बिहार में सामने आए एक मामले ने देश की न्यायिक व्यवस्था की धीमी गति पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत ने 33 साल पुराने एक मामले में 84 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति को जेल की सज़ा सुनाई है। यह बुजुर्ग अपनी उम्र के इस पड़ाव पर चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं और उन्हें सहारे की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन इस मामले का अंतिम फैसला आने में तीन दशक से भी अधिक का समय लग गया। यह घटना न्याय मिलने में होने वाली अत्यधिक देरी की गंभीर समस्या को स्पष्ट रूप से उजागर करती है। सवाल उठाया जा रहा है कि यदि किसी कानूनी मामले के निपटारे में 33 साल का लंबा समय लग जाए, तो इस दौरान पीड़ित पक्ष, आरोपी और उनके परिवारों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता होगा। देश की अदालतों में लंबित मामलों का लगातार बढ़ता बोझ और वर्षों तक चलने वाली सुनवाई प्रक्रिया आम जनता के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह विशेष मामला एक बार फिर समयबद्ध न्याय की अनिवार्यता और न्यायिक सुधारों की तत्काल आवश्यकता को सामने लाता है, क्योंकि न्याय केवल मिलना ही नहीं, बल्कि समय पर मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस फैसले और 84 वर्षीय बुजुर्ग को मिली जेल की सज़ा से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
बिहार में सामने आए एक मामले ने देश की न्यायिक व्यवस्था की धीमी गति पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत ने 33 साल पुराने एक मामले में 84 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति को जेल की सज़ा सुनाई है। यह बुजुर्ग अपनी उम्र के इस पड़ाव पर चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं और उन्हें सहारे की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन इस मामले का अंतिम फैसला आने में तीन दशक से भी अधिक का समय लग गया। यह घटना न्याय मिलने में होने वाली अत्यधिक देरी की गंभीर समस्या को स्पष्ट रूप से उजागर करती है। सवाल उठाया जा रहा है कि यदि किसी कानूनी मामले के निपटारे में 33 साल का लंबा समय लग जाए, तो इस दौरान पीड़ित पक्ष, आरोपी और उनके परिवारों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता होगा। देश की अदालतों में लंबित मामलों का लगातार बढ़ता बोझ और वर्षों तक चलने वाली सुनवाई प्रक्रिया आम जनता के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह विशेष मामला एक बार फिर समयबद्ध न्याय की अनिवार्यता और न्यायिक सुधारों की तत्काल आवश्यकता को सामने लाता है, क्योंकि न्याय केवल मिलना ही नहीं, बल्कि समय पर मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस फैसले और 84 वर्षीय बुजुर्ग को मिली जेल की सज़ा से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
- निषाद पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर, अजय सिंह ने मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा। प्रवक्ता ने ईश्वर से प्रार्थना भी की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदैव स्वस्थ एवं ऊर्जावान रहें और इसी समर्पण भाव से प्रदेशवासियों की सेवा करते रहें।1
- बिहार में सामने आए एक मामले ने देश की न्यायिक व्यवस्था की धीमी गति पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत ने 33 साल पुराने एक मामले में 84 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति को जेल की सज़ा सुनाई है। यह बुजुर्ग अपनी उम्र के इस पड़ाव पर चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं और उन्हें सहारे की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन इस मामले का अंतिम फैसला आने में तीन दशक से भी अधिक का समय लग गया। यह घटना न्याय मिलने में होने वाली अत्यधिक देरी की गंभीर समस्या को स्पष्ट रूप से उजागर करती है। सवाल उठाया जा रहा है कि यदि किसी कानूनी मामले के निपटारे में 33 साल का लंबा समय लग जाए, तो इस दौरान पीड़ित पक्ष, आरोपी और उनके परिवारों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता होगा। देश की अदालतों में लंबित मामलों का लगातार बढ़ता बोझ और वर्षों तक चलने वाली सुनवाई प्रक्रिया आम जनता के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह विशेष मामला एक बार फिर समयबद्ध न्याय की अनिवार्यता और न्यायिक सुधारों की तत्काल आवश्यकता को सामने लाता है, क्योंकि न्याय केवल मिलना ही नहीं, बल्कि समय पर मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस फैसले और 84 वर्षीय बुजुर्ग को मिली जेल की सज़ा से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।1
- Post by विजय कुमार1
- उत्तर प्रदेश शासन द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के पाँचवें चरण (फेज-5.0) के द्वितीय चरण के तहत, देवरिया में जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में आज दिनांक 05.06.2026 को थाना तरकुलवा की मिशन शक्ति टीम, जिसमें उप-निरीक्षक अजहर अब्बास जैदी, महिला आरक्षी आंचल राय और महिला आरक्षी कीर्ति वर्मा शामिल थीं, ने कस्बा तरकुलवा के एसबीआई बैंक में महिलाओं और बच्चियों को पम्पलेट वितरित किए। इस दौरान, उन्हें मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत सरकार द्वारा जारी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और डॉयल-112, हेल्प लाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्प लाइन-1098, सी.एम. हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेन्टर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108, साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के विषय में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया। इसी क्रम में, थाना कोतवाली की मिशन शक्ति टीम ने भी अपना योगदान दिया। इस टीम में उप-निरीक्षक आकांक्षा यादव, आरक्षी प्रतीक यादव और महिला आरक्षी राजनंदनी शामिल थीं, जिन्होंने गायत्री मंदिर, देवरही मंदिर और सोमनाथ मंदिर में आई हुई महिलाओं और बच्चियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और डॉयल-112 हेल्प लाइन, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्प लाइन-1098, सी.एम. हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेन्टर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108, साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे जारी किए गए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरूक किया। इसके अतिरिक्त, जिले के समस्त थानों की एंटी रोमियो और मिशन शक्ति टीमों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं और बालिकाओं को पम्पलेट वितरित करते हुए डॉयल-112, हेल्प लाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्प लाइन-1098, सी.एम. हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेन्टर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108 जैसे विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के विषय में जानकारी देकर उन्हें महिला सशक्तिकरण के संबंध में जागरूक किया गया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देवरिया जिले के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह ने पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने आम जनता से अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाने की अपील की, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।1
- देवरिया शहर के रामगुलाम टोला क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्रवासियों की शिकायत पर, सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी रात करीब 3 बजे स्वयं मौके पर पहुंचे और विद्युत व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान विधायक शलभ मणि त्रिपाठी पूरी तरह 'एक्शन मोड' में दिखे और उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार भी लगाई।1
- देवरिया शहर के रामगुलाम टोला क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोग काफी परेशान रहे। क्षेत्रवासियों की शिकायत मिलने के बाद सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने देर रात करीब 3 बजे मौके पर पहुंचकर विद्युत व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विधायक बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर नाराज़ दिखे। वायरल हो रहे एक वीडियो में उन्हें कर्मचारियों को जल्द से जल्द फॉल्ट ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के स्पष्ट निर्देश देते हुए फटकार लगाते देखा गया। विधायक ने इस दौरान ज़ोर देकर कहा कि भीषण गर्मी में लोगों को घंटों बिजली संकट का सामना नहीं करना चाहिए और किसी भी क़ीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद, मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने फॉल्ट ठीक करने का काम तेज़ किया, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। विधायक की देर रात की इस कार्रवाई की चर्चा क्षेत्र में बनी हुई है।1
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