ललितपुर के बार ब्लॉक स्थित ग्राम चिकलौआ निवासी 78 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एल.वी. एंटनी देवकुमार सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 308(4) के तहत कार्रवाई की गई है। मृतक ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर अपनी जान दी थी। आत्महत्या के बाद मृतक के पास से तीन सुसाइड नोट बरामद किए गए हैं, जो न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी बार के नाम लिखे गए थे। इन नोटों में वर्ष 2002 में दर्ज एक कथित फर्जी एससी/एसटी मुकदमे, सामाजिक अपमान और लंबे समय से झेल रहे मानसिक उत्पीड़न का जिक्र किया गया है। मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता पिछले 24 वर्षों से इस उत्पीड़न का शिकार थे। इस घटना को लेकर शुक्रवार को भारी आक्रोश देखने को मिला, जब करीब 40 गांवों के 200 से अधिक ग्रामीण और परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जमकर नारेबाजी की और एफआईआर दर्ज होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया था। प्रदर्शनकारियों के दबाव और मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने एल.वी. एंटनी देवकुमार के साथ गोकुल प्रसाद, कामता प्रसाद, देवेंद्र कुमार, गुलाब और छोटेलाल को नामजद किया है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
ललितपुर के बार ब्लॉक स्थित ग्राम चिकलौआ निवासी 78 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एल.वी. एंटनी देवकुमार सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 308(4) के तहत कार्रवाई की गई है। मृतक ने विषाक्त पदार्थ
का सेवन कर अपनी जान दी थी। आत्महत्या के बाद मृतक के पास से तीन सुसाइड नोट बरामद किए गए हैं, जो न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी बार के नाम लिखे गए थे। इन नोटों में वर्ष 2002 में दर्ज एक कथित फर्जी एससी/एसटी मुकदमे, सामाजिक अपमान और लंबे समय से झेल रहे मानसिक उत्पीड़न का जिक्र किया
गया है। मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता पिछले 24 वर्षों से इस उत्पीड़न का शिकार थे। इस घटना को लेकर शुक्रवार को भारी आक्रोश देखने को मिला, जब करीब 40 गांवों के 200 से अधिक ग्रामीण और परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जमकर नारेबाजी की और एफआईआर दर्ज होने तक शव
का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया था। प्रदर्शनकारियों के दबाव और मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने एल.वी. एंटनी देवकुमार के साथ गोकुल प्रसाद, कामता प्रसाद, देवेंद्र कुमार, गुलाब और छोटेलाल को नामजद किया है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
- ललितपुर जिले के बार थाना क्षेत्र के ग्राम चिगलौआ में 78 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी द्वारा विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतक के पुत्र की तहरीर और तीन पृष्ठों के सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजी और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ललितपुर, एल.वी. एंटोनी देवकुमार सहित लगभग आधा दर्जन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुसाइड नोट में राजाराम गोस्वामी ने वर्ष 2002 का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि एल.वी. एंटोनी ने उनके विद्यालय में आकर उनका सार्वजनिक अपमान किया था और मनगढ़ंत आरोप लगाकर बार थाने में दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। मृतक के अनुसार, वह तभी से मानसिक कष्ट और पीड़ा में थे। वहीं, मृतक के पुत्र ने बताया कि उनके पिता ने भी विपक्षियों के खिलाफ न्यायालय की शरण ली थी, जिसके बाद से आरोपी उन्हें लगातार धमकाकर अवैध धन की मांग कर रहे थे, जिससे उनके पिता भारी तनाव में थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की सत्यता, उसमें लगाए गए आरोपों और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।4
- ललितपुर के बार ब्लॉक स्थित ग्राम चिकलौआ निवासी 78 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एल.वी. एंटनी देवकुमार सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 308(4) के तहत कार्रवाई की गई है। मृतक ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर अपनी जान दी थी। आत्महत्या के बाद मृतक के पास से तीन सुसाइड नोट बरामद किए गए हैं, जो न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी बार के नाम लिखे गए थे। इन नोटों में वर्ष 2002 में दर्ज एक कथित फर्जी एससी/एसटी मुकदमे, सामाजिक अपमान और लंबे समय से झेल रहे मानसिक उत्पीड़न का जिक्र किया गया है। मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता पिछले 24 वर्षों से इस उत्पीड़न का शिकार थे। इस घटना को लेकर शुक्रवार को भारी आक्रोश देखने को मिला, जब करीब 40 गांवों के 200 से अधिक ग्रामीण और परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जमकर नारेबाजी की और एफआईआर दर्ज होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया था। प्रदर्शनकारियों के दबाव और मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने एल.वी. एंटनी देवकुमार के साथ गोकुल प्रसाद, कामता प्रसाद, देवेंद्र कुमार, गुलाब और छोटेलाल को नामजद किया है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी है।4
- ललितपुर जिले के बार ब्लॉक मुख्यालय का मुख्य बस स्टैंड इन दिनों कचरे के ढेर और फैली दुर्गंध के कारण भीषण गंदगी की चपेट में है। बिजली की डीपी के पास कचरे का बड़ा अंबार लगा है, जहाँ अन्ना गौवंश विचरण करते देखे जा सकते हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि बस स्टैंड पर स्थित कचरा पात्र पूरी तरह भर चुके हैं और नालियों से निकाला गया कचरा भी कई दिनों से सड़क किनारे पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरे बार कस्बे में गंदगी के कारण सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है और लोगों को दुर्गंध से बचने के लिए नाक बंद करके गुजरना पड़ रहा है। इस मार्ग पर विंध्यवासिनी माता और शबरी माता के मंदिर स्थित होने के कारण यहाँ आने वाले श्रद्धालु भी इसी बदबू और गंदगी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी मुन्ना लाल का कहना है कि नालियों की सफाई के बाद निकाला गया कचरा नहीं उठाए जाने से बदबू बढ़ गई है, जिससे बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। बस का इंतजार कर रही शकुंतला कुशवाहा ने भी बताया कि प्रतीक्षालय के बाहर खड़ा होना भी दूभर हो गया है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले पर प्रधान प्रतिनिधि लखन सहरिया ने जानकारी दी कि कस्बे की नालियों की सफाई का कार्य चल रहा है। उन्होंने बस स्टैंड पर जमा कचरे को जल्द ही उठवाने का आश्वासन दिया है ताकि स्थानीय निवासियों और यात्रियों को राहत मिल सके।2
- ललितपुर शहर में अमृत योजना 2.0 के तहत पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सबसे अधिक प्रभावित वार्ड नंबर 12 आजादपुरा तृतीय का दम्मू के कुएं के पास का मार्ग है, जो बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुका है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पाइपलाइन का काम पूरा होने के बावजूद जल निगम और ठेकेदार द्वारा खोदी गई सड़क को पहले जैसी स्थिति में नहीं लाया गया, जिससे पूरा रास्ता दलदल बन गया है। आवागमन बाधित होने के कारण आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन कीचड़ में फंस रहे हैं। हाल ही में भवन निर्माण सामग्री ले जा रही एक पिकअप और गैस एजेंसी का तिपहिया वाहन भी यहां फंस गया था, जिन्हें भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए इस मार्ग से गुजरना अत्यंत कठिन हो गया है। नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। अब लोगों ने जल निगम और जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत की मांग की है और चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई न होने पर बारिश में स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।4
- Post by Mahesh Nagaich1
- भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार का टीकमगढ़ आगमन पर कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत और पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष हरप्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम के दौरान बावरी, कारी तिगैला, बड़ागांव खुर्द और टीकमगढ़ कार्यालय सहित कई स्थानों पर पुष्प वर्षा और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत हुआ। भाजपा कार्यालय में आयोजित जिला बैठक में कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिसका संचालन नगर मंडल अध्यक्ष नरेश तिवारी ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए पवन पाटीदार ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को सम्मान देने का कार्य मोदी की भाजपा सरकार ने किया है। उन्होंने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस सरकार पर काका कालेलकर की रिपोर्ट को रोकने का आरोप लगाया। इस अवसर पर श्रीमती सरोज राजपूत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारकर विकास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में पिछड़ा वर्ग मोर्चा को बूथ स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।1
- टीकमगढ़ शहर में नगर पालिका की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर में चल रहे अधूरे अंडरग्राउंड नाले के काम के कारण एक चैंबर खुला छोड़ दिया गया था। बारिश के दौरान इसी खुले चैंबर में एक युवक अपनी बाइक समेत जा गिरा। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस घटना में युवक की बाइक पूरी तरह से पानी में डूब गई।1