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मंगलवार सुबह लालसोट में एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार निरू भाई मालनिया घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, कैला देवी एक्सप्रेस नामक बस ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे निरू भाई के सिर में चोट आई। हादसे के बाद घायल को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने निजी बस चालकों पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने पुलिस और परिवहन विभाग से मांग की है कि वे ऐसे वाहनों की नियमित जांच करें, यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और दोषी पाए जाने पर चालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।
Girdhari lal Sahu
मंगलवार सुबह लालसोट में एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार निरू भाई मालनिया घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, कैला देवी एक्सप्रेस नामक बस ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे निरू भाई के सिर में चोट आई। हादसे के बाद घायल को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने निजी बस चालकों पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने पुलिस और परिवहन विभाग से मांग की है कि वे ऐसे वाहनों की नियमित जांच करें, यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और दोषी पाए जाने पर चालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।
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- दौसा पुलिस की 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया है। शहर के नेहरू गार्डन से लेकर प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और बस स्टैंड तक, इस अभियान के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध सुरक्षा कवच के बारे में जागरूक किया गया, ताकि उन्हें यह महसूस कराया जा सके कि वे अकेली नहीं हैं। इस कार्यक्रम के तहत, पुलिस ने महिलाओं को सीधे सुरक्षा तंत्र से जोड़ने के लिए कई उपाय बताए। इसमें अपने फोन में 'राजकोप सिटिजन ऐप' डाउनलोड करने की सलाह दी गई, जो आपात स्थिति में सीधे पुलिस तक लोकेशन पहुंचा सकता है। विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे 112 (तत्काल पुलिस सहायता), 1090/1091 (महिला सुरक्षा) और 1098 (बच्चों के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन) का उपयोग करने पर जोर दिया गया। साइबर अपराधों से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, जिसमें किसी भी बैंक अधिकारी द्वारा ओटीपी न मांगने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने, और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग कर निजी जानकारी साझा न करने की बात शामिल थी। छात्राओं को 'गुड टच-बैड टच' की पहचान, पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और आत्मरक्षा के बुनियादी तरीके भी सिखाए गए, साथ ही यातायात नियमों का पालन कर खुद को और परिवार को सड़क हादसों से सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई। दौसा पुलिस का यह अभियान केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य महिलाओं को सशक्त बनाना है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि "जागरूक बनिए, सतर्क रहिए," क्योंकि समाज में सुरक्षा का वातावरण तभी बनेगा जब हर महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगी। इस पहल से महिलाओं के मन में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ेगा और वे इन सुरक्षा उपकरणों को अपनाने के लिए अधिक प्रेरित महसूस करेंगी, क्योंकि "आपकी सतर्कता ही आपकी पहली सुरक्षा है, यदि आप सुरक्षित हैं, तो पूरा समाज सुरक्षित है।"4
- दौसा जिले के कोलवा पुलिस ने भांवता गांव में हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे आगामी 10 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब आरोपी से इस मामले में गहन पूछताछ करेगी।1
- दौसा जिले के भांवता गांव में पति-पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोलवा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस घटना के मुख्य आरोपी जीतू मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। कोलवा थाना अधिकारी मनोहर लाल वर्मा ने कार्रवाई करते हुए आरोपी का करीब 2 किलोमीटर तक अपनी गाड़ी से पीछा किया और तत्परता दिखाते हुए उसे दबोच लिया। पुलिस की इस तेज़ और साहसिक कार्रवाई की क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- दौसा के भांवता गांव में एक दंपति पर घर में घुसकर हमला करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतेश उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर लिया है। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही आरोपी के अन्य साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पीड़ित दंपति के घर के पास बैठकर शराब पी रहे थे, जिस पर दंपति ने उन्हें वहां शराब पीने से मना किया था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने रात में दंपति के घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया था। यह कार्रवाई एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर कोलवा पुलिस द्वारा की गई।1
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार, 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' कार्यक्रम के तहत मंगलवार, 07 जुलाई को सवाई माधोपुर न्याय क्षेत्र के न्यायिक अधिकारियों ने जिले और तालुका मुख्यालयों पर नशे के दुष्परिणामों पर व्यापक विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने तथा एक नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था। जिला मुख्यालय पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय शहर सवाई माधोपुर में आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा, रोजगार और समाज सभी के लिए घातक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। इसी क्रम में, मीनाक्षी जैन (विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-01) ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मानटाउन में, प्रेमराज सिंह चंद्रावत (विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-02) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानटाउन में, असीम कुलश्रेष्ठ (न्यायाधीश विशिष्ट न्यायालय अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकरण) ने महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय साहूनगर में, गार्गी चौधरी (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सवाई माधोपुर) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आलनपुर में, किरण प्रजापत (अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 सवाई माधोपुर) ने गीता देवी अग्रवाल राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय आदर्श नगर में, और अनिता रजवानिया (अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02 सवाई माधोपुर) ने पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 72 सीढ़ी शहर सवाई माधोपुर में जागरूकता शिविर आयोजित किए। तालुका गंगापुर सिटी में, अखिलेश कल्याण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-01) ने पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगापुर सिटी में, भरत पूनिया (अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छावा में, और मीनाक्षी चौधरी (अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महूकलां में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी। इसी प्रकार, सुरेश कुमार सेन (अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति बामनवास) ने महात्मा ज्योतिबा फुले विद्या मंदिर पिपलाई में, विकास नेहरा (अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति बौंली) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बौंली में, नेहा मौर्य (अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति चौथ का बरवाड़ा) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चौथ का बरवाड़ा में, और रविंद्र कुमार (अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति खंडार) ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय खंडार में भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इन शिविरों के दौरान, विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों के साथ-साथ नशे से बचाव और इसे छोड़ने के उपायों, एनडीपीएस एक्ट 1985 के प्रमुख प्रावधानों, नशा पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास, नशा मुक्ति केंद्रों की भूमिका, और नशीली दवाओं तथा मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से संबंधित विधिक प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, विद्यार्थियों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने, अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करने, तथा एक स्वस्थ एवं नशामुक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया गया। इन कार्यक्रमों में विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार दौसा जिले में ग्रामीण सेवा शिविरों की श्रृंखला के तहत 8 जुलाई को विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त जिला कलक्टर दौसा, अरविंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को दौसा ब्लॉक के गोठड़ा, बांदीकुई ब्लॉक के श्यालावास कलां, बसवा ब्लॉक के करनावर, सिकराय ब्लॉक के दुब्बी एवं रामगढ़, महवा ब्लॉक के नाहिड़ा एवं सलेमपुर, मंडावर ब्लॉक के गोलाड़ा, लालसोट ब्लॉक के मिर्जापुरा एवं लालपुरा, रामगढ़ पचवारा ब्लॉक के बिदरखा और सैंथल ब्लॉक के बड़ोली में ये शिविर लगाए जाएंगे।1
- मंगलवार सुबह लालसोट में एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार निरू भाई मालनिया घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, कैला देवी एक्सप्रेस नामक बस ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे निरू भाई के सिर में चोट आई। हादसे के बाद घायल को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने निजी बस चालकों पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने पुलिस और परिवहन विभाग से मांग की है कि वे ऐसे वाहनों की नियमित जांच करें, यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और दोषी पाए जाने पर चालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।1