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उत्तर प्रदेश के संभल जनपद की गुन्नौर तहसील क्षेत्र के वहीपुर गांव में एक किसान ने बंदरों और आवारा पशुओं से अपनी मक्का और धान की फसल को बचाने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया है। धनारी थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान केशव कुमार ने बंदरों को खेत से भगाने के लिए बाजार से ₹1700 का भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा है। अब वे प्रतिदिन इस कॉस्ट्यूम को पहनकर अपने खेत की रखवाली करते हैं, जिससे उनकी मक्का और धान की फसल सुरक्षित हो गई है। किसान केशव कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से वे काफी परेशान थे और उनकी फसल रोजाना बर्बाद हो रही थी। पहले डंडे मारने या शोर मचाने पर भी बंदर नहीं भागते थे, बल्कि उल्टा वे उन पर हमलावर हो जाते थे। लेकिन अब भालू का रूप और मुखौटा देखकर बंदर खेत के पास भी नहीं आते और दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं। किसान के इस अनोखे और कामयाब तरीके की चर्चा अब उनके गांव सहित आसपास के तमाम क्षेत्रों में हो रही है।

11 hrs ago
user_Nitin Sagar
Nitin Sagar
Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

उत्तर प्रदेश के संभल जनपद की गुन्नौर तहसील क्षेत्र के वहीपुर गांव में एक किसान ने बंदरों और आवारा पशुओं से अपनी मक्का और धान की फसल को बचाने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया है। धनारी थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान केशव कुमार ने बंदरों को खेत से भगाने के लिए बाजार से ₹1700 का

भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा है। अब वे प्रतिदिन इस कॉस्ट्यूम को पहनकर अपने खेत की रखवाली करते हैं, जिससे उनकी मक्का और धान की फसल सुरक्षित हो गई है। किसान केशव कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से वे काफी परेशान थे और उनकी फसल रोजाना बर्बाद हो रही थी। पहले डंडे मारने या शोर मचाने पर

भी बंदर नहीं भागते थे, बल्कि उल्टा वे उन पर हमलावर हो जाते थे। लेकिन अब भालू का रूप और मुखौटा देखकर बंदर खेत के पास भी नहीं आते और दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं। किसान के इस अनोखे और कामयाब तरीके की चर्चा अब उनके गांव सहित आसपास के तमाम क्षेत्रों में हो रही है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • संभल जिले की चंदौसी तहसील के बहजोई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बहादुर नगर के निवासी देव राणा ने अपनी गली की सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। देव राणा का कहना है कि उनकी गली की रोड की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जिसके कारण वहां से लोगों का निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर जब ग्राम प्रधान से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सड़क डलवाने से साफ मना कर दिया और साफ तौर पर कहा कि जो करना है कर लो, मैं रोड नहीं डालने दूंगा। इस गंभीर विषय पर शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और शिकायत के बावजूद डीएम व एसडीएम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सड़क पर पसरी भारी गंदगी के कारण अब गांव में जानलेवा बीमारियां पैदा हो रही हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
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    संभल जिले की चंदौसी तहसील के बहजोई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बहादुर नगर के निवासी देव राणा ने अपनी गली की सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। देव राणा का कहना है कि उनकी गली की रोड की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जिसके कारण वहां से लोगों का निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर जब ग्राम प्रधान से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सड़क डलवाने से साफ मना कर दिया और साफ तौर पर कहा कि जो करना है कर लो, मैं रोड नहीं डालने दूंगा।

इस गंभीर विषय पर शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और शिकायत के बावजूद डीएम व एसडीएम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सड़क पर पसरी भारी गंदगी के कारण अब गांव में जानलेवा बीमारियां पैदा हो रही हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
    user_Dev rana
    Dev rana
    Firefighter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के संभल जनपद की गुन्नौर तहसील क्षेत्र के वहीपुर गांव में एक किसान ने बंदरों और आवारा पशुओं से अपनी मक्का और धान की फसल को बचाने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया है। धनारी थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान केशव कुमार ने बंदरों को खेत से भगाने के लिए बाजार से ₹1700 का भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा है। अब वे प्रतिदिन इस कॉस्ट्यूम को पहनकर अपने खेत की रखवाली करते हैं, जिससे उनकी मक्का और धान की फसल सुरक्षित हो गई है। किसान केशव कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से वे काफी परेशान थे और उनकी फसल रोजाना बर्बाद हो रही थी। पहले डंडे मारने या शोर मचाने पर भी बंदर नहीं भागते थे, बल्कि उल्टा वे उन पर हमलावर हो जाते थे। लेकिन अब भालू का रूप और मुखौटा देखकर बंदर खेत के पास भी नहीं आते और दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं। किसान के इस अनोखे और कामयाब तरीके की चर्चा अब उनके गांव सहित आसपास के तमाम क्षेत्रों में हो रही है।
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    उत्तर प्रदेश के संभल जनपद की गुन्नौर तहसील क्षेत्र के वहीपुर गांव में एक किसान ने बंदरों और आवारा पशुओं से अपनी मक्का और धान की फसल को बचाने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया है। धनारी थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान केशव कुमार ने बंदरों को खेत से भगाने के लिए बाजार से ₹1700 का भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा है। अब वे प्रतिदिन इस कॉस्ट्यूम को पहनकर अपने खेत की रखवाली करते हैं, जिससे उनकी मक्का और धान की फसल सुरक्षित हो गई है।

किसान केशव कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से वे काफी परेशान थे और उनकी फसल रोजाना बर्बाद हो रही थी। पहले डंडे मारने या शोर मचाने पर भी बंदर नहीं भागते थे, बल्कि उल्टा वे उन पर हमलावर हो जाते थे। लेकिन अब भालू का रूप और मुखौटा देखकर बंदर खेत के पास भी नहीं आते और दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं। किसान के इस अनोखे और कामयाब तरीके की चर्चा अब उनके गांव सहित आसपास के तमाम क्षेत्रों में हो रही है।
    user_Nitin Sagar
    Nitin Sagar
    Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by Neeraj Mariya
    1
    Post by Neeraj Mariya
    user_Neeraj Mariya
    Neeraj Mariya
    बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • संभल के असमोली थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़न में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी ईदगाह को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से विवाद गहरा गया है। सरकारी अभिलेखों के आधार पर प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस कार्रवाई का स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का तर्क है कि यह स्थान वर्षों से ईदगाह और कब्रिस्तान दोनों के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है, जबकि प्रशासन इसे सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इसके मूल स्वरूप में बहाल करने की बात कह रहा है। कार्रवाई के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान लंबे समय से ईद, बकरीद और जनाज़े की नमाज़ के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। स्थानीय निवासी कल्लू ने बताया कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस स्थान को घेरने की कार्रवाई समझ से परे है, क्योंकि यहां जनाज़े की नमाज़ के साथ-साथ दफन की प्रक्रिया भी होती है। वहीं, जुम्मा खान ने बताया कि उनके पूर्वजों के समय से यह स्थान दोनों रूपों में इस्तेमाल हो रहा है। पहले सड़क किनारे नमाज़ पढ़ी जाती थी जिससे आवागमन बाधित होता था, इसलिए बाद में नमाज़ इस स्थान पर पढ़ी जाने लगी। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग दोबारा रखने की बात कही है। दूसरी ओर, संभल के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी के दौरान गाटा संख्या 208 को कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित किया गया था। वर्तमान में गाटा संख्या 210 का उपयोग कब्रिस्तान के रूप में हो रहा है, जबकि गाटा संख्या 208 का प्रयोजन बदलकर कुछ लोगों ने इसे ईदगाह के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। तहसीलदार के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य सरकारी अभिलेखों के मुताबिक कब्रिस्तान की भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना और नियमानुसार उसका उपयोग सुनिश्चित करना है। इस कार्रवाई के बाद से गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चा काफी तेज है।
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    संभल के असमोली थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़न में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी ईदगाह को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से विवाद गहरा गया है। सरकारी अभिलेखों के आधार पर प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस कार्रवाई का स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का तर्क है कि यह स्थान वर्षों से ईदगाह और कब्रिस्तान दोनों के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है, जबकि प्रशासन इसे सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इसके मूल स्वरूप में बहाल करने की बात कह रहा है।

कार्रवाई के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान लंबे समय से ईद, बकरीद और जनाज़े की नमाज़ के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। स्थानीय निवासी कल्लू ने बताया कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस स्थान को घेरने की कार्रवाई समझ से परे है, क्योंकि यहां जनाज़े की नमाज़ के साथ-साथ दफन की प्रक्रिया भी होती है। वहीं, जुम्मा खान ने बताया कि उनके पूर्वजों के समय से यह स्थान दोनों रूपों में इस्तेमाल हो रहा है। पहले सड़क किनारे नमाज़ पढ़ी जाती थी जिससे आवागमन बाधित होता था, इसलिए बाद में नमाज़ इस स्थान पर पढ़ी जाने लगी। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग दोबारा रखने की बात कही है।

दूसरी ओर, संभल के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी के दौरान गाटा संख्या 208 को कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित किया गया था। वर्तमान में गाटा संख्या 210 का उपयोग कब्रिस्तान के रूप में हो रहा है, जबकि गाटा संख्या 208 का प्रयोजन बदलकर कुछ लोगों ने इसे ईदगाह के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। तहसीलदार के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य सरकारी अभिलेखों के मुताबिक कब्रिस्तान की भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना और नियमानुसार उसका उपयोग सुनिश्चित करना है। इस कार्रवाई के बाद से गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चा काफी तेज है।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बदायूँ के कादरचौक अंतर्गत ग्राम नूरपुर में सऊदी अरब, मक्का मदीना के मुबारक उमरे सफर से वापस लौटे जाहिद अली का ग्रामीणों ने पुरजोर इस्तकबाल किया है। इस विशेष अवसर पर एक इस्तक़वालिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं और मिठाई खिलाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान शायरे इस्लाम आमिल सक़लैनी और वरिष्ठ पत्रकार हामिद अली राजपूत ने जाहिद अली को फूलमाला पहनाकर उनका इस्तकबाल किया। इस मुबारक मौके पर हामिद अली खान राजपूत ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अल्लाह ताला इस मुक़द्दस घर की हाजिरी सबको करायें। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चुन्नू प्रधान, पत्रकार इंतजार हुसैन, मस्जिद के हाफिज शाहरुल इमाम, पूर्व प्रधान चुन्नू मियां, इकरार अली और सूफी जी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    बदायूँ के कादरचौक अंतर्गत ग्राम नूरपुर में सऊदी अरब, मक्का मदीना के मुबारक उमरे सफर से वापस लौटे जाहिद अली का ग्रामीणों ने पुरजोर इस्तकबाल किया है। इस विशेष अवसर पर एक इस्तक़वालिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं और मिठाई खिलाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस दौरान शायरे इस्लाम आमिल सक़लैनी और वरिष्ठ पत्रकार हामिद अली राजपूत ने जाहिद अली को फूलमाला पहनाकर उनका इस्तकबाल किया। इस मुबारक मौके पर हामिद अली खान राजपूत ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अल्लाह ताला इस मुक़द्दस घर की हाजिरी सबको करायें।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चुन्नू प्रधान, पत्रकार इंतजार हुसैन, मस्जिद के हाफिज शाहरुल इमाम, पूर्व प्रधान चुन्नू मियां, इकरार अली और सूफी जी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_Vijay Gautam
    Vijay Gautam
    बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बदायूँ से ग्रामीण जिला पंचायत को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। इसके तहत यह स्पष्ट किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों और जिलों का काम किसी भी हाल में रुक नहीं सकता है।
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    बदायूँ से ग्रामीण जिला पंचायत को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। इसके तहत यह स्पष्ट किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों और जिलों का काम किसी भी हाल में रुक नहीं सकता है।
    user_हरजीत
    हरजीत
    Farmer बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सम्भल जिले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद में बुलडोजर चलाकर कथित अवैध कब्जा हटवा दिया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में इस जमीन को पूरी तरह खाली कराकर उसके वास्तविक स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 1890 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा चार वर्ष पहले मुसब्बिरा खातून के नाम हुआ था और दाखिल-खारिज भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया था। हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यह कदम उठाया। इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर अब्बास हैदर ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी माता मुसब्बिरा खातून के नाम इस जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशाद और इस्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। दूसरी तरफ, कब्जाधारी इस्तेखार का कहना है कि उन्होंने करीब 23 वर्ष पहले 50 हजार रुपये में रहने के लिए यह जमीन खरीदी थी, लेकिन इसका रजिस्टर्ड बैनामा नहीं करा पाए थे। उनका आरोप है कि बाद में विक्रेता ने इसी जमीन का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया। इस्तेखार ने दावा किया कि आज इस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है और प्रशासन की कार्रवाई के बाद वह अपना सामान हटाकर जगह खाली कर देंगे।
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    सम्भल जिले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद में बुलडोजर चलाकर कथित अवैध कब्जा हटवा दिया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में इस जमीन को पूरी तरह खाली कराकर उसके वास्तविक स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 1890 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा चार वर्ष पहले मुसब्बिरा खातून के नाम हुआ था और दाखिल-खारिज भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया था। हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यह कदम उठाया।

इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर अब्बास हैदर ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी माता मुसब्बिरा खातून के नाम इस जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशाद और इस्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली।

दूसरी तरफ, कब्जाधारी इस्तेखार का कहना है कि उन्होंने करीब 23 वर्ष पहले 50 हजार रुपये में रहने के लिए यह जमीन खरीदी थी, लेकिन इसका रजिस्टर्ड बैनामा नहीं करा पाए थे। उनका आरोप है कि बाद में विक्रेता ने इसी जमीन का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया। इस्तेखार ने दावा किया कि आज इस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है और प्रशासन की कार्रवाई के बाद वह अपना सामान हटाकर जगह खाली कर देंगे।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के संभल में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने पानी समझकर एक सीलबंद ठंडी बोतल से घूंट ले लिया, जिसके बाद उसमें तेजाब जैसा संक्षारक पदार्थ होने की आशंका जताई जा रही है। बोतल पीते ही युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह दर्द से छटपटाने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती द्वारा पी गई यह बोतल एक दुकान से सीलबंद अवस्था में ही मंगाई गई थी। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बोतल को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस सीलबंद बोतल के भीतर इतना खतरनाक पदार्थ कैसे पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस हादसे के बाद से क्षेत्र में खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी पैकेजिंग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के संभल में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने पानी समझकर एक सीलबंद ठंडी बोतल से घूंट ले लिया, जिसके बाद उसमें तेजाब जैसा संक्षारक पदार्थ होने की आशंका जताई जा रही है। बोतल पीते ही युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह दर्द से छटपटाने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती द्वारा पी गई यह बोतल एक दुकान से सीलबंद अवस्था में ही मंगाई गई थी। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बोतल को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस सीलबंद बोतल के भीतर इतना खतरनाक पदार्थ कैसे पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस हादसे के बाद से क्षेत्र में खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी पैकेजिंग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
    user_Sandeep
    Sandeep
    Politics Sambhal, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
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