logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सम्भल जिले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद में बुलडोजर चलाकर कथित अवैध कब्जा हटवा दिया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में इस जमीन को पूरी तरह खाली कराकर उसके वास्तविक स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 1890 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा चार वर्ष पहले मुसब्बिरा खातून के नाम हुआ था और दाखिल-खारिज भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया था। हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यह कदम उठाया। इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर अब्बास हैदर ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी माता मुसब्बिरा खातून के नाम इस जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशाद और इस्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। दूसरी तरफ, कब्जाधारी इस्तेखार का कहना है कि उन्होंने करीब 23 वर्ष पहले 50 हजार रुपये में रहने के लिए यह जमीन खरीदी थी, लेकिन इसका रजिस्टर्ड बैनामा नहीं करा पाए थे। उनका आरोप है कि बाद में विक्रेता ने इसी जमीन का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया। इस्तेखार ने दावा किया कि आज इस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है और प्रशासन की कार्रवाई के बाद वह अपना सामान हटाकर जगह खाली कर देंगे।

8 hrs ago
user_Mubarak Ali
Mubarak Ali
संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

सम्भल जिले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद में बुलडोजर चलाकर कथित अवैध कब्जा हटवा दिया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में इस जमीन को

पूरी तरह खाली कराकर उसके वास्तविक स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 1890 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा चार वर्ष पहले मुसब्बिरा खातून के नाम हुआ था और दाखिल-खारिज भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन उन्हें

कब्जा नहीं मिल पाया था। हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यह कदम उठाया। इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर अब्बास हैदर ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी माता मुसब्बिरा खातून के नाम इस जमीन

का विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशाद और इस्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने

हाईकोर्ट की शरण ली। दूसरी तरफ, कब्जाधारी इस्तेखार का कहना है कि उन्होंने करीब 23 वर्ष पहले 50 हजार रुपये में रहने के लिए यह जमीन खरीदी थी, लेकिन इसका रजिस्टर्ड बैनामा नहीं करा पाए थे। उनका आरोप है कि बाद में विक्रेता ने

इसी जमीन का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया। इस्तेखार ने दावा किया कि आज इस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है और प्रशासन की कार्रवाई के बाद वह अपना सामान हटाकर जगह खाली कर देंगे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • संभल के असमोली थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़न में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी ईदगाह को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से विवाद गहरा गया है। सरकारी अभिलेखों के आधार पर प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस कार्रवाई का स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का तर्क है कि यह स्थान वर्षों से ईदगाह और कब्रिस्तान दोनों के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है, जबकि प्रशासन इसे सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इसके मूल स्वरूप में बहाल करने की बात कह रहा है। कार्रवाई के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान लंबे समय से ईद, बकरीद और जनाज़े की नमाज़ के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। स्थानीय निवासी कल्लू ने बताया कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस स्थान को घेरने की कार्रवाई समझ से परे है, क्योंकि यहां जनाज़े की नमाज़ के साथ-साथ दफन की प्रक्रिया भी होती है। वहीं, जुम्मा खान ने बताया कि उनके पूर्वजों के समय से यह स्थान दोनों रूपों में इस्तेमाल हो रहा है। पहले सड़क किनारे नमाज़ पढ़ी जाती थी जिससे आवागमन बाधित होता था, इसलिए बाद में नमाज़ इस स्थान पर पढ़ी जाने लगी। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग दोबारा रखने की बात कही है। दूसरी ओर, संभल के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी के दौरान गाटा संख्या 208 को कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित किया गया था। वर्तमान में गाटा संख्या 210 का उपयोग कब्रिस्तान के रूप में हो रहा है, जबकि गाटा संख्या 208 का प्रयोजन बदलकर कुछ लोगों ने इसे ईदगाह के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। तहसीलदार के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य सरकारी अभिलेखों के मुताबिक कब्रिस्तान की भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना और नियमानुसार उसका उपयोग सुनिश्चित करना है। इस कार्रवाई के बाद से गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चा काफी तेज है।
    1
    संभल के असमोली थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़न में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी ईदगाह को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से विवाद गहरा गया है। सरकारी अभिलेखों के आधार पर प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस कार्रवाई का स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का तर्क है कि यह स्थान वर्षों से ईदगाह और कब्रिस्तान दोनों के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है, जबकि प्रशासन इसे सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इसके मूल स्वरूप में बहाल करने की बात कह रहा है।

कार्रवाई के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान लंबे समय से ईद, बकरीद और जनाज़े की नमाज़ के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। स्थानीय निवासी कल्लू ने बताया कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस स्थान को घेरने की कार्रवाई समझ से परे है, क्योंकि यहां जनाज़े की नमाज़ के साथ-साथ दफन की प्रक्रिया भी होती है। वहीं, जुम्मा खान ने बताया कि उनके पूर्वजों के समय से यह स्थान दोनों रूपों में इस्तेमाल हो रहा है। पहले सड़क किनारे नमाज़ पढ़ी जाती थी जिससे आवागमन बाधित होता था, इसलिए बाद में नमाज़ इस स्थान पर पढ़ी जाने लगी। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग दोबारा रखने की बात कही है।

दूसरी ओर, संभल के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी के दौरान गाटा संख्या 208 को कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित किया गया था। वर्तमान में गाटा संख्या 210 का उपयोग कब्रिस्तान के रूप में हो रहा है, जबकि गाटा संख्या 208 का प्रयोजन बदलकर कुछ लोगों ने इसे ईदगाह के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। तहसीलदार के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य सरकारी अभिलेखों के मुताबिक कब्रिस्तान की भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना और नियमानुसार उसका उपयोग सुनिश्चित करना है। इस कार्रवाई के बाद से गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चा काफी तेज है।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • संभल जिले की चंदौसी तहसील के बहजोई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बहादुर नगर के निवासी देव राणा ने अपनी गली की सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। देव राणा का कहना है कि उनकी गली की रोड की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जिसके कारण वहां से लोगों का निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर जब ग्राम प्रधान से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सड़क डलवाने से साफ मना कर दिया और साफ तौर पर कहा कि जो करना है कर लो, मैं रोड नहीं डालने दूंगा। इस गंभीर विषय पर शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और शिकायत के बावजूद डीएम व एसडीएम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सड़क पर पसरी भारी गंदगी के कारण अब गांव में जानलेवा बीमारियां पैदा हो रही हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
    4
    संभल जिले की चंदौसी तहसील के बहजोई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बहादुर नगर के निवासी देव राणा ने अपनी गली की सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। देव राणा का कहना है कि उनकी गली की रोड की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जिसके कारण वहां से लोगों का निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर जब ग्राम प्रधान से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सड़क डलवाने से साफ मना कर दिया और साफ तौर पर कहा कि जो करना है कर लो, मैं रोड नहीं डालने दूंगा।

इस गंभीर विषय पर शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और शिकायत के बावजूद डीएम व एसडीएम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सड़क पर पसरी भारी गंदगी के कारण अब गांव में जानलेवा बीमारियां पैदा हो रही हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
    user_Dev rana
    Dev rana
    Firefighter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के संभल जनपद की गुन्नौर तहसील क्षेत्र के वहीपुर गांव में एक किसान ने बंदरों और आवारा पशुओं से अपनी मक्का और धान की फसल को बचाने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया है। धनारी थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान केशव कुमार ने बंदरों को खेत से भगाने के लिए बाजार से ₹1700 का भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा है। अब वे प्रतिदिन इस कॉस्ट्यूम को पहनकर अपने खेत की रखवाली करते हैं, जिससे उनकी मक्का और धान की फसल सुरक्षित हो गई है। किसान केशव कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से वे काफी परेशान थे और उनकी फसल रोजाना बर्बाद हो रही थी। पहले डंडे मारने या शोर मचाने पर भी बंदर नहीं भागते थे, बल्कि उल्टा वे उन पर हमलावर हो जाते थे। लेकिन अब भालू का रूप और मुखौटा देखकर बंदर खेत के पास भी नहीं आते और दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं। किसान के इस अनोखे और कामयाब तरीके की चर्चा अब उनके गांव सहित आसपास के तमाम क्षेत्रों में हो रही है।
    3
    उत्तर प्रदेश के संभल जनपद की गुन्नौर तहसील क्षेत्र के वहीपुर गांव में एक किसान ने बंदरों और आवारा पशुओं से अपनी मक्का और धान की फसल को बचाने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया है। धनारी थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान केशव कुमार ने बंदरों को खेत से भगाने के लिए बाजार से ₹1700 का भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा है। अब वे प्रतिदिन इस कॉस्ट्यूम को पहनकर अपने खेत की रखवाली करते हैं, जिससे उनकी मक्का और धान की फसल सुरक्षित हो गई है।

किसान केशव कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से वे काफी परेशान थे और उनकी फसल रोजाना बर्बाद हो रही थी। पहले डंडे मारने या शोर मचाने पर भी बंदर नहीं भागते थे, बल्कि उल्टा वे उन पर हमलावर हो जाते थे। लेकिन अब भालू का रूप और मुखौटा देखकर बंदर खेत के पास भी नहीं आते और दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं। किसान के इस अनोखे और कामयाब तरीके की चर्चा अब उनके गांव सहित आसपास के तमाम क्षेत्रों में हो रही है।
    user_Nitin Sagar
    Nitin Sagar
    Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • संभल जनपद में एक परिवार ने अपने खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे को फर्जी बताते हुए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि जमीन विवाद के चलते उन्हें साजिश के तहत इस मुकदमे में नामजद किया गया है।
    1
    संभल जनपद में एक परिवार ने अपने खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे को फर्जी बताते हुए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि जमीन विवाद के चलते उन्हें साजिश के तहत इस मुकदमे में नामजद किया गया है।
    user_Eslam Ali
    Eslam Ali
    चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पिछले तीन साल से घर के आगे सड़क न बनने से परेशान एक निवासी ने ग्राम पंचायत के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम पंचायत प्रधान इस मामले में उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। प्रधान का कहना है कि 'तुमने मुझे वोट नहीं दिया है, इसलिए मैं तुम्हारी सुनवाई नहीं कर रहा हूँ।' इस रवैये से बेहद परेशान होकर पीड़ित ने जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कर घर के आगे सड़क बनवाने की अपील की है और साक्ष्य के रूप में कुछ तस्वीरें भी संलग्न की हैं।
    3
    उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पिछले तीन साल से घर के आगे सड़क न बनने से परेशान एक निवासी ने ग्राम पंचायत के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम पंचायत प्रधान इस मामले में उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। प्रधान का कहना है कि 'तुमने मुझे वोट नहीं दिया है, इसलिए मैं तुम्हारी सुनवाई नहीं कर रहा हूँ।' इस रवैये से बेहद परेशान होकर पीड़ित ने जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कर घर के आगे सड़क बनवाने की अपील की है और साक्ष्य के रूप में कुछ तस्वीरें भी संलग्न की हैं।
    user_Mohd arbaz
    Mohd arbaz
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक मशाल जुलूस निकाला गया है। राहुल गांधी की सोच को लेकर छात्रों और युवाओं ने इस प्रदर्शन के जरिए अपनी आवाज बुलंद की। अरिहंत आर्डेन से शुरू होकर ऐस सिटी गोलचक्कर तक निकले इस मशाल जुलूस में पेपर लीक, भर्ती में होने वाली देरी और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों, अभिभावकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शन के दौरान प्रदीप नरवाल ने साफ तौर पर कहा कि देश के युवा एक पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। वहीं, जिलाध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कड़े शब्दों में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया को लागू करने की जोरदार मांग उठाई गई।
    1
    'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक मशाल जुलूस निकाला गया है। राहुल गांधी की सोच को लेकर छात्रों और युवाओं ने इस प्रदर्शन के जरिए अपनी आवाज बुलंद की। अरिहंत आर्डेन से शुरू होकर ऐस सिटी गोलचक्कर तक निकले इस मशाल जुलूस में पेपर लीक, भर्ती में होने वाली देरी और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों, अभिभावकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

प्रदर्शन के दौरान प्रदीप नरवाल ने साफ तौर पर कहा कि देश के युवा एक पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। वहीं, जिलाध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कड़े शब्दों में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया को लागू करने की जोरदार मांग उठाई गई।
    user_Arun Gurjar districAmroha
    Arun Gurjar districAmroha
    Youth Social Services Organisation अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सम्भल जिले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद में बुलडोजर चलाकर कथित अवैध कब्जा हटवा दिया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में इस जमीन को पूरी तरह खाली कराकर उसके वास्तविक स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 1890 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा चार वर्ष पहले मुसब्बिरा खातून के नाम हुआ था और दाखिल-खारिज भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया था। हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यह कदम उठाया। इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर अब्बास हैदर ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी माता मुसब्बिरा खातून के नाम इस जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशाद और इस्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। दूसरी तरफ, कब्जाधारी इस्तेखार का कहना है कि उन्होंने करीब 23 वर्ष पहले 50 हजार रुपये में रहने के लिए यह जमीन खरीदी थी, लेकिन इसका रजिस्टर्ड बैनामा नहीं करा पाए थे। उनका आरोप है कि बाद में विक्रेता ने इसी जमीन का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया। इस्तेखार ने दावा किया कि आज इस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है और प्रशासन की कार्रवाई के बाद वह अपना सामान हटाकर जगह खाली कर देंगे।
    6
    सम्भल जिले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद में बुलडोजर चलाकर कथित अवैध कब्जा हटवा दिया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में इस जमीन को पूरी तरह खाली कराकर उसके वास्तविक स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 1890 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा चार वर्ष पहले मुसब्बिरा खातून के नाम हुआ था और दाखिल-खारिज भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया था। हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यह कदम उठाया।

इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर अब्बास हैदर ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी माता मुसब्बिरा खातून के नाम इस जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशाद और इस्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली।

दूसरी तरफ, कब्जाधारी इस्तेखार का कहना है कि उन्होंने करीब 23 वर्ष पहले 50 हजार रुपये में रहने के लिए यह जमीन खरीदी थी, लेकिन इसका रजिस्टर्ड बैनामा नहीं करा पाए थे। उनका आरोप है कि बाद में विक्रेता ने इसी जमीन का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया। इस्तेखार ने दावा किया कि आज इस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है और प्रशासन की कार्रवाई के बाद वह अपना सामान हटाकर जगह खाली कर देंगे।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के संभल में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने पानी समझकर एक सीलबंद ठंडी बोतल से घूंट ले लिया, जिसके बाद उसमें तेजाब जैसा संक्षारक पदार्थ होने की आशंका जताई जा रही है। बोतल पीते ही युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह दर्द से छटपटाने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती द्वारा पी गई यह बोतल एक दुकान से सीलबंद अवस्था में ही मंगाई गई थी। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बोतल को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस सीलबंद बोतल के भीतर इतना खतरनाक पदार्थ कैसे पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस हादसे के बाद से क्षेत्र में खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी पैकेजिंग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
    1
    उत्तर प्रदेश के संभल में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने पानी समझकर एक सीलबंद ठंडी बोतल से घूंट ले लिया, जिसके बाद उसमें तेजाब जैसा संक्षारक पदार्थ होने की आशंका जताई जा रही है। बोतल पीते ही युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह दर्द से छटपटाने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती द्वारा पी गई यह बोतल एक दुकान से सीलबंद अवस्था में ही मंगाई गई थी। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बोतल को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस सीलबंद बोतल के भीतर इतना खतरनाक पदार्थ कैसे पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस हादसे के बाद से क्षेत्र में खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी पैकेजिंग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
    user_Sandeep
    Sandeep
    Politics Sambhal, Uttar Pradesh•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.