पीलीभीत के पूरनपुर में नेशनल हाईवे पर हरदोई ब्रांच नहर पुल के पास शुक्रवार की रात ट्रक में लगी भीषण आग के हादसे में चालक बलविंदर सिंह (50 वर्ष) की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत की असली वजह का खुलासा कर दिया है। रामपुर जनपद के बिलासपुर निवासी चालक बलविंदर सिंह की मौत आग की लपटों से झुलसने से नहीं, बल्कि केबिन में फैले धुएं के कारण दम घुटने (एस्फिक्सिया) से हुई थी। शुक्रवार रात को जब चलते ट्रक में अचानक भीषण आग लगी, तो आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था, लेकिन तब तक चालक दम तोड़ चुके थे। रविवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पवन पांडे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने विसरा भी सुरक्षित रख लिया है ताकि किसी अन्य संभावित कारण की भी वैज्ञानिक जांच की जा सके। शनिवार को शव का अंतिम संस्कार परिजनों द्वारा कर दिया गया था। पुलिस फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है, जिसमें प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है।
पीलीभीत के पूरनपुर में नेशनल हाईवे पर हरदोई ब्रांच नहर पुल के पास शुक्रवार की रात ट्रक में लगी भीषण आग के हादसे में चालक बलविंदर सिंह (50 वर्ष) की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत की असली वजह का खुलासा कर दिया है। रामपुर जनपद के बिलासपुर निवासी चालक बलविंदर सिंह की मौत आग की लपटों से झुलसने से नहीं, बल्कि केबिन में फैले धुएं के कारण दम घुटने (एस्फिक्सिया) से हुई थी। शुक्रवार रात को जब चलते ट्रक में अचानक भीषण आग लगी, तो आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था, लेकिन तब तक चालक दम तोड़ चुके थे। रविवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पवन पांडे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने विसरा भी सुरक्षित रख लिया है ताकि किसी अन्य संभावित कारण की भी वैज्ञानिक जांच की जा सके। शनिवार को शव का अंतिम संस्कार परिजनों द्वारा कर दिया गया था। पुलिस फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है, जिसमें प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है।
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में पीजी ब्लॉक में हो रहे घटिया निर्माण को लेकर भाजपा विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा विधायक ने निर्माण कार्य में लापरवाही और खराब गुणवत्ता को लेकर संबंधित ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई। इस मामले के सामने आने के बाद जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे निर्माण कार्य की बारीकी से जांच करने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।1
- पीलीभीत के बीसलपुर में पाइप चोरी के विवाद को लेकर एक खूनी संघर्ष हो गया। इस टकराव में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से दो लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।1
- पीलीभीत के बीसलपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में करीब 3 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से बन रहे भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों पर शनिवार को भारी हंगामा हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे विधायक विवेक वर्मा ने निर्माणाधीन भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मौके पर ही एक ईंट तोड़कर उसकी कमजोरी दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती खतरे में है। विधायक ने तत्काल पीलीभीत के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया और विशेषज्ञों की टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग और गुणवत्ता से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब स्थानीय लोगों ने भी पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2
- पीलीभीत के बरखेड़ा विकास खंड के अंतर्गत महदखास गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में भारी धांधली का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान पर पात्र लोगों को योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 के आवास प्लस सर्वे में उनके परिवारों का सर्वे तो किया गया था, लेकिन पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि अपात्रों के नाम जोड़ दिए गए। एक महिला शिकायतकर्ता ने सीधा आरोप लगाया है कि ग्राम सचिव और प्रधान ने आवास का लाभ दिलाने के नाम पर ₹20,000 की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर उसका नाम सूची से बाहर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि गांव में कुल 228 परिवारों का सर्वे हुआ था, लेकिन पात्रता सूची में सिर्फ 38 नामों को ही शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पीलीभीत के डीएम और सीडीओ को सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है। इस खबर के सामने आने के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया क्षेत्र में देवहा नदी पर लोगों का सफर बेहद खतरनाक बना हुआ है। इस जानलेवा खतरे के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, जिसके कारण अब प्रशासन की इस निष्क्रियता और खामोशी पर लगातार गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया में बारिश की वजह से सड़क की हालत इतनी बदतर हो जाती है कि यहाँ से पैदल निकलना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। सड़क की इस खराब स्थिति को लेकर जब स्थानीय लोगों ने प्रधान जी से शिकायत की, तो उन्होंने इसे पूरी तरह अनसुना कर दिया। इसके बाद जब विधायक जी से गुहार लगाई गई, तो उन्होंने भी सीधे तौर पर कह दिया कि 'यह काम मेरा नहीं है'। जनप्रतिनिधियों के इस रवैये पर तीखा तंज कसते हुए ग्रामीणों का कहना है कि 'यह है हमारे गांव का विकास'।1
- पीलीभीत के माला कंजा हरिया में सरकारी राशन डीलर पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में राशन घोटाले को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश देखा जा रहा है। जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों ने डीलर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।1
- पीलीभीत के मां गोमती उद्गम स्थल पर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 अभियान (एक पेड़ मां के नाम) के सफल क्रियान्वयन को लेकर तैयारियों से संबंधित बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस वृक्षारोपण अभियान में भाग लेने के लिए सभी लोगों से अपील की है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण केवल एक सरकारी योजना या कार्य नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने जीवन में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रत्येक नागरिक से इस अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही, नोडल अधिकारियों द्वारा जनपद में बड़े स्तर पर पौधारोपण कराने के उद्देश्य से जन जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, डीएफओ सामाजिक वानिकी, डीसी मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार, गोमती ट्रस्ट के पदाधिकारी, ग्रामीण और ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।4
- शाहजहांपुर जिले के पुवायाँ क्षेत्र में स्थित ग्राम रसूलपुर गढ़िया में रास्ते पर जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ मार्ग पर पानी जमा हो जाने के कारण आने-जाने वाले सभी लोगों को पानी में घुसकर ही गुजरना पड़ता है।1