प्रयागराज के जॉर्ज टाउन स्थित सीएम ग्रिड कार्यालय पर क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और सीएम ग्रिड परियोजना की कार्यप्रणाली के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। अतुल मेहरोत्रा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में नागरिकों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सीएम ग्रिड परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि के बावजूद जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परियोजना से जुड़े अधिकारियों, नगर निगम और जलकल विभाग के बीच आपसी समन्वय की भारी कमी है। शिकायत करने पर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे समस्याएं बनी हुई हैं। वक्ताओं ने डिजिटल इंडिया की भावना के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की मांग की। इस जनहित प्रदर्शन में क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ व कनिष्ठ नागरिकों, गणमान्य लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज उठाई।
प्रयागराज के जॉर्ज टाउन स्थित सीएम ग्रिड कार्यालय पर क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और सीएम ग्रिड परियोजना की कार्यप्रणाली के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। अतुल मेहरोत्रा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में नागरिकों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सीएम ग्रिड परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि के बावजूद जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परियोजना से जुड़े अधिकारियों, नगर निगम और जलकल विभाग के बीच आपसी समन्वय की भारी कमी है। शिकायत करने पर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे समस्याएं बनी हुई हैं। वक्ताओं ने डिजिटल इंडिया की भावना के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की मांग की। इस जनहित प्रदर्शन में क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ व कनिष्ठ नागरिकों, गणमान्य लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज उठाई।
- सरकार की ओर से छात्रावासों के रखरखाव और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर साल करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जाता है, लेकिन प्रयागराज स्थित अंबेडकर छात्रावास की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। अंबेडकर छात्रावास में रहने वाले छात्रों के अनुसार हॉस्टल की हालत बेहद खराब है। कई कमरों की खिड़कियां टूटी हुई हैं, बाथरूम के नल खराब पड़े हैं और कई जगह शॉवर तक नहीं हैं। इसके अलावा पिछले दो वर्षों से भोजनालय बंद पड़ा है, जिससे छात्रों को बाहर भोजन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। छात्रों का गंभीर आरोप है कि जब वे इन समस्याओं और सुविधाओं के अभाव की शिकायत करते हैं तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं। इस विषय पर संवाददाता शिवम् द्विवेदी ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सामने रखी हैं।2
- कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शुक्रवार को प्रयागराज स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंचे।1
- लगातार हो रही बारिश ने प्रयागराज के अस्थायी बस अड्डे की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी है। बस अड्डा परिसर में जलभराव, कीचड़ और फिसलन के कारण यात्रियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर छत से पानी टपकने की वजह से लोगों को घंटों खड़े होकर ही बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा, बसों के समय पर न पहुंचने और अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस अव्यवस्था की वजह से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है, जो जलभराव और फिसलन के बीच चलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्थायी बस अड्डे में जल निकासी का कोई समुचित इंतजाम नहीं है। हल्की बारिश में भी पूरे परिसर में पानी भर जाता है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। बदहाली से जूझ रहे यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि बस अड्डे पर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। इसके साथ ही परिसर की नियमित सफाई कराने, आवागमन के लिए पक्के मार्ग बनाने और यात्रियों के बैठने के लिए बेहतर प्रतीक्षालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है ताकि बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।1
- प्रयागराज में मीडिया से बातचीत करते हुए भूतपूर्व स्वास्थ्य मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां चलाना और बच्चियों के साथ अभद्रता करना बहुत ही गलत है। केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 14 साल का कार्यकाल होने के बावजूद पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करवाना पूरी तरह गलत है। भूतपूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने इस पूरे मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- 25 जुलाई को सीजेपी के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन से पहले प्रयागराज में पुलिस का एक मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य, IPS छात्रों से बेहद शांत, सम्मानजनक और आत्मीय तरीके से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने छात्रों की बातों को धैर्यपूर्वक सुना, उनकी भावनाओं को समझा और उनसे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हुए शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इस बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर डीसीपी नगर के व्यवहार की जमकर सराहना की जा रही है। वहीं छात्रों में भी यह उम्मीद जागी है कि 25 जुलाई को प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान प्रयागराज पुलिस इसी संवादपूर्ण और संयमित रवैये के साथ व्यवस्था संभालेगी, जिससे किसी भी प्रकार के टकराव की स्थिति न पैदा हो। पुलिस और छात्रों के बीच हुई संवाद की यह सकारात्मक पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। डीसीपी नगर इससे पहले प्रयागराज में पीएसी (PAC) में कमांडेंट के पद पर भी तैनात रह चुके हैं। पूरी पीएसी बटालियन का कहना है कि उन्होंने IPS मनीष शांडिल्य जैसा अधिकारी आज तक नहीं देखा, जो छोटे से छोटे सिपाही से भी बहुत ही आदर और सम्मान के साथ बात करते हैं और अपने व्यवहार से एक अच्छे इंसान का परिचय देते हैं।1
- थाना कंधई क्षेत्रान्तर्गत साल्हीपुर कंजास में 23 जुलाई 2026 को हुई मारपीट के प्रकरण में स्थानीय पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है। क्षेत्राधिकारी पट्टी श्री प्रदीप सिंह के अनुसार, इस मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- प्रयागराज के जॉर्ज टाउन स्थित सीएम ग्रिड कार्यालय पर क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और सीएम ग्रिड परियोजना की कार्यप्रणाली के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। अतुल मेहरोत्रा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में नागरिकों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सीएम ग्रिड परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि के बावजूद जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परियोजना से जुड़े अधिकारियों, नगर निगम और जलकल विभाग के बीच आपसी समन्वय की भारी कमी है। शिकायत करने पर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे समस्याएं बनी हुई हैं। वक्ताओं ने डिजिटल इंडिया की भावना के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की मांग की। इस जनहित प्रदर्शन में क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ व कनिष्ठ नागरिकों, गणमान्य लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज उठाई।1
- प्रयागराज के कैंट थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े सड़क पर महिलाओं के बीच हुई जमकर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ महिलाएं एक महिला को जमीन पर गिराकर उसके साथ हाथापाई कर रही हैं और इस दौरान पीड़ित महिला के कपड़े भी फट गए। घटना के समय मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद कैंट थाने की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद भीड़ में मौजूद लोगों ने ही बीच-बचाव करके किसी तरह मामले को शांत कराया। हालांकि, महिलाओं के बीच यह मारपीट किस कारण से हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।1