Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुरादाबाद के कलेक्ट्रेट परिसर में कोटपा अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर धूम्रपान करने वाले 24 लोगों को चिन्हित कर उन पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
JAI HIND MEDIA
मुरादाबाद के कलेक्ट्रेट परिसर में कोटपा अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर धूम्रपान करने वाले 24 लोगों को चिन्हित कर उन पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- रामपुर जिले की स्वार तहसील के अहमद नगर गांव में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिना किसी परमिशन और बिना एस्टीमेट के ही एक व्यक्ति के घर के अंदर बिजली का पोल लगा दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी मंगलवार को दोपहर 1 बजे सामने आया है, जिसमें बिना अनुमति घर में पोल लगाने का मामला उजागर हुआ है।1
- रामपुर के तीतर वाली पाकड़ मोहल्ले में एक परिवार के बीच कुछ दिन पहले हुए विवाद के बाद बनी नाराजगी आखिरकार खत्म हो गई है। मोहल्ले के समाजसेवी शाकिर खान (मेंबर) की सराहनीय पहल पर दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया है। इस समझौते के दौरान कांग्रेस नगर अध्यक्ष हारून खान उर्फ़ बाकर अली खान भी मौजूद रहे, जिन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत की और उनके आपसी गिले-शिकवे दूर कराकर उन्हें मिल-जुलकर रहने की अपील की। इस समझौते के बाद दोनों परिवारों के बीच फिर से सामान्य और शांतिपूर्ण माहौल बन गया है।1
- सम्भल जिले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद में बुलडोजर चलाकर कथित अवैध कब्जा हटवा दिया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में इस जमीन को पूरी तरह खाली कराकर उसके वास्तविक स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 1890 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा चार वर्ष पहले मुसब्बिरा खातून के नाम हुआ था और दाखिल-खारिज भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया था। हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यह कदम उठाया। इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर अब्बास हैदर ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी माता मुसब्बिरा खातून के नाम इस जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशाद और इस्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। दूसरी तरफ, कब्जाधारी इस्तेखार का कहना है कि उन्होंने करीब 23 वर्ष पहले 50 हजार रुपये में रहने के लिए यह जमीन खरीदी थी, लेकिन इसका रजिस्टर्ड बैनामा नहीं करा पाए थे। उनका आरोप है कि बाद में विक्रेता ने इसी जमीन का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया। इस्तेखार ने दावा किया कि आज इस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है और प्रशासन की कार्रवाई के बाद वह अपना सामान हटाकर जगह खाली कर देंगे।6
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पिछले तीन साल से घर के आगे सड़क न बनने से परेशान एक निवासी ने ग्राम पंचायत के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम पंचायत प्रधान इस मामले में उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। प्रधान का कहना है कि 'तुमने मुझे वोट नहीं दिया है, इसलिए मैं तुम्हारी सुनवाई नहीं कर रहा हूँ।' इस रवैये से बेहद परेशान होकर पीड़ित ने जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कर घर के आगे सड़क बनवाने की अपील की है और साक्ष्य के रूप में कुछ तस्वीरें भी संलग्न की हैं।3
- 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक मशाल जुलूस निकाला गया है। राहुल गांधी की सोच को लेकर छात्रों और युवाओं ने इस प्रदर्शन के जरिए अपनी आवाज बुलंद की। अरिहंत आर्डेन से शुरू होकर ऐस सिटी गोलचक्कर तक निकले इस मशाल जुलूस में पेपर लीक, भर्ती में होने वाली देरी और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों, अभिभावकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शन के दौरान प्रदीप नरवाल ने साफ तौर पर कहा कि देश के युवा एक पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। वहीं, जिलाध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कड़े शब्दों में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया को लागू करने की जोरदार मांग उठाई गई।1
- ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। इस अभियान के अंतर्गत पेपर लीक, भर्ती में देरी और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर एक मशाल जुलूस निकाला गया। अरिहंत आर्डेन से शुरू होकर ऐस सिटी गोलचक्कर तक पहुंचे इस मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बरतने, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई करने और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया लागू करने की जोरदार मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता प्रदीप नरवाल ने कहा कि देश का युवा पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था चाहता है। वहीं, जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने साफ शब्दों में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस छात्रों की इस आवाज को लगातार बुलंद करती रहेगी।1
- मुंबई के अंधेरी स्टेशन की एसी लोकल ट्रेन में एक यात्री ने टीटीई से मराठी बोलने को कहा। जब टीटीई ने इसका विरोध किया और मराठी बोलने से मना कर दिया, तो यात्री ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। इसके बाद वहां एक मराठी बोलने वाले दूसरे टीटीई पहुंचे, जिन्होंने उस यात्री को ऐसा जवाब दिया कि उसकी सारी अकड़ निकल गई। मराठी बोलने वाले टीटीई ने यात्री से सीधे सवाल किया कि अगर उन्हें हिंदी या इंग्लिश से इतनी ही नफरत है, तो वे अपने फोन के व्हाट्सऐप में इंग्लिश और हिंदी का उपयोग क्यों कर रहे हैं।1
- रामपुर जिले के स्वार ब्लॉक क्षेत्र में स्थित बहादुरपुर गाँव में एक घर के पास सांपों का एक बड़ा जोड़ा दिखाई दिया है। इस सांप के जोड़े को देखने के लिए मौके पर गाँव वालों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस दौरान वहाँ मौजूद एक व्यक्ति ने सांपों के जोड़े का वीडियो बना लिया और मंगलवार की सुबह लगभग 9:00 बजे इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि व माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, विशिष्ट अतिथि सांसद कंवर सिंह तंवर, एमएलसी डॉ. हरिसिंह ढिल्लो, विधायक राजीव तरारा और जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इन सभी अतिथियों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। इस सम्मेलन के तहत अमरोहा और जोया विकास खंड के कुल 291 जोड़े अपनी-अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विवाह के पवित्र बंधन में बंधे। योजना का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों को ही मिले, इसके लिए सभी जोड़ों का सत्यापन बायोमेट्रिक आधार पर किया गया। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार में अब आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों की बेटियों की शादियां भी वीआईपी शादियों की तरह धूमधाम से आयोजित हो रही हैं, जिनमें मंत्री, विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होकर उन परिवारों की खुशियां बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस विवाह समारोह में अल्पसंख्यक समुदाय के जोड़ों की संख्या बहुसंख्यक समुदाय से अधिक है, जो दर्शाता है कि भाजपा सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी की चिंता से पिछड़े वर्ग के लोगों को मुक्त कर दिया है और यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सकारात्मक व दूरदर्शी सोच के कारण संभव हो सका है।4