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MLC अनामिका सिंह के साथ किए गए व्यवहार को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह सवाल उठाया गया है कि वह चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी हों, वे एक माननीय जनप्रतिनिधि हैं। इसके बावजूद एक IPS अधिकारी का ऐसा रवैया प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप लगाया गया है कि जब प्रशासन खुद ही बवाल करने पर उतर आएगा तो आम जनता का क्या हाल होगा। इस पूरे मामले पर सरकार से मांग की गई है कि दोषी पर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह संदेश दिया गया है कि कल तक का इंतजार किया जा रहा है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है।
निलेश सिंह आवाज उठाओ
MLC अनामिका सिंह के साथ किए गए व्यवहार को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह सवाल उठाया गया है कि वह चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी हों, वे एक माननीय जनप्रतिनिधि हैं। इसके बावजूद एक IPS अधिकारी का ऐसा रवैया प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप लगाया गया है कि जब प्रशासन खुद ही बवाल करने पर उतर आएगा तो आम जनता का क्या हाल होगा। इस पूरे मामले पर सरकार से मांग की गई है कि दोषी पर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह संदेश दिया गया है कि कल तक का इंतजार किया जा रहा है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है।
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- कैमूर जिले के कुदरा अंचल कार्यालय परिसर में शुक्रवार को भूमि से जुड़े आपसी विवादों और समस्याओं के त्वरित निष्पादन को लेकर एक 'विशेष जनता दरबार' का आयोजन किया गया। कुदरा के अंचलाधिकारी विवेक कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई इस विशेष सुनवाई में अंचल क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया। इस दौरान भूमि सीमांकन, नापी, नामांतरण (म्यूटेशन) और आपसी जमीनी विवादों से संबंधित कई आवेदनों पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में विचार-विमर्श किया गया। मामलों की समीक्षा करते हुए कई पुराने और छोटे-मोटे जमीनी विवादों का दोनों पक्षों की सहमति से मौके पर ही ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया गया। अंचलाधिकारी विवेक कुमार ने अधिकारियों व राजस्व कर्मचारियों को पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ नियमानुकूल जल्द से जल्द निष्पादन करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों के कारण ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती है। अंचल प्रशासन की प्राथमिकता है कि ऐसे मामलों की नियमित सुनवाई कर दोनों पक्षों के सहयोग से आपसी सहमति द्वारा जल्द विवाद का हल निकाला जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे। इस अवसर पर अंचल कार्यालय के कर्मी, राजस्व कर्मचारी, संबंधित थाना पुलिस बल तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र के फरियादी उपस्थित थे।4
- कैमूर के खजुरा गांव में नाली का गंदा पानी दिन-रात लगातार बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्तों पर नाली का गंदा पानी बहने के कारण ग्रामीणों का आना-जाना दूभर हो गया है। दिन हो या रात, हर समय गंदे पानी के बहाव से लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है और वे इस समस्या से जूझ रहे हैं।1
- संत रामपाल जी महाराज का जन्म 8 सितम्बर 1951 को हरियाणा के धनाना गांव में हुआ था। जिला सोनीपत पहले दिल्ली शासित क्षेत्र के अंतर्गत पड़ता था। सोशल मीडिया पर #हरि_आये_हरियाणे_नू के साथ यह बात पुरजोर तरीके से कही जा रही है कि निःसंदेह जगत के तारणहार संत रामपाल जी महाराज ही हैं। अपने दावों के समर्थन में प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि 'ठहरो राम राज्य आ रहा है, एक महापुरुष पूरे विश्व में स्वर्ण युग लाएगा और उसके नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनेगा।' इसके साथ ही शाकाहारी पत्रिका में 7 सितंबर 1971 को जयगुरुदेव मथुरा द्वारा की गई इस भविष्यवाणी का भी जिक्र है कि 'वह अवतार जिसकी लोग प्रतीक्षा कर रहे हैं वह 20 वर्ष का हो चुका है, यदि उसका पता बता दें तो लोग उसके पीछे पड़ जाएंगे।' इन सभी संदर्भों के आधार पर पूर्ण संत सतगुरु रामपाल जी महाराज को ही वह महापुरुष और अवतार बताया जा रहा है।1
- जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा एक पत्रकार के साथ गलत व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों पर पत्रकार के साथ बदसलूकी और दुर्व्यवहार करने का आरोप है।1
- चैनपुर प्रखंड के बड़ी तकिया गाँव से जुड़े मामले में मंत्री जमा खान जी द्वारा समस्या का समाधान करा दिया गया है। गाँव के इस प्रकरण में मंत्री जमा खान जी के हस्तक्षेप के बाद समस्या का हल निकाल लिया गया है।1
- यूजीसी और नीट में आए दिन हो रहे नए 'प्रयोगों' को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि अब विपक्ष का काम तो धर्मेंद्र जी खुद ही कर रहे हैं। इन लगातार फैसलों की वजह से खुद पार्टी समर्थक भी रक्षात्मक मोड में आने के लिए मजबूर हो गए हैं। व्यवस्था पर तंज कसते हुए 'साहब' से थोड़ा सिस्टम सुधारने की मांग की गई है। इसके साथ ही सवाल उठाया गया है कि ऐसी स्थिति में लोग आपका साथ कैसे और क्यों दें? इस पूरे घटनाक्रम को एक यादगार धब्बा करार देते हुए साफ शब्दों में कहा गया है कि इसे भुलाया नहीं जाएगा।1
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