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चकेरी थाना क्षेत्र के लालबगला के काजी खेड़ा क्षेत्र में खुलेआम बेची जा रही है स्मैक, काजीखेड़ा का साहिल उर्फ गंजू का खुलेआम स्मैक बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, साहिल उर्फ गंजू खुलेआम बिकवा रहा है स्मैक, साहिल के खिलाफ आधा दर्जन से भी ज्यादा गंभीर धाराओं में मुकदमे है दर्ज, क्षेत्रीय लोगों का कहना पुलिस की मिलीभगत से क्षेत्र में खुलेआम बेची जा रही है स्मैक।
JURM KA PARDAAPHAASH
चकेरी थाना क्षेत्र के लालबगला के काजी खेड़ा क्षेत्र में खुलेआम बेची जा रही है स्मैक, काजीखेड़ा का साहिल उर्फ गंजू का खुलेआम स्मैक बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, साहिल उर्फ गंजू खुलेआम बिकवा रहा है स्मैक, साहिल के खिलाफ आधा दर्जन से भी ज्यादा गंभीर धाराओं में मुकदमे है दर्ज, क्षेत्रीय लोगों का कहना पुलिस की मिलीभगत से क्षेत्र में खुलेआम बेची जा रही है स्मैक।
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- एटा से दिल्ली हाईवे पर परिवहन विभाग के चालक और परिचालक सवारियों से करते हैं लूट, अपने कमिशन वाले होटलों पर रोकते हैं गाड़ियाँ, अपनी जेब गरम और गरीब मजदूरों का निवाला हजम, सवारियों को होटलों पर परोसा जाता है घटिया किस्म का खाना, घटिया किस्म के आलू की टिकिया 50 रुपए की, दो कुल्चे 50 रुपए के, अगर सवारी को कोई खाने की चीज खराब लग तो सवारी की कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं, बल्कि उसको होटल की सभी लेवर मार पीट करने को हो जाते हैं उतारू, एक खाली दोना की कीमत पचास रुपए है। जब जादा कहा सुनी हो जाती है। तो उसे होटल के कर्मचारी उसको होटल मालिक के पास भेज देते है। फिर होटल मालिक का तीखा जवाब वहां से आया है तू बाबूजी तुझे एक खाली दोना चाहिय, एक खाली दोना की कीमत पचास रुपए है दोना चाहिय चल निकल यहां से, यहां अगर ऊंची आवाज में मत करना बर्ना क्या होगा तेरा, मार पीट की नौबत आ गई बिचारे कि सुनी किसीने नही, कौन सुनेगा सवारियों की आखिर नीरसता ही हाथ लगी, सभी डिपो की गाड़ियां पहुंचती हैं।1
- ये दुनिया है प्यारे यहां पर सभी मतलबी है । जो कहता है कहने दो। जो कर्ता है करने दो। आप सिर्फ अपनी लग्न मे लगे रहिए। दूसरों की चिंता मत कीजिए क्योंकि यहां जे भी हो रहा है पृभू इच्छा से हो रहा है। तेरी इच्छा के बिना हे पृृभू मंगल मूर्त । पत्ता तक हिलता नही खिले ना एकरूप फूल ।।1
- Post by Hari Singh Goutam1
- *मकसूदपुर में अज्ञात कारणों से गेहूं की फसल में लगी भीषण आग, 20 बीघा फसल जलकर राख* रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा /जलेसर- *5 बीघा खड़ी और 15 बीघा कटी हुई फसल जली, आधा दर्जन किसानों का लाखों का नुकसान* *दमकल विभाग और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू, जांच शुरू* *जलेसर।* तहसील क्षेत्र के गांव मकसूदपुर में गुरुवार को दोपहर में अज्ञात कारणों से गेहूं की फसल में भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। करीब 20 बीघा फसल जलकर राख हो गई। सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की टीम और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। *आधा दर्जन किसानों की फसल जली* आग में गांव निवासी किसान इलियास अली, नियाज मोहम्मद, प्रवेश, रियाज मोहम्मद, आजम अली और रज्जाक की फसल जल गई। किसानों के मुताबिक 5 बीघा खड़ी गेहूं की फसल और 15 बीघा मशीन से कटी हुई फसल आग की चपेट में आ गई। लाखों रुपये की फसल जलने से किसानों का रो-रोकर बुरा हाल है। *अज्ञात कारणों से लगी आग* आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर में अचानक खेतों से धुआं उठने लगा। जब तक लोग दौड़कर पहुंचे, आग तेजी से फैल चुकी थी। आशंका हैं ,किसी शरारती तत्व ने आग लगाई हो। *दमकल और ग्रामीणों ने बुझाई आग* सूचना पर दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों और सैकड़ों ग्रामीणों ने ट्यूबवेल चलाकर और मिट्टी डालकर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर समय रहते आग न बुझती तो आसपास के खेत भी चपेट में आ जाते। *प्रशासन ने शुरू की जांच* घटना की सूचना पर राजस्व टीम भी मौके पर पहुंची। लेखपाल ने नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। थाना पुलिस का कहना है कि आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर आगे कार्रवाई होगी। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है4
- हाथरस जिले के रसगवां गांव में 14 अप्रैल को बाबा साहेब की जयति नहीं निकलने दी पुलिस प्रशासन ने जाटव समाज में आक्रोश1
- ब्लैक इंफ्राटेक टीम सादाबाद4
- कुबरी में अवैध रेत कारोबार गरमाया, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल, रामनगर थाना क्षेत्र में कथित सांठगांठ से चल रहा धंधा, कार्यवाही न होने से चर्चाओं का बाजार गर्म मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुबरी में अवैध रेत कारोबार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कारोबार बड़े स्तर पर सांठगांठ के साथ संचालित हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर पाया है। बताया जा रहा है, कि प्रशासनिक जवाबदेही से बचने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। पूर्व में ग्राम सरपंच द्वारा लिखे गए पत्र ने भी रामनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, एक आरक्षक को लाइन हाजिर किए जाने के बाद पुनः उसी थाने में तैनात कर दिया जाना भी मिलीभगत की आशंकाओं को बल दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन लगातार जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। इस पूरे मामले में प्रशासन की निष्क्रियता से चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है, और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।1