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देश में तानाशाही का आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पथराव की तुलना 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड से की गई है। तानाशाह मोदी सरकार को हटाने और भारत देश व छात्रों को बचाने की मांग की गई है। इसके साथ ही 'जय हिंद' और 'जय संविधान' का नारा बुलंद किया गया है।
CKS CHANDRAMA
देश में तानाशाही का आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पथराव की तुलना 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड से की गई है। तानाशाह मोदी सरकार को हटाने और भारत देश व छात्रों को बचाने की मांग की गई है। इसके साथ ही 'जय हिंद' और 'जय संविधान' का नारा बुलंद किया गया है।
More news from Arwal and nearby areas
- बड़ामलहरा में अवैध डिब्बे हटाने की मांग को लेकर विहिप और बजरंग दल ने ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्र में अवैध रूप से रखे गए डिब्बों को हटाने की मांग उठाई गई है।1
- औरंगाबाद के समाहरणालय सभागार में डीएम और एसपी ने सभी बीडीओ, थानाध्यक्षों तथा कार्यपालक पदाधिकारियों के साथ बैठक की। हसपुरा क्षेत्र समेत जिले के अधिकारियों की उपस्थिति में हुई इस बैठक के दौरान डीएम और एसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत टंडवा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बसड़ीहा गांव के समीप चलाए गए वाहन जांच अभियान में एक बाइक से भारी मात्रा में देशी शराब बरामद की है। घेराबंदी के दौरान पुलिस को देखते ही शराब तस्कर अपनी बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने काफी देर तक आसपास के इलाकों में तस्कर की तलाश की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका। मौके पर छोड़ी गई बाइक की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई 300 एमएल की 180 बोतल टनाका देशी शराब मिली, जिसे वाहन समेत जब्त कर थाने लाया गया। इस पूरी कार्रवाई में एएसआई अमित कुमार के नेतृत्व में सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे और शराब की इस खेप को बाजार तक पहुंचने से पहले ही जब्त कर लिया गया। टंडवा थानाध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने बताया कि मामले में बुधवार को टंडवा थाना कांड संख्या 107/26 दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब जब्त बाइक के आधार पर फरार तस्कर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी की जांच में जुटी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र स्थित सिहदा गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से रफीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसमें कुल 13 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पहले पक्ष के ब्रह्मदेव यादव ने आवेदन में आरोप लगाया है कि भूमि विवाद के कारण रणधीर कुमार, बंदेया थाना क्षेत्र के घोटा गांव निवासी चितरंजन कुमार, राहुल कुमार तथा छह अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया, जिसमें उनकी पत्नी भगवतिया देवी घायल हो गईं। वहीं दूसरे पक्ष के रणधीर कुमार का आरोप है कि 22 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे भूमि विवाद को लेकर सूरज यादव, सीताराम यादव, अवधेश यादव, रंजीत यादव, अर्जुन यादव, ब्रह्मदेव यादव, भगवतिया देवी, तेतरी देवी और असनीता देवी ने एकजुट होकर लोहे की रॉड तथा अन्य हथियारों से मारपीट की, जिससे उनका सिर फट गया। मामले में थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।1
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के उद्देश्य से राशन कार्ड से जुड़ी सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस पहल का मुख्य मकसद पात्र लाभार्थियों को तुरंत राशन कार्ड की सुविधा देना और अयोग्य या फर्जी नामों को सूची से बाहर करना है। जो पात्र परिवार अब तक इस योजना के लाभ से वंचित थे, उनके लिए आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल और त्वरित बनाया गया है। नया राशन कार्ड बनवाने के लिए इच्छुक लोग ऑफलाइन माध्यम से ब्लॉक स्तर या अनुमंडल कार्यालय परिसर में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत राशन कार्ड में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को भी आसान कर दिया गया है। परिवार में नए जन्मे बच्चों, नवविवाहित वधुओं या छूटे हुए सदस्यों के नाम अब आसानी से दर्ज कराए जा सकेंगे। वहीं दूसरी ओर, मृत व्यक्तियों, अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके लोगों और अपात्र धारकों के नाम सूची से छांटकर हटाए जा रहे हैं, ताकि सरकारी अनाज का लाभ केवल सही जरूरतमंदों तक ही पहुंच सके।1
- देश में तानाशाही का आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पथराव की तुलना 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड से की गई है। तानाशाह मोदी सरकार को हटाने और भारत देश व छात्रों को बचाने की मांग की गई है। इसके साथ ही 'जय हिंद' और 'जय संविधान' का नारा बुलंद किया गया है।1