये कैश वसूल लिए। यह पैसा सीधे डॉक्टर के हाथों में नहीं, बल्कि उनके प्राइवेट क्लीनिक में बैठे कंपाउंडर के हाथों में दिया गया। जी हां, डॉ. अरविंद सिंह का भ्रष्टाचार सिर्फ अस्पताल के अंदर तक सीमित नहीं है। अस्पताल के पास ही स्थित 'प्रेमा मेडिसिन स्टोर' के ठीक पीछे डॉक्टर साहब का आलीशान प्राइवेट क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहा है। यहां बकायदा 'मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक्स' का बड़ा बोर्ड लगाकर मरीजों की जेब काटी जा रही है। इस पूरी लूट का पर्दाफाश तब हुआ जब परिजनों ने इस गोरखधंधे को कैमरे में कैद कर लिया। वायरल वीडियो में जब कैमरे के सामने डॉक्टर से सवाल किए गए, तो वे खुद को बचाते नजर आए और बोले- "मेरा कोई प्राइवेट अस्पताल नहीं है, मेरा अस्पताल सरकारी वाला है।" इसके बाद उन्होंने सारी जिम्मेदारी अपने स्टाफ पर टाल दी। लेकिन क्लीनिक पर मौजूद उनके कंपाउंडर कृष्णकांत राजपूत (निवासी- नारगुड़ा) ने सारा कच्चा चिट्ठा खोल दिया। कंपाउंडर ने बेखौफ होकर कैमरे पर कबूल किया कि मरीज से लिया गया कैश उसी के पास जमा हुआ है। कंपाउंडर ने यह भी बताया कि सरकारी ड्यूटी के समय को धता बताते हुए, डॉ. अरविंद सिंह सुबह 8 से 9, दोपहर 2 से 5 और शाम 7 से 8 बजे तक इसी प्राइवेट क्लीनिक पर बैठते हैं और मरीजों से मोटी फीस वसूलते हैं। मुख्य तथ्य: आरोपी: डॉ. अरविंद सिंह (MBBS MS - ENT) अवैध वसूली: झांसी से मशीन मंगवाने के नाम पर ₹6000 नकद। मरीज की स्थिति: बच्चा अस्पताल के सरकारी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती था, फिर भी प्राइवेट वसूली की गई। अवैध क्लीनिक: प्रेमा मेडिकल स्टोर के पीछे (बोर्ड में मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक्स दर्ज)। कंपाउंडर का कबूलनामा: नारगुड़ा निवासी कृष्णकांत राजपूत ने कैमरे पर कैश लेने और डॉक्टर के प्राइवेट बैठने की बात स्वीकारी।1
- *टीकमगढ़ में 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी:* चालक ने सड़क पर फेंके पत्थर, अवैध परिवहन का वीडियो सामने आया था1
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