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नौहट्टा राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप, जनता बेहाल नौहट्टा अंचल कार्यालय में पसरा सन्नाटा; प्रमाण पत्र और जमीन संबंधी कार्यों के लिए भटक रहे ग्रामीण नौहट्टा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का व्यापक असर अब नोहटा अंचल में दिखने लगा है। कर्मचारियों के काम बंद कर देने से अंचल कार्यालय जाने वाले राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हुई हैं: प्रमाण पत्र: छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। जमीन संबंधी कार्य: नामांतरण (Mutation), सीमांकन और खसरा-खतौनी की नकल मिलना बंद हो गई है।
पत्रकार सरफराज खान
नौहट्टा राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप, जनता बेहाल नौहट्टा अंचल कार्यालय में पसरा सन्नाटा; प्रमाण पत्र और जमीन संबंधी कार्यों के लिए भटक रहे ग्रामीण नौहट्टा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का व्यापक असर अब नोहटा अंचल में दिखने लगा है। कर्मचारियों के काम बंद कर देने से अंचल कार्यालय जाने वाले राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हुई हैं: प्रमाण पत्र: छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। जमीन संबंधी कार्य: नामांतरण (Mutation), सीमांकन और खसरा-खतौनी की नकल मिलना बंद हो गई है।
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- सहरसा (नौहट्टा)। बिहार के सुशासन में क्या कोई व्यक्ति दो अलग-अलग तारीखों पर मर सकता है सुनने में यह किसी फिल्मी पटकथा जैसा लगता है, लेकिन सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड कार्यालय ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। खड़का तेलवा वार्ड नंबर-9 निवासी नारायण साह पिछले एक महीने से प्रखंड मुख्यालय की चौखट घिस रहे हैं, लेकिन सिस्टम की सुस्ती और 'मुकदर्शक' बने अधिकारियों के कारण उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। क्या है पूरा मामला आइए बिस्तार से आपको बताते हैँ मामला जमीन हड़पने की नीयत से पिता के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा है। पीड़ित नारायण साह के मुताबिक, उनके पिता सतयुग साह का निधन 31 अक्टूबर 2009 को हुआ था। नियमतः प्रखंड कार्यालय द्वारा 26 जून 2020 को इसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया, जो आज भी सरकारी पोर्टल पर दर्ज है। आरोप है कि मृतक के दूसरे पुत्र प्रमोद साह ने जमीन के दाखिल-खारिज और अन्य लाभों के लिए सरकारी तंत्र के साथ सांठगांठ की। उन्होंने पिता की मृत्यु तिथि बदलकर 31 दिसंबर 2010 करवाई और 8 सितंबर 2025 को एक नया मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करवा लिया। सिस्टम की कार्यप्रणाली पर खड़े होते बड़े सवाल इस फर्जीवाड़े ने प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है: जब 2020 में प्रमाणपत्र जारी हो चुका था, तो दोबारा उसी व्यक्ति का डेटाबेस अपडेट कैसे हुआ? क्या पंचायत सेवक और प्रखंड स्तर पर दस्तावेजों की कोई स्क्रूटनी (जांच) नहीं होती? क्या सरकारी वेबसाइट का डेटा महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है? "मामला मेरे संज्ञान में है। इसकी जांच की जा रही है कि कौन सी तिथि सही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।" प्रिया भारती, बीडीओ, नौहट्टा जांच के नाम पर 'समय का खेल' हैरानी की बात यह है कि जो सच डिजिटल रिकॉर्ड में पहले से मौजूद है, उसे परखने में प्रशासन को महीनों लग रहे हैं। एक तरफ पीड़ित न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, वहीं दूसरी तरफ फर्जी कागजातों के आधार पर सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी 'कागजी जादूगरी' करने वाले दोषियों और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी? क्या नारायण साह को न्याय मिलेगा या फाइलें इसी तरह धूल फांकती रहेंगी?1
- सुपौल शहर के गांधी मैदान के समीप बुधवार को डॉ. निशांत एडवांस्ड इमेजिंग सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सुपौल के एडीएम एवं सिविल सर्जन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर सेंटर का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम की कवरेज आज बुधवार दोपहर लगभग 2:00 बजे की गई, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, डॉक्टर तथा गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने सेंटर का निरीक्षण भी किया और यहां उपलब्ध आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के अत्याधुनिक इमेजिंग सेंटर के खुलने से सुपौल जिले के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। पहले कई जांच के लिए लोगों को बाहर के बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब इस सेंटर के माध्यम से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। वहीं इस अवसर पर सेंटर के संचालक डॉ. निशांत ने जानकारी देते हुए बताया कि आज इस एडवांस्ड इमेजिंग सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्घाटन सुपौल एडीएम और सिविल सर्जन के द्वारा फीता काटकर किया गया। उन्होंने कहा कि इस सेंटर में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को सटीक और त्वरित रिपोर्ट मिल सकेगी। डॉ. निशांत ने आगे कहा कि उनका उद्देश्य सुपौल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा जांच सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सके। कार्यक्रम के दौरान कई चिकित्सक, समाजसेवी और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे और इस नई पहल के लिए डॉ. निशांत को बधाई दी। लोगों ने उम्मीद जताई कि इस सेंटर के खुलने से जिले के स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।1
- Post by Supaul Media ( Dev Raj )1
- Post by मिथिलेश कुमार1
- बिहार बहार बा अब नीतीश कुमार नहीं बा , मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे कर जा रहे हैं राज्यसभा 🙏🥹🙏 #SinghNews #jasmantsingh #BiharNews #BiharPolitics #CMNitishKumar1
- मधेपुर प्रखंड अंचल कार्यालय में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण खाली करवाने कीमांग1
- 📍सहरसा अनुमंडल अंतर्गत प्रखंड मुख्यालय ग्राम पंचायत चंदौर पूर्वी के डाक विभाग में कार्यालय सहायक आयुष्मान बबन कुमार एवं रूपम कुमारी (डाक सहायक) के शुभ विवाह समारोह सहरसा के मैरेज गार्डेन में सम्मिलित होकर Advocate of Jsd Council की ओर से नवदम्पत्ति को सुखद, सफल एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं। ईश्वर से प्रार्थना है कि नवविवाहित जोड़े का दाम्पत्य जीवन प्रेम,विश्वास और खुशियों से परिपूर्ण रहे तथा दोनों का जीवन सदैव उन्नति और समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर हो। Dr.Sumant Rao✍️जन:संवाददाता ऑफ जेएसडी प्रतिनिधि, #बिहार🇮🇳1
- नौहट्टा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का व्यापक असर अब नोहटा अंचल में दिखने लगा है। कर्मचारियों के काम बंद कर देने से अंचल कार्यालय जाने वाले राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हुई हैं: प्रमाण पत्र: छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। जमीन संबंधी कार्य: नामांतरण (Mutation), सीमांकन और खसरा-खतौनी की नकल मिलना बंद हो गई है।1